Bahan Chod Kahani – होली के पहले दिन सगे भाई से चुद गई

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Story Start Here :

बहन चोद कहानी में मैं 18 साल की जवान हो चुकी थी. होली से पहले मेरा भाई घर आया. उसकी नजर मेरी जवानी पर थी. मैं उससे गले मिली तो उसने मेरी गांड दबा दी.

यह कहानी सुनें.

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नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम मोनिका है। मैं यूपी के एक छोटे से गाँव से हूँ।
अभी मेरी 12वीं की परीक्षा खत्म हुई थी कि होली आ गई।

मेरे बड़े भैया, जो दिल्ली पुलिस में जॉब करते हैं, वो भी 3 दिन के लिए घर आए थे।

भैया मुझसे 3 साल बड़े हैं और पिछले साल ही उनकी जॉब लगी थी।

बहन चोद कहानी में सबसे पहले मैं अपने बारे में बता देती हूँ।
हमारे घर में मैं, मेरी मम्मी, पापा और मेरा छोटा भाई है, जो 10वीं क्लास में पढ़ता है।
पापा की दुकान है, घर से थोड़ी दूर।
मम्मी घर पर ही रहती हैं।

अब मेरे फिगर की बात करूँ तो ये समझ लो कि अच्छे-अच्छों के लंड खड़े कर दूँ।
अभी मेरे बूब्स इतने बड़े नहीं थे, लेकिन गांड ऐसी थी कि कोई भी देखे तो देखता ही रह जाए।

भैया पूरे एक साल बाद होली पर घर आए।
मैंने दरवाजा खोला।

जब उन्होंने मुझे देखा तो बस देखते ही रह गए।
भैया को देखते ही मैं उनके गले लग गई।

अचानक से वो कुछ समझ नहीं पाए और उनके दोनों हाथ मेरी गांड पर चले गए।

भैया बोले- अरे मोना! तू तो बहुत बड़ी हो गई है!
ये कहकर भैया अंदर आए और सोफे पर बैठ गए।

मैं पानी लेने गई।

भैया मेरी गांड को ही देख रहे थे।
वापस आते समय वो अपनी निगाहों से मेरे बूब्स को टटोल रहे थे।

मुझे उनकी हवस भरी नजर साफ दिख रही थी।
मैंने अभी तक ब्रा पहनना शुरू नहीं किया था।

मैंने भैया को पानी दिया और अंदर चली गई।

शाम को हम सबने होलिका दहन में हिस्सा लिया।
भैया मुझे ही देख रहे थे।

मैंने नारंगी रंग का सलवार सूट पहना था।
मुझे देखकर भैया अपने होंठों पर जीभ फेर रहे थे।
मैंने ज्यादा ध्यान नहीं दिया।

फिर हम सब घर आ गए।
रात को मेरे रूम में मैं, छोटा भाई और मम्मी बैठे थे।

तभी भैया आए।
भैया ने हम सबके लिए गिफ्ट्स लाए थे।
मम्मी अपना गिफ्ट लेकर अपने रूम में चली गईं।

भैया ने मुझे और छोटू को भी गिफ्ट्स दिए और अपने रूम में चले गए।

मुझे लगा शायद थक गए होंगे, इतनी दूर से आए हैं।
मैं भी सो गई।

मेरा छोटा भाई भी मेरे ही रूम में सोता है ताकि मैं उसे थोड़ा पढ़ा सकूँ।
वो भी सो गया।

रात को मैं सोच रही थी कि भैया मुझे ऐसे क्यों देख रहे थे।
तभी दरवाजे पर हल्की आवाज आई।
शायद कोई था।

मैंने सोने का नाटक किया और हल्के से आँखें खोलकर देखा — भैया थे!
मुझे लगा कुछ भूल गए होंगे।

इससे पहले कि मैं कुछ समझ पाती, उन्होंने मेरे मुँह पर हाथ रख दिया और बोले- तुमने अपना स्पेशल गिफ्ट तो लिया ही नहीं!

ये सुनकर मैं खुश भी हुई और थोड़ी हैरान भी कि ऐसा कौन-सा गिफ्ट है जो भैया अकेले में देंगे।
मैं बहुत खुश हुई।

भैया ने मुझे अपनी गोद में उठाया और अपने रूम में ले गए।

भैया का रूम ऊपर था।
उन्होंने मुझे ऊपर ले जाकर बेड पर पटक दिया और दरवाजा बंद कर दिया।

मुझे थोड़ा अजीब लगा।
मैंने पूछा- भैया, ऐसा क्या गिफ्ट है जो आप मुझे अकेले में देना चाहते हैं?
भैया थोड़ा मुस्कुराए और बोले- है कुछ स्पेशल!

फिर उन्होंने मुझे आँखें बंद करने को कहा।
तब बैग से एक बॉक्स निकाला और मेरे हाथ में रख दिया।

मैंने आँखें खोलीं तो देखा — मोबाइल फोन था!

मैं बहुत खुश हुई और भैया की गोद में चढ़ गई।
खुशी-खुशी में उनकी गर्दन को किस कर लिया- आई लव यू भैया!

भैया ने मुझे नीचे उतारा और बोले- आई लव यू टू, मेरी रानी!

फिर मैंने पूछा- भैया, ये तो आप मुझे सबके सामने भी दे सकते थे!
भैया बोले- सबके सामने तू मुझे किस थोड़ी करती!

मैंने कहा- किस? कब किया मैंने?
भैया बोले- अभी तो किया था मेरी गर्दन पर!
मैंने कहा- वो तो किस थोड़ी कहते हैं!

भैया बोले- तो किस किसे कहते हैं? बोलो-बोलो, मुझसे क्या शरमाती हो!
फिर बोले- किस तो लिप्स टू लिप्स होता है!

मैंने कहा- अच्छा जी! तो वो कर लो, लेकिन मुझे थोड़ी शर्म आती है अभी तो!
भैया बोले- मुझसे कैसी शर्म!

फिर मैंने भैया को आँखें बंद करने को कहा और एक हल्का-सा किस किया।

भैया बोले- बस ऐसे ही करना था!
फिर उन्होंने मुझे बेड पर पटक दिया और मेरे ऊपर लेट गए।
मैं कुछ बोल नहीं पाई।

भैया बोले- अब मैं ट्राई करूँ?
मैंने हल्के से “हाँ” में सिर हिला दिया।

फिर भैया शुरू हो गए।
उन्होंने मेरे लिप्स पर लिप्स लगा दिए और पागलों की तरह किस करने लगे।

थोड़ी देर बाद मुझे भी मजा आने लगा।

मैंने भैया के निचले होंठ को काटा और अपने दोनों हाथ उनकी टी-शर्ट में डालकर उनकी पीठ सहलाने लगी, नाखून चुभोने लगी।

मैं फुल मजा ले रही थी।
फिर भैया मेरी गर्दन को किस करने लगे।

मैं मदहोश हो गई।

धीरे से भैया ने मेरे टॉप में हाथ डाला और बूब्स को पकड़कर मसल दिया।
मैं बोली- भैया, ये क्या कर रहे हो? आप मेरे भाई हो!

भैया बोले- प्लीज मोना, करने दे! आज मुझे मत रोक। तुझे मैं ढेर सारे गिफ्ट लाकर दूँगा और कपड़े भी! आज मुझे मत रोक, मेरी प्यारी बहन। मुझे तेरी जवानी के साथ खेलने दे। तू बहुत गरम हो गई है। एक साल में तेरी गांड कितनी मस्त हो गई है!
मैंने कहा- अच्छा तो भैया, आप मेरी गांड के पीछे सुबह से पड़े हो?
भैया बोले- हाँ मेरी रानी!”

ये कहकर उन्होंने मुझे अपने ऊपर लिया, खुद नीचे आए और मेरे लोअर के ऊपर से ही मेरी गांड पर हाथ फेरने लगे।

मैंने फिर कहा- लेकिन भैया, ये गलत है! आप मेरे भाई हो! भाई-बहन में ऐसा नहीं होता!
भैया बोले- पगली, इस फोन में फ्री सेक्स कहानियाँ पर जाना। वहाँ बहन चोद कहानी जैसा सब कुछ मिलेगा!

मैंने कहा- लेकिन भैया, मम्मी-पापा को पता चल गया तो?
भैया बोले- कौन बताएगा?”

फिर पूछा- कभी तूने सेक्स किया है?
मैंने कहा- नहीं भैया। सहेली से सुना था। उसके बॉयफ्रेंड ने उसे होटल में ले जाकर किया था। तब वो बता रही थी कि कैसे-क्या होता है। मैंने कभी नहीं किया।

भैया बोले- फिर तू सील पैक है!
मैंने पूछा- क्या भैया?
भैया बोले- कुछ नहीं। तेरी सील अभी मेरे हाथों से टूटेगी। थोड़ा ब्ल.ड आएगा।

मैंने कहा- ब्ल.ड क्यों भैया?
भैया बोले- पहली बार सेक्स करने पर आता है।

मैंने कहा- ठीक है भैया, आप कर लो जो करना है। मुझे सेक्स के बारे में ज्यादा नहीं पता; आप सिखा दो।

भैया बोले- सब कुछ सिखा दूँगा तुझे। मेरे साथ ले चलूँगा कल। एक महीने तेरी छुट्टियाँ हैं। दिल्ली घूम लेना थोड़ा तू भी!
मैंने कहा- सच भैया? लेकिन मम्मी…?

भैया बोले- अरे तू चिंता मत कर। मैं मम्मी से बात कर लूँगा। वहाँ तुझे ढेर सारे कपड़े भी दिला दूँगा!

ये सुनकर मैं भैया से लिपट गई और किस करने लगी।

फिर भैया ने मेरा टॉप उतार दिया।
मैंने नीचे कुछ नहीं पहना था।

फिर भैया मेरे बूब्स चूसने और दबाने लगे।

मुझे भी मजा आने लगा।
मेरे मुँह से सिसकारियाँ निकलने लगीं- उम… या… ऊँ… ओ या… आउ… भैया… उम… ओ!

अचानक भैया ने मेरे लोअर को निकाल दिया और पैंटी भी उतारकर मुझे पूरी नंगी कर दिया।

फिर भैया खुद भी पूरे नंगे हो गए और मुझे अपना सात इंच लंबा लंड चूसने को बोला।
मैंने मना कर दिया।

भैया ने ज्यादा नहीं कहा और मेरी चूत चाटने लगे।
जीभ लगते ही मैं सिहर गई और सिसकारियाँ निकालने लगी- ओ भैया… या… उम… आउच… या… ओ… उम्हा… ओ या!

थोड़ी देर में मेरी चूत से सफेद पानी निकला।
भैया सारा पानी गटक गए।

मैंने पूछा- ये क्या था भैया?
भैया बोले- कुछ नहीं।

फिर मेरे ऊपर आए, मेरी नाभि में उंगली करने लगे और कान में बोले- वीर्य था ये। थोड़ी देर में मेरा भी निकलेगा।

ये कहकर मुझे किस करके गर्म करने लगे।
फिर भैया ने मेरी चूत को हाथ से सहलाया और उस पर लंड सेट करने लगे।

मैं अभी 18 साल की ही थी, ब.च्ची ही तो थी।
इतना बड़ा लंड देखकर मैं डर गई।

मैंने कहा- नहीं भैया! बहुत बड़ा है! दर्द होगा बहुत! मैं अभी छोटी हूँ और ब्लड भी आएगा! नहीं भैया, प्लीज!”

लेकिन वो कहाँ रुकने वाले थे।
नंगी लड़की बाहों में हो तो कौन कंट्रोल करेगा!

भैया बोले- नहीं बेटा, मेरी गुड़िया रानी है तू। बिल्कुल दर्द नहीं करूँगा। एकदम प्यार से डालूँगा, धीरे-धीरे।
फिर बोले- तेरी शादी होगी तब तेरा पति थोड़ी तेरी सुनेगा। इसलिए थोड़ा सीख ले अपने भाई से!

ये कहकर भैया ने थोड़ा थूक मेरी चूत पर लगाया और थोड़ा अंदर घुसा दिया।
मुझे हल्का दर्द हुआ।

फिर भैया मुझे किस करते हुए अंदर-बाहर करने लगे।
मुझे लगा ऐसे ही सेक्स होता होगा।
मुझे मजा आने लगा।

भैया ने अचानक लंड का थोड़ा और हिस्सा घुसा दिया।
मुझे दर्द हुआ।
मैं तड़पने लगी।

लेकिन भैया ने किस करना नहीं छोड़ा और धीरे-धीरे मुझे सहलाने लगे।
मेरा दर्द कम हुआ।

थोड़ी देर अंदर-बाहर करने के बाद मुझे लगा पूरा लंड अंदर चला गया।

लेकिन फिर भैया ने मेरे होंठों को जोर से लॉक किया, दोनों हाथ पकड़ लिए और फाइनल शॉट लगा दिया।

हाये! मेरी तो जान ही निकल गई!
भैया मेरे ऊपर थे, होंठ लॉक थे।

मेरी आँखों से आँसू आने लगे।
मुझे बहुत दर्द हो रहा था। मेरे मुँह से “उह… उह…” की आवाज आ रही थी।

मेरा शरीर तड़प रहा था।
मेरी आँखें भैया से रहम की भीख माँग रही थीं।

लेकिन भैया नहीं माने।
उन्होंने मेरी एक न सुनी और पूरा सात इंच का लंड मेरी चूत में समा दिया।

थोड़ी देर ऐसे ही रुकने के बाद भैया ने मेरे लिप्स छोड़े।
मैं सुबक-सुबक कर रोने लगी- भैया प्लीज छोड़ दो! मुझे बहुत दर्द हो रहा है! प्लीज भैया!

फिर भैया ने हल्का सा लंड पीछे किया और मुझे सहलाने-प्यार करने लगे।
जैसे ही मैं थोड़ी नॉर्मल हुई, एक जोरदार शॉट लगा दिया।

इस बार मैं चिल्ला पड़ी- आ भैया! मर गई! निकालो प्लीज!
लेकिन वो नहीं माने, धीरे-धीरे धक्के लगाने लगे।

थोड़ी देर बाद मुझे भी मजा आने लगा।
फिर भैया ने शॉट तेज कर दिए।
मैं मजे लेने लगी।

अब मुझे भी मजा आ रहा था।
मैं सातवें आसमान पर थी- ओ भैया… या… ओ चोद दो मुझे आज… ओ या… उम… ओ या… उम्हा!

भैया की स्पीड लगातार बढ़ रही थी।

पाँच-सात मिनट चोदने के बाद भैया ने मुझे घोड़ी बनाने के लिए खड़ा किया।
तो मैंने देखा — खू.न ही खू.न था!

मैं डर गई।
भैया ने समझाया- पहली बार होता है ऐसा।
मैंने पूछा- आपको कैसे पता?

भैया बोले- मेरी गर्लफ्रेंड थी कॉलेज में। उसकी ली थी मैंने। तब पता चला। मैंने तीन बार लिया था उसका। फिर उसकी शादी हो गई। उसके बाद कभी मौका नहीं मिला।

ये कहकर भैया ने मुझे घोड़ी बनाया और पीछे से मेरी चूत चोदने लगे।
दस मिनट चोदने के बाद मुझे सीधा लेटाकर मेरा एक पैर अपने कंधे पर रखा और फिर से चोदने लगे।
मैं भी मजे ले रही थी।

तभी मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया।
मैं निढाल हो गई।

फिर चार-पाँच लंबे शॉट के बाद भैया ने लंड निकाला और मेरे पेट पर सारा माल गिरा दिया।

थोड़ी देर बाद भैया मेरे पास चित लेट गए और बोले- मजा आया?
मैं बोली- बहुत!

फिर भैया ने मुझे किस किया और कपड़े पहनने को कहा।
मैंने पूछा- भैया, ये खू.न?

भैया बोले- तू चिंता मत कर। अपने रूम में जा के सो जा। और कल होली खेल के परसों मेरे साथ दिल्ली जाने के लिए तैयार रहना। मम्मी-पापा से मैं बात कर लूँगा। वहाँ ये खेल रोज खेलेंगे!

मैं थोड़ी शर्माते हुए अपने कमरे में चली गई।
अंदर ही अंदर खुश भी थी कि मोबाइल भी मिल गया, एक महीने दिल्ली घूमने को मिलेगा।
और थोड़ी खुशी बहन चोद भाई के लंड की भी थी।

कुछ भी हो दोस्तो, मजा तो मुझे भी बहुत आया।
और भैया तो मुझे लेने ही इसलिए जा रहे थे कि सुबह-शाम मेरी चुदाई कर सकें।

जो भी हो, मेरी पाँचों उंगलियाँ घी में थीं। अब मुझे हर प्रकार का सुख मिलने वाला था।

आगे की कहानी मैं बाद में लिखूँगी कि कैसे भैया ने मुझे दिल्ली में एक महीने चोदा।

तब तक के लिए बाय-बाय दोस्तो।
मेरी कहानी आपको कैसी लगी?
मुझे मेल करके जरूर बताना।
बहन चोद कहानी लिखने में कोई कमी हुई हो तो वो भी बताना ताकि मैं अगली कहानी में अच्छे से लिख सकूँ।

शुक्रिया दोस्तो, आपकी अपनी मोनिका.
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