Latest Hindi Sex Stories added for who looking to read Desi Chachi Hot Kahani – घर पर अकेली चाची को जबरदस्त चोदा to make every night hot about Desi Chachi Hot Kahani – घर पर अकेली चाची को जबरदस्त चोदा story.
Story Start Here :
देसी चाची हॉट कहानी में मेरी 40 साल की चाची मस्त माल है. मैं उसे चोदने के ख्याल से मुठ मारता था और उसके नंगे बदन को देखने की ताक में रहता था.
नमस्ते दोस्तो, मेरा नाम सोनू है (बदला हुआ नाम)।
यह कहानी मेरे और मेरी सगी चाची के बीच हुई चुदाई के बारे में है।
मेरी चाची का नाम अदिति है।
तो बिना किसी देरी किए देसी चाची हॉट कहानी पर चलते हैं।
मेरी चाची एक सुंदर और थोड़ी बड़ी उम्र की औरत हैं।
उनकी उम्र लगभग 40 साल के करीब होगी, लेकिन उनका फिगर अच्छे-अच्छों को मुट्ठी मारने पर मजबूर कर देता है।
मैं भी उनके बारे में सोचकर बहुत मुट्ठी मारता हूँ और हमेशा उन्हें चोदने की फिराक में रहता हूँ। उनका फिगर लगभग 32-30-38 के करीब होगा।
लेकिन घर में इतने लोगों के कारण कभी मौका ही नहीं मिला।
उनके दो लड़के भी हैं, जो कि दोनों ही बहुत शैतान हैं।
मैं उनके बच्चों से अकेले में खुद को ‘पापा’ बुलवाया करता था।
एक बार चाची ने मुझे यह करते हुए देख लिया और वह मुझे जहरीली निगाहों से देख रही थीं।
लेकिन मुझे लगा कि चाची हँस भी रही थीं।
मुझे बहुत बुरा लगा था दोस्तो।
मुझे उस रात नींद नहीं आई और मैं पूरी रात सोचता रहा कि चाची मेरे बारे में क्या सोच रही होंगी!
लगभग 3-4 दिन तक मैं चाची से नजर नहीं मिला पाया।
फिर लगभग एक हफ्ते बाद मैंने चाची को नल पर नहाते हुए देखा।
मैं छत पर से उन्हें देख मुट्ठी मार रहा था, तभी वह पलटीं और मुझे ऐसा लगा कि चाची ने मुझे देख लिया था और वह नहाते वक्त हँस रही थीं।
फिर उन्होंने अपना पेटीकोट भी खोल दिया.
उन्होंने पिंक कलर की पैंटी पहनी हुई थी।
मुझे पता नहीं क्यों ऐसा लग रहा था कि चाची ने मुझे देख लिया है और उन्होंने इसीलिए अपना पेटीकोट उतार दिया।
दोस्तो, हम गांव के रहने वाले हैं, हमारे यहाँ बाथरूम नहीं होता। यहाँ औरतें अक्सर साड़ी को किनारों से बांधकर नहाया करती हैं।
मैंने चाची के फुटबॉल जैसे दूध देखे और उनकी गांड़… आहहहा!
क्या मजेदार गांड थी!
अगर मुझे चोदने का मौका मिलता तो मैं तो उनकी गांड को चाटता ही रहता।
पर अफसोस, मुझे कहाँ यह मौका मिलेगा।
मैंने उस रात कम से कम 5 बार मुट्ठी मारी।
मानो मैंने मुट्ठी मार-मार कर लौड़े की नसें ही तोड़ दी हों।
अब मैं चाची को चोदना चाहता था, अपना 7 इंच का मोटा लौड़ा उनकी चूत और गांड़ में देना चाहता था।
मानो मैंने ठान लिया था कि अब चाची को चोदना ही है।
फिर लगभग 3 दिन बाद मेरे नाना का फोन आया कि मेरी मौसी की शादी है।
फिर क्या था, मेरे पापा, मेरी मम्मी और मेरा छोटा भाई नानी के घर जाने के लिए तैयार होने लगे।
मैं मन ही मन खुश होने लगा कि अब चाची को चोदने का मौका मिलेगा।
पर तभी मेरे पापा कहने लगे, “तू भी चल, तू यहाँ क्या करेगा?”
वो तो मेरे स्कूल में पेपर चल रहे थे, तो मैंने बहाना बना दिया, “पापा, मेरे स्कूल में फाइनल ईयर के एग्जाम्स चल रहे हैं। अगर मैंने यह एग्जाम्स नहीं दिए तो मैं इस साल फेल हो जाऊंगा। आप लोग जाइए, मैं शादी वाले दिन आ जाऊंगा।”
मैं इतना बोला ही था कि चाची बोल पड़ीं, “भाई साहब, आप सोनू की चिंता मत करो। सोनू हमारी तरफ रह लेगा।”
तभी चाचा भी बोल पड़े, “हां, तुम सोनू को हमारे भरोसे छोड़ जाओ।”
तभी चाची के दोनों बच्चे जिद करने लगे, “ताऊ-ताई, हम भी आपके साथ चलेंगे!”
मुझे ऐसा लग रहा था कि चाची ने बच्चों को कुछ सिखा दिया हो।
फिर मेरे पापा बोले, “तुम लोग शैतानी बहुत करते हो, इसीलिए हम तुम्हें नहीं लेके जाएंगे।”
चाची के लड़के बोले, “नहीं ताऊ-ताई, हम शैतानी नहीं करेंगे!”
पापा बोले, “ठीक है, तो अपनी मम्मी से बोलकर अपने कपड़े पैक करवा लो और तैयार हो जाओ। हम आधे घंटे में यहाँ से निकलेंगे।”
मैंने चाची के चेहरे पर एक अलग ही चमक देखी।
मैंने चाची को इतना खुश कभी नहीं देखा था।
चाची ने 15 मिनट में ही बच्चों को तैयार कर दिया और कपड़े भी पैक कर दिए।
फिर मैं पापा और सबको स्टेशन पर छोड़ आया।
मुझे आते-आते लगभग रात हो चुकी थी।
जैसे ही मैं घर आया तो घर का दरवाजा बंद था।
आज मेरे चाचा जी की नाइट शिफ्ट थी।
जब मैंने चाची को आवाज देकर दरवाजा खुलवाया, तो मेरे पैरों तले जमीन खिसक गई!
चाची ने ब्लैक कलर की प्रिंटेड ब्रा और प्लेन पिंक कलर का पेटीकोट पहन रखा था।
मैं उन्हें इस हाल में देख कर शॉक हो गया और उनसे मुँह फेर कर जाने लगा।
तभी वह बोलीं, “भोसड़ीके सोनू, कहाँ जा रहा है? अपनी चाची को चोद दे!”
मैं बोला, “चाची, आप यह क्या बोल रही हैं? कहीं आप पागल तो नहीं हो गई हो?”
चाची बोलीं, “हां, हो गई हूँ तेरे प्यार में!”
मैं बोला, “आप मेरी चाची हैं, यह बात आप पर अच्छी नहीं लग रही है।”
चाची बोलीं, “तब तुझे तेरी चाची याद नहीं आई, जब छत पे खड़ा होकर मेरी गांड देखते हुए मुट्ठी मार रहा था!”
मैं एकदम से शॉक हो गया।
मैंने पूछा, “चाची, आपने देख लिया था क्या मुझे?”
चाची बोलीं, “हां! तभी मैंने अपना पेटीकोट और पैंटी उतार कर तुझे अपनी यह रसीली गांड दिखाई थी!”
मैंने बिना देरी किए चाची को बेड वाले कमरे में ले गया और ले जाते ही उनके होंठों को कसकर चूम लिया।
वे भी मेरा पूरा साथ दे रही थीं।
मैंने बिना देरी किए उनका पेटीकोट उतार कर फेंक दिया।
उन्होंने पैंटी नहीं पहनी थी, मानो वह मुझसे चुदने के लिए पहले से ही तैयार हों।
मैंने उनकी गांड में अपना मुँह दे दिया और लगभग 15 मिनट तक उनकी गांड चाटता रहा।
फिर मैं नंगा होकर अपना मोटा लौड़ा उनके मुँह में दे दिया।
उनकी आवाज भी नहीं निकल रही थी।
वह ‘क्वाक… क्वाक… क्वाक’ कर रही थीं।
मैंने फटाक से अपना लौड़ा निकाल कर उनकी गांव की चुत पर रखा और एक धक्का मारा!
धक्का मारते ही मेरा लौड़ा आधा उनकी चूत में घुस गया।
वे बोलीं, “भोसड़ी के, आराम से! कहीं भागी थोड़ी जा रही हूँ, पूरी रात पड़ी है। आराम से चोद, जल्दी किस बात की है!”
मैंने कई धक्के मारे, पर मेरा लौड़ा उनकी चूत में पूरा घुस ही नहीं रहा था।
लगभग 15-20 धक्के के बाद वे रोने लगीं।
वे बोलीं, “भोसड़ीके बाहर निकाल, वरना मैं मर जाऊंगी…!”
मैंने अपना लौड़ा बाहर निकाला और मेरा पूरा लौड़ा खू.न में तर था।
उनकी चूत से खून बह रहा था।
वे छटपटाने लगीं और लगभग 15 मिनट बाद जाकर उन्हें कुछ आराम मिला।
फिर वे बोलीं, “बेड की डेस्क में वेसलीन रखी होगी, उसे अपने लौड़े और मेरी चूत पर लगा, फिर चोद!”
मैं बड़ा खुश हो गया और फटाक से वेसलीन लगा कर पूरी जान से धक्का मारा।
इस बार मेरा लौड़ा सटाक से अंदर घुस गया और उन्हें ज्यादा दर्द भी नहीं हुआ।
मैंने लगभग 15 मिनट तक लगातार चोदा।
देसी चाची हॉट के पसीने छूट गए।
वे बोलीं, “अब रहने दे बस… मेरे बाप अब रहने दे, नहीं तो मर जाऊंगी!”
मैं बोला, “चुप बहन की लोड़ी! फालतू का शोर मचा रही है!”
वे बिल्कुल चुप हो गई।
मैंने उनसे पूछा कि कोई सेक्स क्रीम रखी है क्या?
वे बोलीं, “आज तो तू मेरी जान लेके ही मानेगा! देख उस डेस्क में रखी है ‘टाइगर क्रीम’, तेरे चाचा लगा के पेलते हैं मुझे। पर उनका ज्यादा लंबा नहीं है तो ज्यादा फर्क नहीं पड़ता, पर तू तो मुझे मार डालेगा इसको लगाने के बाद!”
मैंने क्रीम अपने लौड़े पर लगाई और थोड़ी उसकी चूत पर लगाई और काम फिर से चालू कर दिया।
उनका तीन बार पानी निकल गया।
अब मैंने उनसे उनकी गांड में डालने को बोला।
वे उठ कर भागने लगीं।
मैंने उन्हें पकड़ कर बेड पर लिटा दिया और उनकी गांड में वेसलीन लगाई और घुसा दिया! उनकी चीख निकल गई और वह बहुत जोर-जोर से चिल्लाने लगीं… मानो वह मुझसे माफी की भीभीख माँग रही हों।
मुझे उनकी गांड के टाइट छेद में घुसाने में बहुत आनंद आ रहा था।
लगभग 15 मिनट उनकी गांड मारने के बाद चाची को भी मजा आने लगा।
फिर कुछ देर बाद वह बोलीं, “भोसड़ी के, अपने हथियार को निकाल ले! अब क्या मेरी गांड़ का गुड़गांव बनाएगा क्या???”
अब मैंने अपना लौड़ा निकाल कर उनकी चूत में घुसा दिया।
अब तो उन्हें भी मजा आ रहा था और वे बोलीं, “और जोर से कर… आह आह आह आह…!”
लगभग 30 मिनट और करने के बाद मैंने बोला, “मैं फिर से झड़ने वाला हूँ।”
वे बोलीं, “भोसड़ी के, अंदर ही निकाल दे पूरा का पूरा माल!”
मैंने माल उनके अंदर ही निकाल दिया।
मैं चाची के ऊपर ही गिर गया।
हम दोनों बहुत थक गए थे।
हम में उठकर खाना खाने की भी शक्ति नहीं बची थी, हम दोनों नंगे ही सो गए।
मैं चाची की गांड को तकिया बनाकर सो गया।
सुबह उठते ही हमने एक राउंड और निकाला।
इस बार मैंने अपना माल चाची के मुँह में निकाला।
फिर हमने तब तक खूब चुदाई की जब तक मम्मी-पापा घर नहीं आए और चाचा बाहर रहते थे।
अब जब भी हमें मौका मिलता है, तब-तब हम दबा कर सेक्स करते हैं।
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