Latest Hindi Sex Stories added for who looking to read Bhabi Sex Kahani – नींद में जेठ जी का लंड पकड़ लिया to make every night hot about Bhabi Sex Kahani – नींद में जेठ जी का लंड पकड़ लिया story.
Story Start Here :
भाबी सेक्स कहानी में मेरे एक रिश्तेदार, जो मेरे जेठ लगते थे और उम्र से 45 साल से ऊपर की थी, वे एक रात मेरे साथ अकेले थे घर में. हम दोनों एक ही बेड पर सोये थे.
दोस्तो, मेरा नाम सनाया उर्फ सन्नो है. आप मुझे और मेरे बदन को जानते ही होंगे.
आज मैं आपको भाबी सेक्स कहानी में अपनी एक सच्ची घटना बताने जा रही हूँ जिसको साझा करने में मुझे एक महीने से ज्यादा सोचने में लग गया कि साझा करूँ या न करूँ … क्योंकि इसमें कुछ अलग है.
मेरी शादी को कुछ साल हो चुके थे और मेरी कोख अभी भी खाली थी.
मेरी प्लानिंग पहले जल्दी मां बनने की नहीं थी.
फिर जब प्लानिंग की, तब हसबैंड ने उस पर रबड़ फेर दी … मतलब अब बच्चा पैदा करना उनके बस का खेल नहीं रहा.
मैंने चेकअप कराया तो स्मोकिंग सामने आई.
इधर मैं आपसे भी अनुरोध करती हूँ कि स्मोकिंग ना करें या कम से कम करें.
मेरे हसबैंड हद से ज्यादा सिगरेट फूंकते हैं और हुक्का लगाते हैं, जिस वजह से उनके स्पर्म का काउंट कम हो गया था.
इसी के चलते हम दोनों को बच्चे न होने की समस्या सामने आ गई थी.
मैं उनके बच्चे की मां नहीं बन पा रही थी.
मुझे कोख भरना जरूरी था.
मैंने हसबैंड को सब कुछ बताते हुए अपनी बात कही.
फिर बड़ी मुश्किल में बात आईवीएफ पर आ गई थी.
मैं रंगीन मिजाज बाजी वाली लड़की हूँ और मुझे मर्दों की कमी कभी नहीं रही थी.
मेरे पतिदेव तो आईवीएफ के लिए राजी हो गए थे लेकिन मेरे दिमाग में सीधे किसी लौड़े से चुदवा कर मां बनने का कीड़ा चलने लगा था.
मेरे प्रिय साथियो, अब मैं आती हूँ अपनी रंगीन मिजाजी पर.
उन दिनों हमारे कुटुंब में एक गमी हो गई थी.
शहर से थोड़ी ही दूर हमारा गांव था.
उधर हमारे चाचा ताऊ के घर थे.
उनके घर में मेरे हसबैंड से बड़े भाई रहते थे जो कि रिश्ते में मेरे जेठ लगते थे.
वे भी उस गमी में अफसोस जाहिर करने अमेरिका से आए थे लेकिन जब उन्होंने भारत की गर्मी को झेला तो गांव जाने का इरादा बदल दिया.
उनकी उम्र 46 वर्ष जरूर थी लेकिन दिखने में वे बड़े ही हृष्ट-पुष्ट मर्द दिखाई देते थे.
यूं सामने से देखने में उनकी अच्छी हेल्थ व पावर समझ में आती थी.
चूंकि वे अमेरिका से आकर मेरे घर पर ही रुके थे.
सुबह सुबह मैंने उनको योगा करते देखा था.
चूंकि वे अमेरिका की आबोहवा में रहने के आदी हो गए थे तो गांव में रहना पसंद नहीं करते थे.
उनका बचपन और जवानी का समय अमेरिका के वातावरण में ही निकला था तो कुछ ज्यादा ही हाइजेनिक हो गए थे.
मैं भी गांव जाना कम पसंद करती थी.
इसलिए मेरे हसबैंड मुझे और जेठ जी को घर छोड़कर अकेले ही गांव चले गए थे.
कुछ दिनों की बात थी … और रिश्ते में वे मेरे जेठ लगते थे तो पतिदेव को कोई हर्ज नहीं दिखा.
जेठ जी की उम्र मेरे पति से ज्यादा जरूर थी, पर वे कूल और फ्रेंक थे.
यह मुझे मेरे हसबैंड से मालूम हुआ था क्योंकि उन्होंने भी एक दिन उनके साथ रहकर देख लिया था.
उस दिन मेरे हसबैंड गांव जा चुके थे.
मैं जेठ जी को ‘भाईसाब’ कहती थी.
पहला दिन हम दोनों का अच्छा गया.
हमारे रूम अलग-अलग थे, लेकिन हम दोनों टीवी साथ में देख रहे थे.
मैंने करीब साढ़े ग्यारह बजे हसबैंड से वीडियो कॉल की.
उस वक्त मेरे साथ जेठ जी भी थे तो हम दोनों टीवी के सामने थे और हसबैंड से वीडियो कॉल में वे भी शामिल हुए.
वीडियो कॉल के बाद जेठ जी अपने कमरे में चले गए और मैं अपने कमरे में आकर सो गई.
मेरे जेठ जी का शरीर अच्छा व तंदरुस्त था और शायद उनका सामान भी बड़ा था, ऐसा मेरी कमीन नजरों ने भांप लिया था.
हालांकि उनका पेट भी जरा बाहर निकला था, लेकिन वे मोटू नहीं थे.
जब हम लोग बैठ कर टीवी देख रहे थे, तब वे मुझे बता रहे थे- हमारे यहां लड़कियां शॉर्ट्स में घूमती हैं. वहां घूंघट वगैरह नहीं चलता.
अब मैं तो पहले से ही फ्रेंक थी तो मैं भी उनके मुताबिक बात करने लगी.
वे मेरे रहन-सहन पर कुछ गलत नहीं कहते थे.
अगले दिन सुबह मैं उठी तो मैंने देखा कि उनके द्वारा चाय और नाश्ता भी तैयार हो चुका था.
मैंने उनसे कहा- अरे भाई साब, आप मुझे आवाज लगा देते मैं बना देती.
वे हंस कर बोले- तो क्या हुआ … मैं यह सब करता रहता हूँ तो मुझे कुछ भी दिक्कत नहीं हुई. आओ तुम भी चाय नाश्ता ले लो … मैंने तुम्हारे लिए भी बनाया है और टेस्ट करके बताओ कि मैं कैसा कुक हूँ!
अब मैंने उनके साथ वह सब चाय नाश्ता आदि किया.
फिर बात करने लगे.
टाइम निकलते-निकलते देर कहां लगती है तो जल्दी ही करीब ग्यारह बज गए.
मैं कॉमन बाथरूम में जाकर नहाने लगी थी.
मैं जल्दी जल्दी में अन्दर से डोर लॉक करना भूल गई थी और उस वक्त पूरी नंगी थी.
जेठ जी को सुसु लगी थी तो सुसू करने बाथरूम में आ रहे थे.
चूंकि गेट की कुंडी नहीं लगी थी तो उन्होंने दरवाजा धक्का देकर खोल दिया.
मैं नंगी थी और शॉवर से पानी ले रही थी.
उन्होंने मेरा सब कुछ देख लिया था.
मैं ‘अरे-अरे’ बोली और वे ‘सॉरी-सॉरी’ बोल कर वापस बाहर चले गए.
मैंने जल्दी से गेट बंद किया और अपना बदन तौलिया से पौंछ कर कपड़े पहन लिए.
मैं बाथरूम से शर्माती हुई बाहर आई तो वे वहां नहीं थे.
मैं अपने कमरे में चली गई.
अब मैंने अपने कपड़े सही से पहने और उनको आवाज लगाई- भाई साब, अब आप बाथरूम में जा सकते हैं!
मेरी आवाज सुन कर जेठ जी पुनः बोले- अभी के लिए सॉरी मैं बहुत शर्मिंदा हूँ सन्नो!
यह कहते हुए वे बाथरूम में चले गए.
मैं कुछ सोचती हुई उस घटना को याद कर रही थी.
उस वक्त जब जेठ जी ने बाथरूम का दरवाजा खोला था तब मैं अपनी चुत में उंगली कर रही थी और फव्वारे के पानी से चुत को साफ कर रही थी.
तभी बाथरूम में पानी गिरने की आवाज आने लगी तो मैं समझ गई कि वे भी नहाने लगे हैं.
मुझे नहीं मालूम था कि उनके पास टॉवल नहीं है.
दरअसल उन्हें अमेरिका की याद रही कि उधर बाथरूम में सब सामान उपलब्ध रहता है.
तो वे वैसे ही चले गए थे.
नहाने के बाद उन्हें तौलिया नहीं मिली तो वे बिना कपड़ों के ही बाहर निकल आए.
उस समय मैं किचन में जा रही थी.
उन्होंने मुझे देखा तो झट से सामने रखी एक टॉवल के पास आ गए.
इतने में मैंने उनको और उनके लंबे हिलते हुए लंड को देख लिया था.
शायद वे मेरे नंगे मम्मों को देख कर कुछ कामुक हो गए होंगे इसलिए उनका लंड आधा खड़ा दिख रहा था.
मैंने फिर से देखा कि उनका लंड फूला-फूला था और नीचे घड़ी के पेंडुलम के जैसे झूल रहा था.
अब मैंने उनसे कहा- अरे ये आप क्या कर रहे हो? मुझसे कह देते …
मैं आगे बढ़ी और उन्हें वह टॉवल उठा कर पकड़ा दी.
उन्होंने कहा- मुझे लगा तुम कपड़े पहन रही होगी, इसलिए मैंने तुम्हें परेशान नहीं करना चाहा. कोई बात नहीं, अब सब भूल जाओ.
मैंने हूँ कहा और वापस किचन में आकर खाना तैयार करने लगी.
कुछ देर बाद खाना हुआ और उसके कुछ टाइम बाद हम दोनों फिर से टीवी के सामने बैठ कर टीवी देखने लगे.
भाईसाब और मैं अपना टाइम काट रहे थे.
कुछ देर बाद मैं पॉपकॉर्न ले आई और खाने लगी.
वे बोले- अरे सनाया, इधर लाओ … मुझे भी खिलाओ न!
मैं- हां लो न भाई साब!
फिर वे बोले- अरे इधर को आ कर बैठ जाओ न!
मैं उनके बाजू में बैठ गई.
उस वक्त मैंने बड़े गले वाली टी-शर्ट पहन रखी थी और अन्दर ब्रा भी नहीं पहनी थी क्योंकि मुझे गर्मी लग रही थी.
हालांकि वे मुझ पर नजर तो नहीं डाल रहे थे लेकिन मेरे 34 इंच के मम्मे मेरी टी-शर्ट में से अलग से उठ कर दिख रहे थे.
मेरी चूचियों के निप्पल भी साफ-साफ दिख रहे थे.
जेठ जी पॉपकॉर्न खा रहे थे और मैं उन्हें देखती हुई मस्ती ले रही थी.
तभी मुझे नीचे एक कॉकरोच दिख गया.
मैं- भाई साब, सामने कॉकरोच है … मैं उससे डरती हूँ … प्लीज आप कुछ करो न!
मैंने अपने पैर ऊपर कर लिए.
कुछ टाइम बाद वे बोले- एक काम कर सनाया, तुम अपने पैर मेरे पैरों पर रख दो.
मैं- अरे नहीं, आप बड़े हैं मैं ऐसा कैसे कर सकती हूँ!
जेठ जी बोले- अरे ये बड़े छोटे क्या हुआ … पगली!
फिर उन्होंने खुद अपने हाथों से मेरे पैर पकड़ कर अपने पैरों पर रख दिए.
वे कुछ ज्यादा ही फ्रेंक थे.
उनके खींचने से मैं थोड़ी आगे को खिसक आई थी तो उस वक्त मेरे दोनों मम्मे उछल गए थे और उन्होंने वह सीन देख लिया था.
वे बिना किसी हिचक के बोले- अरे तू सपोर्टर क्यों नहीं पहनती है? पहना कर … सही रहता है देखो, तुम्हारे ब्रेस्ट उछल रहे हैं. बाद में ये तुझे प्रॉब्लम दे देंगे!
मैं उनकी बात सुनकर बोली- हां सॉरी भाईसाब, वह आज गर्मी थी इसलिए मैंने ब्रा निकाल दी थी.
ये बात जरा ज्यादा ही खुली खुली सी हो गई थीं तो मैं थोड़ा अजीब सा महसूस कर रही थी.
अब जेठ जी फिर से मुझसे बातें करने लगे और मैं भी उनसे बातें करते-करते पॉपकॉर्न एन्जॉय करने लगी थी.
सामने मूवी चल रही थी.
मेरे पैर जेठ जी की गोदी में थे.
फिर वे मुझसे बोलने लगे- चलो, अब मैं सोने जा रहा हूँ.
वे मेरे पैर सोफ़े पर रख कर कमरे में चले गए.
मैं भी उठ कर अपने रूम में चली गई.
उनके रूम का फैन चल नहीं रहा था.
तो उन्होंने मेरे हसबैंड को कॉल करके बताया- मेरे कमरे का फैन खराब हो गया. बिना फैन के मुझे नींद नहीं आएगी!
कुछ देर बाद मेरे हसबैंड का मेरे पास कॉल आया- तुम हाल में सो जाओ, भैया हमारे रूम में सो जाएंगे.
मैंने कहा- नहीं यार.
हसबैंड बोले- ओके तुम बेड के नीचे सो जाना, भैया बेड पर सो जाएंगे.
मैंने ओके कह दिया और जेठ जी को बुलाया.
उस वक्त मैं हाफ मैक्सी में थी, मेरे घुटने दिख रहे थे.
वे बोले- माफ करना सनाया यार, मेरा फैन नहीं चल रहा है तो मुझे छोटू को फोन करना पड़ा.
वे मेरे हसबैंड से छोटू बोलते थे.
मैं- अरे कोई नहीं भाई साब … आप आ जाओ और बेड पर सो जाओ, मैं नीचे सो जाऊंगी.
इस पर वे बोले- अरे तू नहीं, मैं नीचे सो जाता हूँ.
मैंने कहा- नहीं, मैं नीचे सो जाऊंगी.
वे बोले- चलो एक काम करते हैं. मैं बेड के एक साइड सो जा रहा हूँ, एक साइड तुम सो जाओ.
मैंने कहा- हां ठीक है.
वे बोले- वैसे भी छोटू बोल रहा था कि मैं रात में आ जाऊंगा तो मैं गेट ओपन कर दूँगा और मैं फिर हाल में सो जाऊंगा और तुम दोनों यहीं सो जाना.
ये घर में पहली बार हुआ था कि मैं गैर-मर्द के साथ सो रही थी.
वे अपने बरमूडा में थे और ऊपर कुछ नहीं पहने हुए थे.
वे बेड पर एक तरफ लेट गए.
मैं दूसरी तरफ लेट गई.
वे मुझसे बातें करने लगे और मेरे हसबैंड की बताने लगे- मैंने अभी छोटू से बात की थी.
मैंने कहा- आप उनको मत कहना कि हम लोग एक ही बेड पर सो गए थे क्योंकि वे आपके जैसे फ्रेंक नहीं हैं.
जेठ जी कहने लगे- अच्छा, इतना बड़ा चूतिया है!
मुझे हंसी आ गई.
फिर वे बोले- ठीक है, मैं नहीं बोलूँगा.
मैं बोली- ठीक है.
फिर वे मेरी ही तरफ मुँह करके लेट गए.
कुछ देर बाद मैं टॉयलेट चली गई.
बाथरूम में गलती से मेरी पैंटी गीली हो गई थी तो मैं पैंटी चेंज करने का सोचने लगी और मैंने वह गीली पैंटी वहीं उतार दी और वापस आ गई.
मैंने देखा कि दूसरी वाली पैंटी तो भाई साब के सर के ऊपर वाली दराज में रखी है.
मैंने पैंटी पहनने का विचार त्याग दिया.
अब मैं नंगी ही दूसरी तरफ करवट लेकर लेट गई.
वे अभी सोए नहीं थे तो मेरी हलचल सुनकर जाग गए और मुझसे बातें करने लगे.
कुछ देर बाद वे बोले- ओके सनाया … गुड नाइट.
मैं भी गुड नाइट कह कर सो गई.
सभी मर्दों की तरह उनका भी रात में टाइट हुआ होगा.
मैं इस सब से अंजान थी कि रात में कुछ और भी हो सकता है.
पता नहीं … मैं उस वक्त गहरी नींद में थी और उनकी तरफ करवट लेकर सो गई थी.
नींद में मैंने अपने बाजू में पति के होने की गलती से जेठ जी के ऊपर पैर रख दिया और अपने एक हाथ से उनके लंड को पकड़ लिया.
शायद ये मेरी सबसे बड़ी गलती थी.
उनका लंड शायद उस समय आजाद था, इसलिए वह सीधा मेरे हाथ में आ गया.
मुझे इस सबका बिल्कुल भी अहसास नहीं था कि पति की जगह कोई और सोया है.
मैं नींद में ही बोली- बेटू, आप कब आ गए?
उनकी आवाज आई- सो जाओ बेटू!
मैं करवट बदल कर वैसे ही नींद में सोने लगी थी.
जेठ जी का लंड मैंने छोड़ दिया था.
अगले ही पल जेठ जी ने मुझे पकड़ कर मेरी करवट बदल दी और मैंने भी हसबैंड का अहसास करती हुई करवट बदल ली.
जेठ जी ने अपने लंड को चूत की दरार में रख दिया और मैं अपनी चुत में उनके लौड़े के चिकने रसभरे टोपे का अहसास करने लगी.
उन्होंने अपने हाथों से मेरे हाथों को पकड़ा और एक झटका दे दिया.
उनके झटके से मोटा लंड मेरी चुत में आधा अन्दर घुस गया और लंड के अहसास से मेरी नींद पूरी तरह से खुल गई.
दोस्तो, मैं अपने जेठ जी का लंड अपनी चुत में लेकर एकदम से अवाक रह गई थी.
उसके बाद क्या हुआ, यह मैं अपनी सेक्स कहानी के अगले भाग में लिखूँगी.
आप मुझे कमेंट्स करके जरूर बताएं कि आपको मेरी इस भाबी सेक्स कहानी में कितना मजा आ रहा है.
आपकी सनाया
raajputsanaya@gmail
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