Latest Hindi Sex Stories added for who looking to read Chut Gand Ki Chudai Kahani to make every night hot about Chut Gand Ki Chudai Kahani story.
Story Start Here :
चूत गांड की चुदाई कहानी में एक सेक्सी लड़की से दोस्ती के बाद लड़की ने खुद चुदाई के लिए कहा. लेकिन कुछ समय बाद उसकी शादी हो गयी और मैं अकेला.
हैलो मैं राज, आपको अपनी सेक्स कहानी में सुना रहा था कि पार्क में मिली एक लड़की मुझसे सैट हो गई और मैं उसके साथ एक दिन एक होटल के कमरे में था.
कहानी के पहले भाग
मस्त लड़की से दोस्ती और चुदाई की तैयारी
में अब तक आपने पढ़ लिया था कि मैं उसे चूमने के लिए आगे बढ़ा तो वह मुझसे बचने के लिए पीछे को हो गई.
अब आगे चूत गांड की चुदाई कहानी:
मैं अभी वापस उस पर झपटता कि तभी उसने अपने हाथ पीछे किए और ब्रा का हुक खोल दिया.
आह … मेरी तो समझो जान ही सूख गई थी.
उसके बड़े बड़े गदराए हुए बूब्स, पतली कमर तक का शरीर नग्न हो गया था.
वह उठी और उसने अपनी जींस को नीचे सरका दिया.
उस वक्त वह झुकी हुई थी तो उसके दोनों दूध नीचे लटक रहे थे … मैंने उसके एक दूध को अपने हाथ से पकड़ लिया.
तब तक जींस उतर चुकी थी तो वह सीधी हो गई.
सामने लाल रंग की पैंटी में कसे उसके बड़े बड़े चूतड़ थे.
उसकी जवानी ऐसी हाहाकारी थी कि मानो मुर्दा में भी जीवन देकर उसके लौड़े में आग लगा दे.
मैंने देर न करते हुए उसको दीवार के साथ लगाया और उसके लाल होंठों पर अपने होंठ लगा दिए.
वह भी मुझे चूमने लगी.
मैं अपने दोनों हाथों से उसके बूब्स को बारी बारी से चूमने लगा.
वह अब मादक सिसकारियां ले रही थी- ऊं आह आह बस ऐसे ही अं ऊं आह.
वह मुझे अपने दूध खुद से पिलाने लगी.
मैंने उसके निप्पल को खींचते हुए छोड़ा तो उसकी मादक आह निकली.
मैं अब चूमते चूमते उसके पेट से होते हुए नीचे जा रहा था.
जल्द ही मैं अपनी मंजिल पर पहुंच चुका था.
मैंने उसकी पैंटी की इलास्टिक में अपनी उंगलियां फंसाईं और पैंटी को नीचे सरका दिया.
उसकी प्यारी सी चूत एकदम किसी मुलायम मक्खन की तरह मेरे सामने नग्न हो गई थी.
उसकी चुत की महक मुझे पागल कर रही थी.
मैंने देर ना करते हुए अपने घुटनों पर बैठ कर उसकी चूत को चूमना चाटना शुरू कर दिया.
मैंने उसकी चुत को खूब चूसा.
वह भी दीवार से अपनी गांड को टिका कर मेरे सर पर अपने दोनों हाथ रखी हुई थी और मुझे अपनी चुत में खींच रही थी.
जल्द ही उसकी चुत ने नमकीन रस छोड़ दिया तो मैं जीभ से रस को चाटने लगा.
मुझे उसका नमकीन रस बहुत अच्छा लग रहा था.
उसकी कामुक आवाज़ पूरे कमरे में गूंज रही थी ‘आह आह यह तुमने क्या कर दिया आह बस अब बस भी करो आह ऊं ऊं मर गयी.’
मुझे बहुत मजा आ रहा था.
वह झड़ कर निढाल हो गई और उसने भी जमीन पर उकड़ूँ बैठ कर अपनी चुत को मुझसे दूर कर लिया.
मैंने उसे उठाया और अपने सीने से लगा कर सहारा देकर बिस्तर पर ले आया.
अब उसकी चुत चोदन की बारी आ गई थी.
मैंने उसे बेड पर लेटाया और अपने लंड को उसकी चुत पर सैट कर दिया.
वह लंड की गर्मी से मचलने लगी और अपनी गांड मटकाने लगी.
मैंने अपना मुँह उसके मुँह पर रखा और जोर लगाने लगा.
उस वक्त मेरे हाथ उसके मुलायम मम्मों पर टिके हुए थे और लंड ने चुत में मुँह घुसेड़ दिया था.
अभी मेरा सुपारा ही अन्दर गया था कि मैंने एक और जोर का झटका मार दिया.
उसकी चीख निकल पड़ी.
वह दर्द से चिल्लाई- आह मर गई. रुक जाओ प्लीज आह.
लेकिन मैं नहीं रुका और मैंने उसको चोदना जारी रखा.
मैं तो इतनी कसी हुई चुत पाकर स्वर्ग में था.
मेरे साथ ऐसा हसीन माल था कि जिसकी मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी.
शुरू में वह ‘आह आह आह मर गयी’ कह रही थी और अब उसे मजा आने लगा था तो उसकी आवाज बदल गई थी और अब वह ‘आह और तेज आह रुकना मत ऊं ऊं आह ऊं आह.’ की आवाज निकाल रही थी.
मैं लगातार चुदाई में लगा हुआ था.
करीब 20 मिनट बाद मैंने उसकी टांगों को अपनी टांगों से जकड़ लिया और जोर से चोदने लगा.
हम दोनों चरम पर आ गए थे.
उसका भी होने वाला था और मेरा भी.
करीब एक मिनट बाद हम दोनों एक साथ झड़ गए.
मैंने अपना वीर्य उसकी चूत में छोड़ दिया और अपना लंड बाहर निकाल कर उसकी चूत चाटने लगा.
उसका रस और मेरा रस मिलकर बाहर आ रहा था.
मैंने उस मिक्स जूस को चाट कर पूरा पी लिया, उसकी चूत को चाट कर साफ कर दी.
सच में बहुत मजा आया.
उस दिन हम दोनों ने दो बार चुदाई की.
उसके बाद हम लोग घर आ गए.
फिर कुछ ऐसा हुआ कि हम दोनों मिल नहीं पाए.
कुछ दिन बाद उसका मैसेज आया कि उसकी शादी हो रही है, अब वह मुझसे बात नहीं करेगी.
उस दिन के बाद से मैं बहुत उदास रहने लगा.
ना मुझे भूख लगती … ना प्यास.
एक दिन मेरे दोस्त ने मुझे अपने घर बुलाया क्योंकि उसके घर पर और कोई नहीं था, सब कहीं बाहर गए थे.
मैंने भी हामी भर दी.
मैं शाम होते ही उसके घर चला गया.
उसके घर में जाकर हम दोनों में काफी बातें हुईं.
उसने मेरी उदासी की वजह पूछी.
मैंने कैसे भी करके सारा माजरा उसे बताया.
उसने मुझे काफी सहारा दिया.
उसके बाद हम बातें करते करते एक ही बेड पर सो गए.
रात को मुझे महसूस हुआ कि कोई मेरा लंड हिला रहा है.
मैंने जैसे ही करवट ली, दोस्त ने हाथ हटा लिया. मैं सोने का नाटक करने लगा, तो उसने फिर से लंड हिलाना शुरू कर दिया.
अब मुझे भी मजा आने लगा था, मैं भी अपनी उदासी से बाहर आना चाहता था.
काफी देर बाद मैंने दोस्त का हाथ पकड़ लिया तो वह डर गया.
मैंने कहा- क्या चाहिए?
वह कुछ नहीं बोला.
मैं भी पूरे मूड में था, मैंने अपने लोवर को उतार दिया और लंड को बाहर निकाल कर उसके सामने कर दिया.
वह कुछ नहीं बोला.
लंड आधा खड़ा था.
मैं अपना लंड उसके मुँह के पास ले गया और उसके होंठों पर रगड़ने लगा.
उसने धीरे से लंड को मुँह में ले लिया और उसे चूसना चालू कर दिया.
मैं तो मानो जैसे सातवें आसमान पर था.
मेरे मुँह से ‘आह ऊ आह ऊं उन मेरे दोस्त आह हां ऐसे ही करता रह …आह!’ निकल रहा था.
कुछ ही देर में मैं अपने चरम पर पहुंच चुका था.
मेरा रस निकलने वाला था.
मैंने उसे इशारा दिया कि मैं आ रहा हूँ.
उसने भी इशारे से मुँह में आने को कहा.
मैंने उसके सर को दोनों हाथों से पकड़ा और जोर से आगे पीछे करने लगा.
वह भी जोर जोर से चूसने लगा और इतने में ही मेरी पिचकारी उसके मुँह में निकल गयी
मुझे तो जैसे स्वर्ग मिल गया था.
मैं झड़ने लगा था.
उसने मेरा सारा वीर्य पी लिया और लंड को चाटकर साफ कर दिया.
मुझे अपनी उदासी से कुछ छुटकारा मिल गया.
मैं दोस्त के पास हुआ तो मैंने उसके लंड को हिलाना शुरू कर दिया.
उसके कपड़े उतारे और उसके लंड को जोर जोर से चूसने चाटने लगा.
वह कह रहा था- आह … ऐसे ही तुम ही मेरे सच्चे दोस्त हो … आह मेरा प्यार हो … आह अं आह और जोर से चूस बहन के लौड़े मेरी रंडी साली आह ऐसे ही चूस मेरे लौड़े को आह छिनाल साली मेरी रांड आह आह.
उसके मुँह से गालियां मेरे जोश को और बढ़ा रही थीं.
मुझे भी पहली बाद किसी का लंड चूसकर बड़ा अच्छा लग रहा था.
उसने मुझे रुकने को कहा तो मैं रुक गया.
उसने मुझसे कहा- मैं तेरी गांड मारना चाहता हूँ!
मैंने गांड मरवाने से मना कर दिया.
उसने कहा- मैं किसी को भी नहीं बताऊंगा … तुझे भी गांड मरवा कर जन्नत का सुख मिलेगा.
उसने समझाया तो मैं मान गया.
अब उसने मुझे उल्टा लिटाया और मेरी गांड के छेद को चाटने लगा.
सच में मुझे जैसे जन्नत मिल गयी हो, मुझे इससे पहले ऐसा सुख कभी नहीं मिला था.
यह सुख चूत चोद कर भी नहीं मिला था.
किसी का लंड चूसना और अपनी गांड चुसवाना एक अलग ही किस्म कर आनन्द दे रहा था.
इस सुख ने मुझे एक ही पल में दीवाना बना दिया था.
अब तो मुझे ऐसा अहसास हो रहा था मानो मैं जिस प्यार की तलाश में था, अपने जिस खालीपन को भरना चाहता था … वह यही है.
कुछ देर बाद मेरे दोस्त ने मेरी गांड के छेद में उंगली से कुछ क्रीम जैसी लगाई और वह अपनी उंगली अन्दर बाहर करने लगा.
मुझे भी होश न रहा और मैं भी मादक सिसकारियां लेने लगा था.
उसने भी देर न करते हुए मेरी गांड में अपना लंड सैट किया और एक ही झटके में आधा अन्दर घुसेड़ दिया.
मैं तो जैसे मर ही गया था, मेरी सांस रुक गई थी.
तभी उसने एक और झटका मारा तो मेरी गांड मानो फट कर फ्लावर हो गयी थी.
मेरी आंखों से आंसू निकलने लगे थे.
वह रुक कर धीरे धीरे चोदने लगा.
कुछ देर बाद जैसे ही मेरा दर्द थोड़ा कम हुआ तो लौड़े की मिठास से मेरी गांड में कुलबुली होने लगी.
मेरी कामुक सिसकारियां निकलना शुरू हो गईं और लगा कि जैसे मैं इसी तरह के प्यार की तलाश में था.
मुझे बस इस सुख के अलावा और कुछ नहीं चाहिए था.
उसने जोर जोर से चोदना शुरू कर दिया, मेरी आह आह्न निकलने लगी.
मैं ‘ऊं ऊं आह ऊं उ आह और जोर से आह और जोर से … फाड़ दे गांड आह ऊं ऊं मम्मी रे आ आह.’ कर रहा था.
पूरे कमरे में मेरी गांड फक फक कर रही थी.
मैं तो उस लड़की को मानो कब का भुला चुका था.
उसने मेरी गांड को पूरे वेग से चोदने का काम चालू रखा.
करीब 30 मिनट बाद उसने मुझे पलटा और पीठ के बल लिटा लिया.
अब उसने मेरी दोनों टांगें अपनी गर्दन की दोनों तरफ कर लीं और मेरी गांड चोदने लगा.
बड़ा मजा आ रहा था.
मैं लगातार ‘उ आह आह ऊं.’ कर रहा था.
उसने जोर जोर से धक्के देने शुरू कर दिए थे, जिससे लग रहा था कि वह झड़ने वाला था.
कुछ देर तक झटके देने के बाद वह मेरी गांड में ही झड़ गया.
मुझे जैसे जीवन का सार मिल गया हो.
उस रात मैंने अपनी गांड 3 बार अलग अलग आसनों में मरायी.
उस दिन के बाद मैंने अपने दोस्त से बात नहीं की … ना ही उसने मुझसे.
हम अब एक दूसरे से आंख नहीं मिला पाते हैं.
मैं सोचता हूँ कि ये ना करते तो ज्यादा ठीक रहता.
मेरा मन उससे बात करने का करता है लेकिन मुझे खुद से गलत सा लगता है कि मैंने ऐसा काम कैसे कर दिया.
पर सच में जो चुदाई का मजा गांड मराने में आया … वह आज तक कभी नहीं मिला.
अब आप बताएं कि आपको मेरी इस चूत गांड की चुदाई कहानी को पढ़ कर कैसा लगा.
ra123456789@gmail
