Latest Hindi Sex Stories added for who looking to read Virgin Ass Fuck Kahani – मेरी सहेली ने मुझे कॉल गर्ल बना दिया to make every night hot about Virgin Ass Fuck Kahani – मेरी सहेली ने मुझे कॉल गर्ल बना दिया story.
Story Start Here :
वर्जिन ऐस्स फक कहानी में मेरी सहेली ने मुझे सेक्स करने के बदले पैसे का लालच दिया और मैंने भी हाँ कर दी. लेकिन मुझे गांड भी मरवानी पड़नी थी तो मेरी सहेली ने मेरी गांड में उंगली घुसाई.
यह कहानी सुनें.
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दोस्तो, मैं प्रीत आपको अपनी सेक्स कहानी में कॉलगर्ल बन कर चुदाई की कहानी सुना रही थी.
कहानी के पहले भाग
मेरी सहेली कॉल गर्ल निकली
में अब तक आपने पढ़ा था कि मैं अपनी सहेली मोनू को चुदाई के बदले पैसे लेने की बात सुनकर खुद भी किसी गैर मर्द से चुदवाने के लिए रेडी हो गई थी.
फिर एक सेक्स कहानी की लेखिका सिमरन से ऑनलाइन बात हुई तो उसने मेरे लिए पहला ग्राहक ढूंढ दिया.
उस दिन सुबह वह ग्राहक मुझे फोन करके मेरे घर आने वाला था.
अब आगे वर्जिन ऐस्स फक कहानी:
सिमरन के फोन के बाद उस लड़के ने कॉल किया.
वह मुझसे कोई 10 से 15 मिनट की दूरी पर था.
मैंने उससे अपनी लोकेशन शेयर कर दी.
वह मेरे घर पर आ गया.
घर के बाहर आकर मुझे कॉल किया.
मैं बाहर गई और उसे अन्दर बुला ली.
मैंने उसे पानी दिया.
वह पानी पीने लगा और मुझे कसाई के बकरे की तरह देखने लगा.
मैं हंस दी.
तो उसने मुझे अपनी गोदी में खींच लिया और मुझसे लिपट गया.
उसने मुझे बहुत देर तक किस की.
मेरे होंठों काटता रहा, चाटता रहा.
करीब 15 से 20 मिनट किस करता रहा.
मेरे होंठों सूज चुके थे.
मुझे लग रहा था कि साला इतना जोर से किस कर रहा है तो क्या खा ही जाएगा.
मैंने उस दिन सलवार-कमीज़ पहनी थी.
चूमने के बाद उसने मेरी कमीज उतारी.
मैंने नीचे ब्रा पहनी थी.
कमीज के बाद उसने मेरी ब्रा को उतार दिया और मेरे दूध चूसने लगा.
वह मेरे दूध चूस रहा था तो मुझे बड़ा ही मस्त लग रहा था.
वह मेरे दोनों आमों को काफी देर तक चूसता रहा, खींचता रहा.
मेरे होंठों भी चूसता रहा.
फिर उसने मेरी सलवार का नाड़ा खोला और सलवार नीचे सरका दी.
अब मैं उसके सामने सिर्फ पैंटी में आ गई.
वह पहले तो मुझे देखता रहा, देखता रहा, फिर बोला- यार सच में आप बहुत सुंदर हो … क्या शादी करोगी मेरे से?
मैं शुष्क भाव से बोली- नहीं, मैं शादीशुदा हूँ. तुम जो करने आए हो, वह करो.
फिर उसने जैसे ही अपने कपड़े उतारने शुरू किए, मैं देखती रही क्योंकि अपने घर में पहली बार किसी मर्द के सामने मैं नंगी हुई थी.
उसने जैसे ही अपना अंडरवियर उतारा, तो मैंने उसका 8 इंच लंबा गधे जैसा लंड देखा.
उसका लंड बिल्कुल काला था.
मैं तो देखकर ही डर गई. इतना बड़ा तो मैंने देखा ही नहीं था.
क्योंकि मेरे हसबैंड का तो पांच इंच लंबा ही है और मोटा भी कोई खास नहीं है.
आज इस लड़के का लंड 8 इंच पूरा काला लंड लंबा था.
उसने पहले मुझे मेरे नीचे बिठाकर मेरे मुँह में लंड दे दिया.
मैं पहले भी लंड चूस चुकी थी, लेकिन इतना लंबा कभी नहीं चूसी थी.
उसके लंबे लंड की वजह से मैं पूरा उसका मुँह में नहीं ले पा रही थी.
कुछ देर तक लंड चुसवाने के बाद उसने मुझे बेड पर लिटाया और धीरे-धीरे मेरी चूत पर अपने लंड को घिसने लगा.
फिर एक वक्त आया, जब उसने लिप लॉक करके एक ही झटके में पूरा आठ का आठ इंच अन्दर घुसेड़ दिया.
मुझे बहुत दर्द हुआ, मेरी चीख निकल गई.
मैं बहुत जोर से चिल्लाई.
लेकिन उसने मेरे मुँह को बंद कर रखा था. उस वजह से मेरी आवाज नहीं निकल पाई.
मेरी चूत में इतना दर्द हुआ कि मैं आपको बता नहीं सकती.
उसने 2 मिनट के रेस्ट के बाद धीरे-धीरे झटके देने शुरू किए.
फिर जब मस्ती चढ़ना शुरू हुई तो उसने रेल चला दी.
पूरे जोश से उसने अपने लौड़े को चुत में आगे-पीछे करना शुरू कर दिया.
मैं बहुत जोर-जोर से चिल्लाने लगी, लेकिन चिल्ला नहीं पाई.
वह इतनी जोर जोर से झटके देने लगा कि दर्द होने लगा था.
मैं उसको रोकती रही, लेकिन उसने मेरी नहीं सुनी.
करीब 15 मिनट के बाद उसने मेरी चूत में सारा अपना पानी निकाल दिया.
उसका पानी इतना ज्यादा गर्म और इतना गाढ़ा था कि मैं उसकी एक-एक बूंद महसूस कर रही थी.
इस दौरान मैं भी दो बार झड़ चुकी थी.
मैंने अब तक इतनी जोर से कभी चुदवाई नहीं करवाई थी.
कुछ देर बाद वह मुझे फिर से चूसने लगा.
वह मेरे दूध पागलों की तरह चूसने लगा.
दस मिनट ऐसे करने के बाद उसका फिर से खड़ा हो गया.
मैं बोली- बस करो न!
वह बोला- नहीं-नहीं बस क्यों करना … जिस काम के लिए आया हूँ, वह तो करूँगा ही!
उसने फिर से मेरे साथ किस वगैरह किया और लंड चुसवाया, इससे उसका फिर से खड़ा हो गया.
मैं उसका लंड हाथ में पकड़ कर मुठ मारने लगी.
मेरी पूरी मुट्ठी में उसका लंड नहीं आ रहा था, मेरी मुट्ठी बंद ही नहीं हो रही थी … इतना बड़ा था उसका.
मुझे बहुत मजा आ रहा था.
उसका लंड हाथ में पकड़ कर आगे-पीछे करती रही.
फिर उसने मुझे घोड़ी बनाया और मेरी गांड चाटने लगा.
मैं समझ गई कि ये मेरी गांड मारेगा.
उसने धीरे-धीरे से करके मेरी पूरी गांड ढीली कर दी.
तेल से चिकनी करके उसने मेरी गांड में अपनी एक मोटी सी उंगली डाली.
मुझे थोड़ा सा दर्द हुआ, क्योंकि जेंट्स और लेडीज़ की फिंगर्स में फर्क होता है.
मोनू ने उंगली से किया था लेकिन वह लड़की की उंगली थी, इसलिए इतना दर्द नहीं हुआ.
आज इसकी एक उंगली से ही बहुत दर्द हुआ.
फिर वह आगे-पीछे करने लगा.
कुछ देर बाद उसने दूसरी उंगली डाली, वह भी आगे-पीछे करने लगा.
मुझे बहुत ज्यादा दर्द होने लगा.
मैं चिल्लाना चाहती थी, लेकिन कोई बाहर न सुन ले इसलिए मैंने आवाज नहीं निकाली.
मैं बस दर्द से कराहती हुई कहती रही- नहीं यार, गांड में मत करो … चाहे तो फिर से चूत चोद लो!
लेकिन वह बोला- तुम्हें कुछ नहीं होगा, मेरे ऊपर भरोसा तो रख, इतनी सुंदर गांड है तेरी, कभी चुदवाई नहीं है क्या?
मैं बोली- नहीं, मैंने कभी नहीं, मैंने बस आगे से ही किया है!
वह खुश होकर बोला- चलो आज तुम्हारी कुंवारी गांड की चुदाई करता हूँ! इसका तुझे अलग से पैसा भी मिलेगा.
अलग से पैसा मिलने की बात सुनकर मैं राजी हो गई.
सच में उसे मेरी गांड बहुत पसंद आ गई थी.
उसने मुझे घोड़ी बनाया था और गांड में ढेर सारा तेल भर कर मेरे ऊपर चढ़ गया.
उसका मुँह मेरे मुँह पर आ गया.
उसने अपने हाथ से लंड को पकड़ कर थोड़ा सा गांड के छेद में पेला तो तेल की चिकनाई के कारण उसका आधा लंड अन्दर घुस गया.
मैं जोर से चीखने को हुई मगर उसने झट से मेरा मुँह बंद कर दिया.
मुँह बंद करने की वजह से मेरी आवाज बाहर नहीं जा सकी.
सच में आवाज निकलती तो जोर से निकलती … वह तो गनीमत रही कि उनसे मुँह बंद कर दिया था … नहीं तो मुझे पता था आज तो मेरी चीख से पूरा मोहल्ला इकट्ठा हो जाना था.
वह मेरी गांड में अपना मूसल घुसेड़ कर मेरे ऊपर लदा हुआ था.
मेरे ख्याल से अभी उसका 3 से 4 इंच ही अन्दर गया था.
मैं वर्जिन ऐस्स फक में हुए दर्द से छटपटा रही थी.
उसने मुझे बहुत कसके पकड़ा था.
मैं छूट ही नहीं पाई.
उसके बाद 2 मिनट तक ऐसे ही रहा. वह मुझे किस करता रहा और मेरे दूध सहलाता और मसलता रहा.
थोड़े टाइम बाद मैं थोड़ी सहज हुई.
उसने पूछा- जानू, कैसी हो? ठीक है न? अभी आगे चलूं!
मैं हूँ कह दिया.
उसने अपना लंड थोड़ा सा पीछे किया और पुनः एक झटका दे दिया, जिससे उसका पूरा का पूरा लंड मेरी गांड में चला गया.
मैं इस बार भी चिल्लाना चाहती थी, लेकिन उसने मुँह बंद कर रखा था, जिसकी वजह से मेरी आवाज बाहर नहीं निकल पाई.
कुछ पल बाद जब उसने मेरे मुँह से अपना हाथ हटाया … तब मैं कराहती हुई बोली- प्लीज छोड़ दो मुझे, मैंने गलती कर दी … जो तुमको बुला लिया!
वह हंसने लगा और मुझे जोर-जोर से चोदने लगा.
उसका लंड मेरी गांड में सटासट चलने लगा था क्योंकि उसने पास रखी तेल की शीशी का मुँह मेरी गांड और अपने लंड के जोड़ पर खोल दिया था.
पूरे कमरे में चुदाई से होने वाली और जांघों से जांघें टकराने की आवाज आने लगी थी.
पूरा रूम गूंजने लगा था.
कुछ ही देर में मेरी चुत भी पानी छोड़ने लगी थी क्योंकि वह मेरी चुत में भी अपनी उंगली चला रहा था.
चुत झड़ गई तो पानी की छप छप की आवाज और जांघों के टकराने की आवाज एक लय ताल से बज रही थी.
रूम में पूरा कामुक माहौल बना हुआ था. चुदाई की आवाजों के अलावा मेरी और उसकी आह आह की आवाज माहौल को मादक बना रही थी.
पूरे 15 मिनट तक वह ऐसे ही मुझे आवारा कुतिया बनाकर चोदता रहा.
मैं भी चुदती रही.
उस बहन के लौड़े ने मुझे इतना जबरदस्त चोदा कि क्या ही बताऊं आपको.
पूरी तरह से चोद लेने के बाद जब उसने अपना पानी छोड़ा, तब जाकर मेरी जान में जान आई.
मेरी गांड अब तक सूज चुकी थी, क्योंकि वह किसी सांड की तरह मुझे चोद रहा था.
उसका हर एक झटका इतना तेज लग रहा था कि वह मुझे पूरा आगे तक धकेल रहा था.
अगर आगे पकड़ने को तकिया न होता, तो शायद मैं उसके हर झटके के साथ गिरती जाती.
उसने अपना रस मेरी गांड में ही निकाल दिया था और थक कर मेरे ऊपर ही लेट गया था.
वह मेरे ऊपर करीब 5 मिनट तक लेटा रहा.
उसकी इस चुदाई में मेरा पूरा बदन दर्द करने लगा था.
मैं अब चाहती थी कि वह चला जाए और मैं लेट कर सो जाऊं.
लेकिन वह कहां जाने वाला था
कुछ देर बाद उसने मुझे फिर से पकड़ा. वापस मेरे साथ मस्ती करने लगा. कुछ मिनट बाद उसका लंड फिर से खड़ा हो गया.
पता नहीं साला क्या खा कर आया था.
इस बार उसका हथियार ऐसा खड़ा हुआ था कि वह नीचे होने का नाम ही नहीं ले रहा था.
छूने पर भी मुझे ऐसा लगा मानो कोई लोहे का डंडा हो. इतनी सख्त रॉड सा लंड हो गया था.
मैं उसके साथ खेलने लगी.
मैं उसके लौड़े को पकड़ कर नीचे करती लेकिन वह किसी स्प्रिंग के जैसे फिर से अकड़ कर ऊपर हो जाता.
मैंने बार-बार ऐसा किया.
फिर उसने मुझे पलट दिया और वापस से मेरी गांड पर लौड़े की नोक को रख दिया.
मुझे एक बार भी अहसास नहीं हुआ कि ये लंड है … मुझे लगा कोई लोहे का सरिया है.
उसने थोड़ा सा पुश किया और मेरी खुली गांड में पूरा का पूरा लवड़ा अन्दर घुसता चला गया.
इस बार मुझे दर्द कम हुआ.
अब वह धकापेल चोदने में लग गया था.
कभी वह मेरी गांड में पेलता तो कभी मेरी चूत में पेल देता.
इस बार मरदूद ने मुझे आधा घंटा तक चोदा, तब जाकर उसके लंड से पानी निकला.
इस बार की लंबी चुदाई में मेरी टांगें कंपकंपाने लगी थीं और जवाब दे रही थीं.
मुझसे खड़ा हुआ ही नहीं जा रहा था क्योंकि उसने मुझे ऐसी पोजीशन में चोदा था जिसमें मेरी टांगों पर ज्यादा वजन था.
जब उसने मुझे चोदकर रस झाड़ दिया तो मैं उससे बोली- बस … अब आप जाओ, मैं और नहीं झेल सकती … वैसे भी हमारी दो बार की ही डील हुई थी. तुमने तीन बार कर लिया.
वहन हंस कर बोला- चुत में तो दो ही बार किया … कुंवारी गांड की डील तो एक्स्ट्रा वाली हुई न!
मैं चुप रही क्योंकि चुद तो चुकी ही थी.
मैंने कहा- तब भी अब मैं और नहीं ले सकती!
वह हंस कर बोला- हां ठीक है ठीक है … रोओ मत … मैं जा रहा हूँ.
वह कपड़े पहनने लगा.
मैं आज तक उसकी गांड चुदाई को भूल ही नहीं सकती.
उसके बाद मैंने बहुत लोगों से चुत गांड चुदवाई लेकिन उसका चोदने का जो स्टाइल था ना … वह मुझे बहुत खास लगा.
फिर मैंने सिमरन को कॉल किया- हां दीदी जी, अअपने जिसे भेजा था, वह मुझसे मिल लिया. अभी जाने वाला है.
उसने कहा- मेरी बात करवाओ.
उसने बात की.
सिमरन बोली- पेमेंट दे दो उसको.
फिर सिमरन ने मुझसे बात की और बोली- इसे पैसे बता दो.
मैं बोली- ठीक है, मैं बता दूँगी.
उसके बाद उसने अपने बैग में से 5000 निकाल कर मुझे पकड़ा दिए.
‘तीन हजार में बात हुई थी, दो हजार तेरी कुंवारी गांड की चुदाई के हैं.’
मैंने खुशी-खुशी पैसे ले लिए और अपने पास रख कर सिमरन को फिर से कॉल किया.
‘दीदी, इसने मुझे 5000 दे दिए!’
वह बोली- ठीक है. सारे अपने पास ही रख लो.
तब तक हम दोनों कपड़े पहन चुके थे. मैंने उसे घर से बाहर निकलने से पहले बाहर देखना ठीक समझा.
घर से बाहर देखा, तो कोई नहीं था.
वह चुपचाप चला गया.
घर जाकर उसने मुझे कॉल किया- मैंने बहुत सारी लड़कियों को, आंटियों को, भाभियों को चोदा, लेकिन तेरे जितना मजा किसी को चोदने में नहीं आया … क्या कल फिर से मिलोगी?
मैं बोली- नहीं-नहीं, मैं फिर से नहीं मिल सकती!
वह बोला- नहीं यार प्लीज मिलो मुझसे? मैं डबल पेमेंट करूँगा.
मैं मन में सोचने लगी कि अभी ही डबल से ज्यादा दे गया है, कल क्या करेगा?
उसके मूसल लंड को याद करके मैं अपनी गांड में होने वाले दर्द को याद करके बोली- नहीं-नहीं, मैं नहीं मिलूँगी!
वह बोला- कोई बात नहीं, चलो आप शाम तक सोच लो. अगर हां है तो सिमरन को बता देना, मैं तुम्हें कल 10,000 दे दूँगा.
मैं बोली- ठीक है मैं सोचकर बताऊंगी. एक बात और … आगे से मेरे फोन पर ऐसे कॉल मत करना, मैं खुद करूँगी … या सिमरन दीदी आपको बता देंगी.
दोस्तो, इस तरह से मेरी पहली धंधे वाली चुदाई हुई थी.
इसके आगे क्या हुआ, वह मैं आपको अगले भाग में लिखूँगी.
मेरी सास ने भी गैर मर्द का लौड़ा अपने फटे हुए भोसड़े में लिया.
आपको मेरी वर्जिन ऐस्स फक कहानी पर जो भी कहना है, प्लीज खुल कर लिखें.
simrankaue888@gmail
वर्जिन ऐस्स फक कहानी का अगला भाग:
