Latest Hindi Sex Stories added for who looking to read Sex Sex Sex Kahani – ट्रेन में कई लंड से चुदकर प्रेग्नेंट हुई to make every night hot about Sex Sex Sex Kahani – ट्रेन में कई लंड से चुदकर प्रेग्नेंट हुई story.
Story Start Here :
सेक्स सेक्स सेक्स कहानी में एक बार मैं ट्रेन से जॉब के लिए जा रही थी। मुझे नींद लगी और स्टेशन छूट गया। मैं एक अंधेरी रात में अनजान जगह उतरी और वहां से पेट में बच्चा लेकर लौटी!
यह कहानी सुनें.
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दोस्तो, मेरा नाम गौतमी (बदला हुआ) है।
मैं 28 साल की जवान शादीशुदा लड़की हूँ.
सेक्स करना मुझे अच्छा लगता है.
मेरी शादी को 2 साल हो गये हैं लेकिन मेरे पति का लंड छोटा होने के कारण मेरे गर्भ नहीं ठहर रहा था.
मैं अंतर्वासना पर अपनी सेक्स कहानी बताने जा रही हूं।
आशा है आपको यह सेक्स सेक्स सेक्स कहानी पढ़कर मजा आएगा।
दोस्तो, मैं एक साधारण फिगर वाली लड़की हूं।
मेरी शादी हो चुकी है लेकिन मेरे पड़ोस में रहने वाली टीना मेरी परेशानी का कारण थी।
उसके बूब्स मेरे से बहुत ज्यादा मोटे और बड़े थे।
उसकी गांड इतनी मस्त और भारी थी कि मैं भी देखती रह जाती थी।
टीना की गांड को देखते कई बार मैं अपने पति को रंगे हाथ पकड़ चुकी थी।
मैं बहुत बेचैन हो जाती थी उसे देखकर!
मैंने टीना से पूछा कि उसने बूब्स और गांड को इतना बड़ा कैसे किया तो वो मुझे कुछ नहीं बताती थी।
फिर ऐसे ही दिन गुजरते गए।
मैं भी चाहती थी कि मेरे बूब्स भी टीना की तरह मोटे और बड़े हो जाएं।
एक बार की बात है कि मैं जॉब के सिलसिले में गांव जा रही थी।
ट्रेन में मैं अकेली सफर कर रही थी।
मुझे काफी नींद भी आ रही थी।
3 घंटे की यात्रा थी तो मैं सो गई।
जब मेरी आंख खुली तो पता चला मैं अपने स्टेशन से बहुत आगे आ चुकी थी।
फिर मैं आगे आने वाले स्टेशन पर तुरंत उतर गई।
अंधेरा हो चुका था।
मुझे नहीं पता था कि मैं कहां आ पहुंची हूं।
फिर पास ही एक आदमी खड़ा था जो मुझे घूर रहा था।
मुझे पेशाब लगा था इसलिए मैं लेडीज टॉयलेट में घुस गई।
रात का अंधेरा था और वहां पर कोई भी नहीं था।
जब मैं पेशाब कर रही थी तो लगा कि कोई पीछे है।
मैंने उठकर देखा तो कोई दिखाई नहीं दिया।
फिर मैं उठकर बाहर आने लगी तो किसी ने मुझे पीछे से दबोच लिया और मेरी सलवार खोलकर मेरी गांड के छेद को सहलाते हुए अपना लंड उस पर टिका दिया।
इससे पहले कि मैं कुछ कर पाती उसका हाथ मेरे मुंह पर आ गया और उसने जोर के धक्के के साथ अपना लंड अंदर घुसेड़ दिया।
धक्का इतना तेज था कि आधा लंड मेरी गांड के छोटे से छेद को फाड़ता हुआ अंदर जा घुसा।
मैं दर्द के मारे चिल्लाई लेकिन आवाज उसके हाथ के नीचे ही दबी रह गई।
वो मुझे वहीं पर चोदने लगा।
कुछ देर बहुत दर्द हुआ लेकिन फिर मुझे मजा आने लगा और मैं उसका साथ देने लगी।
उसने मेरी गांड से लंड निकाल कर फिर मेरी चूत में दे दिया और चोदने लगा।
मैं बहुत मजे से चुद रही थी पहली बार चुदाई में ऐसा मजा आ रहा था।
एक तो अंधेरा था और रात का टाइम था।
अनजान पराये मर्द से चुदाई में इतना मजा मिलता है मुझे पहली बार पता चल रहा था।
मेरी चूत अब पानी छोड़ रही थी।
करीब आधे घंटे तक उसने मुझे चोदा और फिर मेरी चूत में पानी छोड़ दिया।
फिर वो वहां से चला गया।
मैं गीले कपड़ों में वहां से बाहर आई।
मैंने बाहर आकर देखा तो एक अंकल थे।
मैंने मोबाइल जलाकर अंकल को दिया और उनसे मदद करने को कहा ताकि मैं अपने गीले कपड़े बदल सकूं।
मैं अंकल से थोड़ा दूर होकर कपड़े बदलने लगी।
वहां पर काफी अंधेरा था तो अंकल को कुछ दिख नहीं रहा था।
मैं कपड़े बदल ही रही थी कि अंकल ने मुझे आकर पकड़ लिया।
मैं छुड़ाने लगी तो अंकल ने मेरे हाथ पकड़ लिए।
अंकल ने पहले से ही अपना लंड निकाल लिया था।
उसने मुझे वहीं पर लेटाया और मेरी टांगें फैलाकर उनके बीच में लेट गए।
अंकल का लंड मेरी चूत में लगने लगा।
फिर हाथ से पकड़ कर अंकल ने लंड को चूत के निशाने पर लगाया और धक्का देकर मेरी चूत में लंड डाल दिया।
अंकल मुझे चोदने लगे।
मैं कुछ देर पहले ही चुदकर आई थी इसलिए मेरी चूत अभी भी गर्म थी।
मैं भी अंकल का साथ देने लगी।
अंकल ने दस मिनट तक मेरी चूत चोदी और फिर खाली होकर उठ गए।
वो जल्दी से वहां से निकल गए।
इतने में दो आदमी टॉर्च मारते हुए मेरी तरफ आते दिखे।
मैंने देखा कि अंकल गायब हो चुके थे और कहीं नहीं दिख रहे थे।
इतने में वो आदमी मेरे पास आ पहुंचे।
वो आकर पूछने लगे कि क्या मामला है, यहां क्या कर रही हो?
फिर मैंने उनको सारी कहानी बताई।
वो दोनों मेरे नंगे बदन को घूर रहे थे।
इससे पहले मैं कुछ कहती उन्होंने मेरे नंग बदन को सहलाना शुरू कर दिया।
गर्म तो मैं पहले से ही थी तो मैं भी उनका साथ देने लगी।
वो दोनों जल्दी से नंगे होने लगे।
फिर एक ने कहा, यहां तो कोई देख लेगा इसको उस खंडहर में ले चलते हैं जहां कोई नहीं आता।
वे लोग मुझे एक सुनसान सी जगह पर ले गये।
वो एक पुराना सा घर था जो टूटा फूटा पड़ा था लेकिन छत और दीवारें थीं।
फिर अंदर ले जाकर वो मुझ पर बुरी तरह से टूट पड़े।
मेरे बदन से खेलने लगे।
वो दोनों नंगे हो चुके थे।
मैंने देखा कि उनके लंड बहुत मोटे थे।
मैं समझ चुकी थी कि आज रात पूरी चुदाई की रात होने वाली है।
आज मेरी चूत का काम तमाम होकर ही रहेगा।
फिर एक ने मुझे आगे से पकड़ लिया और एक ने पीछे से पकड़ लिया।
पीछे वाले ने लंड सीधा मेरी गांड में डाल दिया और आगे वाले ने मेरे बूब्स को दबोचना शुरू कर दिया।
मुझे मजा आने लगा।
पीछे से गांड में लंड जा रहा था और आगे से मेरे बूब्स दबाए जा रहे थे जिससे मैं मदहोश हुई जा रही थी।
मुझे बहुत अच्छा लग रहा था।
कुछ ही देर में मेरे बूब्स से दूध निकलने लगा।
मैं पागल सी होती जा रही थी।
अब तक मैं चार बार झड़ चुकी थी।
आगे वाला आदमी लगातार मेरा दूध पी रहा था।
फिर उन्होंने मुझे वहीं जमीन पर गिरा लिया।
एक मेरे पीछे आ गया और दूसरा आगे।
पीछे वाले ने गांड में लंड डाल दिया और आगे वाले ने मेरी टांग उठाकर मेरी चूत में लंड पेल दिया।
मैं दो-दो लौड़ों से चुदने लगी।
मैं उन दोनों के बीच में ऐसी हो गई थी जैसे सैंडविच के बीच में आलू की टिक्की।
दोनों तरफ से मैं मर्दों से घिरी थी।
मेरे बदन का रोम-रोम खड़ा हो गया था।
इतना मजा मुझे कभी नहीं आया था।
उन दोनों ने चोद चोदकर कई बार मेरा पानी निकाला और मैं जैसे बेहोशी की हालत में पहुंच गई।
पता नहीं कब मैं नींद में चली गई।
मैं पूरी रात वहीं पर नंगी पड़ी रही।
फिर सुबह के 4 बजे मेरी आंख खुली।
मैं पूरी नंगी पड़ी थी और मेरे कपड़े वहीं पास में बिखरे पड़े थे।
वहां पर कोई नहीं था।
मैं दूसरे कपड़े बदल कर स्टेशन पहुंची।
इतने में ही मेरी ट्रेन आ गई।
मुझे टिकट भी लेने का मौका नहीं मिला।
मैं ट्रेन में चढ़ गई।
लेकिन अब मुझे बहुत डर लग रहा था क्योंकि मेरे पास टिकट नहीं था।
बार-बार मुझे यही चिंता हो रही थी कि कहीं टीटी न आ जाए!
मेरा डर हकीकत बन गया।
कुछ देर में टीटी वहां आ पहुंचा।
वो बोला या तो अगले स्टेशन पर उतर जाना या फिर टिकट का पूरा पैसा दो।
मेरे पास पैसे नहीं थे।
मैंने टीटी को रिक्वेस्ट किया कि मेरे पास पैसे नहीं हैं।
मैंने उसको कहा कि मुझे माफ कर दे, मैं पैसे नहीं दे पाऊंगी।
फिर उसने मुझे डिब्बे के एक साइड आने का इशारा किया।
मैं वहां गई तो उसने धीरे से इशारा किया कि मुझे तुम्हारी नीचे वाली चाहिए है, मैं फिर कुछ नहीं करूंगा।
मेरे पास कोई रास्ता नहीं था।
मैंने हां में सिर हिला दिया।
उसने मुझे साथ आने को कहा।
मैं उसके पीछे-पीछे चल दी।
वो मुझे एक फर्स्ट क्लास एसी कोच में ले गया जहां पर उसका केबिन था।
हम दोनों अंदर चले गए।
उसने केबिन का दरवाजा बंद किया और जाते ही उसने मुझे बांहों में भर लिया और मुझे चूमने लगा।
मैं भी उसका साथ देने लगी।
उसने मेरा हाथ पकड़ा और पैंट की चेन पर रखवा दिया।
उसका लंड खड़ा हो चुका था।
मैं उसके लंड को सहलाने लगी।
फिर उसने जल्दी से अपनी पैंट की चेन खोली और लंड निकाल लिया।
उसका काला लौड़ा काफी लम्बा-मोटा था।
फिर उसने मुझे सीट पर बैठाया और लंड मुंह में लेने का इशारा किया।
मैं उसका लंड मुंह में नहीं लेना चाहती थी लेकिन मैं मना भी नहीं कर सकती थी क्योंकि इस वक्त मैं उस टीटी की दया पर ही ट्रेन में रह सकती थी।
इसलिए मैंने न चाहते हुए भी उसका लंड मुंह में लिया और चूसने लगी।
उसका लंड काफी मोटा था और लम्बा होने के कारण गले में लग रहा था।
काफी देर तक मैं उसका लंड चूसती रही।
इस दौरान वो लगातार कपड़ों के ऊपर से ही मेरे बूब्स को दबाता जा रहा था।
अब उससे रहा नहीं जा रहा था क्योंकि उसका लंड बहुत ज्यादा टाइट हो गया था।
फिर उसने मुझे वहीं सीट पर लेटाया और सलवार निकलवा दी।
मेरे सूट को उसने ऊपर करवा दिया और साथ में ब्रा भी ऊपर करवा दी।
मेरे बूब्स नंगे हो गए और उन पर उसने मुंह लगाकर पीना शुरू कर दिया।
वो जोर-जोर से मेरे बूब्स को भींचता हुआ उनको मुंह लगाकर पी रहा था।
कुछ देर बाद उसने जल्दी से पैंट खोलकर नीचे की और मेरे ऊपर लेट गया।
मेरी चूत पर लंड लगाकर उसने धक्का दिया तो उसका लंड मेरी दुखती चूत में धंस गया।
मेरी चूत पहले से ही चुद चुदकर एकदम फटी पड़ी थी।
वो चोदने लगा तो चूत में जलन होने लगी।
मुझे बहुत दर्द हो रहा था लेकिन कोई और चारा भी नहीं था।
इसलिए मैं चुपचाप उसके नीचे लेटी हुई चुदने लगी।
वो कभी मेरे गालों को चूमता तो कभी होंठों को चूसने लगता।
कुछ देर में मुझे थोड़ी राहत मिलने लगी और मैं थोड़ा मजा लेने लगी।
ट्रेन लगातार दौड़ती जा रही थी और उसी स्पीड में उसका पिस्टन मेरी चूत में सटासट अंदर-बाहर हो रहा था।
अब मुझे मजा आने लगा था।
मैं भी गांड हिला हिलाकर उसका साथ दे रही थी।
वो जोर से मेरे बूब्स को भींच रहा था।
एक के बाद एक मैं पांचवां लंड चूत में ले रही थी।
करीबन 15-20 मिनट उसने मेरी चूत को रौंदा और फिर अपना माल मेरी चूत में निकाल दिया।
दो मिनट तक वो टीटी मेरे ऊपर पड़ा रहा।
फिर जल्दी से उठकर उसने अपनी पैंट पहनी और मुझे कुछ देर बाद आने का कहकर बाहर निकल गया।
मैंने पांच मिनट इंतजार किया और फिर उसके केबिन से मैं बाहर आ गई।
मैंने देखा तो वो कहीं पर भी नहीं था।
सेक्स सेक्स सेक्स कर कर के फिर मैं अपना स्टेशन आने पर उतर गई।
कुछ दिनों के बाद मैं पेट से हो गई।
मुझे नहीं पता था कि ये बच्चा किसका है क्योंकि मैं कई मर्दों से उस दिन एकसाथ चुदकर आई थी।
फिर एक रात को मैंने पति से जमकर चुदाई करवाई।
पति से मैंने कहा कि गोली खाकर चोदे।
उस दिन मेरे पति ने मुझे तीन बार चोदा।
मुझे पति से चुदते हुए ट्रेन की चुदाई वाली घटना याद आ गई।
बहुत दिनों बाद मेरे पति ने जबरदस्त चुदाई की।
फिर हम सो गए।
उसके कुछ दिन बाद मैंने कह दिया कि मैं प्रेग्नेंट हूं।
मेरी बात सुनकर घर में सब खुश हो गए।
मेरे पास यही एक तरीका था बच्चे को छुपाने का।
अब मेरे बूब्स और गांड भी बड़े हो गए हैं।
मेरे पति अब मुझे देखकर खुश हो जाते हैं।
मैं भी अब खुश रहती हूं क्योंकि अब मेरे पति टीना को कभी नहीं देखते हैं।
दोस्तो, ये थी मेरी आपबीती कहानी।
आपको मेरी चुदाई की कहानी कैसी लगी?
मुझे जरूर बताना।
मैं आप सबके मैसेज का इंतजार करूंगी।
मैं अपनी और भी कहानियां आपको सुनाना चाहती हूं।
अगर आप मेरी और भी कहानियां जानना चाहते हैं तो मुझे जरूर बताएं।
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