Latest Hindi Sex Stories added for who looking to read Foreplay Sex Kahani – पड़ोस वाली मैडम की दमदार चुत चुदाई to make every night hot about Foreplay Sex Kahani – पड़ोस वाली मैडम की दमदार चुत चुदाई story.
Story Start Here :
फोरप्ले सेक्स कहानी में मैंने अपने पड़ोस की आंटी कि किसी आमदी से चुदती देखा और अपने साथ सेक्स के लिए मना लिया. आंटी ने कभी ओरल फोरप्ले सेक्स का मजा नहीं लिया था.
फ्रेंड्स, मैं आपका नया साथी कामेश अपनी सेक्स कहानी का दूसरा भाग लेकर हाजिर हूँ.
कहानी के पहले भाग
टीचर आंटी को बड़ा लंड चाहिए
में आपने पढ़ लिया था कि मेरी पड़ोसन रूपाली मैडम को मैंने चुदने के लिए सैट कर लिया था और उन्हें रात भर चुदवाने के लिए कह कर अपने घर आ गया था.
अब आगे फोरप्ले सेक्स कहानी:
मैं घर आया, शाम होने का इंतजार करने लगा.
फिर खाना खाया और घड़ी में 10 बजने का देखने लगा.
आज ऐसा लग रहा था मानो दस बजने में घड़ी कुछ ज्यादा ही समय लगा रही है.
फिर जब समय हो गया तो मैंने आंटी के घर जाने के लिए तैयारी की और अपने घर वालों से बोला कि आज रात पढ़ाई करने के लिए दोस्त के यहां जा रहा हूँ. मैं उधर रात को रुकूँगा और सुबह ही आऊंगा.
फिर मैं पीछे के रास्ते से सीधा मैडम के घर आ गया.
मैंने मैडम के घर के पीछे वाले दरवाजे की डोरबेल बजाई.
तो मैडम ने दरवाजा खोल दिया.
मैं अन्दर घुस आया.
मैडम जैसे अपने उस सांड के आने पर दरवाजे खिड़कियां बंद करती थीं, वैसे ही उन्होंने सारी खिड़कियों की कुंडियां लगाईं, पर्दे गिराए और मेरी तरफ देखने लगीं.
मेरी आंखों में वासना देखती हुई मैडम बोलीं- चलो शुरू करते हैं.
मैंने कहा- पहले नहा लो.
वे मना करने लगीं लेकिन मैंने मना लिया.
उन्होंने कहा था कि आधा घंटा बाद जब तुम फारिग हो जाओगे तब नहा लूँगी.
मैंने कहा- आज रात भर तो आप फारिग होने से रहीं!
वे हंस कर बोलीं- क्यों, तू कोई गोली खा कर आया है क्या?
मैंने कहा- मुझे गोली की जरूरत नहीं होती है आंटी … मैं तो बिना दवाई के ही लंबी रेस का घोड़ा हूँ. आज आपको आपके फ़रिश्ते याद न दिला दिए तो मैं आपको कभी अपना मुँह नहीं दिखाऊंगा.
आंटी ने कहा- वह तो मैं ही तुझे भगा दूँगी यदि तूने दुबारा मुझे देखा भी तो!
मैं हंस दिया और बोला- यदि सच में आपको मेरे साथ मजा आया तो गारंटी दे रहा हूँ कि आप खुद बार बार बुलाओगी.
वे बोलीं- बातें चोदना छोड़ और वह कर, जिसके लिए आया है.
मैंने कहा- चलो आंटी, अब मैं वही सब करूंगा … आप बस एक बार नहा लो प्लीज … आप खुद कहोगी कि मैंने सही सलाह दी थी.
वे मेरे कहने पर बाथरूम में चली गईं और जल्दी ही नहाकर बाहर आ गईं.
तब तक मैं बेड पर सिर्फ अंडरवियर में था.
मैडम मेरे सामने आकर अपनी नाइटी उतारने लगीं.
लेकिन मैंने उन्हें सीधे बेड पर खींच लिया और उनके रसीले तरगुलाबी होंठों पर टूट पड़ा, ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगा.
पहले तो वे मुझे दूर करने की कोशिश करने लगीं.
लेकिन मैंने उन्हें फिर वीडियो की याद दिलाई.
तो वे भी साथ देने लगीं.
मैंने उनके होंठ पीने शुरू कर दिए.
उन्हें किसिंग का ज्यादा अनुभव नहीं था, लेकिन मैंने 10-15 मिनट तक उनके होंठों को ऐसे चूसा जैसे आम का रस पी रहा हूँ.
फिर उनका गाउन उतारा, ब्रा फाड़कर फेंकी और उनके भारी-भरकम बूब्स पर टूट पड़ा.
पहले मैं अपने दोनों हाथों से उनके मम्मों को धीरे-धीरे मसलने लगा.
आंटी के मम्मों से थोड़ी देर तक खेलने के बाद मैंने उनकी एक चूची मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया.
मैडम को मज़ा आने लगा.
वे आंखें बंद करके मेरे सिर पर हाथ फेरने लगीं और मेरे सिर को अपने बूब्स पर ज़ोर से दबाने लगीं- आह्ह … चूसो… और ज़ोर से चूसो … आह्ह्ह!
मैंने दोनों बूब्स को बारी-बारी से मुँह में भर-भरकर ऐसे चूसा जैसे भूखा बच्चा दूध पीता हो.
उनकी 48 साल की उम्र में भी उनके बूब्स बिल्कुल गोल-मटोल, दिखने में टाइट और मसलने में सॉफ्ट थे … ऐसे कि बस चूसते ही रह जाओ!
मैंने अब रूपाली मैडम के बूब्स को हाथ से ज़ोर-ज़ोर से मसलना शुरू कर दिया, दोनों हाथों से कसकर दबाने लगा, निप्पलों को उंगलियों से ट्विस्ट करने लगा.
उन्हें अब मीठा दर्द होने लगा था.
फिर मैंने और पागलपन किया.
उनके दोनों बूब्स को मुँह में लेकर दांतों से काटने लगा, निप्पल्स को दांतों के बीच दबाकर खींचने लगा.
अब मैं पूरी तरह जंगली हो चुका था.
लगभग 25 मिनट तक उनके बूब्स को मसलता, काटता, चूसता रहा. उनके बूब्स एकदम लाल हो चुके थे.
जैसे ही मैंने छोड़ा, वह तुरंत दोनों हाथों से बूब्स ढककर बोलीं- उफ्फ् … बहुत दर्द हो रहा है कामेश … यह सब किधर से सीखा?
मैंने हंसते हुए कहा- अभी तो असली खेल शुरू हुआ है मैडम … ये तो बस ट्रेलर था!
फिर मैंने उनकी चड्डी उतारी.
चूत देखी तो थोड़ी ढीली थी … शायद उस सांड के रोज़ के पेलने की वजह से फैल गई थी.
मैंने उंगली डालकर अन्दर-बाहर करना शुरू किया.
उन्हें ज्यादा कुछ नहीं हुआ पर अच्छा ज़रूर लग रहा था.
उंगली निकाल कर फिर उनके होंठ चूसने लगा और धीरे-धीरे पूरे बदन को चाटने लगा.
गर्दन, कंधे, पेट, जांघें … हर इंच चाट डाला. उन्हें पूरा पानी-पानी कर दिया.
फिर मैं नीचे आया और उनकी चूत पर जीभ फेरने लगा.
धीरे-धीरे चाटते ही वह सिहर उठीं.
शायद पहली बार कोई उनकी चूत चाट रहा था.
वे दोनों पैरों से मेरे सिर को कस लिया और हाथों से ज़ोर-ज़ोर से दबाने लगीं- आह्ह्ह … कामेश… क्या कर रहे हो … उफ्फ्फ … चाटो … और ज़ोर से!
मैंने अब पूरी जीभ अन्दर डालकर चोदना शुरू कर दिया.
कोई दस मिनट की ज़ोरदार चूत चटाई में वे छटपटाने लगीं, मेरा सिर पीछे धकेलने की कोशिश करने लगीं.
मैंने और तेज़ चूसा … और बस, सारा रस बाहर बिना लौड़ा डाले ही उनकी चूत से पानी निकाल दिया.
वे पूरी काँप रही थीं, मुझे बांहों में भरकर बोलीं- कामेश … ये क्या था … इतना मज़ा कभी नहीं आया!
अब मैंने कहा- मैडम, अब मेरे पूरे बदन को चाटो!
वे भी पूरी मस्ती में फोरप्ले सेक्स करने में लग गईं.
गर्दन से लेकर पैर तक चाट डाला. मेरा लौड़ा तो पहले से ही फौलाद जैसा खड़ा था.
फिर मैंने कहा- अब मेरा लौड़ा चूसो!
वे मना करने लगीं- नहीं कामेश … मैंने आज तक किसी का लौड़ा नहीं चूसा!
मैंने हंसकर कहा- आज तक चूत भी तो किसी ने नहीं चाटी थी ना?
वे शर्माती हुए बोलीं- नहीं!
बहुत मनाने पर आखिर वे मान गईं.
उन्होंने मेरा लौड़ा हाथ में लिया, अच्छे से देखा.
एकदम क्लीन शेव्ड.
फिर धीरे-धीरे टॉप से किस करने लगीं. बस किस ही कर रही थीं, चूस नहीं रही थीं.
मुझे मज़ा नहीं आ रहा था.
मैं उठा, किचन में गया, वहां से चॉकलेट सॉस की बोतल ढूँढकर लाया और अपने लौड़े पर उड़ेल दिया.
फिर बोला- अब चूसो!
अब वे चॉकलेट सॉस चाटने लगीं, लौड़ा चूसने की बजाय सॉस चाटते देखा तो मुझे हंसी आ गई, पर मज़ा भी खूब आ रहा था.
फिर मैं उठा और रस्सी ढूँढने लगा.
कपड़े सुखाने वाली रस्सी मिल गई.
मैंने रूपाली मैडम को बेड के नीचे उतारा, हाथ पीछे करके रस्सी से कसकर बांध दिए.
वे घबराकर बोलीं- ये क्या कर रहे हो कामेश?
मैंने शरारत से कहा- कुछ नहीं मैडम … बस मज़ा आने वाला है.
फिर उन्हें घुटनों के बल बिठाया और अपना लौड़ा उनके मुँह के सामने लेकर खड़ा हो गया.
अब उन्हें समझ आ गया कि अगर नहीं चूसा तो मैं जबरदस्ती करवाऊंगा.
आंखें बंद करके उन्होंने धीरे-धीरे टोपा मुँह में लिया और चूसना शुरू कर दिया.
अभी भी वे बस टोपे को ही चूस रही थीं.
मैंने उन्हें उठाया, दीवार से सटा दिया, दोनों हाथों से उनका सिर पकड़ा और लौड़ा मुँह में ठूँसकर मुँह चोदने लगा.
वे छटपटाने लगीं, छूटने की कोशिश करने लगीं.
लेकिन मैंने कसकर पकड़ रखा था.
मेरा लौड़ा मैडम के गले तक घुस रहा था.
सांस फूलने लगी तो एक बार बाहर निकाला, पर जैसे ही वह हांफीं, फिर अन्दर ऐसा 10 मिनट तक चलता रहा.
आखिर में मैंने स्पीड बढ़ाई और पूरा लौड़ा गले तक ठूँसकर सारा माल उनके गले में उड़ेल दिया.
वे बुरी तरह छटपटा रही थीं, आंखों से आंसू निकल आए.
लेकिन मैंने तब तक लौड़ा बाहर नहीं निकाला और उनकी छटपटाहट का पूरा मज़ा लिया.
आखिर में जब सांस नहीं लेने वाली स्थिति बनी तो मैंने लंड बाहर निकाला.
वे ज़ोर-ज़ोर से हांफने लगीं.
एक मिनट बाद शांत हुईं और गुस्से से मेरी तरफ देखने लगीं, जैसे ही हाथ खोले तो दो थप्पड़ मार देंगी.
लेकिन मुझे अभी तो चोदना था.
मुँह चुदाई की वजह से मेरा लौड़ा थोड़ा बैठ गया था.
मैंने रस्सी वैसे ही बंधी रहने दी, उन्हें बेड पर लिटाया और लौड़े से उनके बूब्स पर मारने लगा.
साइड में पड़ी चॉकलेट सॉस की बोतल ली, उनके बूब्स पर उड़ेल दी और लौड़े से मलने लगा.
झुककर सॉस चाटते हुए बूब्स को फिर से चूसने-काटने लगा.
उन्हें फिर मज़ा आने लगा, पर जैसे ही दांतों से खुरचना शुरू किया.
तो आंटी फिर से छटपटाने लगीं- आह्ह्ह … दर्द हो रहा है … छोड़ो.
ऐसे ही 5 मिनट तक खेलने के बाद मैंने उनकी हाथों की रस्सी खोल दी.
अब तक मेरा लौड़ा आधा खड़ा हो चुका था.
मैंने फिर कहा- लौड़ा चूसो.
इस बार डर की वजह से वे अच्छे से चूसने लगीं.
कोई 5 मिनट की ज़ोरदार चुसाई में मेरा लौड़ा फिर से फौलाद जैसा तन गया.
सलीम के सांड लंड से कम नहीं.
मैंने उन्हें बेड पर लिटाया, पैर फैलाए और अपना मोटा-लंबा लौड़ा उनकी चूत में एक झटके में पेल दिया.
लंड पेल कर मिशनरी पोजीशन में ही मैंने उनकी चुदाई शुरू कर दी.
कोई 5 मिनट बाद पोजीशन बदली.
अब असली खेल शुरू होने वाला था.
मैंने रूपाली मैडम को घोड़ी बनाया और डॉगी स्टाइल में ज़ोर-ज़ोर से पेलना शुरू कर दिया.
उफ्फ्फ … क्या मस्त बड़ी-बड़ी गांड थी. उनकी गांड चोदते वक्त वे अपनी गांड को ऐसे हिला रही थीं कि बस पेलते ही रह जाने का मन कर रहा था.
मैंने मौका देखकर उनकी गांड पर ज़ोरदार थप्पड़ जड़ने शुरू कर दिए ‘चटाक … चटाक … चटाक.’
मैडम चीखने-कराहने लगीं- आह्ह्ह … अहहह … मारो … और ज़ोर से मारो … आह्ह्ह!
उनकी सिसकारियां सुनकर मेरा जोश दोगुना हो गया.
हर थप्पड़ के साथ उनकी गांड लाल होती जा रही थी और मैं और तेज़ पेल रहा था.
फिर पोजीशन बदली.
मैं बेड पर लेट गया और मैडम को अपने लौड़े पर बिठाया ‘अब खुद उछलो मैडम …’
वे मेरे ऊपर सवार होकर काउगर्ल स्टाइल में उछलने-कूदने लगीं.
उनके भारी-भरकम बूब्स ऊपर-नीचे लहरा रहे थे.
नज़ारा देखकर लौड़ा और सख्त हो गया.
दस मिनट तक काउगर्ल पोज में चुदाई, की, फिर वापस मिशनरी में आ गया और आखिरी राउंड शुरू.
लगभग 30-40 मिनट की घमासान चुदाई के बाद हम दोनों एक साथ झड़े.
मैडम की चूत में अपना सारा माल उड़ेल कर मैं उन पर ढेर हो गया.
दोनों हांफते हुए एक-दूसरे की बांहों में समा गए.
मैडम कहने लगीं- तुम तो सच में मर्द हो कामेश … मेरी सारी प्यास बुझा दी तुमने … आह आज से सलीम का पत्ता कट, अब से तुम ही मेरी चुत के हकदार हो!
मैंने कहा- सोच लो मैडम, मैं पीछे से भी लूँगा!
वे हंस दीं और बोलीं- तेरे लिए सब ओपन है मेरी जान!
थोड़ी देर बाद मैंने उनके प्यारे-प्यारे बूब्स को फिर से मुँह में भर लिया और ऐसे ही सो गया.
वे भी मेरी बांहों में नंगी लिपट कर सो गईं.
पूरी रात हम नंगे ही सोए रहे.
इस तरह मैंने पहली बार रूपाली मैडम को जमकर चोदा.
अगली सेक्स कहानी में पढ़िए कि कैसे अगले दिन मैंने उन्हें स्कूल नहीं जाने दिया और पूरा दिन अलग-अलग स्टाइल में रंडी की तरह चोदा.
इस फोरप्ले सेक्स कहानी पर आप अपनी राय मुझे बताएं.
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