Maid Sex Kahani – कामवाली भाभी के संग गैंगबैंग चुदाई

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Story Start Here :

मेड सेक्स कहानी में मेरे कमरे के पास वाले फ्लैट में मैंने एक कामवाली को देखा. मस्त माल थी वो. उसने मुझे देखा तो मेरे बारे में पूछने लगी. मैं उसे पटाने लगा.

दोस्तो, मेरा नाम राहुल है. मेरी उम्र 27 साल है. मेरी हाइट पांच फीट दस इंच है.

अब तक मैंने टोटल 76 लड़कियों और भाभियों की चुदाई की है.

मैं दिल्ली में तीन साल से रह रहा हूँ. यकीन मानो, मैं इधर अब तक बहुत सारी लड़कियां और भाभियां चोद चुका हूँ जोकि मेरी 76 चूतों में शामिल हैं.

वैसे तो मैं जल्दी-जल्दी स्टोरी अपलोड नहीं करता क्योंकि मेरी स्टोरी से ज़्यादा चुदाई का मौका मिलता रहता है.
आप ऐसे समझ लो कि मुझे हफ्ते में दो लड़कियों को तो चोदने को मिलता ही है.
यह मेरे लौड़े की किस्मत है शायद.

आज की यह मेड सेक्स कहानी एक कामवाली भाभी की चुदाई की कहानी है.
भाभी की उम्र 33 साल है.
वह देखने में एकदम स्लिम एंड खूबसूरत माल जैसी भाभी है.

भाभी के बूब्स छोटे जरूर हैं, लेकिन एकदम टाइट दूध हैं. उसके होंठ मानो रस से भरी संतरे की फाँकें हैं.

मैंने इस फरवरी में ही अपना रूम शिफ्ट किया और एक वन बीएचके फ्लैट लिया, जहां सिर्फ़ बैचलर रहते थे.
मैं हमेशा ऐसी जगह ही फ्लैट लेता हूँ जहां मुझे कोई चुत चोदने में सहूलियत हो और चुत भी आसानी से मिल जाए.
मतलब उसे यदि अपने फ्लैट पर चोदने लाऊं, तो कोई प्रॉब्लम ना हो.

मेरा यह फ्लैट टॉप फ्लोर पर था. मैं सुबह ड्यूटी जाता था, शाम को सात बजे तक वापस आता था.
मेरे साथ के लड़के रात को नौ बजे तक फ्लैट पर वापस आते थे.

एक दिन मेरी तबीयत बहुत खराब थी, तो मैंने उस दिन की लीव ले ली थी.
सब लड़के चले गए और उनके जाने के बाद मैंने देखा कि फ्लैट में एक भाभी आती है.

वह भाभी क्लीनिंग का काम करने के लिए आती थी.
फ्लैट के ओनर्स ने उसे काम पर लगाया हुआ था, मुझे ये बात पहले पता ही नहीं थी.

उस दिन मैंने उस भाभी को पहली बार देखा था.
लेकिन उसे देखते ही पता नहीं क्यों, मेरा मोटा और लंबा लंड सलाम करने लगा.

लौड़े ने ऐसे अंगड़ाई ली, जैसे वह कहने लगा कि अब यही छेद चाहिए … इसकी बारी है चुदाई की.

भाभी ने भी मुझे पहली बार देखा था, तो उसने पूछ लिया- आप नये आए हो शायद यहां पर?
मैंने कहा- हां जी भाभी जी, मैं अभी एक महीना पहले ही आया हूँ.

उसी वक्त उन्होंने बताया कि मैं यहां साफ सफाई के लिए आती हूँ.
यह सुनकर मैंने पूछा- भाभी, आप ये काम क्यों कर रही हो? आपको तो किसी ब्यूटी पार्लर में होना चाहिए … आप तो इतनी खूबसूरत हो!
वह मुस्कुराने लगी.

मुझे अच्छे से पता था कि भाभी को कैसे पटाना होता है.

फिर वह बोली- मेरे हज़बैंड काम नहीं करते हैं. अभी पांच महीने पहले ही मेरी शादी हुई है. मेरे पति का कॉन्ट्रैक्ट का काम था, वह बंद हो गया तो मुझे ये सब करना पड़ रहा है.

मैंने पूछा- कहां से आती हो आप?
उसने बताया- मैं यहां से सात किलोमीटर दूर रहती हूँ. वहां मेरा घर है.

मैंने सोचा कि अच्छा मौका है, बस कैसे भी इसको एक बार चोद लूँ. आज तो वैसे भी सारे दिन कोई वापस नहीं आएगा क्योंकि पूरी बिल्डिंग में टोटल फ्लैट्स हैं और उनमें सब बैचलर्स रहते हैं और वे सब इस वक्त ड्यूटी पर हैं.

मैं भाभी से लसने लगा और बातों-ही-बातों में मैंने भाभी का नाम पूछ लिया.
उसने अपना नाम काजल बताया.

फिर मैंने उससे थोड़ी और बातें कीं, मज़ाक वाली बातें भी करने की कोशिश कीं.
लेकिन वह समझने लगी थी कि मेरा इरादा क्या है.

वैसे तो वह भी सेक्स चाहती थी लेकिन पहली मीटिंग में ही ऐसा ऑफर नहीं देना चाहती थी.
वह अपना काम करने चली गई और मैं उसे ताकता रहा कि शायद यह वापस आकर चुदने की बात जमाए.
लेकिन वह भाभी अपना काम खत्म करके चली गई.

उसके बाद से मुझे कमरे पर अकेले रुकने का मौका नहीं मिला.
फिर एक दिन मैं हाफ-डे लेकर अपने फ्लैट पर आ गया.

उस दिन मैंने फ्लैट पर एक गर्लफ्रेंड को बुलाया था, उसको चोदना था मुझे.

मैं जैसे ही फ्लैट पर आया, मैंने देखा कि वह भाभी एक लड़के के फ्लैट में है. उसके साथ में एक और लड़का भी था.
पहले तो मैं कुछ समझ नहीं पाया, लेकिन जब मैंने नोटिस किया, तभी समझ आया कि मुझसे पहले इन लड़कों ने भाभी को चुदाई के लिए पटाकर रखा है.

बस फिर क्या था, मुझे वह मौका मिल गया.
मैंने अपनी गर्लफ्रेंड से कहा- तुम रात को आ जाना और मेरे फ्लैट पर ही रुक जाना. अगले दिन चली जाना.

वह मान गई.

मैं नीचे फ्लैट में गया.
फ्लैट का दरवाज़ा नॉक किया.

एक लड़का बाहर निकला और उसने मुझसे पूछा- क्या बात है?
मैंने कहा- भाई, मुझे भी एक बार भाभी के साथ मौका दो न!

तभी दूसरा भी बाहर आ गया और वे दोनों मना करने लगे.
एक बोला- नहीं भाई, भाभी तीन लड़कों से अकेली चुदने के लिए नहीं मानेगी. बहुत मुश्किल से तो आज चुदने के लिए रेडी हुई है. आज तो भाभी की तो हम दोनों ही लेंगे.

मैंने पूछा- कितना लेती है भाभी?
उन्होंने बोला- भाई, कुछ भी करो, कैसे भी करो, दो हजार से कम नहीं लेगी.

मैंने सोचा कि यार, मैं तो फ्री में चुत चोदता हूँ तो पैसे क्यों दूँ? वह भी एक भाभी को चोदने का … मैंने तो फ्री में सीलपैक लड़की की चूत मारी है और इस चुदी चुदाई को पैसे देकर चोदूं!

फिर मैं सोचने लगा कि साला लंड नहीं मान रहा है तो क्या किया जाए.
मैंने कहा- ठीक है भाई, भाभी से रात को चुदाई की बात कर लूँगा. तुम उसको मनाओ कि वह रात को मेरे फ्लैट पर आ जाए.

उसके बाद उन्होंने पता नहीं कुछ मिनट तक क्या गुपचुप बात की और तय करके बताया.

‘ठीक है, तुम अभी ही अन्दर आ जाओ, लेकिन तुमने कोई मेडिसिन वगैरह तो नहीं खाई है ना?’
मैंने कहा- नहीं भाई, लेकिन मुझे बहुत एक्सपीरियंस है … मुझे मेडिसिन की ज़रूरत ही नहीं पड़ती है!

बस फिर क्या था, स्टार्ट हो गया चुदाई का गैंगबैंग.

पहले तो उन्होंने बारी-बारी से भाभी को अपना लंड चूसने को बोला … भाभी मस्त चुसक्कड़ थी.
उसने उन दोनों का लंड चूसा फिर मेरे लौड़े पर आ गई.
उसको मेरा लंड बहुत पसंद आया.

वह समझ गई कि मैंने बहुत चुदाई की है. मेरे लंड पर चूसने के कारण होंठों के निशान व कुछ दांत लग जाने के निशान हमेशा ही बने रहते हैं.

भाभी मतवाली नजरों से मुझे देखती हुई बोली- पुराने हरामी दिख रहे हो … अब तक कितनी चूतों की चुदाई की है आपने?
मैंने बिना शर्माए हुए बता दिया कि भाभी, आपका नंबर 77 वां है.

वे लड़के हंसने लगे.
एक बोला- भाई, आपकी तो सेंचुरी बनने वाली है, हमें भी एकाध छेद में पेलने का मौका दे देना!

मैंने हां बोल दिया.
उस टाइम उन दोनों लड़कों को मेरे लंड से जलन हो रही थी.

मैंने उन्हें बताया कि मैं अपने लंड पर क्रॉच वगैरह तो करता ही हूँ, मालिश भी करता हूँ. ऐसे ही इतनी चुदाई थोड़े ही कर ली है इस लंड से!

कुछ देर तक मेरा लंड चूसने के बाद भाभी अलग हुईं और अपने दूध दबाने लगीं.

फिर उन दोनों ने मिलकर भाभी को नंगी कर दिया.
साली क्या मस्त रंडी लग रही थी … एकदम मस्त माल.
हम तीन लड़कों के सामने वह एकदम नंगी खड़ी हुई अपने दूध मसलती हुई मानो चैलेंज दे रही थी कि आ जाओ एक एक करके.

मैंने भाभी को वासना से देखा.
उसके दूध एकदम तने हुए थे और फिगर 32-30-34 का था.
उसके एकदम परफेक्ट दूध ऐसे लग रहे थे मानो मुझे आमंत्रित कर रहे हों चूसने के लिए.

जैसे ही वह नंगी हुई और उसने उंगली से इशारा किया, वे दोनों लड़के उसके मम्मों पर टूट पड़े.

भाभी को शायद पता था उन लौंडों की कैपेसिटी के बारे में, इसलिए उसने मुझे देखते हुए जीभ से अपने होंठों को अश्लीलता से चाटा … तो मैं समझ गया कि भाभी को मेरे लंड में कुछ विशेष रुचि है.

पर मैंने कुछ नहीं किया, पहले उन दोनों लड़कों को करने दिया.

तब तक मैंने इधर उधर देखा तो उन लड़कों के कमरे में सरसों के तेल की शीशी रखी थी.
मैं उस तेल की शीशी को लेकर अपने लंड की मालिश करने लगा था.

लौड़े को सहलाते हुए मैं उन दोनों को देख रहा था.

एक लड़के ने भाभी की चूत में लंड डाला, तो दूसरे ने उनके मुँह में पेल दिया.
वे दोनों भाभी से ज़्यादा खुद चिल्ला रहे थे.

दोनों बारी-बारी से भाभी को चोदने लगे और झड़ने लगे.
मैं अभी अपनी बारी का वेट कर रहा था.

दस मिनट के बाद उन दोनों की कैपेसिटी खत्म हो गई और दोनों ठंडे पड़ गए.

उसके बाद भाभी ने मुझे इनवाइट किया.
क्योंकि भाभी को पता था कि ये ऐसे नहीं मानेगा और आज यह मुझे बहुत देर तक चोदेगा.

अब तक मेरा लंड एकदम रॉड की तरह टाइट हो गया था.
भाभी बस मेरा लंड ही देख रही थी.

उस टाइम मैं ये सोच रहा था कि यहां भाभी की चुदाई सही से नहीं होगी.

मैं भाभी को लेकर बाथरूम में चला गया … और दरवाज़ा लॉक कर दिया.

उधर अन्दर मैंने भाभी की चूचियों को अच्छे से चूसा और उनको लाल कर दिया.
फिर मैंने भाभी की चूत में उंगली डाली दस मिनट तक चलाई.
पानी से उसकी चुत को उन दोनों लड़कों के रस से साफ कर दिया.

चुत साफ करने के बाद मैंने भाभी की गांड पर जोर-जोर से थप्पड़ मारे और शॉवर ऑन कर दिया.
भाभी बोली- अब बस करो यार, मुझे पता है तुम उस्ताद हो चुदाई के … गर्म करके चोदते हो. मैं अब बहुत गर्म हो चुकी हूँ … पहले मुझे चोद दो.

यह सुनकर मैंने भाभी को बाथरूम का गेट पकड़ कर घोड़ी बनाया और देर ना करते हुए अपना मोटा लंड उसकी चूत में पेल दिया.

शायद भाभी को ऐसा टाइट और मोटा लंड पहली बार मिला होगा, वह बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी.
वह आह आह करने लगी.

मगर मैं रुका ही नहीं.
मैं भाभी की कमर को पकड़ कर स्पीड में धक्के देने लगा और वह चिल्लाने लगी.

तभी लड़के बाहर से हँसते हुए बोले- ओ भाई, क्या कर रहा है … बड़ी गजब आवाज़ आ रही है बाहर … तू भाभी को बाहर आकर चोद ले न … उसे कुछ हो ना जाए!

वे दोनों आपस में हंस हंस कर सेक्सी बातें कर रहे थे.
‘साले का लंड भी देख … कितना बड़ा कर रखा है. उसका लंड तो मानो कोई लोहे रॉड जैसा लगता है … इसी वजह से यह इतनी सारी चुत चोद चुका है!’

मैं बस उन दोनों की गपड़तान सुन सुन कर खुश हो रहा था और भाभी की चुदाई कर रहा था.

बीस मिनट की चुदाई के बाद भाभी की हालत खराब हो गई. वह ठीक से खड़ी भी नहीं हो पा रही थी.
उसके बाद मैंने भाभी को अपने लंड पर बिठाया और उसे उछाल-उछालकर चोदने लगा, उसे किस करने लगा.

अब उसे भी मज़ा आने लगा था तो वह मेरा पूरा साथ दे रही थी.
भाभी खुद झुक कर मुझे किस करने लगी थी और अपने दूध मेरे सीने पर रगड़ने लगी थी.

अब तक हम दोनों चुदाई में इतने गर्म हो चुके थे कि अब दोनों से ही कंट्रोल नहीं हो रहा था.
मैं चुदाई की स्पीड बढ़ा रहा था.

अब तक 35 मिनट हो चुके थे.
मैं झड़ने वाला हो गया था.
मैंने भाभी से बोला- मेरा निकलेगा भाभी!
वह बोली- आह निकल जाओ न … मेरी चुत में अपना सारा माल झाड़ दो.

यह सुनकर मैंने अपनी स्पीड और बढ़ाई और अपना पूरा माल उसकी चुत में गिरा दिया.

झड़ने के बाद मैंने भाभी से अपना लंड चूसने को कहा.
वह लपर लपर लंड चूसने लगी.

मेड सेक्स करने के कुछ मिनट तक हम दोनों ऐसे ही बाथरूम में पड़े रहे.
फिर कपड़े पहने और मैं अपने फ्लैट में जाने लगा.

उन दोनों लड़कों में से एक बोला- भाई पैसे तो देकर जाओ!

तभी भाभी ने मना कर दिया.
वह बोली- इससे मत लो, रहने दो … पहली बार था इसका!

भाभी को मेरा लंड बहुत पसंद आ गया था.
तब से लेकर अब तक जब भी मेरा मन करता है, भाभी मुझसे चुदवाने आ जाती है और मुझे उसे पैसे भी नहीं देने पड़ते हैं.

अब वह खुद मुझे पैसे देती है और बोलती है- अपने लंड को और मोटा करो, जब तक तुम दिल्ली में हो, मैं तुमसे ही चुदूँगी.

दोस्तो, यह मेरी दूसरी गैंगबैंग चुदाई की सेक्स कहानी थी. अब तक 77 की चुदाई कंप्लीट हो गई है और अभी भी लंड कंटिन्यू है.

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लेखक की पिछली कहानी थी: चचेरी बहन मेरे लंड से चुद गयी