Latest Hindi Sex Stories added for who looking to read Teacher Porn Story – गांव की टीचर लड़की की पहली चुदाई to make every night hot about Teacher Porn Story – गांव की टीचर लड़की की पहली चुदाई story.
Story Start Here :
इस टीचर पोर्न स्टोरी में गांव के स्कूल की एक टीचर लड़की मुझे पसंद करती थी. मैं भी उसी स्कूल में टीचर था. एक बार हम ट्रिप पर गए तो लौटते समय साथ साथ बैठे थे.
नमस्कार मित्रो!
मेरा नाम प्रिय रंजन है।
मैं 32 साल का हूँ और पटना, बिहार का रहने वाला हूँ।
मेरी हाइट 5’10” है।
मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ। तो आज मैं अपनी कहानी आप लोगों के सामने लिखने जा रहा हूँ।
ये अन्तर्वासना साइट पर मेरी पहली कहानी है।
टीचर पोर्न स्टोरी पर कृपया अपना सुझाव मेल करके जरूर बताएं और अगर कोई गलती हो गई हो तो माफ करें।
तो अब ज्यादा समय बर्बाद न करते हुए टीचर पोर्न स्टोरी पर आते हैं।
दोस्तो, मैं एक मस्त शरीर का मालिक हूँ और मेरे लिंग का साइज 6 इंच लंबा और 3 इंच मोटाई का है, जो किसी भी महिला, लड़की या औरत को खुश करने के लिए काफी है।
ये कहानी आज से 3 वर्ष पहले की है।
उस समय मैं पटना के एक स्कूल में शिक्षक हुआ करता था।
उसी स्कूल में रिंकी (बदला हुआ नाम) नाम की एक शिक्षिका थी।
उसकी हाइट 5’5” थी।
वो एक भरे-पूरे और गदराई हुई हुस्न की मल्लिका थी।
उसका रंग एकदम गोरा-चिट्टा था।
उसका फिगर 34-28-32 था, जिसे देखकर किसी के भी मुँह में पानी आ जाता था।
उसे सोचकर कितने लोग तो मुठ मारकर खुद को शांत करते थे।
ये कहानी तब की है जब मैंने स्कूल जॉइन किया था।
धीरे-धीरे मैं लोगों से घुलने-मिलने लगा था।
करीब 6 महीने बाद मुझे उसकी एक दोस्त से पता चला कि वो मुझे पसंद करती है।
जब मैंने उससे पूछा तो वो कुछ नहीं बोली।
एक बार स्कूल की तरफ से घूमने का प्लान बना।
सारे बच्चे और सारे टीचर एक बस से राजगीर के लिए रवाना हुए।
सब अपनी-अपनी जगह पर बैठ गए।
मेरा सीट उसकी सीट के ठीक पीछे था।
सबने खूब एंजॉय किया।
लौटते समय मैं और वो एक ही साइड की सीट पर बैठे हुए थे।
लौटते-लौटते रात हो चुकी थी।
सब थके हुए थे इसलिए लोग सोने लगे।
उसी दौरान उसे भी नींद आने लगी।
वो मेरे कंधे पर सिर रखकर सोने लगी।
मैं कुछ नहीं बोला।
सोते समय अचानक उसका हाथ मेरे पैंट पर चला गया।
इससे मेरे शरीर में एक सनसनी सी हुई और मेरा लंड खड़ा हो गया।
मैंने उसका हाथ हटाया तो उसने अचानक कहा- सॉरी!
तो मैंने भी रिप्लाई में कहा- कोई बात नहीं।
फिर हम दोनों बातें करने लगे।
बातों-ही-बातों में उसने मुझे प्रपोज कर दिया।
मैंने भी उसका प्रपोजल एक्सेप्ट कर लिया।
करीब 11:00 बजे रात को हम लोग वापस पहुँचे।
सब अपने-अपने घर जाने लगे।
लेकिन उसके पास घर जाने का कोई साधन नहीं था।
तो मैंने उससे पूछा- चलो, मेरे रूम पर चलते हैं।
पहले तो वो ना-नुकुर करने लगी।
फिर जब उसकी सहेली ने उसे बोला तो वो मेरे रूम पर चलने को तैयार हो गई।
उसने घर पर कॉल करके बता दिया कि रात ज्यादा होने की वजह से आज वो घर नहीं आ पाएगी और अपनी सहेली के घर रुक जाएगी।
मैं उसे अपनी बाइक से लेकर अपने रूम पर आया।
आते समय रास्ते से कुछ स्नैक्स वगैरह ले लिया था।
घर पहुँचकर मैंने अपने कपड़े चेंज किए और फिर खा पी कर सोने के लिए तैयार हुआ।
क्योंकि हमारे पास एक ही बेड था इसलिए मैंने उसे बेड पर सोने को कहा और खुद दूसरे रूम में फर्श पर सोने की तैयारी करने लगा।
अचानक उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और बोली- आप भी यहीं सो जाओ! मैं अकेली नहीं सोती हूँ।
मैं उसकी बात मानकर वहीं साथ में सोने लगा।
पर मुझे नींद नहीं आ रही थी क्योंकि मैं पहली बार किसी लड़की के इतने करीब लेटा हुआ था।
फिर हम दोनों बातें करने लगे।
बातों-ही-बातों में मैंने उसके हाथों को चूम लिया।
वो कुछ नहीं बोली और शर्मा कर रह गई।
तो मैंने उससे पूछा- कपड़े चेंज करेगी या नहीं?”
मैंने उसे अपना टी-शर्ट और लोअर दे दिया।
वो पहनकर आई तो कयामत ढा रही थी।
उसके चूचे टी-शर्ट में गजब के उभरे हुए थे।
ये देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया।
शायद उसकी नजर भी पड़ गई थी इसलिए वो नजरें नीची करके मुस्कुरा रही थी।
अब मेरा मन कुछ करने का हो रहा था।
मैंने फिर से उसके हाथों पर किस कर लिया।
इस बार जवाब में वो भी मेरे हाथों पर किस करने लगी।
फिर मैंने उसके गालों पर किस किया तो वो भी मेरा साथ देने लगी।
मैंने उसे गले लगा लिया और उसके होठों को किस करना शुरू कर दिया।
पहली किस में ही उसे नशा-सा होने लगा।
वो भी मेरे होठों को चूसने लगी।
धीरे-धीरे किस करते-करते मैंने उसकी टी-शर्ट खोल दी।
उसके तने हुए चूचे वाइट ब्रा को फाड़ने के लिए तैयार थे।
फिर मैंने उसके ब्रा का हुक खोल दिया।
उसके दोनों चूचे ब्रा से आजाद हो गए।
उन्हें देखकर मैं तो पागल सा हो गया।
मैंने उसके एक चूचे को मुँह में भर लिया और दूसरे को हाथों से मसलने लगा।
वो कसमसाने लगी और बारी-बारी से अपने दोनों चूचों को मेरे मुँह में डालने लगी।
कसम से, वो एहसास मैं अपने जीवन में पहली बार कर रहा था।
मुझे और उसे दोनों को नशा चढ़ गया था।
फिर मैंने अपना एक हाथ उसके पजामे में डाला।
उसकी चड्डी गीली नजर आई।
मैंने एक ही बार में उसका ट्राउजर और पैंटी खोल दी।
उसने भी मेरे सारे कपड़े निकाल दिए।
अब मैं उसकी चूत में उंगली करने लगा तो वो उछलने लगी।
मेरी उंगली उसकी चूत में अंदर नहीं जा रही थी।
काफी टाइट चूत थी उसकी।
फिर मैंने उसे अपना लंड चूसने को कहा।
वो मना करने लगी।
मेरे बहुत मनाने पर वो हल्का-हल्का अपनी जीभ से चाटने लगी।
मैं तो पागल हो रहा था।
फिर मैंने उसे लिटाया और पैर फैलाकर अपने लंड को उसकी चूत पर रखा।
वो बोली- धीरे करना! मेरा पहली बार है।
मेरे तो मन में लॉटरी लग गई!
हम दोनों पहली बार ही कर रहे थे।
मैं किचन से थोड़ा तेल लाया, अपने लंड पर लगाया, थोड़ा सा तेल उसकी चूत में लगाकर जैसे ही लंड को थोड़ा धक्का लगाया, तो उसकी चीख निकल गई।
मैंने फिर से हल्का जोर लगाया तो थोड़ा सा लंड अंदर घुस गया।
लंड की सील टूटने से मेरे लंड में भी दर्द होने लगा तो मैं थोड़ा रुक गया।
मैं उसकी चुचियों को दबाने लगा और निप्पल को रगड़ने लगा।
थोड़ी देर में जब उसने अपना कमर हिलाना शुरू किया तो मैंने एक कस के धक्का लगाया।
मेरा लंड पूरा उसकी चूत में घुस गया।
उसे चूत में तेज दर्द हुआ. इससे वो बेहोश सी हो गई।
पर मैंने लंड पेलना जारी रखा।
जब मैंने देखा तो उसकी चूत से थोड़ा थोड़ा खू.न का रिसाव हो रहा था।
करीब 5 मिनट में वो नॉर्मल हो गई और अपनी कमर हिला-हिलाकर सपोर्ट करने लगी।
फिर मैं भी स्पीड बढ़ाने लगा।
करीब 3 मिनट बाद वो बोली- मुझे कुछ हो रहा है!
उसने अपनी पैरों से मेरी कमर को कसकर जकड़ लिया और डिस्चार्ज हो गई।
क्योंकि ये उसका पहला बार था इसलिए उसे पता नहीं था।
पर मैं लगा रहा।
डिस्चार्ज होने की वजह से पच-पच की आवाज हो रही थी।
थोड़ी देर बाद वो वापस गर्म होने लगी।
तो मैंने उसे डॉगी स्टाइल में आने को कहा।
मैं पीछे से उसकी चूत में एक ही बार में लंड डाल दिया।
उसे फिर से थोड़ा दर्द हुआ, पर वो नॉर्मल थी।
वापस 5 मिनट की चुदाई के बाद मुझे सनसनी होने लगी।
तो मैंने लंड निकालकर उसके हाथों में दे दिया।
तब तक वो दो बार डिस्चार्ज हो चुकी थी।
वो हाथों से मेरे लंड को आगे-पीछे करने लगी।
करीब 2 मिनट बाद मेरे लंड से तेजी से एक फुहार सी छूटी।
सारा माल उसके चेहरे और चुचियों पर जा लगा।
उसने उसे रगड़-रगड़कर अपनी चुचियों पर सुखाने लगी।
फिर हम दोनों नंगे बाथरूम गए, चूत लंड साफ करके वापस आए।
हमने एक-दूसरे को किस किया और सोने लगे।
हम एक-दूसरे से चिपककर सो गए।
फिर सुबह हमने एक बार और चुदाई की।
अगली चुदाई कैसी हुई, ये मैं आप सबको अगली कहानी में बताऊंगा।
आप मेल करके जरूर बताएं कि मेरी पहली टीचर पोर्न स्टोरी आपको कैसी लगी।
मैं आप सबके मेल का इंतजार करूँगा।
धन्यवाद!
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