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Story Start Here :
हॉट गर्ल एमेच्योर सेक्स कहानी में मुझे मेरा भाई बहुत पसंद था. मैं उससे चुदना चाहती थी. मैं वर्जिन थी तो चुदाई की चाह बहुत थी मेरे मन में.
यह कहानी सुनें.
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दोस्तो, मैं प्रिया हूँ मेरी उम्र 18 साल की हूँ और एक कमसिन लड़की हूँ.
मेरा रंग गोरा है और बॉडी स्लिम है.
मैं दिल्ली की रहने वाली हूँ.
मेरे घर में हम चार लोग रहते हैं.
मेरे डैड-मॉम, मेरे बड़े भैया आरव जो मुझसे सिर्फ़ एक साल बड़े हैं.
मेरे डैड बिजनेसमैन हैं तो वह ऑफिस के काम से ज्यादातर घर के बाहर रहते हैं.
यह हॉट गर्ल एमेच्योर सेक्स कहानी मेरे सगे भाई और उसके दोस्त के साथ की है.
मेरे भैया आरव देखने में बहुत मस्त हैं क्योंकि वे रोज़ जिम जाते हैं.
मैं उन्हें वासना से देखती थी लेकिन कभी कह न सकी.
एक दिन मॉम को शादी में जाना था.
तो मॉम ने मुझसे कहा- प्रिया बेटा, मैं शादी में जा रही हूँ. तुम दोनों भाई-बहन एक-दूसरे का ख्याल रखना.
यह कहकर मॉम चली गईं.
मेरे भैया आरव जिम से वापस लौटे और लौटते ही चिल्लाने लगे- मॉम, मेरा जूस रेडी हो गया हो तो प्लीज दे दो.
मैं किचन से जूस लेकर आई.
भाई ने पूछा- मॉम कहां हैं?
मैंने कहा- वे तो शादी में गई हैं और कल ही लौटेंगी!
मैंने देखा कि मेरे भैया पसीने में भीगे हुए कुछ ज़्यादा ही हैंडसम लग रहे थे.
हम दोनों बातें कर ही रहे थे कि तभी उनका फ्रेंड विक्की आ गया.
विक्की- हाय आरव … क्या चल रहा है दोस्त?
आरव- हाय विक्की … मैं ठीक हूँ. तुम अचानक यहां कैसे आ गए?
विक्की- बस यार, तुम्हारी याद आ गई तो मिलने चला आया!
उन दोनों को देख कर मैंने कहा- आप दोनों बातें कीजिए, मैं कॉफी लेकर आती हूँ!
मैं चली गई.
विक्की- आरव, ये तुम्हारी बहन प्रिया है ना?
आरव- हां!
विक्की- एक बात बोलूं भाई, बुरा तो नहीं मानोगे ना?
आरव- नहीं यार, यारों-दोस्तों में क्या बुरा मानना!
विक्की- तुम्हारी बहन बहुत ही मस्त माल लग रही है यार … मेरा तो लंड खड़ा हो गया. तुम्हारा भी तो मन करता होगा ना?
आरव- तुमसे क्या छुपाना भाई … मैंने उसे एक बार रूम में कपड़े चेंज करते हुए देख लिया था. तभी से उसे चोदने का मन कर रहा है, पर क्या करूँ यार … बहन है मेरी … तो बस कसमसा कर रह जाता हूँ!
विक्की- लड़के और लड़की के बीच एक ही रिश्ता होता है और वह है … लंड और चूत का. तुम कहो तो कुछ प्लान करें?
आरव- हां, लेकिन अगर उसने किसी को बता दिया तो फिर मेरा क्या होगा?
विक्की- उसकी चिंता तुम मत करो. बस थोड़ी देर के लिए तुम कहीं चले जाओ, बाकी सब मैं देख लूंगा.
आरव- ठीक है … लेकिन एक बात का ध्यान रखना कि वह मेरी बहन है. बिना उसकी मर्जी के कुछ नहीं करना .. ओके!
विक्की- ठीक है. लेकिन तुम तीन चार घंटे से पहले वापस मत आना.
आरव- ठीक है.
विक्की- अब उसे बुलाओ और उसके बाद तुम चले जाना!
आरव- ओके, मैं उसे बुलाता हूँ. प्रिया जरा बाहर तो आना!
मैं उन दोनों की सारी बात सुन चुकी थी.
मैं उनके पास आती हुई बोली- क्या हुआ भाई?
आरव- मुझे अपने एक अन्य दोस्त को एयरपोर्ट ड्रॉप करना है, तो मैं जा रहा हूँ. एक या दो घंटे में आ जाऊंगा. विक्की यहां ही हैं, तुम उसको खाना खिला देना!
मैं- ठीक है भैया.
फिर मेरे भैया चले गए.
घर में सिर्फ़ मैं और भैया के फ्रेंड विक्की रह गए थे.
मैंने कॉफी बना ली थी तो उन्हें कॉफी दे दी और वापस किचन की ओर चली गई.
तभी विक्की ने आवाज दी- अरे प्रिया रुको न … घर पर खाना बनाने की ज़रूरत नहीं है. मैं ऑर्डर कर लेता हूँ.
मैं- लेकिन …
विक्की- कोई बात नहीं यार, मैं कर लेता हूँ न!
मैं- ठीक है.
मैंने विक्की से भाई के कमरे में जाने को कहा- मैं अभी आती हूँ आप भाई के कमरे में चल कर बैठिए.
उन्हें कमरे में भेजने के बाद मैं अपने रूम में चली गई.
थोड़ी देर बाद मैं विक्की के पास आ गई.
विक्की मुझसे बोला- प्रिया तुम मूवी देखोगी?
मुझे मूवी देखना बहुत अच्छा लगता था तो मैंने हां कर दी
हम दोनों भाई के रूम में बैठ कर मूवी देखने लगे.
थोड़ी देर बाद उसने ब्लू फिल्म लगा दी.
तो मैंने कहा- मैं ऐसी फिल्म नहीं देखती.
उसने कहा- अरे यार आज मेरे साथ देख लो … तुम्हें मज़ा आ जाएगा.
लेकिन मैंने मना कर दिया और रूम से जाने लगी.
अब उसने रूम लॉक कर दिया और मुझे पकड़ कर वहीं बैठा लिया.
वह बोला- देखनी तो होगी … चाहो या न चाहो!
मैं चुप रह गई.
मन तो मेरा भी था पर मैं इतनी जल्दी सैट होना नहीं चाहती थी इसलिए नखरे कर रही थी.
अब मैं उसके साथ बैठ कर ब्लू फिल्म देखने लगी.
ब्लू फिल्म देखते-देखते मैं भी काफी उत्तेजित हो गई थी, किंतु मैं खुद को संभाल रही थी.
तभी विक्की ने अचानक से मेरे दूध पर हाथ रख दिया और निप्पल को मसलने लगा.
मैंने उसे दूर कर दिया.
लेकिन उसने फिर से मेरे दूध को कसके दबा दिया.
इस बार उसने मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए और किस करने लगा.
मैं भी काफी उत्तेजित हो गई थी तो एक दो पल बाद उसका साथ देने लगी.
मैं बस उसके कहे अनुसार करने लगी थी.
उसने मेरी ड्रेस उतार दी और मैं ब्रा और पैंटी में थी.
उसने चुपके से अपना मोबाइल वीडियो ऑन करके टेबल पर रख दिया था … जिसके बारे में मुझे पता नहीं था.
वह भी अंडरवियर में आ गया.
विक्की ने मुझे नीचे बैठाकर उसके अंडरवियर की तरफ इशारा किया.
विक्की- मेरी जान … मुँह में ले ले मेरा!
यह कहकर उसने मुझे नीचे बैठा दिया.
मैं समझ गई और आगे बढ़ कर मैंने उसके लंड को अंडरवियर से बाहर निकाल लिया.
उसका लंड देखते ही मैं एकदम से डर गई … क्योंकि मैंने इतना मोटा और लंबा भारतीय लंड अभी तक सिर्फ वीडियो में ही देखा था.
वह बोला- मुँह में लो न!
मैंने उसके हथियार को मुँह में भर लिया और चूसने लगी.
विक्की ने मेरे बालों को पकड़ा और मेरे मुँह में धक्के देने लगा.
मैं भी मज़े लेते हुए उसके लौड़े का स्वाद ले रही थी.
विक्की- आह अब ले भी ले मेरा पूरा अन्दर आह.
मैं- उम्मम्म … उम्मम …
कुछ देर तक विक्की ने मुझसे अपना लंड चुसवाया, फिर उसने मुझे उठाकर बेड पर लिटा दिया.
अब उसने मेरी ब्रा और पैंटी को मेरे जिस्म से अलग कर दिया.
पहली बार किसी मर्द ने मुझे नंगी किया था … मैं किसी मर्द के सामने जन्मजात नंगी पड़ी हुई थी.
मुझे शर्म आ गई तो मैं खुद को छुपाने की कोशिश करने लगी.
विक्की ने अपने लौड़े को सहलाते हुए कहा- अब क्या छुपा रही है … मैंने तो सब देख लिया है न!
फिर उसने मेरे पैरों को पकड़ कर मेरी चूत में उंगली डाल दी और घुमाने लगा.
मुझे अपनी चुत में सनसनी होने लगी.
थोड़ी देर बाद उसने दो उंगलियां डाली और चूत के छेद को बड़ा कर दिया.
अब वह अपने लंड को मेरी चुत में सैट करने लगा.
मुझे खुद भी उसके लंड की गर्मी मजा दे रही थी तो मैं अपनी कमर को उठा कर उसके लंड से चुत को रगड़ने लगी थी.
उसने मेरी उत्तेजना देखी तो वह धीरे धीरे से मेरी चुत में अपने लंड का सुपारा डालने की कोशिश करने लगा.
उसके लंड का सुपारा काफी मोटा था तो मैं दर्द से चिल्लाने लगी- आह रहने दो … बहुत दर्द हो रहा है!
विक्की- रुक तो जा मेरी जान … अब तो चला ही गया है … कुछ देर दर्द झेल ले … फिर तुझे मस्त लगेगा.
मैं दर्द सहती हुई अपनी दोनों हाथ की मुट्ठियों को भींच कर ‘अअहह … अअह’ करने में लगी थी.
मेरी दोनों आंखें बंद हो गई थीं.
सुपारा अन्दर चला गया था और वह मेरे होंठों से रस चूस रहा था.
तभी विक्की ने एक जोर से झटका देते हुए सुपारे को एक इंच लंड के साथ मेरी चूत में पेल दिया.
मैं दर्द से कराह उठी और उसी पल मेरी चुत ने प्रीकम का चिकना रस छोड़ दिया जिससे लंड को अन्दर होने में आसानी होने लगी.
विक्की ने दो तीन बार लंड को अन्दर बाहर किया और जरा दबाव देते हुए अपने लौड़े को चुत के अन्दर और पेवस्त कर दिया.
इस बार उसका आधा लंड अन्दर चला गया था.
मैं असहनीय दर्द से चिल्ला उठी- अओहह … ओअहह … अअह्ह्ह … मर गई अहह.
लेकिन वह अब सुनने के मूड में नहीं था.
उसने दूसरा झटका दे दिया … इस बार पूरा लंड अन्दर घुसता चला गया.
पहले तो मुझे ऐसा लगा मानो गर्म सलाख मेरी चुत में घुसेड़ दी गई हो.
दर्द से बुरा हाल था.
उसका मुँह मेरे मुँह पर जमा हुआ था तो मैं चिल्ला भी नहीं पा रही थी.
उसने पूरा लंड चुत में ठोका और रुक गया.
अब वह मेरे दूध मसलने लगा और मेरे एक चूचुक को अपनी दो उंगलियों से मींजने लगा.
कुछ ही देर में मुझे मीठा अहसास होने लगा.
वह मुझे चुप होता देख कर समझ गया था शायद इसलिए अपनी कमर को चलाते हुए अपने लौड़े को चुत में चलाने लगा था.
चुत ने अन्दर रस स्खलित कर दिया था तो लौड़े को आसानी हो गई थी और विक्की ने अपने लंड को सटासट सटासट अन्दर बाहर करना चालू कर दिया था.
उसकी चुदाई से मुझे जन्नत की सैर का मजा मिलने लगा था, मीठा और मादक अहसास होने लगा था.
मेरी कमर भी उसके झटकों का साथ देने लगी थी.
वह मस्ती से मेरी चुत में धक्के दिए जा रहा था.
कुछ देर बाद उसने बहुत जोर जोर से धक्के देना स्टार्ट कर दिया.
मैं मस्ती से आह आह आह करने लगी और तेजी से अपनी गांड उठाती हुई उसके साथ चुदाई का मजा लेने लगी.
विक्की- प्रिया … मजा आ रहा है न!
मैंने कुछ नहीं बोली.
कुछ देर बाद वह बोला- मेरा माल गिरने वाला है … जल्दी बोल कहां गिराऊं?
मैं- अन्दर मत गिरा देना … नहीं तो मैं प्रेग्नेंट हो जाऊंगी.
विक्की- तो फिर खोल मुँह अपना!
मैं- नहीं … मुझे ऐसा पसंद नहीं है.
विक्की- तो फिर ठीक है.
यही सब कहते हुए उसने अपना औजार बाहर निकाला और उसे हाथ से मुठिया कर अपना वीर्य आरव भाई के बेड पर ही गिरा दिया.
हम दोनों को चुदाई में काफी देर हो गई थी.
काफी थकान भी हो रही थी तो मैं सो गई.
वह भी मुझसे लिपट कर सो गया.
मैं और विक्की दोनों बेड पर नंगे सोए हुए थे.
आरव भैया वापस आ चुके थे.
वह घर में आते ही अपने रूम की तरफ आ गए.
उधर हम दोनों नंगे सोए हुए थे.
आरव भैया ने हम दोनों को नंगा देख लिया.
उसके बाद उन्होंने मुझे आवाज दी तो मैं घबरा कर उठ गई.
आरव- ये सब क्या चल रहा है?
मैं डर जा गई थी और जल्दी से उठकर खुद को छुपाती हुई बेड के पीछे चली गई.
विक्की भी जाग गया था लेकिन वह वैसे ही नंगा उठ कर खड़ा हो गया था.
मैं- भैया … विक्की ने मेरे साथ ज़बरदस्ती की, मैं तो करना भी नहीं चाहती थी!
विक्की- साली रंडी, कब से अपनी मर्ज़ी से चुत मरवा रही थी … अब मुकर गई?
मैं सन्न थी.
विक्की- ये देखो आरव, मैंने इसका वीडियो भी बनाया है.
आरव- कहां है वीडियो?
विक्की आरव भैया को वीडियो दिखाने लगा.
आरव भैया मुझे चुदवाती देख कर अपने चेहरे पर वासना के भाव लाने लगे थे.
मैं उन्हें देख रही थी.
उनकी पैंट में उभार बनने लगा था.
मेरी नज़र उनके पैंट पर गड़ गई थी.
कुछ ही देर में उनका लंड खड़ा हो गया था.
आरव भैया मुझसे बोले- साली रंडी, खुद चुदवा रही थी और बोल रही है ज़बरदस्ती की? ज़बरदस्ती क्या होती है … अब मैं तुम्हें दिखाता हूँ.
यह कहकर भैया ने मुझे उनके पास खींच लिया और मुझे बेड पर पटक दिया.
वे नंगे होकर मेरे ऊपर आ गए. मुझे काफी डर लग रहा था.
उन्होंने मेरी चूत में अपना लौड़ा डाल दिया.
विक्की के लंड से भी बड़ा लंड था मेरे भाई का.
विक्की का छह इंच का था लेकिन भैया का शायद 7 इंच का था.
जब उन्होंने मेरी चुत में अपना लंड पेला तो मैं उनके लौड़े की मोटाई को सहन ही नहीं कर पा रही थी.
कुछ देर बाद मेरी चुत ने भैया के लौड़े से दोस्ती कर ली और मेरा सगा भाई मुझे चोदने लगा.
मैं भी मस्ती से चुदवाने लगी थी.
थोड़ी देर में ही भैया ने मेरी चूत में ही अपना वीर्य निकाल दिया.
मुझे भी बहुत मज़ा आ गया था.
थोड़ी देर बाद भैया बाथरूम में गए, लंड को साफ किया और रेडी हो गए.
अब तक विक्की भी चला गया.
दो दो लंड से चुदवा कर मुझसे उठा ही नहीं जा रहा था.
लेकिन मेरे चेहरे पर भाई के लौड़े से चुदने की खुशी थी.
आरव भैया कमरे में आए और कहने लगे- सॉरी प्रिया … मैं ज़्यादा गुस्सा हो गया था!
मैं- भैया … जाने दो ये बात … मुझे आपका साथ अच्छा लगा.
आरव- लेकिन यह तो बता … तुम्हें मज़ा तो आया ना मुझसे करवाने में?
मैं- सच बोलूं तो भैया … मैं आपसे कब से करवाना चाहती थी, किंतु डरती थी कि आप क्या कहेंगे. मैं जब भी आपको जिम से आने के बाद भीगे हुए कपड़ों में देखती, तो एक्साइटिड हो जाती थी.
आरव भैया हंस कर बोले- ठीक है प्रिया … तो आज से हम दोनों गर्लफ्रेंड ब्वॉयफ्रेंड की तरह रहेंगे.
मैं मुस्कुरा दी- ठीक है भैया.
आरव- चलो … मैं तुम्हें बाथरूम में ले जाता हूँ.
फिर भैया मुझे अपनी गोदी में उठा कर बाथरूम में ले जाकर साफ करने लगे और नहलाने लगे.
वे मेरे पूरे बदन पर साबुन लगा रहे थे और मैं उनके लौड़े से खेल रही थी.
बाथरूम में ही मैंने अपने भाई का लंड चूसना चालू कर दिया तो उन्हें बहुत अच्छा लगा.
फिर दो दिन तक, जब तक मॉम वापस नहीं आ गईं, तब तक हम दोनों नंगे ही रही और दिन में 3-4 बार सेक्स करते रहे.
तीसरे दिन हम दोनों सुबह से ही कपड़े पहन का मॉम के आने का इंतजार करने लगे थे.
तभी भाई के मोबाइल पर मॉम का कॉल आया कि वे स्टेशन पर हैं तो उन्हें पिकअप करने कार लेकर आ जाओ.
भैया चले गए और मॉम घर आ गईं.
इसके आगे की सेक्स कहानी को मैं अगले भाग में लिखूँगी.
दोस्तो, आपको मेरी यह भाई बहन की हॉट गर्ल एमेच्योर सेक्स कहानी कैसी लगी प्लीज जरूर बताएं.
बाय बाय … लव यू आल.
[email protected]
हॉट गर्ल एमेच्योर सेक्स कहानी से आगे की कहानी:
