Hot Lesbian Xxx Kahani – मौसी के गदराये जिस्म संग लेस्बियन सेक्स

Latest Hindi Sex Stories added for who looking to read Hot Lesbian Xxx Kahani – मौसी के गदराये जिस्म संग लेस्बियन सेक्स to make every night hot about Hot Lesbian Xxx Kahani – मौसी के गदराये जिस्म संग लेस्बियन सेक्स story.

Story Start Here :

हॉट लेस्बियन Xxx कहानी में मुझे मेरी दूर की मौसी मिली जो बहुत सेक्सी माल ठी. उनको देख मेरा मन उनके नंगे जिस्म से खेलने का हुआ. मैंने इसका मजा कैसे लिया?

यह कहानी सुनें.

hot-lesbian-xxx-kahani

दोस्तो, उम्मीद है कि आप सब स्वस्थ होंगे और मेरी इसके पहले की घटना
चचेरे भाई से खेतों में चूत मरवाई रात को https://www./family-sex-stories/xxx-gaon-sex-kahani/
को पढ़ चुके होंगे.

जैसा आप जानते है मेरा निक नाम सिल्की है … हालांकि ऑफिस में सब मुझे अंकिता के नाम से जानते हैं.

मेरी उम्र 27 साल की है और मैं हरियाणा से हूँ.
फिलहाल मैं गुड़गांव में जॉब करती हूं.
ज्यादातर मैं अपने घर से बाहर रही हूँ.

मैं दूध सी गोरी हूँ, जिस्म भरा हुआ और एकदम गदराया हुआ है.
मेरी चूचियां एकदम गोल हैं. मैं 34 इंच की ब्रा और 36 साइज़ की पैंटी मैं पहनती हूँ.

उस समय मेरी बुर (चूत) पर छोटे छोटे बाल ही उगे हुए थे.
मेरी दोनों जांघों में बीच उभरी हुई बुर संतरे की दो चिपकी हुई फांकों के जैसी हैं.
ये जो हॉट लेस्बियन Xxx कहानी सुना रही हूँ … वह सन 2023 के मार्च महीने की है.

मेरे ऑफिस में जोइनिंग के समय मुझे मालूम हुआ कि मेरी चचेरी मौसी दीपिका भी इसी कार्यालय में काम करती है.
उसकी उम्र 34 साल की रही होगी.
अब हम दोनों में घनिष्ठ संबंध हो गए और हम साथ में वक़्त बिताने लगी.

मुझे उसका गदराया बदन देख कर तड़प होने लगती थी.
वह ज्यादातर सलवार सूट पहन कर ऑफिस आती थी और उसके चुस्त सूट में उसका जिस्म का इतना मस्त व टाइट दिखता था कि मेरे मुँह में पानी आ जाता था.

हालांकि मैं साधारणतया एक लेस्बियन नहीं हूँ लेकिन मौसी की चूचियों और गांड के उभार से मेरा मन विचलित होने लगता था.
उसकी चूचियां एकदम तनी हुई आम जैसी रसीली थीं.

उठी हुई गांड की पहाड़ियों को तो कोई लड़का एक बार देख भर ले तो उसका लंड तुरंत खड़ा हो जाए.
कभी कभी मैं सोचती कि यदि मेरे पास लंड होता तो मैं सबसे पहले उसकी गांड में ही लंड पेल कर उसे चोद देती.

मेरा मन आहें भर कर रह जाता.

जून महीने एक रविवार शाम वह मेरे फ़्लैट पर आयी.
उस दिन उसने प्लाज़ो और कुर्ती डाल रखी थी.

उसका प्लाज़ो चूतड़ों पर इतना टाईट था कि सोफे पर बैठते ही उसकी टांगों के बीच में से फूली हुई बुर का आकार साफ दिखने लगा.

मैंने सोच लिया कि आज तो मौसी को नंगी करके इसकी गांड मार कर ही रहूंगी.
मैंने दीपिका को छेड़ना शुरू कर दिया.

उसने थोड़ी देर मना की, पर बाद में वह मुझसे खुल कर बात करने लगी.
उसने पैंटी नहीं पहन रखी थी. उसने मुझे बताया कि उसे नंगी रहना ज्यादा अच्छा लगता था, इसलिए वह पैंटी कभी नहीं पहनती थी.

उस दिन मुझे यह भी मालूम पड़ा कि दीपिका को भी अपनी बुर से खेलना अच्छा लगता है और वह चुत को रगड़ने के लिए नए नए तरीक़े आजमाती है.

दीपिका के पास दो फोन होते थे.
एक की-पैड वाला छोटा आकार का फ़ोन रखती थी.

उस दिन उसने अपने उस छोटे वाले फोन को कंडोम पहना कर अपनी बुर में डाल रखा था.

मैंने कारण पूछा तो उसने बताया कि वह उस छोटे फोन को बाइब्रेशन में लगा कर अपनी बुर में डाले रखती है और समय समय पर उस नंबर पर कॉल करके उसमें होने वाली बाइब्रेशन से बुर को रगड़ कर मजा लेती है.
मुझे उसका यह आइडिया बड़ा मस्त लगा.

मैंने भी दो दिन पहले अभी बड़ा रबर का बाइब्रेटर खरीदा था और उससे मैंने लगातार चार घंटे तक बिस्तर में नंगी लेट कर चुत के साथ हस्तमैथुन का सुख लिया था.

पर आज दीपिका का यह तरीका मुझे गजब लगा और उसे आजमाने का मन होने लगा.
मैंने तुरंत दीपिका को अपनी बांहों में भरते हुए कहा- यार मौसी मेरी जान, मुझे तो तुमको चोदने का मन हो रहा है. पर फिलहाल तुम अपना फ़ोन बुर से निकालो और मुझे दो. मुझे भी अपनी बुर में बाइब्रेशन करके देखना है.

इतना कहती हुई मैं दीपिका मौसी के गले और कान पर चाटने लगी.
उसके दोनों चूचों को मसलने लगी.

मौसी मदहोश हो रही थी.
मौसी ने सिसकारी भरी और अपना पलाज़ो नीचे सरका दिया.

जैसे ही मैंने उसकी गोरी चिकनी चुत को देखा तो उसी वक्त मेरा मन किया कि उसकी दोनों जांघों के बीच में अपना मुँह डाल दूँ और उसकी चुत को खा जाऊं.
मौसी ने अपनी बुर से कंडोम में पैक फोन को खींच कर बाहर निकाला.

मैं उस छोटे से चपटे लंड जैसे फोन को देख कर मस्त हो गई.

दीपिका मौसी ने इशारा किया कि मैं नंगी हो जाऊं.
मैंने जल्दी से अपना लोवर और पैंटी नीचे किया और टी-शर्ट को भी निकाल दिया.

मैं पूरी तरह से नंगी हो गयी.
मेरी बुर का छेद एकदम रसीला हो चुका था.
चुत से चिकना पानी टपकने लगा था.

मुझे उसके फ़ोन को अपनी बुर में डालने की इतनी जल्दी थी कि मैं उसी की चुत के रस से सने कंडोम के साथ उस मोबाइल को अपनी बुर में डालने लगी.

ये देख कर मौसी हंस दी और अपने हाथ से मेरी बुर को रगड़ कर उसे और गीली करने लगी.
उसके बाद उसने फ़ोन मेरी बुर में डाल दिया और खुद मेरे ऊपर चढ़ गई.

मेरे मुँह से जोर से आउच … आई.. निकला क्योंकि चार अंगुल जितनी साइज़ वाली मेरी चूत में आज तक लंड जैसा कुछ नहीं घुसा था.
अब तक मैंने यही जग जाहिर किया था कि मैंने अपनी उंगली को ही अपनी भोसड़ी में डाली थी.

मौसी ने कहा- सिल्की मेरी जान, तेरी बुर रांड के जैसी है क्या … इतना आसानी से फोन अन्दर घुस गया! तूने कितने लड़कों के लंड अपनी बुर में डलवाए हैं?
पर मौसी को क्या पता था कि मुझे फोन घुसड़वाने में थोड़ी दिक्कत हुई थी.

मैंने दर्द सहते हुए मौसी को साफ साफ बता दिया कि मैं लड़कों को मौका नहीं देती. अपने हाथ से बैगन या कभी कभी भुट्टे से खुद को चोद लेती हूँ और चरम पर आने पर अपनी चुत से रस की धार निकाल देती हूँ.
हालांकि मैंने उसे बाद में बताया था कि मैं एक बार अपने भाई मदन से चुद चुकी हूं.

मदन से चुदाई की बात सुन कर वह सन्न रह गयी.
मैंने उसकी तरफ सवालिया नजरों से देखते हुए मदन के नाम पर उसके मुँह पर आई रेखाओं के बारे में पूछा तो दीपिका मौसी ने बताया कि मदन से वह भी कई बार चुदी है.

मदन गांव से जब गुड़गांव आता था तो उसे दो तीन रात भरपूर चोदता था.

मौसी ने यह कह कर मेरे चूचों को इतनी जोर से मसला कि मेरी आंखें खुली रह गईं.

मौसी उसी के साथ साथ चुत में घुसे फ़ोन पर कॉल करके तरंग उत्पन्न करने लगी.
चुत में तरंग रुक रुक कर आ रही थी तो ये मेरे लिए एक नया अनुभव था.

दिल तो कर रहा था कि चार पांच छोटे छोटे फ़ोन एक साथ अपनी बुर और गांड में डाल कर कम्पन करती रहूं.
मौसी ने बोला कि अब तुम अपनी पैंटी पहन कर खड़ी हो जाओ और किचन में मैगी बनाओ.

मैं उसकी बात मान कर किचन में आ गई. मेरी चुत में मोबाइल घुसा हुआ था.
जब मैं काम कर रही थी तो मौसी फ़ोन को कम्पन कर देती, वह कभी कभी लगातार कम्पन करती तो मैं उचकने लगती.

मेरी बुर में इतनी ज्यादा गुदगुदी होती कि दिल तो करता मौसी के मुँह पर बुर रगड़ कर उसे रस चटाती हुई स्खलित हो जाऊं.
लेकिन आज मौसी के साथ नंगे बदन मज़ा करना था.

मैगी की प्लेट लाकर मैंने मौसी को पकड़ा दी और खुद उसकी गांड को हाथ से सहलाने लगी.

मैगी खाकर हम दोनों सोफे पर नंगे एक दूसरे की बुर को रगड़ रहे थे.

मैंने देखा कि मौसी की बुर का आकार बहुत बड़ा था.
एक बड़े समोसे जितना बड़ा आकार था उसका.

उसकी बुर का हिस्सा थोड़ा बाहर को भी निकला हुआ था.
इतनी खूबसूरत बुर मैंने सिर्फ फोटो में देखी थी.

मैंने मौसी को सोफे पर लिटा दिया.
फ़ोन को लगातार कम्पन करने के लिए कॉल पर कॉल लगाना शुरू कर दी.

मौसी की दोनों जांघों के बीच में मुँह डाला और अपनी जीभ को तेज तेज उनकी बुर में पेलने लगी.

अब जिस तेजी से मेरी बुर में कंपन होता, उतनी ही तेजी से मैं दीपिका मौसी की बुर को अपनी जीभ से चोदने लगती.
वह भी मेरा सर पकड़ कर अपनी बुर पर दबाती हुई कसमसा रही थी.

‘आहह उह …’ करती हुए मौसी बोली- चाट बहन की लवड़ी मेरी बुर को आह साली मेरी रांड … खा जा जीभ डाल कर अउच्च् … आह.. मादरचोद!
उसकी गालियों से मुझे और भी ज्यादा मजा आ रहा था.

मैं बहुत देर तक उसी अवस्था में लगी रही.
काफी देर के बाद हम दोनों झड़ने वाली थीं.

मैंने मौसी से कहा- चलो अब अपनी बुर आपस में चिपका कर रगड़ती हैं और उसी में झड़ जाती हैं.
वह राजी हो गई.

हम दोनों के मुँह से एक दूसरे के लिए गालियां निकल रही थीं और गंदी आवाजें निकालती हुई हम दोनों चुत रगड़ रही थीं.
मौसी ने कस कर अकड़ी और वह अपनी बुर मेरी बुर पर रगड़ती हुई झड़ गयी.

मैंने अपनी बुर से फ़ोन निकाल कर मौसी की बुर के छेद में डाल दिया और बाजार से खरीदा हुआ बाइब्रेटर अपनी बुर में डाल लिया.
अब मैंने मौसी को घोड़ी बनाया और उसकी गांड चोदने के लिए उसके पीछे से चिपक गई.

मैंने उसके मम्मे पकड़ लिए और गांड पर अपनी बुर रगड़ने लगी.
हमारे पास एक छोटा वाला बुलेट बाइब्रेटर भी था.

मौसी ने उसे थूक से गीला करके मेरी गांड के छेद में घुसा दिया.
आज तक मैंने अपनी गांड के छेद में कुछ नहीं डाला था.

मुझे थोड़ा दर्द तो हुआ लेकिन कुछ देर बाद मेरा मज़ा दोगुना हो गया था.
मेरी चूत और गांड दोनों कम्पन कर रही थीं.

बहुत दिनों बाद इतना चरम स्तरीय सुख मिल रहा था.
सच में क्या जिस्म था मौसी का, मक्खन की तरह चिकनी थी साली.

मौसी का गांड और मेरी जांघ आपस में चिपक कर चुदाई से भी ज्यादा लेस्बियन सेक्स का आनन्द मिल रहा था.
मैंने मौसी को वापस नीचे लेटाया और घोड़ी बन कर अपनी बुर उसके मुँह में लगा कर झड़ गयी.

मौसी मेरा रस पी गयी.
पर मेरे लिए अब इससे बड़ा काम था.

मौसी बोली- सिल्की तू नीचे फर्श पर लेट जा.
मैं जैसे ही लेटी, मौसी मेरे ऊपर खड़ी हो कर अपनी बुर में उंगली डाल उसे रगड़ने लगी.

कुछ ही देर बाद वह मेरे ऊपर झड़ने के साथ साथ मेरे मुँह से लेकर पैर तक मेरे चूचों और पेट पर सुसु करने लगी.
आह उसकी गर्म गर्म मूत की धार मुझे सिकाई का मजा दे रही थी.

उसके बाद हम दोनों ने एक साथ शॉवर लिया और उस दिन पूरी रात नंगी रह कर लेस्बियन सेक्स के मज़े लिए.
हम दोनों ने उसी दिन मदन से एक साथ चुदने का प्लान भी बना लिया.

थकान के बाद हम दोनों नंगी ही सो गईं लेकिन मेरी नींद करीब 2 बजे ही खुल गयी.
उस वक्त मौसम बारिश जैसा हो रहा था और उमस भरा हो गया था.

मैंने देखा कि मेरी मखमली मौसी एकदम नंगी सोई है.
उसकी चूचियों को सहला कर मैंने एक दूध को अपने मुँह में भर लिया और उसकी बुर को अपनी उंगली से रगड़ने लगी.

अपनी बुर पर हाथ लगते ही मौसी जग गयी और उसने मुझे अपने ऊपर खींच लिया.

वह मेरे मुँह में मुँह डाल कर मेरे होंठ और जीभ को चूसने लगी.
थोड़ी देर में बाहर तेज बारिश शुरू हो गयी.

मेरी रंडी दीपिका मौसी ने मुझसे छत पर चलने का इशारा किया.
हम दोनों नंगी ही छत पर आ गईं.

हल्की हल्की सी आने वाली रोशनी में उसका चमकता हुआ गदराया जिस्म और गेंद की तरह उछलती हुई चूचियां गजब दिख रही थीं, बड़ा ही मस्त नज़ारा था.
बारिश की गिरती बूंदें हमें और उत्तेजित कर रही थीं.

मैं अपनी चूचियां को मसलने लगी.
बुर से तो चिकना पानी टपक ही रहा था. पूरी जांघें चिकनी हो गई थीं.

मौसी को तभी कुछ मिल गया था.
उसके हाथ में एक प्लास्टिक वाली पानी की बोतल थी, जो पानी से भरी हुई थी.

छत पर तेज बारिश में मौसी ने मुझे लिटाया और उस बोतल को मेरी बुर (चूत) पर रख कर मेरे जिस्म से लिपट गयी.
वह मेरी पीठ को पकड़ कर मौसी अपनी बुर को रगड़ने लगी. बीच में बोतल थी तो उसी पर हम दोनों की बुर रगड़ रही थी.

सच में रिब वाली बोतल पर चुत रगड़ने से बहुत मज़ा आ रहा था.
इस समय आप में से कोई पास आ जाता तो अपनी बुर में आपका मुँह दबा कर अन्दर घुसा लेती.

ऐसा मस्त अहसास हो रहा था.

कुछ देर बाद हम दोनों को लगा कि चुत से रस निकलने वाला है.

तभी मेरी रांड दीपिका मौसी जो बहुत शरारती थी, वह नीचे से एक मोटा इंजेक्शन लायी और उसने अपनी बुर में उस इंजेक्शन को डाल कर अपना रस भर लिया.
फिर उसने मेरी बुर में अपना रस इंजेक्शन से डाल दिया.

वह बोली- मुझे अपने बच्चे की मां बनाना चाहती है, पर ये संभव नहीं है.

मैं कुछ देर के लिए डर गई.
मैंने तुरंत मौसी का मुँह पकड़ कर अपनी बुर से सटा दिया और उसके मुँह में सारा रस निकाल दिया.

बाद में ध्यान आया कि गर्भ तो मर्द के वीर्य से ठहरता है.
तो मुझे खुद पर हंसी आ गई.

उस तेज बारिश में हम दोनों एक दूसरे से लिपट कर बहुत देर तक लेटे रहे.
मौसी का नर्म मखमली होंठों को मैं लगातार चूस रही थी.

जिस्म की गर्माहट हम दोनों के अन्दर की आग को और बढ़ा रही थी.

थोड़ी देर बाद मैं दीपिका मौसी की चूचियों से अपनी बुर को रगड़ कर चोदने लगी.

हॉट लेस्बियन Xxx करके मेरे मुँह से बहुत मादक आवाज निकल रही थी.
मैं बार बार बोल रही थी कि आह मौसी काश तेरे पास लंड होता तो आज मैं अपनी बुर को फड़वा कर भोसड़ा बनवा लेती.

मेरे मुँह से इतना सुनते ही मौसी ने बोतल को ही मेरी बुर में पेलना शुरू कर दिया.
वह मुझे गालियां दे रही थी- मेरी जान तू मेरी रंडी है. अगर मेरे पास सच में लंड होता तो तुझे प्रेग्नेंट कर देती.

मौसी मुझे लगातार चोद रही थी.
कुछ देर बाद बारिश बन्द हो गई.

हम लोग नीचे कमरे में आ गए.
सुबह वह अपने घर चली गयी.

उसके बाद हम दोनों ने मदन से चुत चुदवाई और उसके अलावा दीपिका के मकान मालिक से भी मजा लिया क्योंकि वह उसका पुराना आशिक रह चुका था और उन दोनों ने बार बार चुदाई की थी.
खुले आसमान के नीचे अन्नामलाई के पहाड़ों पर हुई चुदाई की कहानी को मैं आने वाले दिनों में बताऊंगी.

आपको मेरी इस हॉट लेस्बियन Xxx कहानी में कितना मजा आया, प्लीज जरूर बताएं.
ankitadavee18@gmail