Nude Bhabhi Sex Story – दोस्त की बीवी और बहन को चोदा

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Story Start Here :

न्यूड भाभी सेक्स स्टोरी में एक दिन सुबह मैं अपने दोस्त के घर गया. वहां अचानक उसकी पत्नी मुझे नंगी दिख गई. वह बाथरूम से नहाकर निकली थी.

दोस्तो! मेरा नाम मुकेश है और मैं 23 साल का हूँ।
यह मेरी सच्ची न्यूड भाभी सेक्स स्टोरी है जो कि मेरे दोस्त की पत्नी और बहन के साथ हो चुकी है।

मेरे दोस्त का नाम गौरव है और हमारी बचपन से काफी गहरी दोस्ती है।

मैं ज़्यादातर मेरे दोस्त के घर ही रहता था, तो सब लोगों के साथ मैं काफी नज़दीक था।

बात तो तब स्टार्ट हुई, जब मेरे दोस्त की शादी शारदा से हुई।
शारदा को जब मैंने पहली बार देखा तो मैं उसके पीछे पागल हो गया!

उसका रंग हल्का सा गोरा था पर अट्रैक्टिव फेस था।
वह दिखने में काफी सेक्सी दिखती है।
उसके लिप्स, उसकी नाक और उसके बूप्स मुझे उसकी तरफ आकर्षित किए जा रहे थे।

शारदा के बारे में मेरे मन में गंदे विचार आने लगे।
मैं सोचने लगा कि काश इसके बजाय यह मुझे मिल जाती!

मैं हर रोज उसकी फोटो को देखता और मुठ मार लेता।
अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था, कुछ भी करके मैं उसे चोदना चाहता था।

मैं उसके चूत का रस पीना चाहता था और उसके कोमल से लिप्स को अपने लबों से टकराकर उसके गुलाबी होंठों का रस पीना चाहता था।

शारदा जब भी मुझसे बात करने लगती, मेरी नजर हमेशा उसके होंठ और नाक पर होती थी जो सबसे ज्यादा सेक्सी लगती थी।

हुआ ऐसे कि एक दिन मैं सुबह काम की वजह से जल्दी अपने दोस्त के घर गया था।
सुबह के 7 बजे थे।

उसकी माँ मंदिर गई थी और उसके पापा सोए हुए थे।
मेरा दोस्त शायद दूध लाने बाहर गया था।

मैंने सोचा कि उसके आने तक यहीं रुकता हूँ।
तो मैं टीवी चालू करके वहीं बैठ गया।

मुझे पता नहीं था कि शारदा नहाने बाथरूम गई थी।
हॉल से बाथरूम साफ दिखाई देता है।

जब शारदा नहाकर बाथरूम से बाहर निकली, तो मेरी नजर उस पर पड़ी.
मेरी आँखें खुली की खुली रह गई!

मेरी शारदा, जिसे मैं खूब चोदना चाहता था, वह आज मेरे सामने सिर्फ एक शॉर्ट टॉवल में अपने जिस्म को ढके हुए थी।
उसकी घुटने तक की टांगें मेरे सामने बिल्कुल नंगी थीं।
उसका सीना निप्पलों तक नंगा था और गीले बालों में वह एकदम अप्सरा जैसी दिख रही थी।

जब शारदा ने अपने आप को मेरे सामने इस हालत में देखा, तो वह जल्दी ही अपने रूम में भाग गई!
मैं यह सीन देख कर पूरा पागल हो चुका था।

मुझसे रहा नहीं गया और मैं चुपके से दबे पाँव उसके रूम की तरफ बढ़ा, दरवाजा हल्का सा खोलकर अंदर झांकने लगा।

तब तक तो शारदा ने ब्रा पहन ली थी पर टॉवल अभी भी उसकी कमर पर कसी हुई थी।
उसकी पीठ मेरी तरफ थी।

ऐसा लग रहा था मानो अभी जाकर पीछे से उसे जकड़ लूँ और ब्रा का हुक खोलकर उसके पंछियों को आजाद कर दूँ और अपने पोपट को उसकी गुफा में डाल दूँ!
मैंने अपने आप पर कंट्रोल किया।

थोड़ी देर बाद शारदा ने कमर से टॉवल को आजाद किया तो उसकी गोरी गांड मेरे सामने अब पूरी नंगी थी.

मैं आगे कुछ करता, उससे पहले ही मुझे बाहर से किसी के आने की आहट सुनाई दी।
मैं जल्दी से वहाँ से निकल कर टीवी देखने बैठ गया।

मेरा दोस्त दूध लेकर आया था।

उसने मुझे उस समय वहाँ देख कर चौंकते हुए पूछा, “इतनी सुबह यहाँ कैसे आना हुआ?”

मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि उसके इस सवाल का क्या जवाब दूँ।
मैं काम के लिए आया था पर शारदा को देखकर सब भूल गया था।

अचानक मेरे मुँह से निकल गया, “भाई चलो, आज से जिम ज्वाइन करते हैं!”
मेरी यही बात अब मेरा काम करेगी, ऐसा मैंने सोचा नहीं था।

मेरा दोस्त भी मान गया और हम बातें करने लगे।

मेरे दोस्त ने शारदा को चाय बनाने को कहा।

जब शारदा चाय लेकर आई, तो वह बिल्कुल एक नई नवेली दुल्हन सी लग रही थी।
उसके बाल अभी भी गीले और खुले थे।

जब मेरी नजर उसकी नजर से टकराई, तब मैंने उसकी आँख में एक अलग सी चमक देखी जो मुझे उसकी तरफ बढ़ने का इशारा दे रही थी।

मैं पूरा दिन सिर्फ शारदा के बारे में ही सोच रहा था।
मुझे हर जगह अब वही दिखने लगी।

अब यह किस्सा रोज चलने लगा।
मैं रोज सुबह जल्दी उसके घर जाता, दोस्त दूध लेने बाहर जाता और उसकी माँ मंदिर।
मैं रोज शारदा को छुपकर देखने लगता।

लेकिन एक दिन जब सुबह मैं उसके घर गया तो शारदा पहले से ही नहा कर बैठी थी।

मुझे खुद पर बहुत गुस्सा आया।
अब मुझे रोज शारदा को उस हालत में देखने की आदत हो गई थी।

“क्या हुआ देवर जी? आज आप बहुत सैड दिख रहे हैं!” शारदा ने हंसकर मुझसे पूछा।
“कुछ नहीं भाभी, लगता है आज जिम जाने में देरी हो गई!” मैंने कहा।

“कहाँ देर हो गई? रोज तो आप सुबह इसी टाइम पर जाते हो!” शारदा बोली।

“फिर भी मुझे लगता है शायद आज मुझे देर हो गई!” मैंने इशारा करते हुए कहा।

मेरी बातों का इशारा वह समझ चुकी थी।
शारदा बोली, “अच्छा, तो एक बात पूछूँ आपसे?”
“हाँ पूछो भाभी!” मैंने जवाब दिया।

“अब आप जल्दी ही शादी कर लो!” शारदा ने कहा।
“क्यों भाभी? आज शादी की बात क्यों?” मैंने पूछा।

“मुकेश जी, मैं आज जान-बूझकर जल्दी उठकर नहा ली! मुझे पता है आप रोज इसी के लिए आते हो और मेरे दरवाजे के बाहर से रोज झांक रहे हो!” शारदा ने साफ कह दिया।
मैं चौंक गया और घबरा गया।

“न-न-नहीं भाभी! ऐसी कोई बात नहीं, शायद आपने गलत समझ लिया!”

“मैं सब जानती हूँ! मैंने तुम्हें अपने कमरे में झांकते हुए कई बार देख लिया है!” शारदा बोली।

“सॉरी भाभी! मुझे माफ़ करो। पता नहीं जबसे मैंने आपको देखा है, तब से मैं आपके पीछे पागल हो चुका हूँ! एक दिन भी आपका चेहरा ना देखूँ तो मेरा पूरा दिन खराब जाता है!” मैंने कबूल कर लिया।

“ऐसा क्या है मुझमें जो तुम इतने पागल हो चुके हो? तुम्हारे दोस्त ने तो कभी ऐसा कुछ कहा नहीं!” शारदा ने पूछा।
“एक हीरे की कीमत सिर्फ एक जौहरी ही कर सकता है भाभी! आप इस दुनिया का सबसे कीमती हीरा हो और मैं इसी हीरे की तलाश में यहाँ आता हूँ!” मैंने कहा।

“पर यह गलत है! आपका इस तरह से आना भी!” वह बोली।
“भाभी कुछ गलत नहीं है। इंसान को जो चीज पसंद आती है, इंसान उसकी तरफ जाने की सोचता रहता है, चाहे वह चीज उसे मिले या ना मिले!”
“बातें तो आप बड़ी अच्छी कर लेते हो देवर जी!” शारदा मुस्कुराई।

तभी मेरा दोस्त दूध लेकर आता दिखा।
शारदा किचन में चली गई और मैं वहीं टीवी के सामने बैठा रहा।

अब यह किस्सा रोज चलने लगा।
मैं शारदा भाभी के साथ काफी घुल-मिल गया और वह भी अब मुझसे फ्री होकर बातें करने लगीं।

हमने अब फोन पर बातें करना भी शुरू कर दिया और दोनों की नजदीकियां काफी तेजी से बढ़ने लगीं।

एक दिन बिना डरे मैंने शारदा भाभी से सेक्स के बारे में पूछ लिया.
तो उन्होंने मना कर दिया।

“भाभी! सिर्फ एक बार करके देखो, मैं आपको निराश नहीं करूँगा!” मैंने जिद की।
“मुझे यह सब पसंद नहीं!” उन्होंने कहा।

“मुझे पता है भाभी, आपको वह सुख पूरी तरह से नहीं मिल पाता जो आपको चाहिए!”
“ऐसी कोई बात नहीं, मैं काफी खुश हूँ!” शारदा ने कहा।

“अगर ऐसा होता तो आप मुझसे ज्यादा अपने पति के साथ टाइम स्पेंड करतीं! अब तो आप भी मेरे कॉल और मैसेज का वेट करने लगी हो!” मैंने दावे से कहा।

“मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा कि क्या बात करूँ!” वह हिचकिचाई।
“डरिए मत भाभी! हम अपनी प्राइवेसी रखेंगे, यह बात सिर्फ हम दोनों के बीच ही रहेगी। मैं आपको प्रॉमिस करता हूँ कि मैं आपको पूरा खुश कर दूँगा!”

“पर कैसे? इतना टाइम दोनों को साथ में कैसे मिलेगा? मैं तो बाहर नहीं जा सकती!” शारदा ने अपनी चिंता जताई।
“मिलेगा भाभी! बस सही वक्त का इंतजार करते हैं।” मैंने भरोसा दिया।

एक दिन हमें मौका मिल गया।
मेरे दोस्त की बड़ी बहन की लड़की की शादी थी, तब सब शादी के काम में व्यस्त थे।

शादी एक बड़े से फंक्शन हॉल में थी जहाँ चेंजिंग रूम भी ज्यादा थे।
सब शादी की भागदौड़ में व्यस्त थे और मेरा दोस्त किसी रिलेटिव को लाने बाहर गया था।

तब मैंने शारदा को कॉल करके ऊपर के रूम में बुलाया, जहाँ मैं ऑलरेडी जाकर बैठा था।

भाभी ज्यादा देर ना करते हुए आ गईं।

जैसे ही भाभी अंदर आईं, मैं बरसों के भूखे भेड़िए की तरह उन पर टूट पड़ा.
सबसे पहले तो मैं उनके गुलाबी होंठों को चूमने लगा और उनके होंठों का रस पीने लगा।
धीरे-धीरे उनके गले से होते हुए मैं उनके बूब्ज तक आ गया, ब्लाउज को खोलकर और ब्रा ऊपर हटाकर मैं उनके निप्पल को चूसने लगा।

साथ ही उनकी बगल के पसीने की खुशबू से मैं और ज्यादा जोश में आ गया।
मैंने उनकी पसीने से भरी हुई बगल को चाटना शुरू किया और बूब्ज़ को भी चूसने लगा, एक साइड को दबाने लगा और दूसरी को चूसने लगा!
वे भी सिसकारियाँ भरने लगी थीं।

टाइम को देखते हुए मैं आगे बढ़ गया, उनकी साड़ी को ऊपर की ओर उठाकर उनकी पैंटी को आजाद कर दिया।
उनकी चूत पर हल्के बाल थे।

मैंने उनकी चूत को चाटना और चूसना स्टार्ट किया, अपनी जीभ को उनकी चूत के अंदर तक घुसाकर चूसने लगा।

न्यूड भाभी सेक्स के लिए मदहोश होने लगीं और मेरे सर को अपनी चूत की तरफ धकेलने लगीं।
“मुकेश! बहुत मजा आ रहा है, पर जल्दी करो! टाइम नहीं है हमारे पास!” शारदा हांफते हुए बोली।

मैं जल्दी ही उठ गया और अपने लंड को बाहर निकाला, उनकी कमर को उठाकर अपना लंड उनकी चूत में घुसाने लगा।

जब मेरा लंड उनकी चूत को चीरता हुआ अंदर जाने लगा तो मैं समझ गया कि मेरे दोस्त का औजार छोटा है।
चूत गीली होने से उन्हें दर्द थोड़ा कम हो रहा था।

लंड को पूरा अंदर डालने के बाद मैंने हल्के से धक्के मारना स्टार्ट किया और फिर रफ़्तार बढ़ाने लगा।

जब मैं जोर-जोर से धक्के लगाने लगा तो उन्हें भी मजे आने लगे और वह सिसकारियाँ लेने लगीं!

अचानक रूम में एंट्री मेरे दोस्त की छोटी बहन की हुई!
जब शारदा रूम में आई थी, तब मैं जोश में रूम का दरवाजा लगाना भूल गया था!

मेरे दोस्त की छोटी बहन का नाम आशी है और वह एक शादीशुदा लड़की थी।
उसने हमें इस हालत में पकड़ लिया था!
शारदा काफी डर गई थी।

मैंने आशी दीदी से माफ़ी मांगना शुरू किया और उनके सामने हाथ जोड़ लिए।

“शारदा! तुम जल्दी से अपने कपड़े ठीक करो और बाहर जाओ, मैं तुमसे बाद में बात करूँगी!” आशी दीदी ने सख्त लहजे में कहा।

शारदा रोती हुई और अपने आपको ठीक करती हुई बाहर निकल गई।
मैं अभी भी वहाँ आशी दीदी के सामने नीचे से नंगा खड़ा था।

“मुकेश! यह कब से चल रहा है?” आशी ने पूछा।
“दीदी! आज पहली ही बार हम साथ थे!” मैंने डरे हुए स्वर में कहा।

आशी दीदी ने दरवाजा अंदर से बंद कर लिया!
“चलो अब! जो तुम शारदा के साथ कर रहे थे, वह अब मेरे साथ करो!” आशी ने आदेश दिया।

मैं चौंक गया। “द-द-दीदी!”
“हाँ चलो! जल्दी करो!”

आशी दीदी ने मुझे पूरा नंगा किया और मेरे लंड को मुँह में लेकर चूसने लगीं।
मुझे भी अब मजा आने लगा और मेरा डर चला गया था।

मैंने आशी दीदी को अब पूरी नंगी कर दिया।

नंगी दीदी के चूचे बहुत बड़े थे, जिन्हें मैं चूसने लगा।
थोड़ी देर बाद मैंने उनकी चूत चाटना शुरू किया।

शारदा की चूत से थोड़ा अलग टेस्ट आशी दीदी की चूत का था।

देखते ही देखते मैंने अपना लंड आशी दीदी की चूत में घुसा दिया।
वह आराम से पूरा अंदर चला गया।

20-25 मिनट धक्के लगने के बाद आशी झड़ गईं!
उनकी चूत से निकला चिपचिपा पानी मेरा लंड महसूस करने लगा।

धक्कों की आवाज़ के साथ कमरे में ‘पच-पच’ और आशी की ‘उम्म… आआ आ आह्ह्ह’ की आवाज गूँज रही थी!

जब मेरे धक्के तेज होने लगे, तो वह समझ गईं कि मेरा पानी निकलने वाला है।
उन्होंने अपने पैरों से मुझे जकड़ लिया और मेरे लंड का सारा पानी अपनी चूत में भरवा लिया!

मैं थोड़ी देर आशी के ऊपर ही लेटा रहा।

“मुकेश! आज तो मजा आ गया! शारदा से मैं बात करती हूँ, तुम भी उसे समझाओ कि डरने की कोई बात नहीं। कल घर में कोई नहीं है!” आशी बोली।

“तुम आ जाओ! शारदा, मैं और तुम मिलकर पूरा दिन मजे करते हैं!” उन्होंने शारदा को फोन करके कहा।

“आशी दी! आपने तो मुझे आज बहुत खुश कर दिया। अब से आप जो कहोगी, मैं वही करूँगा दीदी!” मैंने खुशी-खुशी कहा।

शारदा और आशी दीदी को एक साथ मैंने कैसे चोदा, यह मैं अगली कहानी में बताऊँगा!

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