Hot Bua Sex Kahani – भतीजे के लंड से बुआ का इलाज

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Story Start Here :

हॉट बुआ सेक्स कहानी में मेरी फूफी के शौहर बड़ी उम्र के थे तो बुआ की चूत को लंड नहीं मिलता था. चुदाई के बिना उनका दिमाग खराब होने लगा था.

हाय दोस्तो, कैसे हो आप सब?
आज मैं आपको अपनी जिंदगी की एक सच्ची घटना के बारे में बताने जा रहा हूँ।

मेरा नाम आदिल है, मेरी उम्र 23 साल है। मैं एक प्राइवेट कंपनी में सेल्समैन की जॉब करता हूँ।
मैं बहुत ओपन माइंडेड हूँ और मुझे लोगों की मदद करना अच्छा लगता है।

चलिए, आपका टाइम बर्बाद न करते हुए सीधे हॉट बुआ सेक्स कहानी पर आता हूँ।

मेरी सारी फैमिली मुझे बहुत प्यार करती है। अम्मी-अब्बू के अलावा दादी और मेरी दो बुआ (फूफी) हैं, वह भी मुझे बहुत प्यार करती हैं।

मेरी बड़ी बुआ हमारे शहर से 50 किलोमीटर दूर एक देहात में रहती हैं।
हमारी फैमिली में एक-दूसरे के प्रति बहुत प्यार है।

वैसे तो मुझे मेरी दोनों बुआ बहुत प्यार करती हैं लेकिन मेरी बड़ी बुआ मुझे थोड़ा ज्यादा प्यार करती हैं।

मेरी बड़ी बुआ का नाम जमीला है। उनकी उम्र 45 साल है, शरीर दुबला-पतला है, रंग सांवला और बाल लंबे हैं।
उनका मिजाज बहुत हंसमुख और मजाकिया है।
वह हर वक्त हंसी-मजाक की बातें करती हैं।

औरतों के बीच में कभी-कभार तो वह नंगी बातें भी करती हैं।

मैं अक्सर अपनी बड़ी बुआ के घर जाता रहता हूँ।
मेरी जॉब के चलते उनके गांव में मेरा महीने में एक-दो बार जाना होता ही है।

बात आज से 6 महीने पहले की है।
जमीला फूफू के बड़े लड़के इमाद का फोन आया कि बुआ की तबीयत खराब हो गई है।
अचानक वह चक्कर खाकर गिर गईं, तो उन्हें अस्पताल ले जाया गया।

हम सब यह सुनकर परेशान हो गए।
मेरे अब्बू भी सुनते ही फौरन उनके घर पहुँच गए।

डॉक्टर ने बताया कि उन्हें कमजोरी की वजह से चक्कर आ रहे हैं और घबराने की कोई बात नहीं है।
अब्बू ने हमें घर आकर बताया कि बुआ बिल्कुल ठीक हैं।

लेकिन दूसरे दिन फिर से उनके बेटे का कॉल आया कि बुआ की तबीयत फिर से खराब हुई है।

इस बार उनका बेटा उन्हें हमारे यहाँ लेकर आया ताकि अच्छे अस्पताल में उनकी जांच कर सके।
वह बुआ को हमारे पास छोड़कर चला गया।

अब्बू बुआ को एक अच्छे अस्पताल में जांच के लिए ले गए।

इस बार डॉक्टर ने बताया कि उन्हें डिप्रेशन की समस्या है, इसलिए उन्हें खुश रखें और जो उनका मन चाहता है करने दें, उन्हें किसी चीज़ की कमी खल रही है।

बुआ फिर हमारे घर पूरे 10 दिन ठहरीं और उनकी तबीयत में सुधार दिखने लगा।
लेकिन अब भी वह कभी-कभार एकदम नाराज हो जाती थीं।

कुछ दिन बाद उनके लड़के का फोन आया कि उसे जरूरी काम से बाहर जाना है इसलिए बुआ को घर वापस भेज दो।
बुआ के घर में उनके शौहर और उनका एक लड़का ही रहता था।

फूफा लगभग 65 साल के थे तो उनका ध्यान बुआ को ही रखना पड़ता था।
बुआ के साथ दादी भी उनके घर गईं ताकि बुआ की हेल्प कर सकें।

दादी को डॉक्टर से ज्यादा बाबाओं पर विश्वास था तो दादी बुआ को एक बाबा के पास ले गईं जो उनके ही गांव में था।

उस बाबा ने बुआ को बहुत सारे ताबीज दिए लेकिन बुआ की तबीयत ठीक नहीं हो पाई।
दादी ने अब्बू को कॉल किया और सब बताया।

अब्बू ने कहा कि मैं कुछ दिनों के लिए आदिल को तुम्हारे पास भेजता हूँ।

अब्बू ने मुझे आवाज दी और कहा, “बेटा, तुम कुछ दिनों के लिए बुआ के घर चले जाओ। वैसे भी तुम्हारी कंपनी की छुट्टियां चल रही हैं। बुआ को किसी अच्छे अस्पताल में दिखा देना।”

मैं राजी हो गया और अपना सामान पैक करके बुआ के घर चला आया।

बुआ ने जैसे ही मुझे देखा तो खुश हो गईं और कहने लगीं, “बेटा आदिल! इमाद के आने तक तुम यहीं रहना।”
मैंने कहा, “ठीक है बुआ।”

अब घर में बुआ, मैं, दादी और बुआ के बूढ़े शौहर ही थे।
बुआ के शौहर को बराबर दिखाई नहीं देता था, रात में तो बिल्कुल भी नहीं।

अगले दिन मैं, बुआ और दादी एक साइकोलॉजिस्ट के यहाँ गए।
चेकअप के टाइम सिर्फ बुआ और दादी ही अंदर गए, मुझे अंदर आने नहीं दिया गया।

जब हम घर आए तो मैंने दादी और बुआ से पूछा कि डॉक्टर ने क्या कहा।

दादी और बुआ दोनों खामोश थीं।

मेरे बार-बार पूछने पर दादी ने कहा, “बेटे आदिल, जमीला को शारीरिक सुख नहीं मिल पा रहा, इसलिए यह नाराज रहती है। इसके शौहर ने इसे कई सालों से छुआ तक नहीं है। डॉक्टर ने कहा है कि इसे शारीरिक सुख चाहिए!”

बुआ खामोश बैठी हुई थी।
रात को हम बुआ, मैं और दादी तीनों बातें कर रहे थे.

तो दादी ने मुझे बातों-बातों में पूछ लिया, “क्या तू अपनी बुआ की मदद करेगा?”
मैंने कहा, “क्या दादी? मैं कुछ समझा नहीं!”

दादी बोलीं, “देख, इस वक्त तेरी बुआ को शारीरिक सुख चाहिए ताकि उसकी तबीयत ठीक हो सके। तो मैं चाहती हूँ कि तुम अपनी बुआ को शारीरिक सुख दो। घर की बात घर में ही रहेगी, यह बात तेरे, मेरे और बुआ के अलावा किसी को पता नहीं चलेगी!”

मैं थोड़ा सोचा और कहा, “ठीक है, अगर इससे बुआ ठीक हो सकती है तो मैं यह करूंगा। लेकिन क्या बुआ राजी है?”
दादी ने कहा, “हाँ, मैंने उसे मना लिया है!”
मैंने कहा, “तो कोई बात नहीं दादी!”
दादी बोलीं, “आदिल बेटा! तेरा एहसान होगा मेरी बेटी पर!”
मैंने कहा, “दादी, मेरी भी तो बुआ है वो!”

मेरा बुआ के प्रति पहले ऐसा ख्याल नहीं था।
मैंने तो अब तक सिर्फ पोर्न ही देखा था, किसी लड़की के साथ सेक्स नहीं किया था।

रात के करीब 10 बज रहे थे।
दादी बुआ को लेकर आईं और हम दोनों से कहा, “देखो, तुम्हारा भतीजे और बुआ का रिश्ता है, लेकिन कुछ रातों के लिए सब भूल जाओ!”

बुआ के घर में दो ही कमरे थे।
एक में उनके बीमार शौहर सोते थे और दूसरे में बाकी लोग।
मैं, दादी और बुआ पीछे वाले कमरे में चले गए।

दादी बोलीं, “देखो, मैं इधर मुँह करके सोती हूँ, तुम दोनों अपना काम करते रहना!”

मुझे थोड़ा अजीब भी लग रहा था और मैं उत्साहित भी था कि पहली बार सेक्स करने वाला हूँ।

बुआ ने कहा, “आदिल, यह जो कुछ भी है, किसी को पता नहीं लगना चाहिए!”
मैंने कहा, “नहीं बुआ, आप फिक्र ना करो!”

बुआ बोलीं, “मुझे अच्छा तो नहीं लग रहा, लेकिन डॉक्टर ने कहा है तो…!”
तभी दादी ने टोकते हुए कहा, “12 बज गए! कुछ करोगे भी या बातें ही करोगे!”

बुआ और मैं एक तरफ लेटे थे, दादी दूसरी तरफ।

बुआ ने रेड कलर का लहंगा और ब्लैक ब्लाउज पहना हुआ था।
मैंने बुआ की गर्दन पर किस किया तो बुआ ने आँखें बंद कर लीं।

मैं धीरे-धीरे बुआ की गर्दन और गाल को चूम रहा था।
दादी एक तरफ सोने का नाटक कर रही थी।

फिर मैंने बुआ के होंठों से अपने होंठ मिला दिए।
बुआ भी मेरा साथ दे रही थी।

मैंने धीरे से बुआ के ब्लाउज का पहला बटन खोला और चूमने लगा।
धीरे-धीरे मैंने बुआ के ब्लाउज के सारे बटन खोल दिए।

बुआ ने वाइट ब्रा पहन रखी थी, जिसमें बुआ के मीडियम बूब्स बड़े मादक लग रहे थे।

बुआ की आँखें बंद थीं, वह पूरा आनंद ले रही थी। वह मेरी गोद में बैठी हुई थी।

मैंने फिर बुआ की ब्रा भी निकाल दी।
वाह! क्या चूचियां थी बुआ की! एकदम मुलायम और टाइट चूचियों को देख के मेरे मुँह में पानी आ गया।

मैं एक चूची पीने लगा और दूसरी को हाथ से सहलाने लगा।
बुआ तो जैसे पागलों की तरह सिसकारियां ले रही थी- आआ आह्हह… आ आआ ह्हह!
और मेरा सर पकड़ कर अपनी छातियों में धंसा रही थी।

बुआ की हरकतों से साफ लग रहा था कि वह सेक्स की कितनी भूखी है।

मेरा लंड अब एकदम तन चुका था।
बुआ ने अपना हाथ मेरे लंड पर रखा और मादक अंदाज में बोलीं, “उतार देना अपना लोअर!”

मैंने बिना देरी किए अपना लोअर और चड्डी उतार दी।
मेरा तना हुआ 6 इंच का लंड अब बुआ के सामने था।

बुआ बोलीं, “हाय दैया! कितना बड़ा और मोटा है तेरा लंड!”

बुआ के मुँह से ‘लंड’ शब्द सुनते ही मैं और गर्म हो गया।

तभी बुआ ने कहा, “ला, मैं इसे चूस लूँ!”
बुआ ने मेरा लंड चूसना शुरू किया।

मैंने कहा, “आह… आह… आ आह्हह बुआ!”

बुआ बोलीं, “कितने जमानों के बाद आज लंड मिला है!”
मैंने बुआ से आराम से कहा, “बुआ, तुम्हारी चूत मेरे मुँह पर रखो और मेरा लंड तुम चूसो (69)!”

मैंने बुआ का लहंगा खोल दिया, बुआ ने अंदर कुछ नहीं पहना था।
मैं सीधा लेट गया और बुआ से कहा कि अपनी चूत मेरे मुँह पर रखो।

हम अब 69 पोजीशन में आ गए थे, जो मैंने पोर्न मूवी में देखा था।

मैंने कहा, “कितनी प्यारी चूत है बुआ तुम्हारी! अह्ह ह्ह!”

बुआ बोलीं, “और चाट मेरी चूत… और चाट! आआ आह्हह!”

फिर मैंने बुआ को सीधा लेटा दिया और उनकी चूत चाटने लगा।
चूत चाटने में बहुत मज़ा आ रहा था, बुआ की चूत से पानी भी रिस रहा था।

बुआ मेरा सर अपनी चूत में दबा रही थी।
बुआ चिल्लाईं, “और चाट मेरी चूत को! चाटता रह… आअह्ह ह्ह्ह्हह!”

मैं बुआ की चूत के दाने को अपनी जीभ से मसल रहा था।
बुआ अपनी गांड उठा-उठा कर मुझे चूत चटवा रही थी।

बुआ की चूत से मानो झरना बह रहा था।

फिर मैंने अपना लंड बुआ के मुँह में दे दिया और उसका मुँह चोदने लगा।

बुआ के मुँह से आवाज आई, “अख्ह्ह… अख्ह्ह!”
मैं बुआ के हलक तक अपना लौड़ा पेल रहा था।

फिर मैंने बुआ को दीवार से सटाकर खड़ा किया और थोड़ा झुका दिया।

पहले तो बुआ की गांड पर बहुत सारे किस लिए, फिर बुआ से पूछा, “तेल चाहिए मुझे!”
बुआ ने कहा, “किचन में है!”
मैंने कहा, “ठीक है!”

मैं गया और सरसों का तेल लेकर आया, अपने लंड पर लगाने लगा और कुछ बुआ की चूत और गांड पर मल दिया।
मेरा लंड अब बिल्कुल टनाटन हो गया था और अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था।

मैंने बुआ को दीवार के सहारे खड़ा किया, उनकी पीठ मेरी तरफ थी और वह गांड बाहर निकाले हुई थीं।

मैं धीरे-धीरे अपना लंड उनकी चूत में सेट करने लगा।

बुआ की सिसकारियां माहौल को और गर्म कर रही थीं, “आह्ह… अह्ह्ह… अह्ह ह्हह्ह!”

मैंने झटके से उनकी चूत में लंड घुसाया।
उनकी चूत बहुत टाइट थी, मानो किसी जवान लड़की की हो क्योंकि वह कई सालों से चुदी नहीं थी।

मैंने धीरे-धीरे अपना पूरा लंड उनकी चूत में डाल दिया।
बुआ सिसकीं, “आआ आह्हह! आराम से… अह्हह… उम्म्म!”

मैं बिना रुके उनकी चूत मारे जा रहा था।
बुआ बहुत मजे ले-लेकर चुद रही थी— “आअ ह्हह्ह ह आदिल!” मैं तो अलग ही दुनिया में खो गया था।

बुआ को देखकर लग ही नहीं रहा था कि वह बीमार है।
कमरे में सिर्फ चुदाई की आवाज आ रही थी।

लगभग 1 घंटे तक हम सेक्स करते रहे।

जब मेरा माल गिरने वाला था, तो मैंने कहा, “मेरा गिरने वाला है बुआ!”
बुआ बोलीं, “मेरी चूत में ही गिरा दे! आह्ह!”

मैंने अपना सारा माल उनकी चूत में ही छोड़ दिया।
हॉट बुआ सेक्स के बाद बुआ के चेहरे पर एक अलग ही खुशी थी।

बुआ ने कहा, “आज तो तूने मुझे ठीक ही कर दिया!”

उधर दादी ने सोने का नाटक खत्म किया और हमारी तरफ मुड़ीं।
बुआ और मैं नंगे ही थे।

हम थोड़ा झिझके तो दादी बोलीं, “कोई बात नहीं! तुम दोनों नंगे अच्छे लग रहे हो। कब से मैं तुम दोनों की चुदाई देख रही थी रजाई के अंदर से!”

मेरा लंड लटक रहा था और बुआ की चूत पर मेरा माल लगा हुआ था।
दादी हम फूफी-भतीजे को देखकर मुस्कुरा रही थीं।
फिर हम नंगे ही दादी के पास जाकर लेट गए।

तो दोस्तो, कैसी लगी मेरी हॉट बुआ सेक्स कहानी?
मेल और कमेंट्स में मुझे जरूर बताएं.
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