Latest Hindi Sex Stories added for who looking to read Call Girl Sex Kahani – मेरी सहेली कॉल गर्ल निकली to make every night hot about Call Girl Sex Kahani – मेरी सहेली कॉल गर्ल निकली story.
Story Start Here :
कॉल गर्ल सेक्स कहानी में मेरी सहेली पराये मर्दों को लेकर मेरे घर आती थी और उनके साथ सेक्स करती थी. उसने बताया कि वह सेक्स करने के बदले पैसे लेती है.
यह कहानी सुनें.
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हाय, मेरा नाम हरप्रीत कौर (प्रीत) है.
मैं 31 साल की हाउसवाइफ हूँ. मेरी शादी को 5 साल हो चुके हैं.
मेरे हसबैंड का नाम दीपू है, वह ऑटो चलाने का काम करता है.
हमारा एक बेबी है, जिसकी उम्र 3 साल है.
वह ज्यादातर मेरी सास के साथ ही रहता है तो मैं सारा दिन फ्री रहती थी.
जब मेरी शादी हुई तो मेरी एक सहेली बनी जिसका नाम मोनू था.
वैसे उसका असली नाम मीनाक्षी था, लेकिन सब उसे मोनू ही बुलाते थे.
यह कॉल गर्ल सेक्स कहानी इसी मोनू की है.
मोनू की उम्र 33 साल थी.
उसकी फिगर 38-27-38 थी.
वह एकदम बिंदास थी और चुदवाने की तो इतनी ज्यादा शौकीन थी कि हमेशा चुदती ही रहती थी.
वह नए-नए लंड लेती रहती थी.
कभी-कभी मेरे घर में आकर भी चुदवाती थी क्योंकि मेरे घर में ज्यादातर कोई होता नहीं था.
बस सास ही थी, वह भी पहले तो एक नंबर की चुदक्कड़ थी.
लेकिन मेरी शादी के बाद वह थोड़ा कम करने लगी.
मेरे हसबैंड बड़ी सुबह निकल जाते हैं, रात को आते हैं … कभी-कभी तो आने में रात के 10-11 बज जाते हैं.
तो मतलब सारा दिन मैं अकेली ही रहती थी.
कभी-कभी मोनू आ जाती थी तो मैं उसके साथ बतिया लेती थी.
मोनू को बाहर के मर्दों से चुदवाने का बहुत शौक था.
वह कभी-कभी लड़कों को भी लेकर आती थी.
उन लड़कों में से एक बार एक लड़के ने मुझे देखा और अपना नंबर दे दिया.
लड़का भी अच्छा था, देखने में सुंदर.
क्योंकि मोनू जिनसे भी बात करती थी, वे सब रिच फैमिली से होते थे.
जितनी बार भी वह चुदवाती, उतनी बार उसके पर्स में नोटों की गड्डी आ जाती थी.
एक बार तो मैंने देखा कि वह तीन लड़कों को लेकर आई और बोली- प्रीत तुझे तो पता ही है न कि मैं क्या करने वाली हूँ?
मैंने हंस कर आंख दबा दी.
उसने उन लड़कों के सामने मुझसे बनते हुए कहा- कुछ काम था, तो इसलिए गर्मी में थोड़े मेहमान थे, इसलिए इधर ले आई.
मैंने भी कहा- कोई बात नहीं, आप रूम में जाकर बैठो. मैं आपके लिए चाय लाती हूँ.
मैंने उनको चाय दी.
चाय पीने के बाद उन लड़कों में से एक ने कहा- हमें एक-दो घंटा का काम है.
मुझे तो पता था तो मैंने भी सहज भाव से कहा- हां मैं बाहर जा रही हूँ, थोड़ी देर में आऊंगी.
इतना बोलकर मैं बाहर चली गई.
उनको लगा कि शायद मैं बाहर गई, लेकिन मैं घर में ही थी.
हमारे घर में चार रूम हैं. एक सास का है, एक हम दोनों पति पत्नी का है.
उस दिन वे सब मेरे रूम में ही आए थे.
मुझे सारे सीक्रेट पता हैं.
मेरे सास के कमरे से भी मेरे कमरे का पूरा नजारा साफ दिखता है.
जब हम (मैं और मेरा हसबैंड) चुदाई करते हैं, तब मैंने देखा था कि दरवाजे में झिरी है और उसमें से बहुत आराम से कमरे में होने वाली हरकतों को देखा जा सकता था.
हम दोनों पति पत्नी उस देखने वाली जगह में कोई कपड़ा फंसा देते थे या कुछ और कर देते थे, जिससे कुछ नहीं दिखता था.
हालांकि अनजान आदमी को इस छेद का पता नहीं था.
मैंने उसी झिरी में से झांक कर कमरे में देखा कि उन्होंने मोनू को नंगी कर दिया था.
उस दिन मैंने पहली बार मोनू को नंगी देखा था.
आह … सच में क्या बॉडी थी उसकी … एकदम जवान छोकरी के जैसी मस्त माल लग रही थी साली … मैं तो देखकर ही पागल हो गई. उसके दोनों दूध किसी किशोरी के जैसे दाएं बाएं आगे को निकले एकदम कसे हुए कच्चे आम के जैसे लग रहे थे.
उन लड़कों ने मोनू के दूध खूब चूसे और उसे लिटा कर लंड चुत से रगड़ना शुरू कर दिया.
कुछ ही देर में मोनू की चुदाई शुरू हो गई. एक चूतिया किस्म का लड़का मोनू की कमर पकड़ कर उसकी गांड में लग गया.
उस लड़के की बॉडी की कोई शेप ही नहीं थी, साला मोटू सा लगा था.
वह मोनू की गांड मार रहा था, तो उसकी तोंद मोनू के चूतड़ों से टकरा रही थी. शायद उसका लंड भी छोटा सा रहा होगा इसलिए मोनू को उसके लौड़े से गांड मरवाने में दिक्कत नहीं हो रही थी.
दूसरे लड़के ने मोनू की चूत में अपना लंड डाल दिया था और तीसरा उसके हाथ में अपना लंड देकर लौड़े की मुठ मरवा रहा था.
मोनू उन दोनों लड़कों का लंड बहुत आसानी से चूत और गांड में ले रही थी.
जब मैंने उसे इस तरह से सैंडविच चुदाई करवाते हुए देखा तो मैं तो पागल ही हो गई.
मैं सोचने लगी कि मैं तो एक लंड भी मुश्किल से ले पाती हूँ, ये दो-दो लंड कैसे ले रही है?
शादी से पहले मैंने भी बहुत लंड लिए हैं और सभी तरह के लड़कों से चुत चुदवाई थी, लेकिन गांड में कभी नहीं लिया था.
कुंवारे से ही बड़े बड़े लंड लेने से मेरी भी चूत का भोसड़ा बना हुआ था, लेकिन जब शादी हुई तो उसके बाद मैंने अपने पति के अलावा कुछ ही बार गैर मर्दों से चुत चुदवाई थी.
अब तो मैं घर से बाहर नहीं जा पाती थी, तो किसी गैर मर्द से चुदवाना कैसे हो सकता था?
घर में तो किसी को ला नहीं सकती थी. लेकिन मोनू के बहाने से सब आते थे.
मेरे हसबैंड की भी बात मोनू से होती थी. मैंने देखा था कि वे दोनों आंखों में आंख डालकर बात करते थे.
शायद मेरे पति ने भी मोनू की ली हुई थी.
इसलिए वह मोनू को घर में आने से नहीं रोकता था.
तो आज मोनू उन तीन लड़कों से चुत गांड चुदवा रही थी.
दो घंटे तक मोनू ने अपने सभी छेदों की सर्विसिंग करवा ली तो वे सब चले गए.
मैं वापस कमरे में आ गई.
मोनू मुझे देखकर बोली- एकदम सही समय पर आ गई तू? क्या उन्हें जाते हुई देख रही थी?
मैंने कहा- हां जाते हुई देख रही थी तो आ गई. तू बता, कैसा रहा तेरा?
वह बोली- हां, अच्छा था. ये देख, मुझे ₹3000 भी मिल गए आधे घंटे के … बहुत मजे हैं, घर में हसबैंड भी मजा देता है और बाहर से भी मजा ले लेती हूँ.
मैंने कहा- मुझे भी ऐसा कुछ करके देखना है, मैं भी चुदवाऊं और पैसा कमाऊं!
वह बोली- ये तो बहुत अच्छी बात है. अगर तू भी मेरे साथ कमाएगी तो हम दोनों मिल कर खूब कमाएंगी!
मैंने कहा- लेकिन मैंने कभी गांड में लंड नहीं लिया, तो कैसे ले पाऊंगी?
वह बोली- अगर इसी बात का डर था तो मुझे पहले बता देती. मैं तुझे अभी उसी टाइम समझा देती कि कैसे क्या हो सकता है?
फिर उसने मुझे घोड़ी बनाया.
मैंने एक लोअर पहना था, तो उसने उसे नीचे किया और घुटनों तक खींच दिया, फिर उसे टांगों से अलग करके उतार ही दिया.
मेरी कसी हुई गांड देख कर मोनू ने कहा- तेरी बात बड़ी मुश्किल से बनेगी.
वह मेरी चूत में उंगली करने लगी.
मेरी चूत पहले ही मोनू की चुदाई देखकर पूरी गीली हो चुकी थी.
उसने कहा- अबे तेरी चूत तो पानी पानी हो रही है!
मैंने भी कहा- हां पानी क्यों नहीं छोड़ेगी … मैंने तेरी सारी चुदाई जो देख ली है.
वह हंस कर बोली- अरे वाह, छुपी रुस्तम निकली तू तो … कैसे देख रही थी?
मैंने उसे बताया.
कुछ देर बाद उसने क्रीम लगा कर मेरी चूत में पहले एक उंगली डाली, फिर दूसरी.
मुझे पता था, दो उंगलियां मेरी चूत आसानी से ले सकती हैं.
उसने काफी देर अपनी उंगलियों को अन्दर-बाहर किया.
मैं बहुत मजे से उसकी उंगलियों को अपनी चूत में ले रही थी.
चुत से पूरा पानी निकलवा कर जब मैं पूरी झड़ गई तो सच में मजा आ गया था.
उसके बाद उसने मेरी गांड के छेद को थोड़ा सा छुआ- क्या सच में तूने कभी गांड मरवाई नहीं है?
मैंने ना में सिर हिलाया.
उसने मेरी गांड में फिंगर डाली.
पहले तो एक उंगली लेने में ही थोड़ी मुश्किल लगी.
पर थोड़ी देर बाद अन्दर-बाहर करने से मेरी गांड थोड़ी सी खुल गई.
उसके बाद उसने दूसरी उंगली भी डाली, तो मेरी हल्की सी चीख निकली.
लेकिन वह रुकी नहीं.
वह मेरी गांड में थूक कर धीरे-धीरे अपनी उंगलियों को अन्दर-बाहर, अन्दर-बाहर करती रही.
काफी देर करने के बाद मुझे मजा आने लगा.
तो कोई पांच मिनट के बाद उसने तीसरी उंगली भी डाल दी.
अब मैं दर्द से कराह रही थी लेकिन मीठा मजा आ रहा था.
कुछ देर के बाद उसे किसी का कॉल आया तो मोनू सुनने लगी और कुछ देर बाद वह मेरे घर से चली गई.
उसके तीन दिन बाद मैंने शाम को मोनू को देखा, वह उस वक्त अपने हसबैंड के साथ कहीं जा रही थी.
मैंने सोचा कि अगर ये दोनों ही कुछ कर सकते हैं, तो मैं क्यों नहीं कर सकती? मैं क्यों तरसती रहूँ?
मैंने भी ऐसे ही नेट पर भी देखा.
अन्तर्वासना पर मैं एक स्टोरी पढ़ रही थी, तो मुझे एक सेक्स कहानी ऐसी मिली, जिसमें लड़की का नाम सिमरन था.
सिमरन से मैं जुड़ गई तो उसने मुझे बहुत लोगों से मिलवाया.
बाद में मेरी गांड-मेरी चूत में मुझे खुद ही नहीं मालूम कि कितनों के लंड चले गए और मैंने पैसा भी पता नहीं कितना कमा लिया. मेरे पास अब इतनी दौलत हो गई थी कि मैं अपना खुद का घर व गाड़ी भी ले सकती हूँ.
लेकिन मैंने नहीं लिया, क्योंकि अभी हसबैंड पर ही डिपेंड हूँ तो मैं खुद की कमाई को जाहिर नहीं करना चाहती हूँ.
तो मैंने यह सब सिमरन के माध्यम से कैसे किया, वह सुनिए.
जब मैंने चैट की, तो उन्होंने मुझे बात करने को बोला.
मैंने उनको बताया कि हां, मेरे हसबैंड ऐसे हैं. वह ऑटो का काम करते हैं.
सिमरन ने मुझे बहुत हौसला दिया, बोली- चलो, मैं आपकी कोई भी हेल्प करूँगी.
मैंने उनसे अपने शादी से पहले वाले सेक्स संबंधों की भी बात की.
मेरे पहले बॉयफ्रेंड थे, उसके बारे में सिमरन को बताया कि वे जितने भी लड़के थे, सब फ्री में चोदने वाले थे.
मतलब मुझसे मिले, खाया-पिया, मेरी मारी और चले गए.
किसी ने मुझे एक रुपया तक नहीं दिया.
अभी मेरी ये सिचुएशन हो गई है कि मेरी कोई भी चुदाई कर ले, लेकिन मुझे पैसे दे दे.
यह सब सुनकर वह बोली- चलो, मैं आपको पैसे वाले लड़के ढूँढकर बताती हूँ. अब आप यह बताओ कि आप कब फ्री हो सकती हो?
मैंने कह दिया कि मैं तो आज ही फ्री हूँ और लगभग रोज ही फ्री रहती हूँ.
उसने ओके कहा और मुझसे वीडियो कॉल पर बात करने के लिए कह दिया.
मैं रेडी हो गई और उसी समय वीडियो कॉल पर सिमरन से बात करने लगी.
सिमरन ने मुझसे नंगी होने के लिए कहा.
मैं पूरी नंगी हो गई थी.
उस वक्त मैंने एक भी कपड़ा नहीं पहना था.
उन्होंने मुझे अच्छे तरीके से हर एंगल से देखा.
उसके बाद सिमरन ने कहा- अपनी नंगी फोटो भेजो, जिसमें फेस न दिखे बस.
मैंने अपनी कुछ फोटोज भेज दीं.
उसके बाद सिमरन ने कहा- मैं शाम को कॉल करूँगी.
मैंने अपने कपड़े पहन लिए और अपना काम करने लगी.
करीब शाम के 6 बजे मुझे कॉल आया.
वह बोली- तुम्हारी फोटोज बहुत लोगों ने सिलेक्ट की है. बताओ, कहां पर मिलना चाहोगी?
मैंने भी बोला- मेरे घर में कोई नहीं होता. अगर यहां का कोई है मेरे पास का, तो बताओ!
उसने मुझसे एक नंबर शेयर किया और कहा- ये तेरे पास आ जाएगा. आज यह लड़का एक से दो घंटा रहेगा और दो बार चुदाई करेगा. बताओ तुम कितना पैसा लोगी?
मैंने उनसे बोल दिया कि मुझे तो पैसे की कोई बात ही नहीं मालूम है कि कितना लेना चाहिए. बस पैसा मिल जाए यही बहुत है.
सिमरन- मैं उस लड़के से बोल देती हूँ. वह जितना देगा … ले लेना.
मैंने ओक कह दिया.
सिमरन ने लड़के से मेरे मिलने का टाइम सैट कर दिया.
अगले दिन सुबह 11 बजे से एक घंटे तक मुझे उस लड़के के साथ रहना था और वह मुझे दो बार चोदने की बात कह रहा था.
मैंने भी हां बोल दिया.
मुझे पता था कि अगले दिन मेरी सास घर पर नहीं रहेगी.
उनको कहीं जाना है, तो वह भी शाम को ही आने वाली थी.
सारा दिन मैं घर में अकेली थी.
क्योंकि मोनू भी कहीं गई थी. नहीं तो मुझे डर था कि वह भी बिन बुलाए अन्दर आ जाती थी.
मैंने तब भी कॉल करके आने का कह दिया था.
अगले दिन सुबह कॉल आया.
सुबह 9 बजे सिमरन का फोन आया- हां, बताओ मिलना है न? वह लड़का फोन कर रहा है मुझे!
मैंने कहा- हां-हां दीदी, मैं मिलूँगी. बस आपने वह पैसों का कर लिया था न!
वह बोली- हां-हां, मैंने बात कर ली है. वह आएगा, तो खुद ही कर लेना. जितना भी होगा, ले लेना.
मैं बोली- ठीक है.
दोस्तो, मैं उस दिन पहली बार किसी गैर मर्द से पैसे के लिए चुदाई करवाने को राजी हुई थी.
आपको अगले भाग में विस्तार से लिखूँगी कि कैसे क्या हुआ था.
आप मुझे मेरी इस कॉल गर्ल सेक्स कहानी पर अपने कमेंट्स जरूर भेजें.
धन्यवाद.
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