First Anal Sex Kahani – मकान मालिक के लड़के ने पहली बार गांड मरवाई

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Story Start Here :

इस फर्स्ट एनल सेक्स कहानी में पढ़ें कि मेरे मकान मालिक के लड़के ने मुझसे बात करके अपनी गांड का लालच दिया और मेरा लंड पकड़ लिया. मैंने भी पहली बार उसकी गांड मार ली.

दोस्तो, मेरा नाम समीर है, उम्र 23 साल. मैं दिखने में ठीक-ठाक हूँ, अच्छा शरीर है.
मेरे लंड का साइज़ 6 इंच है और मोटाई डेढ़ इंच.

ये सेक्स कहानी एक सच्ची घटना पर आधारित है और मेरी पहली कहानी है.
अगर इसमें कुछ गलती हो तो माफ़ कीजिएगा.
ये इस फर्स्ट एनल सेक्स कहानी 4 महीने पुरानी है.

मैं कोटा में किराए पर कमरा लेकर पढ़ाई करता हूँ.
मैं जिस मकान में रहता हूँ, वहां नीचे वाले फ्लोर पर मैं रहता हूँ और ऊपर वाले फ्लोर पर अंकल-आंटी रहते हैं.

उन दोनों को एक लड़का और एक लड़की है.
लड़के की उम्र 19 साल है, नाम सिद्धार्थ (नाम बदला हुआ है).
लेकिन वह अपनी उम्र से थोड़ा छोटा दिखता है, लंबाई कम है. उसकी आवाज़ और चाल-ढाल बिल्कुल लड़कियों जैसी है.

मैं दो-तीन दिन बाहर था.
शाम को मुझे उस लड़के का मैसेज आया.
उसने सिर्फ़ ‘हैलो’ भेजा था.

पहले तो मुझे थोड़ा अजीब लगा क्योंकि मेरी उससे कभी बात ही नहीं हुई थी. फिर सोचा कि शायद उसे मुझसे कोई काम होगा.
मैं उसने सामान्य बात की.

‘भैया आप कहां हो? घर कब आओगे?
मैंने भी बात की और उसे बताया.

जब मैं रूम पर वापस गया, तब से मुझे उसका नजरिया बिल्कुल बदला-बदला सा लगने लगा.

वह मेरे रूम में आ जाता, बातचीत करने लगता.
उसके चेहरे पर एक अजीब-सी मुस्कान रहती.

मुझे समझ आ गया था कि ये क्या चाहता है.

मैं भी बहुत दिनों से सिंगल था, तो मैंने सोचा कि क्यों न इसी से काम चला लिया जाए.
कुछ दिन ऐसे ही चलता रहा.

फिर एक दिन अंकल-आंटी को किसी रिश्तेदार की शादी में जाना था.
उनकी लड़की भी साथ जा रही थी.
वे सब अगली शाम तक आने वाले थे. सिद्धार्थ के पेपर थे, इसलिए वह घर पर ही था.

आंटी ने मुझसे कहा- तुम आज सिद्धार्थ के साथ ऊपर ही सो जाना.
मैंने कहा- हां ठीक है आंटी.

मैंने मन ही मन सोच लिया था कि आज ही सही मौका है.
मैं सिद्धार्थ के चेहरे की चमक देखकर समझ गया कि ये भी यही सोच रहा है.

दिन में मैं किसी काम से बाहर गया था.
शाम को 8 बजे जब वापस आया, तो सिद्धार्थ ने खाना खा लिया था और वह पढ़ाई कर रहा था.

मैं उसके रूम में चला गया और फोन चलाने लगा.
वह बार-बार मेरी तरफ देख रहा था.
उसे लगा कि मेरा ध्यान फोन में है.

सिद्धार्थ ने कहा- भैया, मुझे तो नींद आ रही है!
मैंने कहा- नींद तो मुझे भी आ रही है.

उसने तुरंत बोला- तो चलो न … सो जाते हैं.

मैं मन ही मन मुस्कुरा दिया लेकिन चुप रहा.

फिर वह बोला- आप भी इसी कमरे में सो जाओ ना … मुझे अकेले डर लगता है. आज घर पर कोई भी नहीं है.
मैंने कहा- ठीक है.

मैं तो यही चाहता था.

हम दोनों बिस्तर पर लेट गए.
दोनों ने एक ही कंबल ओढ़ रखा था.
हल्की-हल्की सर्दी थी.

सिद्धार्थ ने पूछा- भैया, आपकी कोई गर्लफ्रेंड है क्या?
मैंने कहा- अभी तो नहीं है. क्या तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है?
सिद्धार्थ बोला- नहीं है.

मैंने मज़ाक में कहा- तू झूठ बोल रहा है, मैं नहीं मानता.
उसने शर्माते हुए कहा- अगर आप किसी को ना बताएं … तो मैं एक सीक्रेट बताऊं?

मैंने कहा- बोल न, मैं किसी को नहीं बताऊंगा.

उसने धीरे से कहा- मुझे लड़की नहीं … बल्कि लड़के पसंद हैं!
ये कहते हुए उसने अपना हाथ मेरे लंड पर रख दिया और वह मेरी तरफ देखते हुए उसे सहलाने लगा.

कमरे में हल्की-हल्की रोशनी थी.
हम दोनों एक-दूसरे की आंखों में देखने लगे.

उसने धीरे से मादक आवाज़ में कहा- मैं आपको काफी दिनों से पसंद करता हूँ … आज आप अपना लंड मेरी गांड में डाल दो … मेरी ये इच्छा पूरी कर दो आज!

इतना कहकर वह मेरे और पास आ गया.
मेरे होंठों को चूमने लगा और एक हाथ से मेरे लंड को सहलाता जा रहा था.

मैंने सोचा भी नहीं था कि ये सब इतना जल्दी हो जाएगा.
मैं भी उसके बूब्स दबाने लगा.

मेरा लंड अब बिल्कुल लोहे की रॉड की तरह सख्त हो चुका था.
मैंने उससे कहा- सिद्धार्थ, इसे मुँह में ले ले न!

वह बिना देर किए नीचे खिसक गया.
उसने मेरा लोअर और अंडरवियर पूरी तरह उतार दिया और मेरे लौड़े के सुपारे को मुँह में ले लिया.

उस हल्की-हल्की सर्दी में उसके गर्म मुँह का मेरे लौड़े पर जो अहसास था … क्या बताऊं मेरी तो आंखें बंद होने लगीं.

पहली बार कोई लड़का मेरा लंड चूस रहा था.
ऐसा लग रहा था मानो उसे बहुत अनुभव हो.

मैंने उसके बाल पकड़ लिए और उसके मुँह में धक्के लगाने लगा.

मेरा लंड उसके गले तक जा रहा था.
उसके मुँह से आवाज़ें आने लगीं.

उसका मुँह और मेरा लंड दोनों लाल हो चुके थे.
उसका थूक मेरे गोटों तक जा रहा था.

फिर मैंने उसके मुँह को छोड़ दिया.
वह मेरे गोटों पर जीभ चलाने लगा.

उसने बेसब्री से कहा- भैया, अब देर मत करो, मुझसे रहा नहीं जा रहा … प्लीज़ इसे अब जल्दी से अन्दर डाल दो!

मैंने पूछा- पहले कभी कुछ लिया है अन्दर?
उसने कहा- नहीं … आज पहली बार है.

मैं जानता था कि आज इसे इस फर्स्ट एनल सेक्स करने में बहुत दर्द होने वाला है.
मैंने उसे तेल की बोतल लाने को कहा.

मैंने उसे कमर के बल लेटा दिया, उसके सारे कपड़े उतार दिए, दोनों पैरों को ऊपर उठाकर उसकी गांड पर खूब सारा तेल लगाया और एक उंगली उसकी गांड में घुसा दी.

उसे हल्का-हल्का दर्द हो रहा था लेकिन मज़ा भी आ रहा था.

जैसे ही उसे मज़ा आने लगा, मैंने एक साथ दो उंगली उसकी गांड में घुसा दीं और आगे-पीछे करने लगा.

सिद्धार्थ चीखा- आह्ह … आह्ह … ओह्ह बहुत मज़ा आ रहा है … अब जल्दी से डाल दो अन्दर!

मैंने एक हाथ से उसके लंड को सहलाना शुरू किया.
उसे बहुत मज़ा आने लगा.
अब वह लंड लेने के लिए बिल्कुल तैयार था.

मैंने अपने लंड पर और उसकी गांड में तेल लगाया.
लंड के टोपे को उसकी गांड के छेद पर लगा कर एक हाथ उसके मुँह पर रखा और ज़ोर से धक्का मारा.

तेल की वजह से लंड का सुपारा उसकी गांड में चला गया.
उसके मुँह से हल्की-सी सिसकारी निकली- आह्ह … आह्ह.

पहले उंगली डालने से उसकी गांड थोड़ी खुल चुकी थी इसलिए इस बार दर्द कम हुआ.
मैंने एक जोरदार धक्का मारा और लंड आधे से ज्यादा उसकी गांड को चीरता हुआ अन्दर चला गया.

वह दर्द से कराहने लगा.
सिद्धार्थ चीखा- आह्ह … आह्ह दर्द हो रहा है उई मां … आह्ह इसे बाहर निकाल लो मेरी गांड फट जाएगी!

मुझे पता था कि अगर मैंने इसे बाहर निकाला तो ये दोबारा नहीं घुसाने देगा. मैंने लंड को वैसे ही फंसा रहने दिया और उसके बूब्स सहलाने लगा. उसके लंड को भी सहलाने लगा.
अब उसे मज़ा आने लगा था.

मैं अब धीरे-धीरे लंड को आगे-पीछे करने लगा और एक हाथ से उसके लंड को भी सहला रहा था.
उसके मुँह से मीठी सिसकारियां निकल रही थीं.

सिद्धार्थ लगातार कराह रहा था- आह्ह … ओह्ह … स्स्स … आह्ह मज़ा आ रहा है पूरा घुसा दो ना … आह्ह … आ!

मैंने अब एक और जोरदार धक्का मारा और इस बार मेरा पूरा लंड उसकी गांड में चला गया.
उसकी गांड के अन्दर की झिल्ली टूट चुकी थी.
मैंने उसके मुँह को हाथ से दबा दिया और लंड को तेज़ी से आगे-पीछे करने लगा.

थोड़ी देर बाद वह नॉर्मल हो गया और खुद गांड को आगे-पीछे करने लगा.
अब उसका दर्द पूरी तरह मज़े में बदल गया.

सिद्धार्थ अब मस्ती में आ गया था ‘आह्ह चोद दो मुझे … आह्ह फाड़ दो मेरी गांड को … आज इसकी सारी आग बुझा दो आह्ह … उई मां … आह्ह चोद दो!’

मैंने अपने धक्कों की रफ्तार बढ़ा दी.

कुछ देर इसी तरह चोदने के बाद मैंने उसे घोड़ी बना दिया और पीछे से उसकी गांड में लंड पेल दिया.

इस पोजीशन में उसे बहुत मज़ा आ रहा था.
वह कामुक सिसकारियों के साथ अपनी गांड आगे-पीछे करने लगा.

दस मिनट तक इसी तरह चोदने के बाद मैं उसकी गांड में ही झड़ गया और उसके ऊपर ही लेट गया.

कुछ देर बाद मैंने देखा कि मेरे लंड पर थोड़ा खू.न लगा है. मैं और सिद्धार्थ दोनों बाथरूम में गए.

हमने एक-दूसरे को अच्छे से साफ किया और शॉवर लेने लगे.

सिद्धार्थ फिर से मेरा लंड चूसने लगा.
इस बार मैंने उसे बाथरूम में ही खड़े-खड़े चोद दिया.

दोस्तो, ये इस फर्स्ट एनल सेक्स कहानी आप को कैसी लगी, जरूर बताएं.
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