Gujarati Bhabhi Sex Kahani – ऑनलाइन सैट हुई भाभी को होटल में चोदा

Latest Hindi Sex Stories added for who looking to read Gujarati Bhabhi Sex Kahani – ऑनलाइन सैट हुई भाभी को होटल में चोदा to make every night hot about Gujarati Bhabhi Sex Kahani – ऑनलाइन सैट हुई भाभी को होटल में चोदा story.

Story Start Here :

गुजरती भाभी सेक्स कहानी में ऑनलाइन गेम खेलते समय एक लड़की से दोस्ती हुई. हम बातें करने लगे. उसके आगरा में जॉब करते थे और बाहर की लड़कियों में रूचि रखते थे.

दोस्तो, मेरा नाम आयुष है.
मैं दिल्ली में रहता हूँ और एक अच्छी फैमिली से बिलॉन्ग करता हूँ.

मेरी उम्र अभी 24 साल है.

ये गुजरती भाभी सेक्स कहानी आज से 2 साल पहले की है, जब मेरे कॉलेज खत्म हुए थे और मुझे ग्रेटर नोएडा में एक कंपनी में जॉब लग गई थी … यह जॉब एक ट्रेनी के तौर पर लगी थी.

मैं वहां अपने फ्लैट में अकेले रहता था.
घर आकर बहुत बोर हो जाता था.
इसलिए मैंने एक ऑनलाइन गेम डाउनलोड किया, जहां ऑनलाइन फ्रेंड्स के साथ गेम खेलकर टाइम पास हो जाता था.

फिर एक दिन ऐसे ही मुझे वहां एक लड़की मिली.
गेम खेलते-खेलते उसने मुझे फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी, मैंने तुरंत एक्सेप्ट कर ली.

बस, फिर शुरू हो गई हमारी रोज़ की गेमिंग और धीरे-धीरे बहुत अच्छी दोस्ती हो गई!

एक हफ्ते बाद मैंने उसकी इंस्टा आईडी मांगी और रिक्वेस्ट सेंड की.
उसने एक्सेप्ट कर ली और हमारी बातें इंस्टाग्राम पर होने लगीं.

बातों-बातों में उसने बताया कि उसका नाम पारूल है.
वह गुजरात में अपने 5 साल के बच्चे के साथ रहती है.
लेकिन उसके हसबैंड उत्तर प्रदेश के आगरा में ही एक कंपनी में जॉब करते हैं.

धीरे-धीरे एक महीना हो गया.
वह मुझे अपनी पिक्स भेजती, चेहरा छुपाकर.
मैं भी उसे ज़्यादा फ़ोर्स नहीं करता था.

एक दिन उसने अपनी एक फोटो भेजी.
उसकी मांग में सिंदूर, गले में मंगलसूत्र था और वह साड़ी में थी … बिल्कुल एक संस्कारी हाउसवाइफ लग रही थी.
उसे देखकर मेरा मन बहक गया.

उसका फिगर 34-32-36 के आसपास का रहा होगा … एकदम मेंटेन फिगर था … वह ऐसे दिख रही थी मानो कोई भोजपुरी हीरोइन हो.

फिर वह मुझे पिक्स भेजती रही, मैं उसकी तारीफ करता रहा.

ऐसे ही 2 महीने बीत गए.

एक बार मैंने उसका नंबर मांगा लेकिन उसने मना कर दिया.
फिर एक दिन खुद उसने मुझे अपना नंबर दे दिया.

अब हमारी बातें कॉल पर भी होने लगीं.
हम बहुत अच्छे दोस्त बन गए.

तीन महीने हो गए थे.
वह कुछ भी करने से पहले मुझसे पूछती थी और मुझे भी बहुत अच्छा लगता था.

एक दिन मैंने उससे पूछ ही लिया- आपके हसबैंड के साथ आपकी बनती नहीं है?
क्योंकि वह अपने हसबैंड के आने के बाद भी चुपके-चुपके से मुझसे बात करती थी.

उसने बताया- वे काम में बहुत बिज़ी रहते हैं.
फिर वह थोड़ी चुप हो गई.

मैं समझ गया कि कुछ बात है.
लेकिन मैंने ज़्यादा फ़ोर्स नहीं किया और सो गया.

अब चार महीने हो चुके थे.
वह मुझसे हर बात शेयर करती थी.
मैं भी उससे अच्छी-अच्छी बातें करता था.

फिर एक दिन उसने खुद ही बताया- मेरे हसबैंड को बाहर लड़कियों के साथ घूमना-फिरना बहुत पसंद है. उनके अफेयर भी रहे हैं, लेकिन मैं उस पर ज़्यादा ध्यान नहीं देती हूँ. मैं बस अपने में खुश रहती हूँ.

मैं समझ तो गया था कि यह क्या कहना चाह रही है. लेकिन मैंने उसे ही पहल करने देने का सोचा और चुप रह गया.
ऐसे ही एक दिन हम रात में फोन पर बातें कर रहे थे.

मैंने उससे पूछा- तुम्हारा और हसबैंड का कुछ होता नहीं है क्या?
उसने बोला- क्या मतलब?
मैंने कहा- रोमांस!

तो उसने जवाब दिया- होता है, बहुत कम! हफ्ते में एक बार या कभी-कभी वह भी नहीं. जब से तुमसे बात शुरू हुई है, तब से मैं भी उन पर इतना ध्यान नहीं देती. उन्हें तो कोई मतलब ही नहीं है. जब उन्हें याद आती है, तो 1-2 हफ्ते में कभी-कभी सेक्स हो जाता है!

फिर ऐसे ही हमारा रिश्ता और करीब आता गया.

अब छह महीने हो गए थे.
हम एक-दूसरे की चीजें शेयर करने लगे थे.

मैंने कहा- हमें एक बार मिलना चाहिए!
उसने भी हां बोल दिया और बोली- मिलेंगे कहां? कोई देख न ले!

फिर उसी ने बताया कि अगले महीने वह अपनी मम्मी के घर जा रही है, तो वहां मिल सकते हैं.
मैंने भी तुरंत हां कर दी.

अगले महीने वह अपनी मम्मी के घर ग्वालियर गई.
वैसे तो उसकी मम्मी पहले गुजरात में रहती थीं लेकिन अब वे लोग ग्वालियर आ गए हैं.

उसने बताया कि उसके घर वाले एक रिलेटिव की शादी में जा रहे हैं लेकिन वह उनके साथ नहीं जा रही है.

मैं कहा- ओके तो कुछ हो सकता है क्या?
उसने कहा- हां, अगर तुमको मिलना हो तो आ सकते हो!

मैंने अगले दिन का रिजर्वेशन करवा लिया और अगले दिन ही उससे मिलने पहुंच गया.
मैं उससे बात करके स्टेशन पर ही उसके आने का इंतज़ार करने लगा.

लगभग 15 मिनट बाद वह आई.
यार, क्या लग रही थी! व्हाइट सूट में, चेहरा कवर करके … बिल्कुल हीरोइन जैसी!

उसे देखकर मेरा खड़ा हो गया था.
फिर मैंने खुद को कंट्रोल किया, हैलो किया और हम दोनों एक रेस्तरां में बैठ गए.

धीरे से मैंने उसके हाथ पर हाथ रखा, तो उसने हटा दिया और बोली- यार, सब देख लेंगे!
फिर हम लोग वहां से टेम्पो में बैठकर एक मंदिर में घूमने गए.
वहां सब उसको देख रहे थे.

उसके माल जैसे बड़े बड़े दूध, फिगर बिल्कुल मेंटेन, व्हाइट सूट में उसे एकदम चोदने कायक माल जैसा देख कर किसी का भी लंड खड़ा हो जाना साधारण सी बात थी.

हम दोनों बातें करने लगे.
मैंने पूछा- कोई होटल है क्या पास में?
उसने कहा- नेट पर देख लेते हैं.

मैंने मोबाइल पर सर्च किया और एक होटल बुक कर लिया. हम दोनों उस होटल में चले गए.
मैं कमरे में आया और बाथरूम में जाकर नहाने लगा.

बाहर आया तो वह बेड पर लेटी हुई थी और मेरा इंतज़ार कर रही थी.
मैंने सोचा भी नहीं था कि हम इतने आगे बढ़ जाएंगे.

मैं बेड पर जाकर उसके साइड में लेट गया.
मैंने उसके हाथ को पकड़ा, उसे किस किया और एकदम से उसके करीब आ गया.

मैंने धीरे से अपने उसके होंठों पर रख दिए और किस करने लगा.
वह भी साथ देने लगी थी.

मैंने उसके गालों पर चूमा लिया और दांतों से हल्के से काट लिया.

उसकी आंखें बंद थीं और वह शर्मा रही थी.
फिर उसने आंखें खोलीं.

मैंने पहली बार किसी लड़की के होंठों को किस किया था.
मैं बिल्कुल अलग दुनिया में था.

किस करते-करते वह भी मेरा साथ देने लगी.
मैं उसके ऊपर आ गया और हमारी जीभ एक-दूसरे को टच होने लगी.

लगभग 15 मिनट तक किस करने के बाद मैंने कंट्रोल किया और उससे खाने के लिए पूछा.

उसने हां बोला.
मैंने खाना ऑर्डर किया.
हमने साथ में खाना खाया.

लास्ट में एक गुलाब जामुन बचा.
मैंने कहा- तुम खा लो!
उसने कहा- नहीं, दोनों मिल कर खाएंगे!
मैंने बोला- आधा मैं खा लेता हूँ, आधा तुम!

तो उसने कहा- ऐसे नहीं!
उसने गुलाब जामुन अपने मुँह में रख लिया.
मैंने उसे एक जोरदार किस किया और उसके होंठों को अपनी जीभ से साफ किया!

फिर उसने मुझे देखा और शर्मा गई. हमने खाना खत्म किया और एक-दूसरे के पास आकर लेट गए.
थोड़ी देर बाद उसने मुझे देखकर बोली- मैंने अपने पति के अलावा आज तक किसी को भी किस नहीं किया! लेकिन तुम्हें देखकर पता नहीं क्यों ऐसा लगा कि बस तुम्हें ऐसे ही अपनी बांहों में चिपका कर रखूँ!

उसके इतना बोलते ही मैंने उसे फिर से लिप किस किया और हमारी सांसें तेज़ होने लगीं.
ये हमारे दोनों के लिए एकदम अलग और नया अनुभव था.

मैंने उसका कुर्ता उतार दिया.
उसके बूब्स ब्रा से बाहर आने के लिए तड़प रहे थे.

मैंने उसके ब्रा के हुक खोल दिए और उसके बूब्स को चूसने लगा.
वह लंबी-लंबी सिसकारियां लेने लगी और अपने हाथों से मेरे सिर पर चलाने लगी.

जैसे ही मैंने उसके एक निप्पल को पकड़ कर रगड़ना शुरू किया, वह दांत भींचने लगी.
वह कसमसा कर बोली- धीरे करो जान! दर्द होता है!

मैंने उसके होंठों को किस करते-करते नीचे की तरफ़ आ गया.

फिर मैंने उसकी सलवार उतारने की कोशिश की तो उसने चादर को कसकर पकड़ लिया और आंखें बंद कर लीं.
मैंने उसकी सलवार उतार दी.
अब वह सिर्फ़ पैंटी में थी.

उसे देखकर मेरी हालत खराब हो रही थी!
मैंने अपने सारे कपड़े निकाल दिए और अंडरवियर में आ गया.
वह मुझे ऐसे देख कर शर्मा गई.

मैंने उसे गले से लगा लिया और हम दोनों फिर से किस करने लगे.
हम दोनों एक-दूसरे को पागलों की तरह किस कर रहे थे और एक-दूसरे के जिस्म को महसूस कर रहे थे.

अब मैंने उसकी पैंटी निकाल दी और अपना अंडरवियर भी उतार दिया.
उसने मेरे 7 इंच के लंड को देखा. उसकी आंखें फटी रह गईं!

वह बोली- इतना बड़ा?
मैंने कहा- हां छू कर देखो न!

फिर उसने लंड पर हाथ लगाया और शर्माती हुई बोली- यह काफी बड़ा है … मुझे दर्द होगा!
मैंने उसे किस करते हुए कहा- नहीं होगा जान, बहुत प्यार से करेंगे.

मैं उसे किस करता हुआ नीचे आ गया.
उसकी चूत पर बहुत छोटे-छोटे बाल थे और चूत ज़्यादा खुली नहीं थी … शायद ज़्यादा सेक्स न करने की वजह से ऐसा हो गया था.

मैंने उसकी चूत पर किस करना शुरू किया तो वह मुझे रोकने लगी और बोली- मत करो … वह गंदी जगह होती है!
लेकिन मैंने उसके हाथ पकड़ कर उसकी चूत पर एक किस किया.

वह सिसकारियां भरने लगी.
मैंने धीरे-धीरे अपनी जीभ उसके अन्दर डालनी शुरू की.

वह मना कर रही थी लेकिन धीरे-धीरे उसे मज़ा आने लगा. वह चाहते हुए भी रोक नहीं पा रही थी.

करीब दस मिनट तक उसकी चूत में जीभ चलाने के बाद वह झड़ गई.
फिर मैं उसके ऊपर आ गया और उसे किस करने लगा.

उसने कहा- तुम्हारा ये पहली बार है? ऐसा लगता है जैसे तुम कोई ट्रेंड प्लेबॉय हो! कहां से सीखा ये सब?
मैंने हंसते हुए कहा- पॉर्न मूवीज़ में!

उसने मुझे किस किया और बोली- आज तक ऐसा अहसास मुझे किसी ने नहीं करवाया … मेरे हसबैंड ने भी नहीं!

मैंने उससे कहा- मेरा लंड भी तुम्हारे लिए मुँह के लिए फुफकार मार रहा है!
वह शर्माती हुई बोली- मैंने आज तक किसी का मुँह में नहीं लिया!

उसे लंड बोलते हुए भी बहुत शर्म आ रही थी.

मैंने उसका हाथ अपने लंड पर रख दिया.
वह शर्मा कर बोली- मुझे बहुत शर्म आती है … तुम ही करो जो करना है!

मैंने कहा- बस एक बार इसे देखो तो सही!
उसने अपनी आंखें खोलीं, मेरे लंड को देखा और बोली- अब ये मेरे अन्दर जाएगा तो मेरी तो जान निकल जाएगी!
मैंने हंसते हुए कहा- नहीं निकलेगी जान!

फिर मैंने उसे इशारा किया कि मेरा लंड मुँह में ले लो!
लेकिन वह मना करने लगी.

मैंने उसे किस किया और धीरे से उसका मुँह अपने लंड पर ले गया.
उसने हल्का सा लंड पर किस किया, फिर शर्मा कर मेरे ऊपर आ गई और मना करने लगी.

मैंने भी ज़्यादा फ़ोर्स नहीं किया.
फिर वह मेरे चेहरे को देखकर बोली- सिर्फ़ एक बार मुँह में लूँगी!

मैंने हां कर दी.
जैसे ही उसने मेरा लंड अपने मुँह में लिया, मैंने उसका सिर पकड़ कर पूरा लंड उसके मुँह में डाल दिया.

वह मना करने लगी, लेकिन मैंने उसके सिर को पकड़ रखा और उसे लंड चुसवाने लगा.
वह अब प्यार से लंड चूसने लगी थी.

जैसे ही उसने लंड बाहर निकाला, उसका मन उल्टी का होने लगा और वह मेरे ऊपर आकर मुझसे चिपक गई.

मैंने उसके माथे पर हल्का सा किस किया, उसे नीचे लिटाया और उसकी चूत में अपना लंड रगड़ने लगा.

दोस्तो, उसकी सांसें तेज़ होने लगीं. वह मेरी आंखों में देखकर लंबी-लंबी सांसें लेने लगी, जैसे कह रही हो कि और मत तड़पाओ!
उसके बाद मैंने अपना लौड़ा अन्दर घुसाने की कोशिश की, लेकिन नहीं घुस रहा था.

यह मेरा भी पहली बार का मामला था, तो मैंने उसे देखा.
उसने मेरा लंड अपने हाथ से पकड़ा और अपनी चूत में सैट करने लगी.

जैसे ही चुत की फांक में लंड ने मुँह लगाया तो उसने अपनी कमर उठा कर मुझे पेलने का इशारा दिया.
मैंने धक्का दे दिया.

लंड अन्दर घुस गया और उसकी मदभरी सिसकारी निकल गई.
मैं तो अलग ही दुनिया में चला गया था … क्योंकि मेरा पहली बार था.

हम एक-दूसरे को महसूस करने लगे.
आप सोच सकते हैं कि एक शादीशुदा महिला, मंगलसूत्र और सिंदूर लगाए, नंगी किसी दूसरे मर्द के नीचे … ये एक अलग ही कशमकश भरी स्थिति थी.

अब मैंने अपना पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया.

वह चिल्ला उठी और उसकी सिसकारियां पूरे कमरे में गूंजने लगीं.
मैं धीरे-धीरे झटके देने लगा तो वह मेरा नाम लेते हुए ‘जान … जान … ’ कहने लगी.

वह बोली- आह जानू … मेरी जान … अह्ह्ह धीरे करो जान … अह्ह्ह मज़ा आ रहा है जनम … अह्ह्ह आह उमम्म … बस करो … बहुत मज़ा आ रहा है जान … हम्म्म्म अह्ह्ह मैं ऐसे ही चुदना चाहती थी … अह्ह्ह!

फिर मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी.
उसकी सिसकारियां और तेज़ हो गईं.

दस मिनट बाद वह झड़ गई और उसके बाद मैं भी झड़ गया.
मैं उसके ऊपर लेट गया.
उसने मेरा लंड अपनी चूत में ही रखा रखा.

फिर मैं साइड में लेट गया.
हमारी तेज़ सांसें अब धीरे-धीरे कंट्रोल होने लगीं और हम एक-दूसरे को देखने लगे … दोनों की आंखों में एक अलग ही चमक थी!

उसकी आंखों में आंसू थे.
मैंने उसकी आंखों को चूमते हुए पूछा- ये आंसू क्यों?

तो उसने कहा- तुम पहले ऐसे मर्द हो, जिसने मुझे इतना संतुष्ट किया है!

ऐसे ही आंखों में आंखें डालते-डालते मेरा लंड फिर खड़ा हो गया.

मैंने लंड से उसकी चूत को छूना शुरू किया, तो वह बोली- इतनी जल्दी फिर खड़ा हो गया?
मैंने कहा- हां तुम्हारी चुत से मुहब्बत हो गई है इसको!

वह हंस दी और उसने बाथरूम की तरफ जाने का इशारा किया.
वह पहले बाथरूम में गई और बोली- तुम एक मिनट बाद आना.

लेकिन मैं रुक नहीं पाया और अन्दर घुस गया.
वह शुशु कर रही थी. मुझे देखते ही वह शर्मा गई.

शुशु करने के बाद वह भागकर मेरे पास आई, मेरे गले से लग गई.

मैंने शॉवर ऑन कर दिया.

उसका भीगा हुआ बदन देखकर मेरा मन फिर से उसे चोदने का करने लगा.
हम दोनों फर्श पर लेटे हुए फव्वारे की बूंदों का मजा ले रहे थे, तो जल्दी-जल्दी नहाए और बाहर आ गए.

वह जाने को तैयार होने लगी.
लेकिन मेरा मन एक बार और करने का था.

गुजरती भाभी सेक्स की इच्छा को समझ गई और मुस्कुराती हुई बोली- चलो एक बार और कर लेते हैं!

फिर हम दोनों ने जल्दी-जल्दी कपड़े उतारे. मैं उसके ऊपर टूट पड़ा.
इस बार बिना देर किए मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रखा और अन्दर घुसा दिया.

वह चिल्ला उठी और बोली- ऐसा लग रहा है ये और बड़ा हो गया है!

इतना कहते ही मैंने उसे किस किया और चूत में धक्के मारना शुरू कर दिया.
वह भी अपनी टांगें हवा में उठाती हुई कामुक सिसकारियां लेने लगी ‘हां … आ मेरी जान … जल्दी करो … मजा आ रहा है जान … आह … आह … उमम्म्म … और तेज़ … और तेज़ … मेरी जान … फाड़ दो मेरी चूत को … ये तुम्हारी है … हां … उम्म्म … आह!’

उसके मुँह से ये शब्द सुनकर मैं और जोश में आ गया.
मैंने उसे और तेज़ चोदना शुरू कर दिया.

वह लंड लेती हुई बोली- आई लव यू मेरी जान … लव यू … आह … उम्म … और चोदो … आह … हां … ऐसे ही!

फिर थोड़ी ही देर में वह झड़ गई.
लेकिन मैं अभी तक नहीं झड़ा था.

मैंने अपना लंड उसकी चूत से निकाला और जीभ डालकर उसकी चूत चाटने लगा, जीभ से चुत के दाने को छेड़ने लगा.

वह फिर सिसकारियां लेने लगी और मेरे सिर पर हाथ फेरने लगी.

मैं पुनः उसके ऊपर चढ़ गया और लंड को फिर से चूत में घुसा कर तेज़-तेज़ झटके मारने लगा.
वह बस अपने नाखून मेरी कमर में गाड़ने लगी.

कोई 5 मिनट बाद मैंने उसे घोड़ी बनाया और चूत में लंड डाल दिया.
हमारी चुदाई की आवाज़ें पूरे रूम में गूंजने लगीं.

करीब 15 मिनट बाद हम दोनों दोबारा झड़ गए और एक-दूसरे के ऊपर लेटे रहे.
तब उसे देर होती महसूस होने लगी तो वह बोली- जान, लेट हो जाएगा … अब चलना चाहिए.

मैंने कहा- अभी मन नहीं भरा.
तो उसने मुझे किस करते हुए कहा- घर वाले शादी में गए हैं. तुम कल सुबह जल्दी चुपके से घर में आ जाना.

फिर उसने मुझे एक गहरी किस दी.
हम दोनों तैयार हो गए.

मैं उसे स्टेशन पर छोड़कर वापस रूम में आ गया.

दोस्तो, अगली सेक्स कहानी में मैं बताऊंगा कि कैसे मैंने उसके घर जाकर 2 दिन तक उसे कैसे-कैसे पेला.

आपको मेरी गुजरती भाभी सेक्स कहानी पर क्या कहना है, प्लीज मेल करें
ayushsid1998@gmail