Latest Hindi Sex Stories added for who looking to read Bhabhi fuck Story – किराएदार भाभी को चोद चोद कर थका दिया to make every night hot about Bhabhi fuck Story – किराएदार भाभी को चोद चोद कर थका दिया story.
Story Start Here :
भाभी फक स्टोरी में एक दिन मैं नहाकर निकला तो किरायेदार भाभी आ गयी. मेरा तौलिया खुल गया और भाभी मेरा लंड देख बोली कि इतना छोटा सा लंड?
यह सेक्स कहानी उस दिन की है जब घर में कोई नहीं था.
मैं अपने घर में अकेला था और भाभी भी अकेली थीं.
उनके दो बच्चे थे, पर वे दोनों अभी दुधमुँहे थे यानि बहुत छोटे थे.
इस भाभी फक स्टोरी की शुरुआत अचानक हुई.
मैं नहाकर अपने रूम में आया और शरीर पर बॉडी लोशन लगा रहा था.
उस टाइम मैं सिर्फ़ टॉवल में था.
तभी भाभी अचानक आईं और बोलीं- चलिए नाश्ता कर लीजिए!
मैं डर गया और डर के मारे मेरी टॉवल खुल गई.
उस वक्त मेरा लंड सोया पड़ा था और बहुत छोटा दिख रहा था.
वे मेरे लंड को देख कर बहुत ज़ोर से हंसने लगीं और कहने लगीं- कितना छोटा है आपका!
मैं शर्मा गया.
मैंने झटपट टॉवल पहन ली और कहा- ठीक है, आप नाश्ता रख दीजिए … मैं खा लूंगा.
वे नाश्ता इसलिए लेकर आई थीं क्योंकि मेरे घर पर कोई नहीं था, मैं अकेला था.
फिर मैं नाश्ता करके ऑफिस चला गया और रात को वापस लौटा.
रात को जब लौटा तो पता चला कि उनके हस्बैंड भी नहीं आएंगे.
किसी कारण से उनकी ड्यूटी आज ओवरटाइम हो गई थी जिसके चलते वे रात में नहीं आ पाएंगे.
भाभी ने मुझे डिनर थाली में परोस कर दिया और बताया- आपके भैया रात में नहीं आएंगे, तो गेट में ताला लगा लीजिए.
मैंने थाली रख कर गेट में ताला लगा दिया, वापस आकर डिनर किया और सोने चला गया.
तभी मुझे सुबह वाली बात याद आ गई.
मुझे बहुत गुस्सा आ रहा था.
मैं अभी सो ही रहा था कि अचानक भाभी घबराई हुई आवाज में चिल्लाती हुई बाहर आईं.
मैं डर गया, उठा और पूछा- क्या हुआ?
उन्होंने कहा- रूम में बिल्ली घुस गई है प्लीज़ आप इसे बाहर निकाल दीजिए!
उस टाइम वे नाइट ड्रेस में थीं और अचानक डर से निकलने के कारण उन्होंने अपनी नाइट ड्रेस के ऊपर के बटन खुले रखे थे, जिससे उनके दोनों स्तनों को एकदम खुला देखा जा सकता था … मतलब उनके मम्मों का आधा से ज्यादा हिस्सा साफ दिख रहा था.
मैंने उनके कमरे में जाकर बिल्ली को भगा दिया.
फिर मैं सोने जा रहा था कि उन्होंने कहा- कुछ देर रुक जाइए ना!
मैं उनके रूम में उनके बगल में ही बैठ गया और बातें करने लगा.
बातें करते-करते वे मुझसे सुबह की बात याद दिलाने लगीं और बोलीं- कितना छोटा है आपका!
मैंने भी मज़ाक में कहा- ये छोटा नहीं है … समय होने पर मोटा हो जाता है!
तभी उन्होंने मुझे कहा- जरा देखूँ तो कि कितना मोटा होता है!
मैंने कहा- ये गलत बात है, ये करना सही नहीं है. आपके दो बच्चे हैं, याद रखिए!
तभी उन्होंने खुल्लम खुल्ला कहा- चुदाई करना कोई बुरी बात नहीं है, आप मुझे चोद सकते हो … अगर आपमें हिम्मत है तो!
ये मेरी मर्दानगी को चैलेंज था.
मुझे गुस्सा आ गया.
मैं बोला- ठीक है, मैं आपको चोद देता हूँ. बस अभी आया.
मैं अपने रूम में आया और सेक्स की टैबलेट खा लीं.
कुछ ही देर में वापस उनके पास चला गया.
भाभी मुझे वासना से देखने लगीं और अपने दूध सहलाने लगीं.
उनकी हरकतें बता रही थीं कि वे एकदम चुदासी थीं.
कमरे में आने के बाद मैंने दरवाजे बंद किये कुंडी लगाई और भाभी के नजदीक आ गया.
वे मुझे देख कर अश्लीलता से अपने होंठों पर अपनी जीभ फेरने लगीं.
मैं उन्हें अपने लंड को मसलता हुआ देखने लगा.
उनकी नजरें मेरे लौड़े के फूलते हुए उभार पर चली गईं.
उन्होंने इशारा किया तो मैं उनके बाजू में लेट गया और उनके चूचे दबाना शुरू कर दिया.
उनके चूचों में से दूध आता था तो दबाने से दूध निकलने लगा.
मैंने पूछा- बच्चों ने पी लिया या अभी उन्हें पीना है?
वे बोलीं- आपको पीना है तो पी लीजिए … मेरे बूब्स में से तो बहुत ज्यादा निकलता है.
यह सुनते ही मैंने भाभी के एक दूध को मुँह में भर लिया और चूसने लगा.
मीठे दूध की धार मेरे मुँह में आने लगी.
इसी तरह मैंने उनके दोनों चूचों को दबाते और पीते हुए भाभी की पैंटी पर एक हाथ रख दिया.
उनकी पैंटी एकदम रसीली हो चुकी थी.
मैंने पैंटी के अन्दर हाथ डाला और चुत को सहलाने लगा.
भाभी की कामुक आह निकलने लगी और उन्होंने मेरे हाथ पर अपना हाथ रख दिया.
मैंने उनकी चुत में एक उंगली डाल दी और फिंगर फक करने लगा.
भाभी अपने होंठों को दांतों से काटती हुई सीत्कार भरने लगीं और कराह कर बोलीं- उंगली से नहीं … अपने लंड से करो न!
यह सुनते ही मैंने भाभी की पैंटी को खींच कर उतार दिया.
अब वे पूरी तरह से नंगी हो चुकी थीं पर मैं अभी भी गंजी और पैंट पहने हुए था.
उन्होंने हाथ बढ़ाकर मेरे लंड को पकड़ लिया.
मेरा लंड अब फूलने लगा था लेकिन उनके हाथ में आते ही वह अपना रूप लेने लगा और लोहे की तरह तन गया.
मेरा लंड इतना सख्त हो गया था कि भाभी हैरान थीं.
मैंने इशारा किया कि इसे अपने मुँह से प्यार करो.
उन्होंने लौड़े को मुँह में लेने की कोशिश की परंतु वे न तो उसे सही से मुँह में ले पा रही थीं और न ही अच्छे से पकड़ पा रही थीं.
वे बोलीं- ये तो विकराल हो गया है!
मैंने कहा- हम्म … अब समझ आ गया कि कितना बड़ा है!
वे लंड को चूसने लगीं और मस्ती में मेरे गोटों को सहलाती हुई बोलीं- मेरी बुर नहीं चाटोगे?
मैंने कहा- हां जरूर, चलो 69 में करते हैं.
हम दोनों 69 में हो गए और मैं भाभी की बुर चाटने लगा.
हालांकि ये मेरा फर्स्ट टाइम सेक्स था इसलिए मुझे बहुत सी जानकारी नहीं थी.
मैं बस भाभी की बुर चाट ही रहा था.
उनकी चुत बहुत नमकीन लग रही थी.
चुत चाटते-चाटते मैंने कहा- अब मुझे चोदना है!
भाभी ने ओके कहा और वे सीधी होकर लेट गईं. मैं उनके ऊपर चढ़ गया.
मैंने अपना कड़क लंड भाभी की बुर पर रखा और घुसाने लगा.
भाभी का छेद थोड़ा टाइट था इसलिए लंड अन्दर नहीं जा रहा था.
फिर भी मैं कोशिश करता गया.
मेरे लंड में दर्द भी हो रहा था लेकिन आखिरकार मैंने लौड़े को भाभी की बुर में डाल ही दिया.
बुर में लंड लेने के बाद भाभी चिल्लाने लगी- आह्ह मर गई.
मैंने पूरी तरह से लंड पेला और उन्हें चोदने लगा.
भाभी की हांफी भरने लगी थी और वे एक बार झड़ भी चुकी थीं.
लेकिन गोली के प्रभाव से मेरे लंड की सख्ती जैसी की तैसी बनी हुई थी.
तकरीबन 15-20 मिनट भाभी की चुत चोदने के बाद मुझे ऐसा महसूस हुआ कि मैं अब झड़ जाऊंगा.
तभी भाभी बोलीं- अन्दर ही छोड़ दीजिए कोई दिक्कत नहीं है … आपके भैया ने भी अभी कल अन्दर ही छोड़ दिया था!
मैं तुरंत बोला- भैया ने कल सेक्स किया था उसके बावजूद भी इतना टाइट छेद?
भाभी हंस कर बोलीं- उनका लंड छोटा सा है … इसलिए मेरा मन नहीं भरता!
मैं समझ गया कि भाभी ने मुझसे चुदवाने के लिए ही मुझे उकसाया था.
चुदाई करते-करते मैंने लंड बाहर निकाल दिया और लंड से वीर्य पिचकारी की तरह उसके मुँह पर छोड़ दिया.
वे चौंककर बोलीं- यह क्या किया आपने?
मैं वीर्य स्खलित करने के बाद थक सा गया.
मैंने कहा- यार दो बच्चे तो पहले से हैं और तीसरा चाहिए है क्या?
वे हंस कर बोलीं- एक आपका भी हो जाएगा तो हो जाने दीजिए न!
‘ठीक है, दुबारा चोद कर बीज रोप दूंगा!’
हम दोनों वापस लिपट गए.
वे अभी भी हांफ रही थीं.
मैंने कहा- भाभी अब आप काफी थक गई हैं, आज सो जाइए!
लेकिन वे मेरे लंड को पकड़ कर मुझे किस करने लगीं और मेरा लंड फिर से लोहे की तरह खड़ा हो गया.
तभी भाभी ने मुझसे कहा- इस बार मेरी गांड में रस छोड़ दीजिएगा!
मैंने सोचा कि भाभी तो दोमुहा सांप हैं, दोनों तरफ से चलती हैं.
इनके पति का छोटा सा लंड है तो पीछे से तो पक्का कोई और पेलता होगा.
मैं- गांड भी चुदवाओगी?
उन्होंने कहा- हां जैसे आपने बुर चोदी वैसे ही पीछे से चोद दो!
मैंने अपना लंड भाभी की गांड की तरफ रखा और घुसाने की कोशिश करने लगा.
पर मेरा लंड भाभी की गांड में नहीं घुस रहा था.
वे उठ कर गईं और तेल की शीशी लेकर आ गईं.
मैंने लंड पर और उनकी गांड पर तेल लगाकर लौड़े को गांड के छेद पर सैट किया.
वे भी फुल मेंढक जैसी बनी थीं.
मैंने उनकी गांड में लंड एकदम से घुसा दिया.
लंड इतना टाइट था कि भाभी की गांड में भी खुश हुआ.
गांड में लंड घुसेड़ने के बाद मैं उन्हें मस्ती से चोदने लगा.
वे मस्ती से गांड मरवा रही थीं.
करीब दस मिनट के बाद लंड गांड से निकाल कर मैंने भाभी की बुर में डाल दिया और फिर से चोदना शुरू कर दिया.
मैं भाभी की चूचियों को मसल मसल कर चूस रहा था.
वे मुझे दूध पिलाती हुई कामुक आवाज़ कर रही थीं ‘आह्ह … ऊंह्ह …’
भाभी की बुर से रस गिर रहा था.
मैं इस बार झड़ नहीं रहा था तो चुदाई में लगा रहा.
मैंने भाभी को इतना ज्यादा चोदा कि उनकी बुर से ब्ल.ड आने लगा था.
ब्ल.ड देख कर भाभी डर गईं.
वे कहने लगीं- अब मत चोदिए वर्ना प्रॉब्लम हो जाएगी … मुझे अल्सर की बीमारी भी है!
यह सुनकर मैंने अपना लंड निकाल लिया कि साली बीमार औरत कहीं फैल गई तो बवाल हो जाएगा.
मैंने लंड निकाला ही था कि वे उसे अपने मुँह में लेकर चूसने लगीं.
अब मुझे चैन मिलने लगा था और मैं उनके बालों को पकड़ कर उनके मुँह को ही चोदने लगा.
काफी देर तक चूसने के बाद मेरे लंड से रस गिरने लगा. भाभी ने लंड के रस को चूस कर खा लिया.
वे पूरी तरह से थक चुकी थी और मुझसे चिपक कर नंगी ही सो गईं.
मैं भी सोने ही वाला था, लेकिन मेरे सिर में काफी दर्द हो रहा था और लंड में भी दर्द हो रहा था.
काफी देर के बाद मैं सो पाया.
फिर सुबह 4 बजे से मैंने भाभी को पुन: चोदना शुरू कर दिया.
वे शुरू में तो चुदाई का मजा लेने लगीं.
लेकिन जब मैं नॉन स्टॉप चुदाई करने लगा तो वे रोने लगीं.
भाभी कहने लगीं- अब छोड़ दीजिए, कल कर लीजिएगा … मैं आपको हर टाइम मौका दूँगी!
अंततः भाभी मेरे पैरों पर गिर गईं, पर मैंने कहा- जब तक रस गिरेगा नहीं, तब तक तो चोदना चालू रहेगा … मैं आपको नहीं छोड़ूँगा!
भाभी मजबूरी में मुझसे चुदवाती रहीं और मैं भी उनके मम्मों को चूस कर ताकत प्राप्त करता हुआ उन्हें चोदता रहा.
भाभी के चूचों से बहुत सारा दूध भी निकल गया था.
अब मेरा वीर्य निकला, तो मैंने लंड चुत से बाहर निकाल लिया.
वे लौड़े को मुँह में लेकर उसका पूरा वीर्य पी गईं.
इस तरह से एक रात में मैंने उनको तीन बार चोदा.
भाभी की चुदाई में मुझे इतना ज्यादा मज़ा आया था कि मुझे इसकी लत लग गई.
मुझसे चुदवा कर भाभी को मजा आया था, पर वे एक बार से ज्यादा नहीं चुद पाती थीं.
हम दोनों में एक एग्रीमेंट हो गया कि वन टाइम में वन चांस भाभी फक होगा.
अब जब भी मुझे मौका मिलता, वे मुझसे नंगी होकर चुदवा लेती हैं.
एक बार काफी दिनों तक मैंने उन्हें नहीं चोदा था तो भाभी की चुत में इतनी ज्यादा आग लग गई थी कि वे मुझे छत के बाथरूम में बुलाकर कहने लगीं- मुझे अभी यहीं पर घोड़ी बना कर चोद दीजिए!
मैंने कहा- ये पॉसिबल नहीं है!
तब उन्होंने मुझे कहा- मुझे चुदना है, आप चोदो … वर्ना मैं सबको बता दूँगी कि आपने मेरी न्यूड पिक्स खींच कर रखी हैं!
वे ऐसा इसलिए बोल रही थीं क्योंकि जब मैंने उन्हें चोदा था, तो मैंने वीडियो बना लिया था ताकि वे मुझे परेशान न कर सकें.
उनके साथ चुदाई में मुझे मज़ा तो आता ही था और मैं उन्हें उस समय भी चोदना भी चाहता था लेकिन बाथरूम में छोड़ना बहुत तकलीफदेह होता.
फिर भी मैंने भाभी को कुतिया बना कर चोदा, जिससे वे काफी खुश हो गई थीं.
आज भी जब भी मौका लगता है, तो हम दोनों चुदाई कर लेते हैं.
आपको मेरी यह भाभी फक स्टोरी कैसी लगी, प्लीज जरूर बताएं.
