Love Sex Kahani – माशूका से बनी चाची की सील तोड़ी

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Story Start Here :

लव सेक्स कहानी में मेरी माशूका का निकाह मेरे चाचा से हो गया. लेकिन वो लड़की मेरे साथ सेक्स करना चाहती थी. लेकिन शादी के एक साल भी वह कुंवारी थी.

कहानी के पहले भाग
मेरे चाचा की शादी मेरी माशूका से
में आपने पढ़ा कि मेरी रिश्तेदार लड़की मेरी माशूका थी. वह हमारे घर आती थी. तो घर वालों ने उसका रिश्ता मेरे चाचा से कर दिया.
वह लड़की शादी से पहले मुझसे सेक्स करना चाहती थी मगर मैंने रिश्तों की आन रखते हुए मना कर दिया.
उनका निकाह भी हो गया. मगर चाचा किसी और को चाहता था तो उसने उस लड़की को छुआ भी नहीं.

अब आगे लव सेक्स कहानी:

मैं उसके पास गया, और बगल में बैठ गया।

“वाह मेरी जान, तुम तो नई नवेली दुल्हन लग रही हो, मन कर रहा है, तुम्हें बस जी भर देखता रहूँ!” मैंने बोला, और धीरे-धीरे उसका घूँघट उठाने लगा।

मैंने पूरा घूँघट उठा के देखा तो वो बिल्कुल परी लग रही थी।
बिल्कुल स्वर्ग की अप्सरा।
मुझसे रहा नहीं गया, और मैं उसे किस करने लगा।

“आई लव यू अनाया, आई रियली लव यू!” मैंने उसे कहा।

“आई लव यू टू अरहान, आई लव यू टू!” उसने कहा, फिर उसने दूध के गिलास की तरफ इशारा किया और कहा, “इसे पी लीजिए, मैंने बड़े प्यार से तैयार किया है।”

“ठीक है, मगर इससे ज्यादा मजा तो तुम्हारा दूध पीने में आयेगा!” मैंने हल्दी वाला दूध का गिलास उठाया और उसे आधा पी लिया।

वो मेरे कमेंट सुन कर शर्माने लगी.
तभी मैंने आधा दूध का गिलास उसे पकड़ाया।
उसने मेरा इशारा समझते हुए मेरा झूठा दूध पी लिया.

दूध पीने के बाद वो मेरी तरफ देखती रही और इंतज़ार करने लगी कि, मैं कार्यक्रम स्टार्ट करूँ।

“मेरी जान, मैं चाहता हूँ कि तुम मुझे नंगा करो, और खुद भी नंगी हो जाओ.” मैंने बोला।

वह मेरी तरफ देखती रही कुछ देर, फिर वो मेरे पास आई और मेरे कान में बोली, “एक बीवी को, सबसे ज्यादा अच्छा तभी लगता है, जब उसका शौहर उसके सारे कपड़े उतारता है। इससे ये भी पता चलता है कि, बीवी का तन, आत्मा, दिल, सबपे शौहर का हक़ होता है। खुद बीवी भी अपने बदन को, अपने शौहर के इजाजत के बिना, नहीं छू सकती। तो, इसलिए मैं चाहती हूँ, आज आप मुझे अपनी बीवी समझिए, और शौहर होने का फर्ज निभाइए। हाँ, मैं आपके कपड़े उतार दूँगी, मगर मुझे आप ही नंगी कीजिए।”

मैं उसकी बातें सुन के दंग रह गया मगर बहुत खुश भी हुआ, कि वो मुझे अपना शौहर मानती है।

“तो तुम मुझे अपना शौहर मानती हो?” मैंने उसके तरफ देखते हुए पूछा और उसके कपड़े उतारने लगा।

वो शर्माई, मगर मेरे सवाल का जवाब दिया, “हाँ, मैं आपको अपना शौहर मानती हूँ, बचपन से आपको ही अपना शौहर मानती हूँ। पिछले एक साल से, मैंने भले ही नहीं कुछ कहा, मगर मेरी शादी होने के बाद भी मैं आपको ही अपना शौहर मानती हूँ।”

मैं उसकी बातें सुन के दंग रह गया कि वो शादी के बाद भी मुझे अपना शौहर मानती है।
“तो फिर मेरे साथ निकाह करोगी?” मैंने पूछा।

वो ये सुन के शर्माने लगी और शरमाते हुए पूछी, “मेरी शादी तो ऑलरेडी हो चुकी है, तो फिर मैं कैसे निकाह करूँगी?”
मैं उसको देखा, और बोला, “मैं जो भी पूछूँगा, तुम्हें बस ‘कबूल है’ बोलना है, क्या बोलोगी?”

“ठीक है, मैं बोलूँगी.”
वह जानती थी कि हमारा निकाह नहीं होने वाला, बस यह एक मेरी फैंटेसी है.
मगर वो मेरी हर ख्वाहिश पूरी करने को तैयार थी।

“ठीक है, तो मेरा पहला सवाल, क्या तुम मुझे अपने शौहर के रूप में आज से, और हमेशा के लिए स्वीकार करती हो, बोलो कबूल है!” मैंने पहला प्रश्न किया।
“हाँ, मैं आज से आपको हमेशा के लिए अपने शौहर के रूप में स्वीकार करती हूँ. मुझे ये बात कबूल है!” उसने बगैर सोचे जवाब दे दिया।

“क्या तुम मेरी हर बात मानोगी, चाहे वो तुम्हारे लिए नुकसान ही क्यों न हो?” मैंने दूसरा प्रश्न किया।
“हाँ, मैं आपकी हर बात मानूँगी, चाहे उसमें मेरी जान का भी खतरा हो, मुझे ये बात भी कबूल है!” इस बात को भी उसने बगैर कुछ सोचे मान लिया।

“मेरा आखिरी सवाल, क्या तुम मुझे किसी भी हालत में नहीं छोड़ोगी?” मैंने अपना आखिरी प्रश्न भी पूछ लिया।
उसने मेरी तरफ देखा और बोला, “कबूल है, मैं आपको किसी भी हालात में नहीं छोड़ूँगी!”

इतना सुनते ही, मैं पूरी तरह से खुश हो गया और उसके जिस्म से आखिरी कपड़ा भी उतार दिया।
अब वो बिल्कुल नंगी थी मेरे सामने और उसका फिगर, वो क्या कहना, मैं तो उसका हमेशा से फैन था।

उसने भी मुझे नंगा कर दिया था।
हम दोनों एक दूसरे को देख रहे थे कुछ देर तक।
मैं उसको और वो मुझे कुछ देर तक देखते रहे।

फिर मैंने उसे बेड पे लिटाया और पूछा, “थोड़ा सा गरम करूँ तुम्हें?”
मेरे हाथ उसकी चूचियों की तरफ बढ़े, और उसे पकड़ कर मैं उसके मम्मों को सहलाने लगा।

“आपकी जैसी मर्जी, मैं तो आपकी ही हूँ!” अनाया ने जवाब दिया।

फिर मैं उसके कमर से ऊपर के बदन को चाटने लगा।
वह भी मेरे लन्ड को पकड़ के सहलाने लगी।

मेरे होंठ, उसके पेट से होते हुए, उसकी बूब्स पे गए और मैं उन्हें चूसने लगा।

“अनाया, इसे चूसो!” मैंने अपने लन्ड की ओर इशारा करते हुए कहा।
अनाया उठ के बैठ गई और मेरा लन्ड अपने मुँह में रख लिया।

और चूंकि उसे पहले से ही आदत थी मेरा लन्ड चूसने की, उसने बिल्कुल प्यार से उसे चूसा।
कुछ देर चूसने के बाद मैंने उसे मना कर दिया.
वो समझ गई और बेड पे लेट गई।

मैं उसके ऊपर लेट गया और अपने लन्ड को उसकी चूत के पास सेट किया।
मगर अभी भी उसकी चूत गीली नहीं हुई थी तो मैं सिर्फ उसकी चूत के ऊपर अपना लन्ड को रगड़ रहा था।

थोड़ी देर में उसकी चूत गीली होने लगी।

“अब प्लीज अंदर डाल दीजिए!” अनाया ने मुझसे विनती की।
“ऐसे कैसे, ये तुम्हारा बहुत खास पल है, थोड़ा अच्छे से विनती करो.” मैंने कहा।

मन तो मेरा भी था कि उसकी चूत में अपना लन्ड घुसेड़ दूँ।
मगर आज कई सालों के बाद वो मुझे मिली है, मैं इस पल को ऐसे ही थोड़ी जाने देने वाला था।

अनाया समझ गई, “मेरे शौहर, कृपया अपनी इस बीवी को अपने सबसे प्यारे यार से मिलवाएं। और अपनी बीवी की जवानी की निशानी को कृपया करके स्वीकार करें। आपकी बीवी आपकी याद में कई दिनों से प्यासी है, कृपया करके अपनी बीवी की प्यास बुझाएं!”

मुझे उसकी बातें सुन के अच्छा लग रहा था, पहली बार सेक्स को कोई इतने अच्छे से बता रहा था।

“मजा आ रहा है, थोड़ा और बोल!” मैंने उससे बोला।
उसने मुझे घूर कर देखा और खुद से मेरा लन्ड अपने हाथ से पकड़ के अपनी चूत के छेद पे रखा, “आप प्लीज इसे अंदर डालिए!”
वो मेरा लन्ड अपने अंदर लेने की कोशिश भी कर रही थी।

“थोड़ा और विनती कर, वैसे भी तूने मुझे बहुत परेशान किया है अपनी देने में, अब तो मैं तेरे मुँह से और भी विनती सुनूँगा, तभी तुझको चोदूँगा!” मैं बोला और उसके हाथों को अपने हाथों से पकड़ लिया और फिर से अपने लन्ड को उसकी चूत पे रगड़ना चालू कर दिया।

“प्लीज, मैं आपसे विनती करती हूँ, अपनी इस दासी को अब ना तड़पाएं, आपकी दासी आपके प्यार का इंतज़ार कई जन्मों से कर रही है। प्लीज, आपकी बीवी आपके आगे हाथ जोड़ती है, मेरे शौहर होने का फर्ज निभाइए। और मेरे बंद द्वार को अपनी तलवार से तोड़ दीजिए। इस सालों से बंद ताले को अपनी चाबी देके खोल दीजिए। मेरे राज्य में घुसिए, और इसपे अपना हक़ जमाइए, चाहे इसमें खून-खराबा ही क्यों न हो!”

“प्लीज, अब मुझे चोदिए, मैं आपसे चुदना चाहती हूँ, और ज़िन्दगी भर आपसे ही चुदना चाहूँगी!” अनाया को जो कुछ भी आया वो बोलती गई मगर वो मुझे गुस्से से भी देख रही थी।

“चल, जब तू इतना कह रही है, तो तुझे अपनी बीवी बना ही लेता हूँ,” मैंने कहा।

मैंने उसकी चूत पे अपना लन्ड का टोपा सेट किया और फिर एक जोरदार धक्के के साथ उसके अंदर घुस गया।
और एक झटके में ही उसकी कुंवारी चूत की दीवार तोड़ दी!

“आह्ह्ह हह!” उसके मुँह से एक जोरदार चीख निकली.
अगर कोई घर पे होता तो पक्का सुन लेता।

उसकी आँखों से आँसू टपकने लगे।

“इट्स ओके, मेरी जान, इट्स ओके। पहली बार में सबको दर्द होता है, देखो मैं अभी रुका हुआ हूँ, जब तुम्हारा दर्द कम होगा तभी मैं अंदर घुसाऊँगा.” मैं उसे समझाने लगा।
मगर इसकी जरूरत थी नहीं, वह खुद ही काफी समझदार थी।

उसने मेरे लन्ड की तरफ देखा, और इस पर लाल-लाल खू.न लगा हुआ था।

“मैं जानती हूँ. उह्ह्ह!” वो अभी भी दर्द से तड़प रही थी, “मैं जानती हूँ, पहली बार में दर्द होता है। मगर आपके लिए, मैं हर दर्द सहूँगी, आप अंदर डाल सकते हैं।”
वो मुझे खुश करना चाहती थी।

“नहीं मेरी जान, मैं कैसे तुझे ज्यादा दर्द दे सकता हूँ। आखिर तू मेरी बीवी है। जब आराम हो तो बोल, तभी मैं अंदर घुसाऊँगा।” मैंने जवाब दिया.
उसने हाँ में सिर हिलाया।

थोड़ी देर बाद उसका दर्द कम हुआ तो फिर मैंने एक जोर का झटका मारा.
इस बार मेरा आधा लन्ड चला गया था।

वो फिर दर्द से कराहने लगी मगर इस बार वो रोई नहीं।

कुछ देर बाद, उसने फिर इशारा किया, इस बार मैंने काफी जोरदार झटका मारा और पूरा का पूरा लन्ड उसकी चूत में धकेल दिया।
मेरा लन्ड उसके काफी अंदर चला गया।

और एक बार फिर वो दर्द से कराहने लगी।

मैंने उसके दर्द कम होने का इंतजार किया और उसके बाद धीरे-धीरे अंदर-बाहर करने लगा।

उसका भी दर्द कम होने लगा और उसकी भी सिसकारियां मजे में बदलने लगीं।

“आह मेरे शौहर, और चोदिए मुझे, जी भर के चोदिए, मैं आपसे चुदने के लिए ही पैदा हुई हूँ। आह मेरे शौहर, अपनी बीवी को सबक सिखाइए, ये नादान थी। अपने शौहर को मैं कैसे मना कर सकती थी। वह मेरी भूल थी, उसकी सजा दीजिए मुझे!” अनाया जोर-जोर से आहें भरने लगी और मुझसे हर बात के लिए सजा माँगने लगी।

मैं भी पूरे मजे में उसे चोदे जा रहा था।
“पुरानी बातों को भूल जाओ, मगर आज से याद रख लो, तुम सिर्फ मेरी हो। सिर्फ मेरी। तुम्हारे जिस्म पे, तुम्हारी रूह पे सिर्फ मेरा हक़ है, सिर्फ मेरा!” मैंने उसे चोदते हुए कहा।

“हाँ मेरे शौहर, मैं सिर्फ आपकी हूँ। सिर्फ आपकी। मेरे पे सिर्फ आपका हक़ है और किसी का नहीं!” अनाया ने मेरी बात मानते हुए बोला।

“गुड गर्ल,” मैंने उसके चूत से अपना लन्ड निकालाऔर बोला, “अब जरा घोड़ी बन।”

“जैसी आपकी आज्ञा शौहर!” अनाया बिस्तर पर से उठ गई, और फिर, वो घुटने और हाथ नीचे रखके घोड़ी बन गई।
मैंने उसको पीछे से पकड़ा और उसकी चूत पे अपना लन्ड सहलाया और एक झटके में घुसा दिया।

मेरे हाथ उसके चुचियों को पकड़े हुए थे और मैं पीछे से झटके पे झटके मारने लगा।
अनाया भी आह-आह की सिसकारियां भरने लगी।

मैंने अब स्पीड धीरे कर दी क्योंकि मैं अब झड़ने वाला था।
फिर मैंने एक ज़ोर का झटका मारा और जब मेरा लन्ड उसके काफी अंदर चला गया तो फिर मैंने अपना वीर्य उसके अंदर ही छोड़ दिया।
मुझे इसमें पूछने की जरूरत भी नहीं थी क्योंकि अब उसे मैं अपनी बीवी मानता था तो अगर वो गर्भवती भी हो जाती तो मुझे खुशी ही होती।

जब मेरा सारा माल उसकी चूत में झड़ गया तो फिर मैं लन्ड निकाल के उसको अपनी गोद में लेके लेट गया।

“मजा आया मेरी बीवी?” मैंने उससे पूछा।
“सच बताऊं तो, पहले बहुत ज्यादा दर्द हुआ, ऐसा लग रहा था कि किसी ने लोहे का गरम सरिया डाल दिया हो। मगर बाद में मजा भी आने लगा।” अनाया ने सारा सच बताया।

थोड़ी देर तक, हम प्यार भरी बातें करते रहे।
फिर अनाया उठी, और उसने मेरा लन्ड अपने मुँह में ले लिया।

“क्या हुआ अनाया, एक और बार चाहिए?” मैंने पूछा।
“हाँ, मगर इस बार मैं खुद करूँगी, आप सिर्फ आराम कीजिए,” अनाया बोली।

“ठीक है.” मैं मान गया और उसके चूसने का मजा लेने लगा।

जब मेरा लन्ड खड़ा हो गया तो वो मेरे ऊपर चढ़ी और मेरे लन्ड को अपने चूत के छेद पे रखते हुए बैठ गई।
जिससे मेरा लन्ड उसकी चूत में चला गया।

इसी तरह से वह मुझसे चुदने लगी, ऊपर-नीचे खुद होती और मेरे लन्ड को अपनी चूत के अंदर-बाहर करने लगी।
मैंने भी उसकी कमर पकड़ ली और उसे ऊपर-नीचे करने लगा।

काफी देर तक अंदर-बाहर करने से मैं एक बार और झड़ने वाला था, तो मैंने उसे बेड पे लिटा दिया और एक जोरदार झटका मारते हुए उसके अंदर चला गया और फिर से उसके अंदर झड़ गया।

इस तरह से पूरी रात मैं चार बार उसके अंदर झड़ा, फिर उसको मैं अपनी गोद में लेके सो गया।

सुबह उठा तो देखा वो लंगड़ा रही थी।
इससे पता चला कि भले ही रात में काफी मजा आया मगर इसका असर भी हुआ है।

“अनाया, अभी कहीं मत जाओ, बेड में लेटो, अभी तुम्हें दर्द है.” मैंने उससे कहा।
“मगर आपके लिए खाना बनाना है,” अनाया बोली।

मैं उठा, अनाया को अपनी बाहों में उठाया और बेड पे लिटा दिया।

“जो मैं बोला करूँ, वो चुपचाप माना करो। रात की बात भूल गई कि तुम मेरी हर बात मानोगी!” मैंने उससे पूछा।
उसने अपनी नजरें मुझसे झुका लीं, “आई एम सॉरी, अब से आपकी सारी बात मानूँगी।”

“कोई बात नहीं, बस आगे से ध्यान रखना.” मैंने बोला, फिर उसको अपने बाहों में लेके चुम्मा देने लगा।

थोड़ी देर प्यार भरी बातें करके हम फिर सो गए।

फिर मेरी आँख शाम को खुली, देखा तो अनाया मेरी बाहों में नहीं थी।
मैं उठ के रूम से बाहर आया तो अनाया को किचन में खाना बनाते हुए देखा।

अब इसका दर्द कम हो गया था।

“तुम मेरी बात नहीं मानोगी ना!” मैंने आके उसे पीछे से पकड़ लिया और गांड पे एक प्यार भरा चाटा मारा।

“उह!” अनाया चीखी, मगर धीरे आवाज में।
“मैंने कब कहा कि आपकी बात नहीं मानूँगी। मैं तो आपकी हर बात मानूँगी।”

“तो फिर दर्द में उठ के क्यों आई?” मैंने पूछा।
“अब दर्द नहीं है.” अनाया ने जवाब दिया।

“अच्छा?” मैंने बोला, फिर मैंने एक शरारत भरी बात बोली, “मुझे यकीन नहीं है, मैं खुद चेक करूँगा!”

और इतना कहके उसे मैंने किचन के स्लैब पर लिटाया.
वो भी चुपचाप लेट गई।

फिर मैंने उसकी कुर्ती ऊपर की और सलवार का नाड़ा खोल के नीचे गिरा दिया।
उसकी गुलाबी चूत फिर से मेरे सामने नंगी हो गई।

मैंने अपना लन्ड उसकी चूत की दीवार पे सेट किया और झटके से अंदर चला गया।
और फिर से हमारी चोदमपट्टी चालू हो गई।

कुछ देर बाद मैं उसके अंदर फिर से झड़ गया।

फिर अनाया ने अपने कपड़े सही किये और खाना बनाने में लग गई।

खाना खाने के बाद मैं फिर से अनाया को हमारे बेडरूम में ले आया।

जब से उसको चोदा है, तब से उसकी हर चीज मेरी भी है।

“यार अनाया, तुझे कल से कई बार चोद दिया, मगर तुझसे जी नहीं भर रहा है। क्या चीज है तू, जी करता है तुझे बस चोदता रहूँ। तुझे अपने लन्ड पे दिन भर बैठा के रखूँ।” मैंने अनाया को बोला और उसको फिर से नंगी कर दिया।

“आप मेरे शौहर हैं, आपको जो मन करे, आप वो कर सकते हैं, मेरे साथ। यह तो मेरी खुशनसीबी है, कि आप मुझे इतना प्यार कर रहे हैं,” अनाया ने जवाब दिया।

उसने मेरा लन्ड अपनी चूत के पास सटाया।

“बीवी हो तुम्हारी जैसी, जो अपने शौहर को खुश करना जानती हो!” मैंने कहा.
और फिर से एक झटके के साथ उसको पेल दिया।

फिर से वैसे ही रात गुजरी।
पूरी रात मैं उसको चोदता रहा।

वह भी पूरे मजे से मुझसे चुदती रही और मुझे कोई कमी नहीं होने दी।

अगले दिन मेरी अम्मी नानी के यहाँ से आ गई, तो मैं दिन में, अनाया से दूर रहने लगा।
मगर बीच-बीच में उसे कई बार टच किया।

रात आई तो अम्मी के सोने के बाद मैं अनाया के कमरे में आ गया और उसे चोदना चालू कर दिया।

इसी तरह दो-तीन दिन गुजरे और मेरे जाने का दिन आ गया।
आज रात के गुजर जाने के बाद, सुबह मुझे अपनी पढ़ाई पे वापस लखनऊ जाना था।

और चूंकि रात थी तो मैं अनाया के कमरे में ही लेटा हुआ था।

“आप तो कल सुबह चले जाओगे। फिर कब आओगे?” अनाया ने पूछा.
वो थोड़ी सी उदास थी।

“अरे मेरी जान, उदास क्यों होती हो, हम व्हाट्सएप पे बात करेंगे ना, वैसे भी तुझसे बगैर बात करे मेरा दिन थोड़ी ही गुजरेगा।” मैंने उसे प्यार से समझाया।
“हाँ, वो तो ठीक है, मगर फिर भी, आपके बगैर मुझे अच्छा नहीं लगेगा। आपकी बहुत याद आएगी।” अनाया बोली।

“तो चलो, अच्छा लगने के लिए, तुम्हारे साथ, आज कुछ ऐसा करता हूँ, कि तुम मुझे बराबर याद करोगी.” मैंने कहा और अपना लन्ड उसके मुँह के पास लाया।

वो समझ गई, और मेरे लन्ड को मुँह में लेके चूसने लगी।

जब मेरा लन्ड बिल्कुल तैयार हो गया तो मैंने इसको इस बार उसकी गांड की छेद पे सेट किया।
वो एक पल के लिए चौंक गई मगर फिर उसने अपनी गांड उठाई ताकि मेरा लन्ड जा सके।

मैंने भी मौका देखते हुए उसकी गांड में लन्ड पेल दिया!

चूंकि मुझे पता था, अचानक लन्ड जाने से वो चीखती, और इस बार अम्मी भी घर पे थी, तो मैंने अपना हाथ उसके मुँह पे रख दिया।

तो इस वजह से उसकी चीख नहीं निकली मगर दर्द में उसने मेरा हाथ अपने दाँतों से काट दिया।
फिर जब देखा कि वो नॉर्मल हो गई तो मैंने उसकी गांड में अपना लन्ड अंदर-बाहर करना स्टार्ट कर दिया।

थोड़ी देर तक तो अनाया का दर्द हुआ, मगर फिर वो सामान्य हो गई और खुद भी उछल-उछल के चुदवाने लगी।

काफी देर उसकी गांड मारने के बाद मैं झड़ने वाला था तो एक आखिरी झटके के साथ उसकी गांड में ही झड़ गया।

थोड़ा देर आराम करने के बाद मैंने फिर से उसे चोदना स्टार्ट किया।

चूंकि आज मेरा आखिरी दिन था गाँव पे, तो पूरी रात मैंने जम के उसकी गांड और चूत मारी।
दो बार उसकी गांड में और चार बार उसकी चूत में अपना वीर्य गिराया।

फिर मैं वापस लखनऊ चला गया।

अगली कहानी में बताऊंगा, कैसे मेरी शादी अनाया की बहन साजिया से हुई।
और कैसे दोनों बहनों ने एक साथ मेरे बच्चे को जन्म दिया।

और कैसे अब अनाया बगैर किसी डर के मेरे साथ अब सोती है और जी भर के मुझसे चुदती है।

लव सेक्स कहानी आपको कैसी लगी?
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