College Girl Boy Sex Kahani

Latest Hindi Sex Stories added for who looking to read College Girl Boy Sex Kahani to make every night hot about College Girl Boy Sex Kahani story.

Story Start Here :

कॉलेज गर्ल बॉय सेक्स कहानी में मेरी दोस्ती मेरी क्लास की लड़की से हो गयी. एक दिन मैंने उसे प्रोपोज कर दिया और बात बन गयी. उसके बाद जल्दी ही उसने मुझे अपने घर बुलाया.

नमस्कार दोस्तो, आपके लिए अपनी पहली सेक्स कहानी लेकर हाजिर हूँ.

मेरा नाम लकी है. मैं मध्य प्रदेश के नीमच जिले से हूँ.
मेरे पास के जिले मंदसौर और रतलाम हैं और राजस्थान का चित्तौड़ भी पास ही है.

ये मेरी पहली बार वाली चुदाई की कहानी है.

यह कॉलेज गर्ल बॉय सेक्स कहानी मेरे कॉलेज टाइम की है, मतलब आज से 3 साल पहले की.
मैं अपने कस्बे से जिले में बस से पढ़ाई के लिए जाता करता था.

मैं नहीं बल्कि लगभग सारे लड़के-लड़कियां ऐसा ही करते थे.

उनमें से एक लड़की थी दीप्ति … वह क्लास की टॉपर हुआ करती थी.
उसने और मैंने सेम सब्जेक्ट में एडमिशन लिया था तो उससे मेरी बोलचाल शुरू हो गई और हम दोनों ने अपने मोबाइल नंबर भी आपस में शेयर कर लिए थे.

मैं उसे पसंद भी करता था, पर कभी बोल नहीं पाया.
हमारी बातचीत व्हाट्सएप पर होती रही.
हमारी दोस्ती गहरी होती गई.

मैंने दीप्ति के लिए अलग प्लान बनाया था.
उसके साथ शहर जाकर पार्टी करने का प्लान था.

मैंने उसे बोल भी दिया था कि शहर में किसी होटल में बर्थडे मनाऊंगा.

फिर मेरा बर्थडे आ गया.
मैंने सभी को पार्टी दी थी पर हमारे यहां लड़कियों को इतना खुला नहीं रखते कि लड़कों की बर्थडे पार्टी में जाएं.
मैंने अपने मित्रों के साथ पार्टी मना ली और दिन के 2 बजे शहर आ गया.

दीप्ति और मैं होटल पहुंच गए.
उसने कहा- बाकी दोस्त कहां हैं?

मैंने कहा- उनके साथ पार्टी हो गई है. पर अपने शहर के लोगों को ध्यान में रखते हुए मैंने तुम्हारे और मेरे लिए शहर में पार्टी रखी है.

उसने कहा- मेरा इतना ध्यान रखा … उसके लिए बहुत धन्यवाद!
मैंने कहा- इसकी ज़रूरत नहीं है … तुम मेरी खास दोस्त हो.

हमने केक काटा और भी मनपसंद चीज़ें खाकर पार्टी एंजॉय की.
फिर पास के एक सुंदर से गार्डन में आकर हम दोनों बैठ गए.

आज मेरा पूरा मन था कि उसको कैसे भी करके प्रपोज़ कर ही दूँ.
मैं आप को झिझक के चलते यह बात बताना भूल गया कि मैं दिखने में काफी हैंडसम और फिट हूँ. यह बात बताना इसलिए भी जरूरी लगी क्योंकि दीप्ति मेरे ऊपर शायद इसलिए मारती थी.

फिर मैंने उसे गिफ्ट दिया और हम दोनों की बातें शुरू हो गईं.
मैंने कहा- मुझे तुमसे कुछ कहना है!
उसने कहा- कहो.

मैंने कहा- मुझे डर लग रहा है.
उसने कहा- मैं तुम्हारी बेस्ट फ्रेंड हूँ और तुम भी मेरे … फिर क्यों डरना?

मैंने हिम्मत करके कहा- मैं तुमसे प्यार करने लगा हूँ. तुमको चाहने लगा हूँ, तुम्हारे बिना मुझे सब अधूरा लग रहा है!

मैंने उसका मुँह देखा.
उसने कहा- मैं भी तुम्हें पसंद करती हूँ, पर एकदम से ये एक्सेप्ट नहीं कर सकती. मुझे कल तक का वक्त दो.
मैंने कहा- ठीक है.

फिर हम अपने-अपने घर आ गए.

मुझे उस रात नींद ही नहीं आई … बड़ी मुश्किल से रात कटी.

अगले दिन संडे था, तो कॉलेज की छुट्टी थी.
मैं उसके रिप्लाई का इंतज़ार करने लगा.
दोपहर हो गई, कोई मैसेज नहीं आया.

मैंने कई मैसेज कर दिए थे सुबह से ‘क्या हो गया? कुछ बताओगी?
मैंने और भी बहुत कुछ लिख कर उससे पूछा, पर उसका कोई जबाव नहीं आया.

मैं बहुत बेचैन होने लगा.
शाम हो गई … फिर भी कोई मैसेज नहीं आया, अब मैं बहुत परेशान हो गया.

मैंने सुबह से खाना भी नहीं खाया था,
मेरे दिमाग ने काम करना बंद कर दिया था.

फिर रात को 9 बजे दीप्ति का मैसेज आता है ‘आई लव यू टू लकी, लव यू सो मच … तुमने इतने दिन लगा दिए ये बात कहने में. मैं तो तुमको कब से ही चाहती थी!’

यह सब पढ़ कर मेरी खुशी का ठिकाना ही नहीं रहा.
मुझे लगा कि मैं सपना तो नहीं देख रहा हूँ.

मैंने कहा- जब तुम मुझसे प्यार करती थी तो इतना क्यों बैचेन किया मुझे? उसी वक्त क्यों नहीं बोला?
उसने कहा- मैं तुम्हारे मजे ले रही थी, तुम्हें तड़पा रही थी!

मैंने कहा- तुमने तो सच में मेरी जान ही निकाल दी थी.
फिर उसने कहा- इसके लिए सॉरी और खाना खा लेना … मुझे पता है तुमने खाना नहीं खाया होगा!

मैंने कहा- हां यार … वास्तव में मैंने लंच भी नहीं किया था. तुम सच में मुझसे प्यार करती हो यार … थैंक्यू सो मच लव यू सो मच यार!

फिर हम दोनों ने बहुत बातें कीं और सो गए.

अगले दिन हम दोनों बस में मिले.
दोनों ने एक-दूसरे को देखकर स्माइल पास की.
साथ में सीट पर उसकी चुनरी में हाथ में हाथ लेकर बैठ गए और बातें करने लगे.

ऐसे कुछ दिन बातें करते-करते हमारी बातें सेक्स तक पहुंच गईं
आखिरकार वह दिन भी आ ही गया, जब अंग से अंग के मिलन की बेला थी.

उसके मम्मी के बुआ के यहां शादी थी, तो सभी लोग शादी में जाने लगे.
वह बहाना बनाकर रुक गई.

उसके साथ उसकी बूढ़ी दादी थीं.
बाकी सब घर चले गए.

उसने मुझे कॉल करके सब बता दिया.

मैंने अपने घरवालों को बता दिया कि मैं अपने दोस्त के यहां जा रहा हूँ. लेट हो गया तो वहीं सो जाऊंगा!
ऐसे कहकर मैं निकल गया.

रात के 8 बजे मैं उसके घर पहुंचा.

उसकी दादी बूढ़ी थीं तो टेंशन नहीं थी.
उन्हें कम सुनाई देता था और शरीर से भी कमजोर थीं.
वे लाठी लेकर चलती थीं.

दीप्ति मुझे अपने कमरे में ले गई और पानी लेकर आई.
मैंने पानी पिया.

उसने पूछा- खाना खाया?
मैंने कहा- नहीं!

फिर वह खाना लेकर आई.
मैंने कहा- तुम खिलाओ मुझे … मेरी गोद में बैठकर!
उसने सेक्सी स्माइल देकर कहा- ओके.

फिर वह प्लेट लेकर मेरी गोद में बैठ गई और मुझे खिलाने लगी.
इस बीच मैंने उसे किस किया, उसके मम्मे भी दबा दिए.

वह बोली- अभी तो रुक जाओ यार, पूरी रात पड़ी है.
पर मैं तो बेसब्र था … कैसे रुकता.
मैंने खाना खाया, दूध पिया.
वह बर्तन रखकर आई और कमरा लॉक कर दिया.

लॉक करते ही मैंने उसे गले से लगाकर किस करना शुरू कर दिया, उसके मुँह में अपनी ज़ुबान घुमाने लगा.
दस मिनट तक ऐसे ही ज़ोर-ज़ोर से किस करता रहा और उसकी गांड दबाता रहा.

फिर हम दोनों दूर हुए और एक-दूसरे के कपड़े खोलने लगे.
उसका बदन एकदम फिट था. चेहरा तो बिल्कुल चाँद जैसा था.

कुछ ही देर में मैं सिर्फ़ अंडरवियर में और वह सिर्फ़ ब्रा-पैंटी में रह गई थी.

फिर मैंने उसकी ब्रा भी खोल दी.

उसके दोनों दूध उछल कर बाहर आ गए और मेरी आंखों में वासना का दरिया उफनाने लगा.
आय हाय … उसका बदन बिल्कुल हिमालय के बर्फ जैसा सफेद और चमकदार दिख रहा था.
मुझे तो जैसे जन्नत के दर्शन हो गए थे.

मैंने उसके फूल जैसे मम्मों को अपने हाथों से थामा और उसकी वासना से तप्त आंखों को देखते हुए दूध दबाने लगा.

वह अपने होंठ काटती हुई मुझे देख रही थी, तो मैंने उसके एक निप्पल को अपने होंठों में दबाया और खींचते हुए चूसने लगा.
उसकी मादक कराहें और कामुक सिसकारियां निकलने लगीं.

मैं किसी भूखे जानवर की तरह उसके एक दूध को चूसने लगा और दूसरे को हाथ से मसलने लगा.

धीरे धीरे मेरी वासना बढ़ने लगी और मैं पूरी ताकत से उसके मम्मों को किसी गाय के थनों के जैसे दुहने लगा था.

उसको दर्द होने लगा था तो उसने कहा- धीरे करो न … मुझे दर्द हो रहा है .. मैं कहीं भागी थोड़ी जा रही हूँ!
उसकी बात सुनते ही मैंने उसके मम्मों को चूसना और मसलना बंद कर दिया.

अब मैंने उसकी पैंटी को नीचे खींच कर उतार दी.
मेरे सामने उसकी बिल्कुल गुलाब जैसी चिकनी चूत थी. देख कर ही मालूम पड़ रहा था कि उसने मेरे लिए ही अपनी बुर की झांटों को आज ही साफ किया था.

मुझे तो सच में यह सब कॉलेज गर्ल बॉय सेक्स एक सपना ही लग रहा था.

वह मादक स्वर में अपनी चुत उठाती हुई बोली- कैसी लगी मेरी मुनिया?
मैंने उसकी चूत पर हाथ घुमाया तो बिल्कुल मखमल जैसी नरम और चूत का अहसास हुआ.

मैंने उसे देखते हुए कहा- एकदम मक्खन माल हो तुम!

तो उसने एक गहरी सांस ली और लाज से शर्मा कर अपने चेहरा ढक लिया.
उसके मुँह से सिर्फ धत्त निकला.

फिर मैंने उसकी टांगें चौड़ी करके देखा तो चुत की दोनों फाँकें आपस में चिपकी हुई थीं और उसमें बीचों बीच एक छोटा-सा छेद दिख रहा था.
साफ समझ आ रहा था कि दीप्ति बिल्कुल वर्जिन और नई-नवेली चूत वाली लौंडिया है.

अब मैंने उसकी चूत पर अपना मुँह लगा दिया और जीभ अन्दर डालने लगा. वह सिहर उठी.
इधर मुझे उसकी बुर से गजब महक आई तो मन मचल उठा.

सच में क्या मादक महक थी उसकी चूत की.
मेरे मुँह लगाने से वह एकदम से सिहरने लगी और आह आह करने लगी.

मैंने उसकी चुत को चूस-चूस कर उसका पानी निकाल दिया और चुत को चाट कर एकदम चमका दी.

अब उसने मेरी अंडरवियर निकाली.
मैंने भी लौड़े की शेविंग कर रखी थी.

उसने देखा और बोली- अरे बाप से इतना मोटा …
मैंने कहा- कोई बात नहीं तुम चिंता न करो … मैं तुम्हारा पूरा ध्यान रखूँगा. अब तुम इसे मुँह में लेकर इसे तैयार करो!

वह बोली- छी: इसे और मुँह में … कभी नहीं!
मैंने कहा- सब करते हैं यार … तुम्हें भी मज़ा आएगा मेरी बात मान लो!

बहुत मनाने और समझाने के बाद वह मेरी बात मान गई.
झिझकती हुई उसने अपनी जीभ की नोक से मेरे लंड के सुपारे को टच किया और नमकीन स्वाद आने पर वह मेरे लौड़े को चूसने लगी.

मुझे भी मजा आने लगा और उसकी तन्मयता से लंड चूसना देख कर मैं भी एकदम से चरम पर आ गया और 5 ही मिनट में मैं उसके मुँह में ही झड़ गया क्योंकि पहली बार किसी ने मेरा लंड मुँह में लिया था.

कुछ देर तक एक दूसरे को प्यार करने के बाद हम दोनों पुनः गर्म हो गए और चुदाई के लिए तैयार हो गए.

मैंने दीप्ति की कमर के नीचे तकिया लगाया ताकि चूत बिल्कुल सही पोजीशन पर आ जाए.
साथ ही मैंने एक चादर भी नीचे बिछा ली ताकि खू.न निकले तो बेड गंदा ना हो.

उसने कहा- धीरे करना प्लीज़ … मेरा पहली बार है!

मैंने कहा- तुम मेरी जान हो, जरा सी भी टेंशन ना लो यार.

मैंने उसकी चूत और मेरे लंड पर ढेर सारा थूक लगाया और लंड को सैट कर दिया.
उसने अपनी चुत पर लौड़े की गर्मी का अहसास किया तो कमर को चलाती हुई वह लौड़े का मजा लेने लगी.

इसी दौरान मैंने उसके होंठों पर होंठ रख लिए, एक हाथ से उसके बदन को पकड़ा और दूसरे हाथ से लंड को चूत पर रखकर एक ज़ोरदार धक्का दे दिया.

चिकनी चुत थी तो मेरा आधा लंड उसकी चूत को चीरता हुआ अन्दर चला गया.
उसे मानो ऐसा लगा कि उसकी चुत में कोई खूंटा गाड़ दिया हो.

उसकी आंखें बाहर आ गईं, वह छटपटाने लगी.
चूंकि मैंने उसका मुँह अपने मुँह से बंद किया हुआ था तो उसकी चीख मेरे मुँह में ही रह गई.

उसकी आंखों से आंसू आने लगे … नीचे चुत से खू.न भी बहने लगा.

मैं थोड़ी देर ऐसे ही रुका रहा मैंने मुँह नहीं हटाया … अपने हाथ से उसके दूध के निप्पल को मींजता रहा.
इससे उसे कुछ ठीक सा लगा और उसके शांत होने के बाद मैंने हल्के-हल्के धक्के देने शुरू कर दिए.

वह कराह तो रही थी लेकिन विरोध नहीं कर रही थी.

मैंने मौका देखकर एक और ज़ोरदार धक्का दे दिया.
इस बार मेरा पूरा लंड उसकी चुत में अन्दर तक घुसता चला गया था.

वह फिर से छटपटाई, पर मेरी पकड़ मज़बूत थी … मैं वैसे ही रुका रहा.
उसकी आंखों से आंसू बह रहे थे.

फिर उसका दर्द कम होने के बाद मैंने धीरे-धीरे लंड को चुत में अन्दर-बाहर करना शुरू किया.
बाद में मैंने अपना मुँह उसके होंठों से हटा लिया. अब उसे भी मज़ा आने लगा था.

वह भी नीचे से धक्का देने लगी.
यह देख कर मैंने स्पीड तेज़ कर दी और ज़ोर-ज़ोर से उसकी चुदाई करने लगा.

वह चुदाई के दौरान दो बार झड़ चुकी थी तो चुत में मस्त चिकनाई हो गई थी और मेरा लंड सटासट चलने लगा था.

कुछ देर बाद अब मैं भी झड़ने वाला हो गया था.
आखिरी के 5-6 ज़ोरदार झटकों के साथ मैं भी उसकी चूत में झड़ गया.

लंड ऐसे ही चुत में पेले रखकर मैं उसके ऊपर ही लेट गया.
मेरा लंड उसकी चुत में ही वापस फुंफकार मारने लगा और उसी वक्त दूसरा राउंड शुरू हो गया.

कुछ देर चुत पेलने के बाद मेरे मन में उसकी गांड मारने की तीव्र इच्छा हुई.

मैंने उससे कहा- मुझे तुम्हारी गांड भी मारनी है!
उसने कहा- आज नहीं, मुझे पहले ही बहुत दर्द हो रहा है!

पर मैंने दबाव बनाया तो वह मान गई.

मैंने तेल लिया, उसकी गांड में और मेरे लंड पर बहुत सारा तेल लगाया.
फिर पोज बना कर लौड़े को गांड में घुसेड़ने लगा.

बड़ी मुश्किल से उसकी गांड के अन्दर मेरा टोपा गया.
वह दर्द के मारे चीखने लगी.

मैंने उसके मुँह पर हाथ रखा और एक ज़ोर का झटका दे दिया, तो मेरा आधा लंड उसकी गांड में घुस गया और वह तड़फने लगी.
उसकी गांड फट गई थी और गांड में से खू.न निकलने लगा था.

मैं रुका रहा, फिर थोड़ी देर बाद मैं लौड़े को गांड में अन्दर-बाहर करता गया और धीरे-धीरे करके मैंने पूरा लंड अन्दर तक डाल दिया.
उसकी हालत खराब हो गई थी, पर मेरे लिए वह पूरा साथ दे रही थी.

मेरा भी लंड दुखने लग गया था, क्योंकि मेरा भी पहली बार था.
कुछ देर बाद मैं झड़ गया.

झड़ने के बाद मैंने उसे अपने ऊपर अपनी बांहों में ले लिया.
उसने कहा- तुमने तो मेरी हालत पतली कर दी, पर कोई बात नहीं. मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूँ आई लव यू सो मच हनी!

मैंने भी कहा- तुमको तो पता है ना यार पहली बार में सील टूटने पर ये तो होता ही है! अब तो तुम्हें भी मज़ा ही मजा आएगा बस.

ऐसी ही प्यार भरी बातें करते हुए मैं अपने लंड को उसकी चूत में ही रखकर प्यार करने लगा और हम दोनों ऐसी ही अवस्था में सो गए.

सुबह 5 बजे मेरी नींद खुली.
हम दोनों ऐसे ही नग्न लेटे हुए थे.

वह मेरे ऊपर लेटी थी.
मैंने उसे जगाया, क्योंकि मेरा मूड फिर से चुदाई का बन गया था.

उसने कहा- यार अभी तो सोने दो, अब तो तुम्हारी ही हूँ … जब चाहे कर लेना!
पर मैं नहीं माना, उसे घोड़ी बनाकर लंड डाल दिया.

उसे हल्का-सा दर्द हुआ, हल्की-सी चीख भी निकली ‘आह.’

मैंने फटाफट उसकी चुदाई शुरू कर दी.
मुझे बड़ा मज़ा आने लगा.

वह भी सहज होकर लंड लेने लगी थी.

कोई 15 मिनट की चुदाई के बाद मैंने उसकी चूत में ही सारा माल खाली कर दिया और दुबारा से हम दोनों सो गए.

फिर हम दोनों सुबह 7 बजे उठे.
उसकी हालत चलने लायक नहीं थी.
तो मैं उसे उठाकर बाथरूम में ले गया.
उसे फ्रेश करवाया.

उसकी चूत में से पेशाब निकलने की आवाज़ भी बड़ी निराली थी.
फिर मैंने उसे शॉवर के नीचे खड़ी करके नहलाया.

फिर कमरे में आकर मैंने चादर देखी. उस पर बहुत खू.न और माल लगा हुआ था.
मैंने उसे हटाया और जलाने के लिए अलग रख दिया.

फिर मैंने उसे नाश्ता करवाया और वहां से निकल गया.
वापस आकर मैंने मेडिकल से गर्भ निरोधक गोली लाकर उसे दी ताकि कोई रिस्क वाला मामला ना रहे.

उसके बाद तो मैंने उसे हर तरीके से चोदा. मैं उसे लगभग रोजाना ही चोदता हूँ.
आज भी उसे मज़े से चोदा है और उसकी सहमति से ही इस सेक्स कहानी को लिखा है.
वह मेरे लौड़े पर एकदम फिदा है.

अब मेरे लंड को एक नई चूत की तलाश है … क्योंकि वह चाहती है कि मैं उसके सामने एक नई चुत चोदूं!
कॉलेज गर्ल बॉय सेक्स कहानी पर आपके क्या विचार हैं, प्लीज जरूर लिखें.
luckypatelnmh@gmail