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Story Start Here :
Xxx काला लंड सेक्स कहानी में मेरी बीवी मस्त माल है, उसे नीग्रो पोर्न अच्छा लगता है. तो मैंने उसे नीग्रो जैसे लंड से चुदवाने की सोची और एक भिखारी के विशाल लंड से चुदवाया.
दोस्तो, मेरा नाम अमित है. उम्र 36 साल की है. मेरी बीवी का नाम रश्मि (काल्पनिक नाम) है, उम्र 32 साल.
रश्मि का फिगर 36-30-40 है, जिसको नंगी देखकर अच्छे-अच्छों का लंड खड़ा हो जाता है.
मैं अपनी सेक्स स्टोरी आपके सामने लेकर आया हूँ उम्मीद करता हूँ कि Xxx काला लंड सेक्स कहानी आपको बहुत पसंद आएगी.
मैं काफी टाइम से पॉर्न वीडियोज़ देख रहा था.
अचानक से मुझे संदेह हुआ जैसे घर में कोई था जबकि घर में सिर्फ मैं और रश्मि ही थे.
मैं लैपटॉप को खुला छोड़कर वॉशरूम चला गया.
कहीं कोई नहीं था.
जब मैं वापस कमरे में आया तो देखा कि मेरी बीवी रश्मि लैपटॉप देख रही थी और अपनी चूत सहला रही थी.
उसे देख कर मेरा लंड फौरन खड़ा हो गया.
मैं चुपचाप देखता रहा और अन्दर आने का नाटक किया, जैसे मैं खांसने लगा.
वह फौरन वहां से हट गई.
अब मैं सोचने लगा कि शायद मेरी बीवी को बड़े लंड से चुदने की जरूरत है.
मैं उसकी चुत के लिए किसी बड़े लंड वाले मर्द की तलाश करने लगा और वह भी ऑनलाइन.
पर जैसे कि आप सब जानते हैं, फ्रॉड ज़्यादा मिलते हैं … तो मुझे भी कुछ हासिल नहीं हुआ.
अगले दिन मैं घर से बाहर सिगरेट लेने आया.
सिगरेट लेकर जलाई और सोचता हुआ रोड पर चलता हुआ घर की तरफ जा रहा था.
अचानक आवाज़ आई.
बाबा- सुनो बेटा … कुछ दे दो!
मैंने पहले अनसुना कर दिया.
पर फिर से आवाज़ आई.
मैं पलट कर बोलने को था कि माफ़ करो बाबा … पर उसे देखते ही चुपचाप दस का नोट निकाला और दे दिया.
बाबा- क्या हुआ बेटा?
मैं- कुछ नहीं बाबा …
बाबा काला, लंबा, बिल्कुल नीग्रो जैसा दिख रहा था.
मेरे मन में ख्याल आया- ये सेफ रहेगा.
मैंने बाबा से पूछा- कहां रहते हो बाबा?
बाबा- मेरी झोपड़ी है बेटा …
मैं- कौन-कौन रहता है बाबा?
बाबा- मैं अकेला रहता हूँ …
ये सुनकर मैं चला गया और सोचने लगा कि कैसे बात करूँ बाबा से?
अगले दिन मैं फिर गया और सीधे बाबा के पास जाकर बैठ गया.
इस बार दस रुपये नहीं, सौ रुपये दिए और बाबा को सिगरेट ऑफर की.
बाबा ने सिगरेट ले ली, जलाई और बोले- क्या चाहते हो मुझसे?
मैं चुप रहा.
बाबा- शर्माओ मत … बोलो.
मैं- बाबा … मेरे मन में ये ख्याल है कि मैं अपनी बीवी को काले मोटे लंड से चुदवाऊं.
बाबा- तो तेरा छोटा है क्या?
मैं- नहीं बाबा … मुझे पराए लंड से चुदवाना है.
बाबा- तो मैं कैसे मदद कर सकता हूँ तेरी? बता …
मैं- बाबा, अगर तुम इन सबके लिए राज़ी हो जाओ तो काम बन सकता है. क्या आपका हथियार बड़ा है?
बाबा ने इधर-उधर देखा, अपनी धोती हटाई और बोला- देख … इससे चल जाएगा तेरी बीवी का काम!
मेरी आंखें खुली रह गईं क्या घोड़े जैसा लंड था.
मैं खुशी के मारे बोला- हां बाबा ये तो मज़े बांध देगा … पर एक दिक्कत है.
बाबा- बता …
मैं- मेरी बीवी को कैसे मनाऊं.
बाबा- मेरे पास एक तरीका है.
मैं- बताओ बाबा.
बाबा- मैं तेरे घर आऊंगा तो तुझे कुछ बातें बताऊंगा, जो तू मुझे पहले ही देना कि तेरे साथ ऐसा-ऐसा हो रहा है … और मैं कहूँगा कि तेरी बीवी की अशुद्धि करनी पड़ेगी.
बाबा ने बीवी की अशुद्धि का मतलब उसकी गैर मर्द से चुदाई बताया तो मैं मान गया.
अगले दिन बाबा घर आ गया और सब प्लान के हिसाब से चला.
कुछ बातें रश्मि की भी बताईं, जो मैं पहले ही बाबा को बता चुका था.
बाबा ने मेरे बारे में सब कुछ बताते हुए मेरे अनिष्ट की आशंका जाहिर की.
अब रश्मि को भी यकीन आ गया था कि ये बाबा सही बोल रहा है.
तो वह बाबा से उपाय पूछने लगी.
बाबा ने वही अशुद्धि वाली बात उससे कह दी.
रश्मि को अशुद्धि वाली बात समझ में नहीं आई.
वह जानने की कोशिश करने लागि कि बाबा ये अशुद्धि वाली बात क्या हुई?
बाबा- तेरा पति तुझको समझा देगा.
यह सब कह कर बाबा घर से चला गया.
मैं भी उसके पीछे उसे छोड़ने के बहाने से निकल गया.
रात को रश्मि ने पूछा- क्या होता है अशुद्धि में?
मैंने समझाया कि पराए मर्द से वह सब करना पड़ेगा.
रश्मि- ना बाबा ना मैं नहीं करूँगी.
मैं- मेरे ऊपर से संकट हट जाएगा.
रश्मि- ओह … कुछ दिन रुको … सोचकर बताऊंगी.
अब मैं रोज़ लैपटॉप पर नीग्रो की वीडियो चला कर चुपके से जाता था.
रश्मि उसे रोज़ देखती थी और मैं ये सब बाबा को भी बताता था.
बाबा- माल तो मस्त है तेरी बीवी!
कुछ दिनों बाद खुद रश्मि बोली- बाबा कहां रहते हैं?
मैं समझ गया कि इसकी चुत में आग लग चुकी है.
मैं- थोड़ी दूरी पर जंगल में बाबा की झोपड़ी है.
तब मैंने कहा- कल चलें बाबा के यहां?
रश्मि- लेकिन बस पहली और आखिरी बार बस … इसके बाद नहीं.
मैं- पर एक बार में काम न बना तो?
रश्मि- तब की तब देखेंगे बस.
अगले दिन मैं बाबा के ठिकाने पर गया और बोला- अपनी झोपड़ी अन्दर से दिखाओ … हम दोनों लोग आएंगे.
बाबा ने झोपड़ी दिखाई और बोला- देख … ये खिड़की है ना? यहां से सब दिखता है … तू यहां से खड़ा होकर देखते रहना.
मैं- ठीक है.
घर आया तो रश्मि बोली- कब चलना है?
मैं- शाम में.
रश्मि ने हां कहा और चली गई.
शाम को हम लोग निकले और बाबा की झोपड़ी पर पहुंच गए.
बाबा- अमित, तुम जा सकते हो … और रश्मि तुम्हें फोन कर देगी, जब आना होगा.
मैं- जी बाबा.
मैं बाहर आ गया, फोन साइलेंट किया और खिड़की के छेद से देखने लगा.
बाबा बैठ गए थे और रश्मि को बोले- आ जा … बैठ जा मेरी जांघ पर.
रश्मि जाकर बैठ गई.
अब बाबा रश्मि से बातें करने लगा.
वह उसकी कमर को सहलाने लगा और बातों-बातों में ही उसने बड़े आराम से रश्मि की चुन्नी हटा दी.
रश्मि बाबा के स्पर्श मात्र से गर्मा गई थी और वह एक बार भी उसका विरोध नहीं कर रही थी.
अब बाबा मेरी बीवी के मम्मों से खेल रहा था.
इतने में बाबा ने रश्मि के गले पर किस करना शुरू किया.
थोड़ी देर में उसके होंठों पर अब रश्मि भी बाबा का साथ देने लगी.
फिर बाबा ने रश्मि की कमीज निकाली और सलवार भी निकाल दी.
रश्मि बाबा के सामने पैंटी-ब्रा में खड़ी थी.
बाबा ने अपनी धोती खोली तो रश्मि की आंखें खुली रह गईं.
रश्मि हैरान होती हुई बोली- बाबा कितना मोटा और बड़ा है ना!
बाबा- हां … तेरा ही है आज से!
इतना सुनते ही रश्मि घुटनों के बल बैठ गई और बाबा का Xxx काला लंड चूसने-चाटने लगी.
मेरी तो आंखें फटी रह गईं, कभी मेरा तो चूसा नहीं इसने … बहन की लवड़ी इस बड़े लौड़े को देख कर सनी लियोनि बन गई … कुतिया साली रांड!
रश्मि ने बाबा का हलब्बी लंड चूसते-चूसते अपने हाथ पीछे किए और अपनी ब्रा का हुक खोल दिया.
फिर उसने अपने हाथों से ही बाबा के दोनों हाथों को पकड़ा और अपने चूचों पर ले गई.
बाबा ने मेरी बीवी के मम्मों का हलवा बनाना शुरू कर दिया.
कुछ देर बाद बाबा ने अपनी पोटली की तरफ हाथ बढ़ाया और उसमें से एक सफेद रंग कर द्रव्य अपने लौड़े पर टपकाना शुरू कर दिया.
यह देसी ताड़ी थी जो नशा के साथ साथ उत्तेजना को भी खूब बढ़ा देती थी.
आम शराब की तरह कड़वी नहीं होती है, यह मुझे मालूम था क्योंकि मैंने पहले इसे पी है.
मेरी बीवी मेरे साथ दारू का मजा ले चुकी थी तो उसे भी मजा आ रहा था.
वह बाबा का लंड चूसने के साथ साथ उस सफेद ताड़ी का मजा लेती जा रही थी.
उधर बाबा भी बीच बीच में उस बोतल से घूंट लगाता जा रहा था.
फिर बाबा ने बगल में भरी हुई चिलम उठाई और उसमें आग सुलगा कर धुआं निकालना शुरू कर दिया.
रश्मि न.शे में मस्त हो गई थी तो वह बाबा की तरफ वासना से देखने लगी.
बाबा ने उसे वापस अपनी जांघ पर बिठाया और उसके मुँह में चिलम लगा दी.
रश्मि को चिलम पीना नहीं आता था तो बाबा ने उसे एक कश दिलवाया.
रश्मि को खांसी आ गई और उसके मुँह व नथुनों से धुआं निकलने लगा.
कुछ देर बाद रश्मि ने दो बार और चिलम से कश लगाया और वह बाबा की गोद में कुछ ऐसे बैठने लगी कि बाबा का लंड उसकी चुत से रगड़ खाने लगा.
बाबा ने चिलम एक तरफ रखी और रश्मि की चुत में अपने लौड़े को घिसने लगा.
रश्मि की कामाग्नि भड़क गई थी और वह एकदम धुत हो गई थी.
बाबा ने मेरी बीवी को चित लिटा दिया और उसकी टांगें अपने दोनों कंधों पर रख कर लौड़े को चुत में पेलने लगा.
रश्मि की चुत चिरने सी लगी और उसके कंठ से आह आह की आवाज निकलने लगी.
उसका नशा काफूर होने लगा था मगर बाबा पुराना हरामी किस्म का चोदू था, तो उसने अपने लंड को धीरे धीरे करके पूरा अन्दर पेल दिया.
अब बाबा मेरी बीवी की चूचियों को चुस्त हुआ उसे धकापेल चोदने लगा था और मेरी बीवी भी मजे से उसके साथ चुदाई करवाने लगी थी.
करीब आधा घंटा तक चली इस चुदाई में मेरी बीवी की चुत से माल नहीं निकला था, यह बात मेरे लिए बड़ी आश्चर्यजनक थी.
फिर बाबा ने मेरी तरफ देखा और इशारे से पूछा- माल चुत के अन्दर ही छोड़ दूँ या बाहर निकालूं!
मैंने उसे बीवी से पूछ लेने के लिए इशारा कर दिया.
उसने मेरी बीवी से पूछना उचित नहीं समझा और सारा वीर्य मेरी बीवी की चुत में ही टपका दिया.
उस दिन बाबा ने मेरी बीवी को दो घंटा तक अपने पास रखा और उसे दो बार पेला.
मेरी बीवी की हालत यह हो गई थी कि मैं उसे बड़ी मुश्किल से अपने घर ला सका था.
बाद में मेरी बीवी ने मुझसे खूब प्यार किया और धन्यवाद दिया कि बाबा जी सही समय पर मिल गए वर्ना तुम्हारी जान को खतरा हो जाता.
मैं चुपचाप उसे अपनी बांहों में भर कर सो गया.
दोस्तो, आपको मेरी इस Xxx काला लंड सेक्स कहानी पर क्या कहना है, प्लीज जरूर बताएं.
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लेखक की पिछली कहानी थी: मजदूरों के लौड़ों से चूत और गांड मरवाई
