Bhabhi Pregnancy Sex Kahani – प्यारी पड़ोसन को मातृत्व का सुख दिया

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भाभी प्रेगनेंसी सेक्स कहानी में मेरे पड़ोस की एक सेक्सी भाभी माँ नहीं बन पा रही थी. मैं उसे चोदना चाहता था. उनसे मैंने दोस्ती कर ली. एक दिन उसका पति मेरे पास आया.

दोस्तो, मैं मन्नू शर्मा अन्तर्वासना का एक नियमित पाठक हूँ.

मेरे पड़ोस में किराये से एक शादीशुदा युवती रहने आई, जिसका नाम सुमन है. उसके पति का नाम कौशल है.

यह भाभी प्रेगनेंसी सेक्स कहानी उसी सुमन की है.

उन दोनों की शादी को 6 साल हो गए थे मगर युवती का पति उसे मां बनने का सुख नहीं दे पा रहा था.

शुरू-शुरू में उनसे मेरी कोई बातचीत नहीं होती थी लेकिन कुछ ही दिनों में उनके व्यवहार को देखकर हम दोनों के परिवार काफी करीब आ गए थे.

बातों-ही-बातों में पता चला कि बचपन की गलत आदतों के कारण कौशल के शुक्राणु कमज़ोर थे इसलिए सुमन मां नहीं बन पा रही थी.

वैसे सुमन 24 साल की गोरी-चिट्टी मस्त भाभी थी, उसकी फिगर का साइज़ 32-30-34 के लगभग का था.
उसके दूध एकदम गोल गेंद जैसे एकदम भरे-भरे रसीले थे.
उन्हें देखकर ही पकड़ कर चूसने का मन करता था.

मेरा सुमन को चोदने का बहुत दिल करता था मगर व्यवहार की वजह से कुछ बोल नहीं पाता था.

वह जब भी मेरे घर आती तो मैं चोर निगाहों से उसके चूचों को घूरता रहता.
ऐसे ही करीब 8 महीने निकल गए.

फिर एक दिन कौशल मेरे पास आया.
उस दिन मैं घर पर अकेला था … मेरी पत्नी पीहर गई हुई थी.

कौशल ने ब.च्चा न होने की परेशानी मुझे बताई और कहा कि इस वजह से हम दोनों काफी दुखी रहते हैं.

मैंने उसे IVF की सुविधा के बारे में बताया तो वह बोला- हमारे पास इतने पैसे भी नहीं हैं कि IVF से बच्चा पैदा करवा लें.
उसकी बात सही थी क्योंकि उस विधि में काफी खर्चा आता है.

मैंने उससे कहा- तो किसी ऐसे विश्वसनीय आदमी से अपनी पत्नी का रिलेशन बनवा लो, जो किसी को भी न बताए.
वह बोला- ये बात तो मैंने और सुमन ने पहले ही सोच ली थी, तभी तो आपके पास आया हूँ. आजकल भाभी जी भी यहां नहीं हैं … तो प्लीज आप मेरी बात समझो.

उसके मुँह से यह सुनकर मैं शॉक हो गया और सोचने लगा कि ये तो पूरी तैयारी के साथ आया है.
मैं उससे बोला- नहीं, मैं ये नहीं कर सकता. मैं अपनी पत्नी को धोखा नहीं दे सकता.

अब मुझे क्या पता था कि मेरे ये दोनों ही आए थे और सुमन साइड में खड़ी होकर हमारी बातें सुन रही थी.

मेरे ऐसे मना करने पर वह मेरे पास आकर हाथ जोड़कर विनती करती हुई बोली- भैया, हम बस आप पर ही विश्वास करते हैं, इसलिए ये डिसीजन करके ही आपके पास आए हैं. यदि और किसी से कर सकते तो आपसे नहीं कहते.
भाभी प्रेगनेंसी सेक्स को स्वीकार करते हुए मैं बोला- ठीक है … मगर ये बात मेरी पत्नी को पता नहीं चलनी चाहिए.

कुछ देर इधर उधर की बात करने के बाद कौशल अपनी पत्नी सुमन को मेरे पास छोड़कर चला गया.

उसके जाने के बाद मैंने सुमन को गौर से देखा.
उसने ब्लैक कलर की साड़ी पहन रखी थी जिससे उसका सफेद मक्खन जैसा पेट चमक रहा था.

वह मुझे देख कर मुस्कुराने लगी तो मैंने उसका हाथ पकड़ कर अपने पास बिठाया.

फिर मैं बोला- सुमन, मैं तो तुम्हें कब से चोदना चाहता था. जैसे ही तुम्हें और तुम्हारे इन चूचों को पहली बार देखा, बस तब से ही तुम्हें चोदने की इच्छा मन में थी.
वह सर झुका कर बोली- हां मैंने देखा है कि आप मेरे इन आमों को ललचाई नजरों से देखते हैं.

उसके ऐसा बोलते ही मैंने अपने होंठ उसके होंठों पर रख दिए और उन्हें चूसने लगा.
सुमन कसमसाई मगर जल्द ही मेरे साथ सहयोग करने लगी.

मैं उसके रस भरे होंठों को अपने होंठों में दबा-दबाकर चूसने लगा.
वह भी मेरा साथ देने लगी और अपने होंठों से मेरे होंठों को खाने लगी.

बहुत देर तक मैं उसके होंठों का रसपान करता रहा.
इस दौरान मैं उसकी पीठ को एक हाथ से सहलाता रहा और दूसरे हाथ से उसके चूचों को सहलाता रहा.

फिर मैंने उसे अपनी बांहों में लेकर उसकी गर्दन की बाजू में और कान के पास चूमने लगा.
सुमन भी मेरे चूमने का जवाब मुझे चूम-चूमकर देने लगी.

फिर मैंने उसे खड़ी कर दिया और उसकी साड़ी उतार दी.
वह ब्लाउज पेटोकोट में मुझसे चुदने खड़ी है … यह सोच कर मैं उन्मत्त सांड सा उसके ऊपर चढ़ गया और उसके ब्लाउज के ऊपर से उसे चूमने लगा, उसके चूचों को दबाने लगा.

बदले में वह भी मेरे लंड को मेरे लोअर के ऊपर से दबाने लगी.

मेरा लंड पकड़ते ही सुमन बोली- भैया, आपका लंड तो काफी बड़ा है!
मैं बोला- चिंता मत करो, तुम्हें कुछ नहीं होगा … बल्कि आज मैं बहुत प्यार से तुम्हारी चूत का बाजा बजाऊंगा.

ऐसा बोलकर मैंने धीरे-धीरे उसका ब्लाउज उतार दिया.

उसने अपने चूचों को ब्लैक कलर की ब्रा में छुपा रखा था.
उसके दूधिया चूचों को काली ब्रा में कसा देखकर मैं पागल हो गया और ब्रा के ऊपर से उसके दूध मसलने लगा.

जैसे ही मैं सुमन के चूचों को मसलने लगा, वह जोर-जोर से ‘उह … उह … आह … आह.’ करने लगी और मेरे होंठों को चूसते हुए उन्हें खाने की कोशिश करने लगी.

मैंने भी देर न करते हुए उसके चूचों को ब्रा से आज़ाद कर दिया और उसकी चूचियों के भूरे निप्पलों को निहारने लगा.

सुमन ‘मेरी जान’ बोलती हुई अपनी चूची के एक निप्पल को अपनी दो उंगलियों में पकड़ कर मेरे होंठों के बीच देने लगी.
मैं भी उसके निप्पल को होंठों से दबाकर चूसने लगा.

मैंने बारी-बारी से उसके दोनों चूचों को दबा-दबाकर खूब चूसा और सुमन भी अपने हाथों से अपने चूचों को पकड़ कर मुझसे अपने चूचे चुसवाने लगी.
मैं उसके निप्पल को पकड़ कर खींचता, तो वह मस्ती भरी सिसकारियां भरती हुई ‘आह … आह्ह्ह … उन्न्ह्ह’ करने लगती.

मैं भी मदहोश हो कर उसके रसभरे चूचों को चूसने में लगा हुआ था.
वह सरगोशी करती हुई बोली- चूसने के लिए और जगह से भी रस टपकता है!

यह सुनकर मेरी मदहोशी टूटी और मैंने धीरे से अपना हाथ नीचे ले जाकर उसके पेटीकोट का नाड़ा खींचा.
उसका नाड़ा ढीला होकर एक ही झटके में खुल गया और मैंने पेटीकोट को खोल कर अलग कर दिया.

वह उस वक्त खड़ी थी तो उसका पेटीकोट स्वतः ही नीचे गिर गया.
पेटीकोट के गिरते ही वह पूरी नंगी हो गई.
उसने नीचे चड्डी नहीं पहन रखी थी.

शायद चुदवाने की जल्दी में चड्डी पहनना ठीक नहीं समझा था.
खैर, मुझे उससे क्या … मैं सुमन के मस्त रस भरे चूचों को चूसते हुए अपने हाथ से उसकी चूत को टटोला.

जैसे ही मैंने उसकी सफाचट चुत पर अपना हाथ लगा दिया.
दो उंगलियों से चुत की पुत्तियों को मसला तो वह पूरी तरह से गीली होकर रसभरी हो रही थी.

मैंने कहा- ये तो टपक रही है!
वह बोली- हां, रस छोड़ रही है जानू!

फिर मैंने उसे बेड पर लिटा दिया और उसकी टांगों को चौड़ा कर दिया.
उसकी मखमली चूत मेरे सामने थी.
चूंकि मुझे चूत चूसना बहुत पसंद है … भले वह किसी की भी हो.

मैंने जीभ से सुमन की चूत का रस चाटा तो वह सिहर गई और मेरे बाल पकड़ कर ऊँह ऊँह करने लगी.
मैंने हमला जारी रखते हुए उसकी चुत के दाने को अपने होंठों के बीच में लिया और खींच कर चूसने लगा.

दाना खिंचते ही वह एकदम से उछल पड़ी और मेरे मुँह को अपनी चूत पर दबाने लगी.
मैं चूत चूसने में एकदम उस्ताद हूँ तो जोर-जोर से उसकी चूत पर जीभ चलाकर चूसने-चाटने लगा.

वह जोर-जोर से अपने मुँह से ‘आह … उह … उह … आई …’ कहती हुई कराहने लगी.
थोड़ी ही देर में उसकी चूत का पानी छूट गया, जो सारा मेरे मुँह में आ गया.

मैंने सारा रस चाट लिया और चुत को चाट चाट कर वापस गर्म कर दिया.

अब मैंने अपने कपड़े उतारे और 69 की स्टाइल में होकर वापस उसकी चूत को चूसने लगा.
मस्ती के चलते उसने भी मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया.

मैं उसकी चूत को चूसता रहा और वह मज़े ले-लेकर मेरा लंड चूसने लगी.

वह मेरे लंड को ऐसे चूस रही थी जैसे बरसों से प्यासी हो.

काफी देर से फ़ोरप्ले चल रहा था, इस कारण से मेरे लंड ने पानी छोड़ दिया.
वह वीर्य को पूरा गटक गई.

उसके बाद सुमन ने मुझे लिटाया और वापस मेरा लंड मुँह में लेकर चूसने लगी.

उसकी मस्ती भरी लंड चूसने की अदा से थोड़ी ही देर में मेरा लंड खड़ा हो गया.

सुमन की चूत लंड लेने के लिए इतनी उतावली थी कि जैसे ही मेरा लंड पुनः खड़ा हुआ, वह उसे अपनी चूत पर सैट करके उस पर बैठ गई और मेरा पूरा लंड उसकी चूत के अन्दर घुस गया.
सुमन ने अपने दांत दबाते हुए पूरा लंड अन्दर ले लिया, फिर वह धीरे-धीरे लंड पर कूदने लगी.

थोड़ी देर में मेरा लौड़ा उसकी चूत में आराम से अन्दर-बाहर होने लगा.
वह अपने चूतड़ों को मेरे लंड पर जोर-जोर से पटक रही थी.

मैं उसके चूचों को मसल रहा था.
उसको पूरी मस्ती चढ़ी हुई थी.

वह मस्ती में मेरे होंठों को चूमती जाती, अपने चूचों को पकड़कर मुझे चुसाती.
मैं भी एक बच्चे की तरह उसके दोनों दूध बारी बारी से चूसता.

वह बड़बड़ाती हुई बोलती- ओह … ओह … आई भैया … मुझे अपने बच्चे की मां बना दो … देखिए न आपका लौड़ा मेरी चूत को ठोक रहा है … आई भैया!

फिर मुझे लगा उसकी स्पीड थोड़ी कम हो गई,.
तो मैंने उसे नीचे लिटाकर उसके चूतड़ों के नीचे तकिया रखा और उसकी चूत को थोड़ा ऊपर उठा दिया.

फिर सुमन के पैरों को अपने कंधों पर रखकर उसकी चूत में अपना लंड एक ही झटके में घुसा दिया और उसे चोदने लगा.

वह आह कहती हुई मेरे पुट्ठों को पकड़ कर अपनी चूत पर मारने लगी.
पूरे कमरे में फच-फच की आवाजें आ रही थीं.

शायद उसकी चूत हल्का-हल्का पानी छोड़ रही थी.
मैंने उसके चूचों को पकड़ कर उसे चोदना जारी रखा.

सुमन ‘ओह भैया … ओह भैया … आई … मैं गई भैया.’ कहती हुई अकड़ने लगी.
उसने मुझे अपनी बांहों में कसकर जकड़ लिया और जोर-जोर से सिसकारियां भरने लगी.

चूंकि मेरा पानी नहीं छूटा था, तो मैं और तेज़ जोर-जोर से उसे चोदने लगा.
सुमन झड़ने के बाद भी अपनी टांगों को हवा में उठाकर चुदवा रही थी और जोर-जोर से और चोदने के लिए मुझे उकसा रही थी.

मैं भी अपनी पूरी ताकत लगाकर सुमन को चोद रहा था.
मैं भी अब झड़ने वाला था.

तभी सुमन ने दोबारा मुझे कसके जकड़ लिया और जोर-जोर से चिल्लाने लगी.
उसकी चूत दोबारा पानी छोड़ने को हो रही थी.

मैं भी जोर-जोर से चोदते हुए उसकी चूत की गहराइयों में झड़ने लगा.

मेरे लंड के पानी से सुमन की चूत भलभला कर बहने लगी.

हम दोनों एक-दूसरे को बांहों में जकड़े हुए सिसकारियां भर रहे थे.

सुमन मुझे निहारती हुई मेरे होंठों को चूसने लगी.
फिर हम दोनों उठे और बाथरूम में साथ नहाए.

नहाते हुए मैंने बाथरूम में फिर दोबारा घोड़ी बनाकर सुमन की चुदाई की.
नहाकर बाहर निकलने के बाद सुमन ने मुझे चाय बनाकर पिलाई और खुद ने भी पी.

वह मुझे धन्यवाद देती हुई बोली- भैया, मैं आपकी हमेशा कर्जदार रहूँगी!
मैं बोला- नहीं, ऐसी कोई बात नहीं है … और ये मेरे साथ ऐसा पहली बार नहीं है पहले भी मैं अपनी नौकरानी को मां बनने का सुख दे चुका हूँ.

सुमन चुदने के बाद अपने घर चली गई.

जब तक मेरी पत्नी नहीं आई, तब तक मैंने अपने घर पर ही सुमन की खूब चुदाई की और मेरी पत्नी के वापस आने के बाद जैसे भी मौका मिलता, मैं सुमन की चुदाई करता रहता.
वह भी ख़ुशी ख़ुशी ब.च्चे के लिए सेक्स करती मेरे साथ.
लगभग 2 महीने बाद उसने मुझे बताया कि वह एक महीने के गर्भ से है.

मैं बहुत खुश हुआ.
उसके बाद वह ठीक 8 महीने बाद एक प्यारी सी गुड़िया की मां बनी.

तो दोस्तो, इस प्रकार मैंने अपनी पड़ोसन की चुदाई की.
इस भाभी प्रेगनेंसी सेक्स कहानी के बारे में आप लोगों की क्या राय है, जरूर बताएं.
sharmamannu542@yahoo