Virgin Sister Xxx Kahani – मैंने दीदी का पति बनकर चुदाई की

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Story Start Here :

वर्जिन सिस्टर Xxx कहानी में मुझे पता लगा कि दीदी अपने बॉयफ्रेंड को अपनी नंगी फोटो भेजती हैं. वे फोटो मैंने भी देखी. मेरा मन दीदी की चूत का मजा लेने का होने लगा.

नमस्कार दोस्तो, मैं अन्वेश हूँ.
मैं दिल्ली में रहता हूँ और हमारा 4 BHK फ्लैट है.
यहां मेरा अपना घर है.

मेरे घर में 5 मेंबर्स हैं … मैं, मेरी दो सिस्टर और मॉम डैड हैं. बड़ी बहन का नाम दिव्या है और छोटी का सिमरन है.
पापा बाहर काम करने जाते हैं. वे महीने में एक-दो बार ही घर आते हैं.

मैं आपका ज़्यादा समय न लेते हुए अपनी वर्जिन सिस्टर Xxx कहानी शुरू करता हूँ.

बात उन दिनों की है जब मेरी दीदी की स्टडी नहीं लग रही थी और मैं 12th में पढ़ता था.

अब मेरी दीदी के बारे में कुछ बातें बता दूँ.
मेरी बड़ी दीदी दिव्या का रंग गोरा है और उनके बूब्स का साइज़ 30 इंच का है. वे 28 साल की हैं.
उनकी कमर का साइज़ 28 इंच है और पतली कमर के नीचे उनके गोल-गोल रसभरे चूतड़ गजब मटकते हैं.

दीदी हमेशा घर में लूज़ कपड़े पहनती हैं.
उन्हें ब्रा पहनने की आदत नहीं है, इसलिए उनके दूध और निपल्स साफ झलकते रहते हैं.

एक बार मेरे घर के टॉप फ्लोर की लड़की की शादी थी.
यह शादी बाहर जाकर होनी थी और तीन दिन बाद वापस आना था.

मॉम डैड और सिमरन उस शादी में गए थे और मैं कॉलेज के एग्ज़ाम के लिए रुक गया था.

दीदी अपने एग्ज़ाम के पहले होने वाली छुट्टियों पड़ने की वजह भी नहीं गईं थीं क्योंकि उन्हें एग्जाम की तैयारी करनी थी.

मेरी दीदी ने कभी सेक्स नहीं किया था.
हालांकि उनका फेसबुक पर एक बॉयफ्रेंड था, जिसका नाम आर्यन था.

आर्यन हमेशा दीदी को चोदने की फिराक में रहता था, पर वह उनसे कभी मिला नहीं था.
ये मैंने उनकी चैट से पता चलाया था.

रात को दीदी उससे बात करके सोती थीं.
आर्यन दीदी से सेक्स की खूब बातें करता था और उनसे उनके बूब्स की पिक लेता रहता था.

दीदी उसको अपना चेहरा छिपाती हुई अपने मम्मों का पिक दे देती थीं और उसके साथ चैट में चुत में उंगली करती थीं.

एक रात लाइट चली गई थी.
उस रात दीदी बातें करते-करते सो गईं.

मुझे गर्मी लग रही थी इसलिए मैं दीदी के रूम में आ गया क्योंकि उनके रूम में इन्वर्टर का कनेक्शन था.

उस रात दीदी के फोन में बैक टू बैक मैसेज आ रहे थे.
मैंने देखा कि कौन इतनी रात को मैसेज कर रहा है?

मैंने दीदी के फिंगरप्रिंट से लॉक ओपन किया और चेक किया तो मैं शॉक हो गया था.

दीदी ने आर्यन को बूब्स की पिक भेजी थी और डिलीट करना भूल गई थीं.

उस रात दीदी के बूब्स की पिक देखकर मेरा मन उनके बूब्स पीने का हुआ, उनकी चूत चोदने का हुआ.
दीदी की भेजी गई पिक में उनके एकदम रेड निपल्स दिखाई दे रहे थे.

मैं उस रात एकदम से गर्म हो गया और नंगा होकर बाथरूम में आ गया.
उधर मैंने दीदी के नाम की मुठ मारी.

एक बार मुठ मारने के बाद भी मेरा मन नहीं माना और मैं वापस दीदी की तरफ़ आ गया.
मैंने देखा कि उनके कमरे में अंधेरा था.

मैंने खिड़की खोल दी और संयोग से चाँद की रोशनी सीधा दीदी की बॉडी पर पड़ रही थी.
मैंने उन्हें सेक्स की निगाहों से देखा तो वे बड़ी मस्त माल लग रही थीं.

अब मुझे रहा नहीं गया.
मैंने डरते-डरते दीदी के एक बूब्स पर हाथ रखा और सोने का नाटक करने लगा.

जब दीदी ने कोई रिएक्शन नहीं किया तो मैं धीरे-धीरे दूध सहलाने लगा.
इससे मेरा लंड और दीदी के निपल्स – दोनों खड़े हो गए.

अब दीदी ज़ोर-ज़ोर की सांसें लेने लगी थीं, जिससे मैं डर गया और सो गया.

अगले दिन सुबह नहा-धोकर रेडी होकर ब्रेकफ़ास्ट करके कॉलेज चला गया.

शाम को मैं घर आया तो दीदी ने ब्लैक सूट और ग्रे लेगिंग पहनी थी जिसमें वह एकदम क़ातिल माल लग रही थीं.
मेरा मन कर रहा था कि उन्हें वहीं चोद दूँ.

मैंने हाथ-मुँह धोकर खाना खाया.
क्योंकि पिछली रात दीदी के बूब्स देखकर मुझे नींद नहीं आ रही थी इसलिए मैं आज मूड बनाए हुए था कि आज किसी भी तरह से दीदी को चोदना है.

उस रात जब कुछ जुगाड़ नहीं हुआ तो मैं दीदी के नाम की मुठ मारकर सो गया.

अगले दिन मैं जल्दी कॉलेज निकल गया और शाम को घर आया तो दीदी का चेहरा उतरा-उतरा था.
मैंने पूछा- क्या हुआ दी?

पर उन्होंने ‘कुछ नहीं हुआ’ कहकर बात ख़त्म कर दी.
मैंने सोचा कि कुछ तो बात है, पता लगाना पड़ेगा.

उस रात मैं दीदी के सोने के बाद उनका फ़ोन चेक किया जिसमें उनकी बॉयफ्रेंड से लड़ाई हो गई थी और उसने ब्लॉक कर दिया था.
तभी मेरे दिमाग़ में एक आइडिया आया.

अगले दिन मैंने अपने दोस्त रिंकू से न्यू सिम का जुगाड़ करने को कहा.
उसने कहा- शाम तक हो जाएगा.

मैं शाम को सिम लेकर आया तो देखा दीदी अब भी उदास थीं … उनका मुँह उतरा हुआ था.
मैंने नए नंबर से न्यू व्हाट्सएप्प बनाया और दीदी को ‘हाय’ भेजा.

दीदी ने रात को मैसेज सीन किया और कहा- कौन?
मैंने कहा- मैं आर्यन हूँ!

मैंने कल रात को लेकर सॉरी भी कहा.
बहुत मनाने के बाद दीदी मान गईं.

फिर मैंने उनसे सेक्स चैट स्टार्ट कर दी.
मैंने उनसे बूब्स की पिक माँगी और उन्होंने भेज दी.
मैंने ‘ओके स्वीट ड्रीम्स जान.’ कहकर बाय कहा.

अगले दिन मैंने गुड मॉर्निंग मैसेज किया और कॉलेज चला गया.

कॉलेज पहुंचने पर दीदी का रिप्लाई आया.
‘गुड मॉर्निंग बेबी.’

अब मैंने कहा- जानू, एक फुल पिक दो न – नेकेड!
वे मना करने लगीं.

मैंने कहा- इतनी हॉट हो, एक बार तो दिखा दो … देखकर डिलीट कर दूँगा!
वे मान गईं और उसने मिरर में देखती हुई अपनी फुल नेकेड पिक भेजी.

मैं तो दीदी की उस नंगी तस्वीर को देखकर पागल हो गया और उन्हें रात को चोदने का प्लान बनाने लगा.

रात को मैंने जानबूझ कर अपने रूम की चाबी गिरा दी और दीदी से कहा- मैं आपके रूम में सो जाऊं? यहां लाइट नहीं ऑन हो रही है!
उन्होंने भी हां कर दी.

मैं भी रात को वहीं खाना खाकर सो गया और वे भी मेरे बगल में आकर सो गईं.

मुझे नींद नहीं आ रही थी.
रात को 1 बजे तक मैं सोने का नाटक करता रहा.
उसके बाद मैं दीदी की तरफ़ मुँह करके सो गया.

अब मैं धीरे से अपना हाथ उनके बूब्स पर रखा और सहलाने लगा.
थोड़ी देर उनके निपल्स दबाने लगा.

अब दीदी गर्म हो गईं और ज़ोर-ज़ोर से सांसें लेने लगीं.
उन्होंने आज अपना एक पैर मेरे ऊपर रख दिया.

मैंने एक हाथ से उनकी जांघ को सहलाते हुए उनकी चूत पर रख दिया.
मुझे अहसास हुआ कि वे एकदम गर्म थी और थोड़ी-थोड़ी गीली भी हो गई थीं.

अब वे जाग गईं और मेरा हाथ चूत से हटाकर एकदम डरकर बोलीं- अन्वेश, ये क्या कर रहा है?

जैसे ही उन्होंने कहा, मैंने अपने होंठ उनके होंठों पर रख दिए और उन्हें ज़ोर से पकड़ कर किस किया.
दूसरे हाथ से उनके बूब्स दबाने चालू कर दिए.

अब दीदी एकदम गर्म हो गई थीं.
अब मैंने अपना दूसरा हाथ भी उनकी चुत के ऊपर रख दिया और लेगिंग के ऊपर से सहलाने लगा.
इस बार वे भी मचलने लगीं.

इसी बीच मैंने उनकी लेगिंग और पैंटी नीचे को कर दी.
मैं देखकर हैरान था, दीदी की चूत एकदम क्लीन थी.

मैं झट से पोजीशन में आया और अपनी जीभ दीदी की चूत पर रख दी.
वे पागल हो गईं.

अब मैं दीदी के ऊपर आकर एक हाथ से निप्पल दबा रहा था और जीभ से चूत को चाट रहा था.
दीदी के मुँह से ‘आह आआआ आआ आह बस्स आ आआह उई माँ बस्स्स.’ की आवाज़ें आ रही थीं.

कुछ देर बाद दीदी झड़ने वाली थीं.
दीदी मेरा सिर अपनी चूत में दबाने लगीं और ‘आ आआह आआह’ कहती हुई झड़ गईं.

मैंने पहली बार दीदी का रस पिया तो मुझे बड़ा मज़ा आया.

मैंने दीदी को अपना 7 इंच का लंड दिखाते हुए उनके मुँह में डाल दिया.
दीदी मेरे लौड़े को चूसने लगीं.

अपने लंड को अपनी बहन के मुँह में देते ही मुझे जन्नत जैसा अहसास हुआ.
थोड़ी देर बाद मैंने भी दीदी के मुँह में झाड़ दिया और दीदी ने सारा रस पी लिया.

अब मैं उनके बगल में लेट गया.
हम दोनों एक दूसरे से खेलने लगे. फिर लेटे लेटे ही कब नींद आ गई, पता नहीं चला.

अगली सुबह मैं लेट उठा था और कॉलेज के लिए लेट हो गया था, तो कॉलेज नहीं गया.
मैंने दीदी को देखा तो वे किचन में लंच बना रही थीं.

मैं दीदी से कुछ कह नहीं पा रहा था.
उन्होंने मुझे देख कर नजर फेरी और वापस अपने काम में जुट गईं.

मैंने हिम्मत जुटाकर दीदी से बात करने की कोशिश की.
वे मुझे गुस्से की नज़र से देख रही थीं.

मैंने दीदी से सॉरी कहा- ऐसा नहीं होना चाहिए था!
दीदी गुस्सा थीं.

मैं उन्हें मनाने के लिए उनकी फेवरिट चॉकलेट भी लाया, पर वे नहीं मानीं.

फिर उन्होंने कहा- आने दे मॉम-डैड को … मैं उन्हें सब बताती हूँ!
मैं बहुत डर गया.

मैंने बहुत बार सॉरी कहा.
पर दीदी ने कहा- तुझे ऐसा नहीं करना चाहिए था!

मैंने हां में सिर हिलाया और कहा- मुझे पता है दी, तुम आर्यन से बात करती हो और उसे अपनी न्यूड्स भी भेजती हो!

दीदी ये बात सुनकर शॉक हो गईं और बोलीं- तुझे कैसे पता?

मैंने कहा- वह जिससे तुम प्यार करती हो, वह मैं ही हूँ … आई लव यू दीदी!

यह कह कर मैंने उन्हें गले से लगा लिया.
वे नहीं मान रही थीं.
फिर भी मैंने उनकी चैट उन्हें दिखाई, तो वे शॉक हो गई थीं.

मैंने कहा- मैं तुम्हें बहुत प्यार करता हूँ दीदी!

उन्होंने मना करते हुए कहा कि ये नहीं हो सकता.
मैंने उनसे कहा- हम दुनिया वालों की नज़रों में भाई-बहन रहेंगे … और अन्दर तुम मेरी गर्लफ्रेंड रहना!

मैंने घुटनों पर बैठकर उन्हें प्रपोज़ कर दिया और चॉकलेट दी.
उन्होंने कहा- ठीक है पर ये बात किसी को पता नहीं चलनी चाहिए!

उन्होंने चॉकलेट लेकर ‘आई लव यू टू’ कहा.
फिर हम गले मिले.

मैंने दीदी को एक लिप किस दी और उनके बूब्स दबाने लगा.

उन्होंने कहा- अभी छोड़ो अन्वेश, शाम का इंतज़ार करो!

मुझसे रहा नहीं जा रहा था.
मैं मजबूरी में बाहर घूमने चला गया और आते वक़्त एक रेड साड़ी का जोड़ा, एक केक, दो कॉन्डम के पैकेट और गर्भनिरोधक गोलियां ले आया.

घर में घुसते ही मुझे दीदी कहीं दिखाई नहीं दीं.
मैं दीदी के रूम में गया तो लाइट ऑफ थी.

लाइट ऑन की तो दीदी सूट पहने हुई थीं और रूम में सुहागरात की डेकोरेशन की हुई थी.

मैंने दीदी को रेड साड़ी दी.
दीदी साड़ी लेकर बोलीं- बेबी, दस मिनट में रेडी होकर आती हूँ!

दीदी ने जैसे ही मुझे आवाज दी और मैंने कमरे में एंट्री की, मैं पागल हो गया.

मैंने आज तक इतनी सुंदर दुल्हन नहीं देखी थी.

मैं दीदी का हाथ पकड़ कर बेड तक ले गया.
बेड पर बिठाने के बाद हम दोनों ने केक कट किया.

फिर केक खिलाने के बाद मैंने उनका घूँघट ऊपर किया तो वे शर्मा रही थीं.

मैंने कहा- दीदी, आप कितनी हॉट लग रही हो!

तभी दीदी ने कहा- मुझे दीदी मत बोलो, अब से मैं तुम्हारी वाइफ हूँ!
मैंने कहा- पर हमने तो शादी की नहीं!

फिर उन्होंने मम्मी का सिंदूर लाकर मुझको दे दिया और कहा- लो, भर दो मेरी माँग!

मैंने खड़े होकर दिव्या दीदी की माँग भर दी.
उन्होंने मेरे पैर छुए और मैंने उन्हें गोद में उठा लिया.

मैं उन्हें वापस बेड पर ले गया.
अब मैं उन्हें किस करने लगा और चुंबन करते करते ही उनके बूब्स दबाने लगा.

मुझे अहसास हुआ कि उन्होंने मेरी लाई रेड कलर वाली ब्रा नहीं पहनी है.
मैंने उनका ब्लाउज़ हटाया और ज़ोर-ज़ोर से दोनों बूब्स दबाने लगा.

अब मैंने उनकी साड़ी खोल दी और सीधा उनकी चूत चाटने लगा.
वे मचलने लगीं और उन्होंने मेरा लंड हाथ में ले लिया.

फिर मैंने उनकी चूत में एक उंगली डाली, तो वह एकदम टाइट थी.
मेरे उंगली डालते ही वे ‘आई … श … आह धीरे … धीरे!’ कहने लगीं.

मैं धीरे-धीरे उंगली से बहन की चूत चोदने लगा.
कुछ देर बाद मैंने उंगली से चुत चुदाई की रफ़्तार बढ़ा दी और एक की जगह दो उंगलियां अन्दर डाल दीं.
वे ‘बस करो अया आआह ओह आह … धीरे.’ कहने लगीं.

थोड़ी देर बाद वे झड़ गईं.
फिर उन्होंने मेरा लंड मुँह में लिया और चूसने लगीं.
लंड चुसवाते चुसवाते मैं भी थोड़ी देर बाद दिव्या दीदी के मुँह में झड़ गया.

फिर मैंने लिप किस की और उनके दोनों मुम्मे दबाए.
दीदी फिर से गर्म हो गईं और कहने लगीं- बेबी, फक मी … डाल दो अन्दर!

मैंने भी उनकी चूत पर लंड सैट किया और एक धक्का लगा दिया.
मेरा आधा लंड उनकी चूत में घुस गया और उनकी चीख निकल गई.

मैंने देखा कि उनकी चुत से खू.न निकल रहा था.
थोड़ी देर ऐसे रखने पर मैंने उन्हें किस किया और मुम्मे मसलने लगा.
वे फिर से गर्म हो गईं.

इसी बीच मैंने ज़ोर का धक्का लगाया और मेरा 7 इंच का लंड उनकी चूत में घुसता चला गया.
मैंने लिप किस से उनका लिप लॉक कर दिया था तो उनकी आवाज़ दब गई.

दिव्या दीदी की आंखों में आंसू आ गए थे. मैं फिर से उनके बूब्स मसलने लगा और धीरे-धीरे आगे-पीछे करने लगा.
मुम्मे मसलने से वे गर्म होने लगीं.

अब मैंने भी स्पीड बढ़ा दी और दीदी ‘बस आआह ह्ह्ह अया आह ऑह माँ फक येस आआह ऊऊह आह अयाह …’ करने लगीं
दीदी मस्ती से चिल्लाने लगीं.

थोड़ी देर बाद दिव्या दीदी की चूत ने पानी छोड़ना चालू कर दिया, जिससे पूरा रूम ‘चप-चाप-चाप-चाप’ की आवाज़ से गूँज उठा.

फिर मैंने दिव्या दीदी को पीछे से घोड़ी बनाया और चोदना चालू कर दिया.
दिव्या दीदी हर झटके पर ‘अयाआ अयाआ आह्ह्ह आआह्ह ऑश येस बेबी … आह माँ उई माँ अया.’ चिल्लाने लगीं.

अब मैं झड़ने वाला था.
मैंने दिव्या दीदी की कमर पकड़ी और ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगा.

दिव्या दीदी बस एक हाथ से रोकने की कोशिश कर रही थीं पर मैंने 5-7 तेज़ झटकों के बाद दीदी की चूत में पानी निकाल दिया और बगल में लेट गया.

थोड़ी देर बाद दिव्या ने मुझे गले से लगाया और बोलीं- आई लव यू अन्वेश. मुझे बहुत मज़ा आया … आज से मैं तेरी पत्नी हूँ!

मैंने उस रात दिव्या दीदी को 4 बार और जमकर चोदा और हम 5 बजे सो गए.

बाक़ी की सेक्स कहानी बाद में लिखूँगा, जब मैंने दीदी के साथ होटल में हनीमून मनाया था.

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