Latest Hindi Sex Stories added for who looking to read Hot Teacher Fuck Kahani – मैडम को पटा कर अपने फ्लैट में चोदा to make every night hot about Hot Teacher Fuck Kahani – मैडम को पटा कर अपने फ्लैट में चोदा story.
Story Start Here :
हॉट टीचर फक कहानी मेरे कॉलेज की एक सेक्सी कुंवारी टीचर की चुदाई की है. वह मस्त माल थी. मैंने इंस्टाग्राम से उससे दोस्ती की और एक दिन उसके साथ मूवी देखने गया.
सभी फ्री सेक्स कहानी पढ़ने वालों को मेरा नमस्ते!
मेरा नाम ऋत्विक है।
मैं भिलाई, छत्तीसगढ़ का रहने वाला हूँ।
मेरी उम्र 23 साल है और मैं एक निजी कॉलेज में पढ़ता हूँ।
ये कहानी मेरे और मेरी एक टीचर के बीच की है।
उनका नाम हेलीमा है।
उनकी उम्र 29 साल है, अविवाहिता हैं।
उनका फिगर 34-32-36 है।
देखने में एकदम गोरी, घने सुनहरे बाल, मोटी-मोटी चूचियाँ और बड़े-बड़े चूतड़।
उनकी आवाज़ मानो मदहोश कर दे।
जब भी वो कॉलेज आतीं, तो सब उन्हें देखकर अपने लौड़े को पैंट के ऊपर से सेट करने लगते।
अब ज़्यादा देर न करते हुए हॉट टीचर फक कहानी पर आता हूँ।
हमारे अंतिम वर्ष के पेपर चल रहे थे।
हेलीमा मैडम की ड्यूटी मेरी ही एग्जामिनेशन हॉल में लगी थी।
उस दिन मैडम गहरे गले वाली साड़ी और ब्लाउज़ पहनकर आई थीं।
उसमें से उनकी मस्त चूचियाँ बाहर निकलने को बेताब थीं।
मैं पेपर पर फोकस करने की कोशिश कर रहा था मगर लंड भी कहाँ मानने वाला था … वो तो अपनी औकात यानी 7 इंच का हो गया और पैंट में तंबू बना दिया।
जैसे-तैसे पेपर दिया और वहाँ से जल्दी से घर जाकर हेलीमा मैडम को याद करके तीन बार मुट्ठी मारकर लंड को कुछ समय के लिए शांत किया।
मगर अब लंड को हेलीमा मैडम की तलब रोज़ होने लगी।
ऐसे ही मेरे दिन बीतने लगे।
मैं उन्हें याद करके मुट्ठी मारने लगा।
एक रात उन्हें याद करके इंस्टाग्राम पर उन्हें फॉलो रिक्वेस्ट भेज ही दी।
अब बस इंतज़ार था उनकी रिक्वेस्ट एक्सेप्ट करने का।
कुछ दिन यूँ ही बीत गए पर उन्होंने एक्सेप्ट नहीं की।
फिर एक दिन मेरी किस्मत चमकी और उन्होंने रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर ली!
अब उन्हें मैसेज में ‘हेलो मैडम’ लिखकर भेज दिया।
आधे घंटे बाद मुझे मैडम की तरफ से ‘हेलो’ का मैसेज आया।
मानो मेरे लंड को चूत का इशारा मिल गया!
रोज़ दो महीनों तक यूँ ही हाल-चाल पूछते रहे।
कुछ कॉलेज की बातें होती रहीं।
इस दौरान हम दोनों में बहुत अच्छी दोस्ती भी हो गई थी।
तक़रीबन दो महीनों बाद शाम छह बजे हमने साथ में एक मूवी देखने का फैसला किया।
मैंने मैडम को काली रंग की साड़ी पहनने को कहा और वो मान भी गईं।
मैंने खुद काले रंग की शर्ट और क्रीम रंग की पैंट पहनने का फैसला किया।
शाम के 5 बजे मैं सिनेमा हॉल पहुँच गया और मैडम का इंतज़ार करने लगा।
तक़रीबन 5:30 बजे हेलीमा मैडम मॉल पहुँच गईं।
क्या कमाल लग रही थीं मैडम काली चमचमाती साड़ी में!
मैडम के आते ही मैंने उनकी तारीफ़ों के पुल बाँधने शुरू कर दिए (खड़े लंड की सोच से) और वो भी शर्माने लगीं।
5:45 को हम दोनों कॉर्नर सीट और पॉपकॉर्न लेकर अंदर चले गए।
मूवी हॉरर थी तो मैडम को डर भी लग रहा था।
जैसे-जैसे मूवी चल रही थी, मैडम और डरती जा रही थीं।
उन्होंने मेरी बाँह को कसकर पकड़ लिया।
उनके ऐसे छूने से मेरे लंड में खिंचाव पड़ रहा था और सख्त हो रहा था।
कुछ देर बाद मैडम ने मेरे खड़े लंड को देख लिया था।
मेरे लंड को देखकर धीरे-धीरे वो भी गर्म हो रही थीं जो उनके चेहरे पर साफ़ झलक रहा था।
फिर हम मूवी देखकर अपने-अपने घर चले गए।
अब रात को 1:30 बजे मेरे फोन पर मैडम का मैसेज आता है।
वो मूवी के बारे में बात करने लगती हैं।
फिर वो एकदम से पूछती हैं- मैंने आज तुम्हारी पैंट में कुछ देखा।
मैं- क्या?
मैडम- जो लड़कों की पैंट में होता है, वो ज़्यादा सख्त हो गया था।
मैं (हँसते हुए)- क्या करें, साथ में थी ही इतनी खूबसूरत लड़की!
मैडम- मैं और खूबसूरत?
मैं- अरे मैडम, जैसे आपको पता ही नहीं कि कॉलेज में आप पर कितने लड़के और मेल टीचर मारते हैं!
मैडम- बाकी सबका तो पता नहीं, तुम अपना बताओ। तुम क्या सोचते हो मेरे बारे में?
मैं- मैडम, दिल करता है आपको अपनी गर्लफ्रेंड बनाकर आपको पूरा सुख दूँ!
मैडम- सुख? कैसा सुख?
मैं- अरे मैडम, आप भी जानती हो कि आपके पास क्या फिगर है! लेकिन कोई तो उन्हें सहलाने और खिलाने वाला भी तो चाहिए!
मैडम- तो तुम मेरे साथ सेक्स करना चाहते हो?
मैडम के मुँह से ‘सेक्स’ सुनकर मैं चौंक गया, लेकिन जान गया था कि हरी झंडी मिल गई है!
थोड़ी देर बाद मैंने लिखा- अरे मैडम, आपके साथ कौन नहीं करना चाहेगा!
मैडम- अच्छा, तो क्या करोगे?
मैं- वो तो मिलके देखना आप!
मैडम- तो ठीक है। तीन दिन बाद मेरे घर वाले शादी में जा रहे हैं। उस दिन मिलते हैं।
मैं- ठीक है मैडम!
अब मैं तीन दिन मुट्ठी मार-मारकर इंतज़ार करने लगा।
आखिर वो दिन आ ही गया।
मैडम का कॉल आया- मेरे घर वाले कुछ समय में निकलने वाले हैं। मैं आज तुम्हारे फ्लैट आऊँगी।
मैंने हामी भरी और जल्दी से सफाई करने लगा।
लंड के सारे बाल साफ करके कंडोम लेने निकल गया।
कुछ टाइम में फ्लैट वापस आया और खाना बनाने लगा।
लेकिन मेरी ज़ुबान और लंड तो कोई और ही स्वाद चखना चाहता था।
कुछ देर में खाना बनाकर फ्री हो गया और बेसब्री से हेलीमा मैडम का इंतज़ार करने लगा।
करीब रात के 8 बजे दरवाज़े पर घंटी बजी।
साथ-साथ दिल और लंड की भी घंटी बज गई!
मैं जल्दी से दरवाज़े के पास गया और दरवाज़ा खोला।
देखते ही दंग रह गया।
मैडम मेरी आँखों के सामने लाल रंग के वन पीस में खड़ी थीं!
मैं- क्या कहर लग रही हो मैडम!
मैडम- क्या मज़ाक कर रहे हो? और मुझे अंदर नहीं बुलाओगे?
मैं- सॉरी मैडम, आपको देखकर कुछ-कुछ हो रहा था, तो भूल गया अंदर बुलाना।
मैडम- वो तो समझ आ रहा है कि कहाँ क्या-क्या हो रहा है!
मैं- मतलब?
मैडम- अरे, तुम्हारा छोटा चेतन बड़ा हो रहा है!
मैं- अरे मैडम आप भी ना! चलिए, मैंने डिनर रेडी कर दिया है। आकर ग्रहण करें।
मैडम- चलो, आज तुम्हारे हाथों का स्वाद चखूँ।
मैं- हाथों का पहले चख लो, फिर बाकी छोटा चेतन भी बेताब है स्वाद चखाने के लिए!
मैडम- अच्छा, चलो पहले हाथों का स्वाद तो चखा दो। तभी तो आगे बढ़ेंगे ना!
मैं- ठीक है, चलिए।
फिर हम दोनों डिनर करने लगे; यहाँ-वहाँ की बातें करने लगे।
करीब आधे घंटे तक डिनर किया और फिर मूवी देखने लग गए।
मैंने जानबूझकर रोमांटिक मूवी चलाई थी ताकि मैडम गर्म हो जाएँ।
मूवी में किसिंग सीन चला।
मैंने हिम्मत करके मैडम को गालों पर किस कर दिया।
मैडम ने कुछ नहीं कहा तो समझ गया कि मैडम गर्म हो चुकी हैं।
धीरे-धीरे मैडम की जाँघों को सहलाने लगा।
मैडम को अब और अच्छा लगने लगा।
उनकी साँसें तेज़ हो गईं, जो मैं सुन पा रहा था।
अचानक मैडम ने मेरे होंठों पर होंठ रख दिए।
हम वहीं मूवी देखते-देखते स्मूच करने लग गए।
ये सिलसिला तक़रीबन 15 मिनट चला।
अब हमने बेडरूम में जाने का फैसला किया।
मैं मैडम को गोद में उठाकर (घोड़ी बनाने की चाहत में) बेडरूम में ले गया और मैडम को बेड पर पटक दिया और उन्हें हिलने का मौका न देते हुए उन पर झपट गया।
मेरा हाथ धीरे-धीरे उनके 34 साइज़ की चूचियों पर वन पीस के ऊपर से ही था।
अचानक बिना एहसास कराए हाथ उनकी चूत पर पैंटी के ऊपर से रगड़ने लगा।
वो एकदम उछल पड़ीं।
इसी दौरान उनकी पैंटी गीली हो चुकी थी।
मतलब अब मैडम मेरे साथ संबंध बनाने को बेकरार थीं।
वो मुझसे बोलीं- ऋत्विक, आज से मैं तेरी मैडम नहीं, राँड हूँ! चोद दे मुझे!
मैं- मैडम, कब से इस दिन का इंतज़ार था!
हेलीमा- अरे मैडम नहीं! हेलीमा बोल मुझे। यहाँ मैं तेरी मैडम नहीं, राँड हूँ राँड! ऐसा एहसास कभी पहले नहीं हुआ। आज चोद दे मुझे, फाड़ दे मेरी चूत!
ये सब सुनके मेरा 7 इंच लंबा और 2.5 इंच चौड़ा लोहा-रूपी लौड़ा टनटनाया।
मैंने मैडम का वन पीस निकालकर फेंक दिया।
अब हेलीमा मेरे सामने सिर्फ काले ब्रा और पैंटी में थीं, जो मुझे और पागल कर रही थीं।
मैंने हेलीमा की ब्रा एक झटके में खींचकर खोल दी।
कुछ देर चूचों को दबाया और मुँह में भी लिया।
हेलीमा कहने लगीं- बस करो! मत तड़पाओ इतना। अब डाल दो ना अंदर!
मैंने सब इग्नोर किया और उनकी काली पैंटी को दाँतों से निकालने लगा।
इससे उनकी चूत का रस मैंने चख लिया।
अब मैं और पागल हो गया।
मैंने जीभ उनकी चूत के होंठों पर रखी।
हेलीमा एकदम पागल हो गईं और उछलने लगीं।
करीब 5 मिनट तक चूत में जीभ फेरता रहा।
हेलीमा एक बार झड़ गईं।
अब मैं उठकर हेलीमा के होंठों के पास लंड रख दिया।
वो मना करने लगीं- नहीं, मैं नहीं लूँगी मुँह में! ये बहुत लंबा और मोटा है!
लेकिन थोड़ी देर मना करने के बाद वो मान गईं और मुँह में लेने लगीं।
करीब 10 मिनट मुँह में लेने के बाद मैं हेलीमा के मुँह में ही झड़ गया।
हेलीमा बाहर थूकने लगीं, लेकिन मैंने मुँह बंद करके निगलने को कहा।
काफी मनाने के बाद मेरा सारा वीर्य वो पी गईं।
फिर हम दोबारा स्मूच करने लगे।
कुछ देर में मेरा लंड हेलीमा की चुदाई के लिए तैयार हो गया।
अब मैं नीचे हेलीमा की चूत के पास आया।
लंड को चूत के पास सेट किया और धीरे-धीरे दबाव डालना शुरू किया।
मेरा बड़ा लौड़ा आधा हेलीमा की गर्म चूत में जा चुका था।
हेलीमा की आँखों में पानी आ गया।
मैंने थोड़ी देर रुककर एक ज़ोरदार झटके से लंड पूरा अंदर उतार दिया।
हेलीमा के मुँह से चीख निकली- हाए माँ! मर गई!
वो रोने लगीं।
मैंने कुछ देर शांत होने तक झटके कम कर दिए।
जैसे ही हेलीमा थोड़ी शांत हुईं, मैंने धीरे-धीरे झटके फिर शुरू कर दिए।
अब हेलीमा को भी मज़ा आने लगा, वो लंड के साथ ताल मिलाकर चुदने लगीं।
हेलीमा- आह ऋत्विक! ज़ोर से चोद! अपनी राँड को चोद! कब से ऐसे लंड की भूख थी! आह्ह्हा… ज़ोर से ना जान!
मैं भी उन्हें चोदता रहा।
अब मैंने हेलीमा को घोड़ी बनने को कहा।
हेलीमा- नहीं! तुम मेरी गांड में डालोगे अपना लंबा और मोटा लंड?
मैं- नहीं, मैं तुम्हारी चूत की गर्मी शांत करूँगा इस बार। गांड अगली बार!
हेलीमा- पक्का ना? गांड नहीं मारोगे? क्योंकि बहुत दर्द होता है, मैंने सुना है।
मैं- अरे हाँ बाबा! आज चूत ही पेलूँगा। गांड अगली बार!
हेलीमा राज़ी हो गईं और मेरे सामने घोड़ी बन गईं।
मैंने उनकी टाँगें और फैलाईं ताकि चूत खुल सके।
अपने दोनों हाथ मैंने उनकी कमर पर रखे और ज़ोर के झटके से लंड अंदर डाला।
इस सब में हेलीमा पहले ही दो बार झड़ चुकी थीं।
अब मैं उनकी सवारी कर रहा था।
वो बहुत मदहोश होकर चुदवा रही थीं।
लेकिन चुदाई में मदहोश होकर मैं कंडोम का प्रयोग करना भूल ही गया था।
मगर हम दोनों सातवें आसमान पर थे, तो ज़्यादा नहीं सोचा और हेलीमा को चोदता रहा।
हेलीमा की सिसकारियाँ और तेज़ हो गईं।
मैं समझ गया कि वो झड़ने वाली हैं।
वो कहने लगीं- ज़ोर से चोद मादरचोद! ज़ोर से! चूत का भोसड़ा बना दे!
मैं इन सबसे और उत्तेजित हो गया और ज़ोर-ज़ोर से पेलने लगा।
पूरा कमरा फच-फच की आवाज़ से गूँज उठा।
ऐसे 5 मिनट की और ज़ोरदार पेलाई के बाद मैं भी झड़ने वाला था।
मैंने पूछा- मेरा निकलने वाला है! क्या करूँ?
हेलीमा- बाहर निकालना! अंदर नहीं!
मैं- मुँह में ले लो!
हेलीमा- नहीं, अब नहीं!
लेकिन बहुत ज़ोर देने पर वो मान गईं।
मैंने लंड जल्दी से चूत से निकालकर हेलीमा के मुँह में डाल दिया।
कुछ देर चूसने के बाद मैं हेलीमा के मुँह में ही झड़ गया।
हेलीमा ने मेरे कहने से पहले ही पूरा वीर्य पी लिया।
हॉट टीचर फक करने के बाद फिर हम दोनों एक-दूसरे को गले लगाकर चूमने लगे।
हेलीमा को देखकर ऐसा लग रहा था जैसे कई वर्षों बाद उनकी प्यास बुझी हो।
हेलीमा पहले भी अपने बॉयफ्रेंड से चुद चुकी थीं पर ब्रेकअप के बाद चार सालों से नहीं चुद थीं।
लेकिन उन्होंने कहा कि उन्हें ज़्यादा मज़ा मेरे साथ आया।
हेलीमा के एक्स की कहानी सुनाने के बाद मैंने उन्हें उसी रात तीन बार और चोदा।
वो बहुत खुश दिख रही थीं।
और ये सिलसिला यहीं नहीं रुका, हमने काफ़ी बार चुदाई की।
अब हेलीमा की शादी हो गई है पर भी उनकी चूत का राजा मेरे लंड ही है।
वो अभी भी मुझसे चुदती है।
आगे की कहानी जानने के लिए मुझे मेरी दी हुई मेल पर मैसेज करें।
मैं जल्दी ही आपको हेलीमा की गांड से मिलवाऊँगा।
उम्मीद करता हूँ मेरी और हेलीमा की हॉट टीचर फक कहानी ने आपके लंड से पानी और औरतों की पैंटी गीली कर दी होगी!
ritwikjain62@gmail
