Young Sex Girl Story – रिश्तेदारी में आयी लड़की की चुदाई

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Story Start Here :

यंग सेक्स गर्ल स्टोरी में मेरी मौसी की पोती हमारे घर रह कर पढ़ रही थी. वह पड़ोस के एक लड़के से चुद गयी तो मैंने भी उसकी चूत का मजा लेने का सोचा.

नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम मंगल है. मेरी उम्र 19 साल है और मैं उत्तर प्रदेश के लखनऊ जिले का रहने वाला हूँ.
मैं हिंदी सेक्स स्टोरी का नियमित पाठक हूँ.

यह यंग सेक्स गर्ल स्टोरी उन दिनों की है, जब लॉकडाउन चल रहा था.

लॉकडाउन में पढ़ाई के लिए हमारी मौसी की पोती हमारे घर रहने आई.

वह देखने में बहुत ही खूबसूरत थी और उसकी उम्र 18 साल की थी.
वह देखने में किसी अप्सरा से कम नहीं लग रही थी.

जब वह पहली बार मेरे घर आई तो मैंने मन ही मन उसे चोदने का फैसला कर लिया था.

पहले तो मुझे उससे कुछ कहने की हिम्मत नहीं हुई.
लेकिन कुछ दिनों बाद मौका मिल गया.
कुछ दिनों में ही वह परिवार से घुल-मिल गई थी और घर के सारे कामकाज में हाथ बंटाने लगी थी.
काम-काज के साथ साथ वह अपनी पढ़ाई में भी काफी मशगूल रहने लगी थी.

मैं उससे एक क्लास आगे था, इसलिए वह मुझसे अपनी पढ़ाई को लेकर बात करती रहती थी और क्लास से मिला अपना होमवर्क भी पूरा करवाने में मेरी मदद लेती थी.
बदले में मैं उससे अपने कपड़े धुलवा लेता था तो वह सहजता से मेरे सारे काम कर देती थी.

इस तरह की बातों के आगे कोई काम की बात आगे नहीं बढ़ पा रही थी.
ऐसे करते-करते एक साल बीत गया.

फिर धीरे-धीरे गाड़ी लाइन पर आती दिखाई देने लगी थी.
दरअसल हमारे घर रहते हुए ही उसको एक लड़के से प्यार हो गया था.

यह बात मुझे पता चली, तो मैंने उससे उसके बारे में पूछा.
उसने मुझे सब कुछ बता दिया.

एक दिन मम्मी-पापा सब लोग मां के यहां गए थे.
मैं और शालिनी घर पर अकेले थे.

तभी बाहर से एक खीरा बेचने वाले की आवाज़ आई.
मैं गया और 10 रुपये के खीरे ले आया. हम दोनों खीरे काटकर खा रहे थे.

तभी शालिनी ने मेरे मुँह में जबरदस्ती खीरा ठूँस दिया.
मैंने भी एक दूसरा खीरा लेकर उसके मुँह में ठूँस दिया.

मैंने उसके मुँह में खीरा छोड़ दिया, जो उसके मुँह में फंस सा गया था.
इस बात से वह नाराज़ हो गई और बोली- बेशर्म कहीं का … शांत रहा कर जरा!

उसने खीरा निकाल दिया था और मुझसे नाराज सी हो गई थी.
वह खीरा नहीं खा रही थी.

मैंने उसके दोनों हाथ पकड़ लिए और उसके ऊपर लेट गया.
फिर मैंने कहा- अगर मेरे हाथ से खीरा नहीं खाओगी, तो मैं तुम्हें किस कर दूँगा!

उसने विरोध किया और कहने लगी- मैं मौसी से सब कुछ बता दूँगी!
मैंने कहा- अच्छा? तो मैं भी तुम्हारे बारे में तुम्हारे पापा को बता दूँगा कि तुम उस लड़के से प्यार करती हो और उससे अपनी चूत चुदवा रही हो!

यह सुनकर वह एकदम से घबरा गई और बोली- यह क्या कह रहे हो?
मैंने कहा- मुझको सब पता है कि तुम अपनी गांड मरवाती हो!
वह चिल्लाई- बेशर्म कहीं का … बकबक मत कर … शांत रह!

मैंने मौका देखा और उसके होंठों पर किस करने लगा.
पहले तो वह विरोध कर रही थी, पर बाद में वह ढीली पड़ गई थी.

कम से कम दस मिनट तक मैंने उसे किस किया.
वह बिल्कुल खामोश पड़ी रही.
शायद वह किस को लेकर कुछ सोच रही थी.

फिर वह बोली- मौसी को आने दो, सब कुछ बता दूँगी.
मैं डर गया था कि कहीं वास्तव में यह सब बता न दे और मैं घर में पिट न जाऊं.

लेकिन जब सब लोग घर वापस आए तो उसने किसी को कुछ नहीं बताया.
शायद उसे भी डर लगने लगा था कि अगर उसने कुछ बता दिया, तो मैं भी उसके बारे में सब बता दूंगा.

जब उसने किसी से कुछ नहीं कहा, तो मैं समझ गया कि अब गाड़ी पटरी पर आ सकती है. मेरी बात धीरे-धीरे बनने लगी.

कुछ रोज़ बाद की बात है.
उस दिन मैं अपनी छत पर दोस्त से बात करने के लिए आया, तो वह भी पीछे-पीछे आ गई.

उसने कहा- अपना फोन कुछ देर के लिए मुझे दे दो, मुझे उनसे बात करनी है.

मैंने कहा- तुमने हमारी बात नहीं मानी थी, तो मैं तुम्हारी बात कैसे मानूँ?
वह बोली- कौन-सी बात?
मैंने कहा- मुझे सिर्फ़ 5 मिनट का मजा चाहिए और फिर तुम पूरी रात जो चाहो बात करो.

उसने हंस कर मना कर दिया.
मैंने उसे जबरदस्ती उठाकर खटिया पर लिटा लिया और उसके ऊपर चढ़ गया.
वह मेरा विरोध भी कर रही थी और हंस भी रही थी.

मैंने कहा- अगर बात करनी है, तो मुझे एक बार खुशी दे दो, फिर फोन ले जाओ और जाकर बात करो!

वह इतरा कर बोली- मुझे बात करनी ही नहीं है, मेरे ऊपर से हटो!
मैं धीरे-धीरे अपनी पैंट खोलने लगा.
जैसे ही मैंने बेल्ट खोली, उसने मेरी बेल्ट पकड़ ली.

‘रहने दो यार, यह सब मुझसे नहीं होगा. मैं तुम्हें किसी और लड़की की दिला दूँगी!’

मैंने कहा- नहीं, मुझे तो तुम्हारी ही चाहिए, क्योंकि तुम ही मेरे सपनों की रानी हो. मैं तुमको चोद कर ही मानूँगा!
उसने विरोध किया, मुझसे खुद को छुड़ाने लगी लेकिन मैंने उसे दबोच कर कंबल ओढ़ लिया.

वह बोली- कंबल क्यों ओढ़ रहे हो?
मैंने कहा- अगर मैं तुमको खुले में चोद दूँगा तो कोई देख न लेगा!

उसने कहा- क्या बेवकूफी कर रहे हो? मैं तुम्हारी मौसी की पोती हूँ!
मैंने कहा- तुम एक लड़की हो और लड़की का काम होता है अपनी चूत को किसी लौड़े से चुदवाना!

उसने मुझे ज़ोर से धक्का दिया और खटिया से उठकर जाने लगी.
मैं समझ गया कि आज काम नहीं बनने वाला.

तभी मम्मी ने नीचे से आवाज़ दी- शालिनी कहां हो? नीचे आओ.
मैंने उसे फोन दे दिया और कहा- जो बात कर लो जाकर. आज नहीं तो किसी दिन और ले लेंगे.
वह हंस दी.

मैंने पूछा- कब दोगी?
वह मुझे चिढ़ाती हुई बोली- कभी नहीं!

फिर वह फोन पर बात कर रही थी.
तभी मैंने पीछे से उसके दूध पकड़ लिए और जोर-जोर से मसलने लगा.
उसने मुझे धक्का देते हुए कहा- क्या कर रहे हो? मुझे दर्द हो रहा है.

तभी मम्मी ने दूसरी बार आवाज़ लगाई- शालिनी!
वह वहां से चली गई.

मैं भी नीचे जाकर सो गया.
मैं जान चुका था कि अब इसे मैं चोद कर ही मानूँगा.
वह मुझे चिढ़ाती हुई चली गई.

दो दिन बाद शाम को मैं छत पर लेटा हुआ था.
वह मेरे पास आई और बोली- मुझे थोड़ी देर के लिए अपना फोन दे दो, बात करनी है!

मैंने कहा- मैंने भी तो तुमसे तुम्हारी चुत थोड़ी देर के लिए ही मांगी थी, लेकिन तुमने तो दी नहीं तो मैं कैसे दे दूँ?
वह बोली- प्लीज़ … प्लीज़ … मुझे बात कर लेने दो!
वह गिड़गिड़ाने लगी.

मैंने कहा- मुझे तुमसे प्यार हो गया है. जो खुशी तुम्हें वह लड़का दे सकता है, वह खुशी मैं भी तुम्हें दे सकता हूँ. इस सबके लिए उसे क्यों बोलती हो? जब मैं तुम्हारे पास हूँ, तो मुझे ही प्यार किया करो न!
उसने कहा- वह मेरा पहला प्यार है … मैं उसे छोड़ नहीं सकती.

मैंने कहा- अगर तुम उससे नहीं छोड़ सकती, तो मैं भी तुम्हें फोन नहीं दे सकता.
उसने कहा- प्लीज़ … थोड़ी सी देर के लिए ही मांग रही हूँ … बस 2 मिनट बात कर लेने दो न!

मैंने कहा- मुझे भी तो बस 2 मिनट करने दो अपने बस खेलने दो … अपनी चूत मेरे हवाले कर दो.
वह शर्मा कर जाने लगी.

मैंने उसे पीछे से पकड़ कर उठा लिया और छत पर जो कमरा बना था, उसके अन्दर ले गया.
फिर उसके पीछे से लगी चड्डी में हाथ डालकर उसकी चूत को छूने लगा. उसकी चूत पूरी तरह से गीली थी

मैंने चूत में एक उंगली डाली.
एक उंगली बहुत ढीली पड़ रही थी, इसलिए मैंने दो उंगलियां डाल दीं और अन्दर-बाहर करने लगा.

फिर मैंने उसकी पैंट उतारने की कोशिश की, तो वह विरोध कर रही थी.

मैंने उसे जमीन पर लिटा दिया.
उसने कहा- ऐसे करना ठीक नहीं है. मैं मौसी को सब कुछ बता दूँगी!

मैंने कहा- जो तुमने मेरे फोन से बात की है, वह भी मैं अपने पापा को दिखा दूँगा, तुम्हारी पढ़ाई और चुदाई … सब कुछ बंद करवा दूँगा और तुम्हारे पापा को सब बता भी दूँगा.
उसने कहा- तुम ऐसा कुछ नहीं करोगे.

मैंने उसे लिटा दिया और उसकी टांगों को पकड़ कर ऊपर की तरफ उठा दिया.
जैसे ही मैंने उसकी पैंट उठानी शुरू की, तो उसने कहा- धूल लग जाएगी.

मैंने कहा- बताओ, खटिया लाऊं?
उसने कहा- हां जाओ ले आओ.

वह मुझे छूटना चाहती थी.
जैसे ही मैं खटिया लेने गया, वह वहां से जाने लगी.

मैंने उसे फिर से उठाकर गोदी में लिया और खटिया पर जाकर लिटा दिया.
मैं फिर से उसकी पैंट निकालने लगा.
अपनी टांगों को क्रॉस करके वह अपनी पैंट पकड़ी हुई थी.
मैं भी नहीं माना और उसकी पैंट निकाल दी.

मेरे लंड में तूफान मार रहा था कि कब उसकी चूत के दीदार होंगे.
रात का समय था इसलिए काफी अंधेरा हो गया था.

मैंने पहले कभी सेक्स नहीं किया था.
मेरा यह पहली बार वाला मामला था तो मुझे कुछ मालूम नहीं था कि अपने लंड को कहां डालना है.

फिर मैंने उसकी चूत में दो उंगली डालीं और अन्दर-बाहर करने लगा.
वह छटपटाने लगी.
मैं भी उसके ऊपर लेट गया.

इतना सब कुछ करने के बाद मैं उसे बिना चोदे ही झड़ गया.
मेरा वीर्य सब पैंट में ही निकल गया.

वह भी बहुत विरोध कर रही थी तो झड़ने के बाद मैं ढीला हो गया और वह मुझसे छूट गई.
मैंने उसे फिर से पकड़ा और होंठों पर किस करने लगा.
कम से कम 15 मिनट तक किस करने के बाद उसने मुझे धक्का दिया और भाग गई.

मैंने सोच लिया था कि आज तो बच गई साली, लेकिन अगला मौका जब आएगा, तो इसे चोद कर ही मानूँगा.

उस घटना के अगले दिन हमारे मामा के यहां कोई फंक्शन था.
इसलिए मम्मी-पापा को वहां जाना था.

मैंने जाने से मना कर दिया और उसने भी मना कर दिया
क्योंकि उसके एग्ज़ाम आने वाले थे और मेरे भी.

जैसे ही दोनों लोग घर से चले गए, मैंने सोचा कि आज काम ज़रूर बनेगा.
आज चाहे जो कुछ भी हो जाए, मैं इसको चोदे बिना नहीं मानूँगा.

घर में हम दोनों अकेले रह गए थे.
मैं उसके साथ जबरदस्ती करने लगा और बोला- आज मुझे तुम्हारी चूत से खेलना है!

वह मना कर रही थी.
मैंने उसे अपनी गोदी में उठा लिया.
और घर के कमरे में जाकर बेड पर पटक दिया.

मैंने उसे जोर-जोर से किस करना शुरू कर दिया.
वह समझ चुकी थी कि आज मैं उसे बिना चोदे नहीं छोड़ूँगा.
फिर भी उसने अपना विरोध जारी रखा.

धीरे-धीरे मैंने हाथ उसके दूध पर रखा और धीरे-धीरे मसलने लगा.

जब मैं उसके ऊपर लेटा तो मुझे ऐसा महसूस हो रहा था जैसे मैं किसी बहुत नरम गद्दे पर लेटा हूँ.

फिर मैंने उसकी दोनों टांगें ऊपर उठाईं, तो उसे पता चल गया कि अब मैं उसकी पैंट निकालने वाला हूँ.
उसने अपनी पैंट को बहुत ज़ोर से पकड़ लिया.

मैंने उसकी दोनों टांगों को एक हाथ से पकड़ लिया और दूसरी तरफ़ से उसकी पैंट को चूतड़ों की तरफ़ से खींचने लगा.

क्योंकि आगे से तो वह अपनी पैंट को बहुत मज़बूती से पकड़ी हुई थी.

आख़िरकार मैंने उसकी पैंट निकाल ही दी.
फिर मुझे उसकी चूत के दर्शन हुए.
उसकी चूत बिल्कुल सफ़ेद थी .. बिल्कुल दूध जैसी.

मैंने उसकी चूत में दो उंगलियां डाल दीं और अन्दर-बाहर करने लगा.
अचानक से उसने मुझे एक ज़ोरदार लात मार दी तो मैं नीचे गिर गया.

फिर क्या था, मैंने तुरंत उठा और उसे पकड़ कर चित लिटा लिया.
वह कुछ समझ पाती कि मैंने अपना मुँह उसकी चूत पर रख दिया और जोर-जोर से चूसने लगा.

मैंने कम से कम 10 मिनट तक उसकी चूत को चूसा.
उसकी चूत का स्वाद थोड़ा नमकीन था.

मैं चूसता गया … चूसता गया …
आख़िरकार उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया.

फिर मैंने अपनी पैंट से अपना लंड निकाला.
मेरा 6 इंच का लंड देखकर वह डर गई और बोली- रहने दो … आज नहीं … फिर किसी दिन कर लेना!

मैंने कहा- मेरी जान आज जैसा मौका कभी नहीं आएगा. घर में तुम अकेली मिली हो … तो आज मैं तुम्हें चोदे बिना नहीं मानूँगा!

उसने अपनी चूत पर हाथ रख लिया ताकि मेरा लंड अन्दर न जा सके.
मैंने उसके हाथ हटाए और उसकी एक टांग को एक हाथ से पकड़ लिया.

मैंने कहा- बस आज भर मुझे मजा दे दो … फिर मैं तुम्हें बिल्कुल परेशान नहीं करूंगा. पूरी तरह आज़ाद कर दूँगा.

फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ना शुरू किया.
मुझे तो पता ही नहीं था कि चूत ठीक कहां पर होती है.
मैं अपना लंड उसकी चूत पर इधर-उधर करता रहा और जब लौड़े को छेद नहीं मिला, तो मैंने अपनी एक उंगली उसकी चूत में डाल दी.

तभी मुझे छेद का समझ में आ गया कि यहीं पर … इसी जगह पर अपना लंड इसकी चूत में डालना है.

मैंने उसी जगह पर अपना लंड सैट किया और एक ज़ोरदार झटका मार दिया.

मेरा 6 इंच लंड आधा से ज्यादा उसकी चूत में घुस गया था.

वह कराहने लगी और चिल्ला उठी- आह मर गई … मुझे बहुत दर्द हो रहा है इसे बाहर कर लो.

मैंने उसकी बात सुन कर अपना लंड बाहर निकाल लिया.
वह उठकर जाने लगी.
मैंने फिर से उसे पकड़ कर पटक दिया और उसकी चूत में अपना लंड डाल दिया.

कुछ ही देर में उसकी चूत ढीली हो चुकी थी.
फिर मैंने एक और ज़ोरदार झटका मारा और पूरा का पूरा 6 इंच लंड उसकी चूत में घुस गया.
उसके आंसू बहने लगे.

मैंने कहा- जब वह हरामी तेरी चूत में डालता है, तब तो दर्द नहीं होता? आज मैंने डाला तो दर्द होने लगा!
वह कुछ नहीं बोली.

मैं झटके देने लगा.
उसके मुँह से कामुक स्वर निकलने लगा ‘आह … आह … आह … ए … इ … इ … उ … बचाओ मुझे इस राक्षस से … आह साला मेरी चूत को फाड़ रहा है … इसके लंड से मुझे कोई तो आज़ाद कराए!’

मैंने देखा कि वह बहुत तेज़ स्वर में चिल्लाने लगी थी, तो मैंने एक हाथ उसके मुँह पर रख दिया और झटके पर झटका देने लगा.
उसके मुँह से सिर्फ़ ‘म्म्म … म्म्म … ’ जैसी आवाज़ें निकल रही थीं.

मैंने कहा- अरे अभी तो तेरी चूत फाड़ी है … जब ढीली हो जाए तो दूसरा राउंड भी लगाऊंगा! अभी तो तेरी गांड भी नहीं मारना बाकी है … आज तो तेरी गांड भी फाड़ दूँगा.

मैं झटके लगाता रहा.
तभी मेरा निकलने वाला था.

मैंने कहा- अन्दर ही निकाल दूँ?
उसने कहा- नहीं अन्दर नहीं!

फिर मैंने अपना लंड बाहर निकाल लिया
और झड़ गया.
मेरा सारा माल उसकी चूत पर फैल गया.

वह फिर उठकर जाने लगी.

मैंने कहा- तुमसे अभी क्या कहा था? अभी बस एक ही राउंड हुआ है … एक राउंड और लगाऊंगा!

उसने कहा- जो तुम चाहते थे, वह तुमने कर लिया … अब मुझे जाने दो!
वह जाने लगी.

मैंने कहा- उसने तुम्हें कितनी बार चोदा है?
उसने कहा- यह सब क्या पूछ रहे हो?

मैंने कहा- उस हरामी ने तुझको कितनी बार चोदा है … यह बताओ? नहीं तो दो-तीन राउंड और लगाऊंगा!
उसने कहा- तीन बार …

मैंने कहा- क्या उसने तुम्हारी गांड मारी?
उसने कहा- नहीं …
मैंने कहा- तो आज मैं मारूँगा तुम्हारी गांड!

वह बोली- प्लीज़ … मुझे छोड़ दो … जाने दो!
मैंने उसके दोनों हाथ पकड़ लिए और उसे पेट के बल लिटा दिया.
उसकी टांगें नीचे लटक रही थीं.

अब तक मेरा लंड फिर से खड़ा हो चुका था.
मैंने अपने औज़ार पर थोड़ा सा थूक लगाया और उसकी चूत में फिर से डाल दिया.

वह उछल पड़ी.

फिर मैंने उसके दोनों हाथों को उसकी पीठ पर पकड़ लिया और झटके पर झटका देने लगा.

कुछ देर बाद मैंने अपना लंड निकाल लिया और उस पर थोड़ा सा थूक लगा कर उसे फैंटा.
वह चुपचाप लौड़े को देखती रही.

मैंने इस बार उसकी टांगों को फैलाया और गांड के छेद पर लौड़े को सैट कर दिया.
उसने कहा- तुमने मेरी चूत तो मार ली है … प्लीज मेरी गांड तो मत मारो!

मैंने उसकी एक न सुनी और उसके गांड में एक ज़ोरदार झटका मारा.
मेरा लंड का टोपा उसकी गांड में चला गया.

वह कुछ कहती उसके पहले मैंने उसका मुँह बंद कर दिया और फिर से एक झटका दे मारा.
मेरा आधा लंड उसकी गांड में घुस गया था.

वह कराहने लगी, गिड़गिड़ाने लगी और बोली- निकाल लो प्लीज़!

मैंने फिर से एक और ज़ोरदार झटका मारा और उसकी गांड में पूरा लंड समा गया.

अब मैंने फटाफट झटके देने शुरू कर दिए.
झटका पर झटका लगता गया.

वह गांड मरवाती हुई कराह रही थी.
आख़िरकार अपनी सारी माल उसकी गांड में गिरा दिया.

मैंने एक झटका और मारा.
मेरा पूरा लंड उसकी गांड में फिर से घुस गया.

वह कराहने लगी … और बेहोशी की कगार पर थी.
जब मैं तेज़-तेज़ झटके देने लगा, तो वह बेहोश हो गई.

मैंने अपना लंड निकाला और उसे पौंछ कर उसके मुँह में डाल दिया.

जैसे ही मैंने उसके मुँह में लंड डाला, उसे होश आ गया.

मैंने उसके मुँह में अन्दर-बाहर करना शुरू कर दिया और अपना सारा माल उसके मुँह में निकाल दिया.

माल छोड़ने के बाद मैंने उसके मुँह को अपने हाथों से बंद कर दिया ताकि वह मेरा सारा माल पी सके.

जब वह सांस नहीं ले पाई तो उसने मेरा सारा माल पी लिया.

इस प्रकार मैंने उसकी चूत और गांड दोनों की भरपूर चुदाई की.
उसने अपने कपड़े पहने.

मैंने कहा- मैं तुम्हें अगली बार भी चोदूँगा. बस मुझे मौका मिल जाए!
वह कुछ नहीं बोली.

मैंने अपनी चड्डी पहन ली और उससे पूछा- एक बात सच सच बताना … बताओगी?
वह बोली- क्या?
मैंने कहा- तेरे ब्वॉयफ्रेंड और मेरे लौड़े में से किसका लंड तुझे पसंद आया?

वह मुझे घूरने लगी और बोली- साले कमीने हो पूरे तुम … सब जानते हो कि तेरा लंड बड़ा और मोटा था तभी तो मुझे दर्द हो रहा था!
मैं हंस दिया- तो मैंने ज्यादा मजा दिया न!
इस बार वह भुनभुनाती हुई बोली- मजा क्या दिया … तूने मेरी फाड़ दी. ऐसे चुदाई की जाती है क्या?

मैंने कहा- तो कैसे करता? तू तो साली हाथ ही नहीं रखने दे रही थी!
इस बार वह हंस दी.

मैंने उसे अपनी बांहों में भर लिया और उसे चूमने लगा. वह भी मेरे सीने में सर छुपा कर मुझे प्यार करने लगी.
मैंने कहा- अब तेरी मेरी दोस्ती पक्की वाली हो गई. उस लौंडे की गांड पर लात मार देना.

वह यंग सेक्स गर्ल हंस दी.

दोस्तो, इस तरह से मैंने अपने घर में ही अपनी मौसी की पोती की चुत गांड चुदाई की और उसे अपनी परमानेंट सैटिंग बना ली.
अब मैं उसे जब चाहे चोद लेता हूँ और वह भी मेरे लौड़े से मुहब्बत करने लगी है.
आपको मेरी यंग सेक्स गर्ल स्टोरी कैसी लगी, प्लीज जरूर बताएं.