Son Father Sex Kahani – बाप ने सौतेले बेटे की गांड मारी

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Story Start Here :

सन फादर सेक्स कहानी में एक बाप अपने सौतेले बेटे के साथ बिस्तर में है. बीवी मायके में है तो बाप का लंड चुदाई मांग रहा था. उसने अपने बेटे की ही गांड मार ली.

दोस्तो, मैं आपका दोस्त विशु अपनी सेक्स कहानी का अगला भाग लेकर प्रस्तुत हूँ.

यह सेक्स कहानी नरेश और उसकी पहली व दूसरी शादी की है.
पिछले भाग
चुदाई का शौक या लत
में मैंने आपको वह सेक्स कहानी सुना दी थी.

अब आगे सन फादर सेक्स कहानी:

सौतेले लड़के चरण के साथ नरेश कंबल में घुसा हुआ था और चरण के सिर को अपने लंड पर दबाने में लगा था.
नरेश का लंड घने काली झांटों के जंगल से भरा हुआ था.

चरण ने पहली बार अपने पिता का लंड देखा था और ये वही लंड था जो उसकी मां को रोज चोदता था.
चरण सोच रहा था कि इसी लंड से चुदने से उसकी मां की चीखें निकलती हैं.

वे दोनों बाप बेटे आज काम की मस्ती में एक-दूसरे का लंड चूस रहे थे.
दोनों की काम अग्नि भड़क गयी थी.

दोनों मादरजात नंगे, एक-दूसरे से लिपट कर यह बिल्कुल भूल चुके थे कि दोनों का क्या रिश्ता है.

बस उन दोनों के मुँह में एक-दूसरे का लंड चल रहा था और दोनों के जिस्म एक-दूसरे से चिपके हुए थे.

नरेश चरण को सहला सहला कर उत्तेजित कर रहा था.
तभी नरेश को न जाने क्या सूझी, उसने अपनी एक उंगली से चरण की गांड के होल में डाल दी और गांड को कुरेदने लगा.
चरण को मजा आने लगा.
उसकी गांड तो पहले से ही खुजला रही थी, तो उसकी गांड का होल खुलने-बंद होने लगा.

फिर नरेश ने अपनी बीच की उंगली को अपने मुँह से गीला किया और अपने सौतेले बेटे की गांड में घुसाने लगा.
चरण का मजा दुगना हो गया, पर नरेश ने जोर लगाकर जब उंगली उसकी गांड के अन्दर घुसाई, तब चरण बिलबिला उठा.
वह छटपटा कर अपने सौतेले पापा की उंगली को निकालने की कोशिश करने लगा, पर नरेश ने उसे कसके पकड़ रखा था.

फिर नरेश ने अपनी उंगली को हरकत दी और वह पूरी उंगली को गांड की जड़ तक पेल कर अन्दर-बाहर करने लगा.
उंगली की इस हरकत से चरण को एक अजीब सा सुकून मिलने लगा.

नरेश की उंगली भी चरण के लंड जितनी बड़ी और मोटी थी.
चरण उस उंगली से चल रही चुदाई को इंजॉय करने लगा था.

चरण का लंड उत्तेजना से कड़क हो गया था और उसका रस आने वाला हो गया था.
अब ज्यादा देर तक रुकना नरेश के लिए संभव नहीं था.

उधर चरण के मुँह से चुसवा चुसवा कर नरेश का लंड का टोपा भी फूलने लगा था.
उसका लंड चरण के मुँह के थूक से गीला हो गया था.

दोनों को बहुत मजा आ रहा था.

तभी नरेश ने चरण को खुद से अलग कर दिया और बेड पर बैठ गया.
फिर उसने चरण के पैर पकड़ कर उसे अपनी तरफ खींचा, तो चरण की गांड नरेश की जाँघों के बीच आ गयी.

नरेश ने चरण के पैर ऊपर उठा कर अपने हाथों से पकड़ रखे थे.
चरण शर्माते हुए नरेश को देख रहा था.
वासना ने दोनों को जकड़ रखा था.

एक तरफ नरेश चरण को चोदने के लिए रेडी था तो दूसरी ओर चरण अपनी गांड की खुजली मिटाने के लिए चुदने को तैयार था.
नरेश ने बगल के टेबल पर पड़ी वैसलीन की डिब्बी उठा ली.

चरण अजीब नजर से उसे देखने लगा. नरेश ने डिब्बी खोली.
जिस बीच की उंगली को उसने चरण की गांड में घुसाया था, उसी से वैसलीन निकाल कर वह चरण की गांड में लगाने के लिए आगे हुआ.

उसने दूसरे हाथ से चरण की गांड को खोला और उसमें वैसलीन भरने लगा.
वैसलीन भरते समय जो थोड़ी बहुत वैसलीन बाहर लगी रह गई थी, उसे चरण की गांड के होल के आस-पास फैला कर मल दी.

उसके बाद नरेश ने अपनी वही मिडिल फिंगर को चरण की गांड में डाल दी और आगे पीछे करने लगा.
चरण को वैसलीन की चिकनाई से मजा आने लगा था.

फिर नरेश अपनी दूसरी उंगली भी चरण की गांड के अन्दर डालने लगा.
थोडी कोशिश के बाद दूसरी उंगली की जगह भी बन गयी.

हालांकि चरण को थोड़ा दर्द हुआ पर मजा ज्यादा आ रहा था सो चरण नरेश की उंगली से ही चुदने का मजा लेता रहा.

फिर नरेश ने उसकी गांड को अपने लंड के पास ले लिया.
उसने अपने लंड पर जमकर थूक लगाया और लंड को चरण के गांड के होल पर टिका दिया.

वैसे तो नरेश औरतों की गांड मारने में उस्ताद था पर कमसिन लड़के की गांड मारने का उदघाट्न पहली बार कर रहा था.

वह आज अपने सौतेले बेटे चरण की गांड में अपना फनफनाते औजार को घुसा कर चुदाई करने वाला था.
आज चरण की गे बनाने की शुरूवात होने वाली थी और उसका सौतेला बाप ही उसकी शुरूवात करने जा रहा था.

चरण भी अपनी कोरी गांड में अपने सौतेले पिताजी का लंड का स्वागत करने के लिए बड़ी खुशी से आतुर हो रहा था.
नरेश ने थूक से सने लंड को चरण के गांड के छेद पर टिकाया, उसकी कमर को पकड़ा और चरण को अपने लंड पर खींचने लगा.

पर नरेश का लंड फिसल गया.
उसने 3-4 बार कोशिश की पर सब कोशिशें बेकार गईं.

किसी कुंवारी लड़की की तरह चरण मुस्कुराने लगा.
ये देख कर नरेश ने अपने लंड को फिर से एक बार चरण की गांड के छेद पर टिकाया और गांड फाड़ने के लिए रेडी हो गया.

इस बार नरेश ने अपने लंड को अपने हाथ से पकड़ कर उसकी गांड पर रखा था और वह खुद उसके ऊपर चढ़ कर जोर लगाने लगा था.
नरेश के तेज दबाव से चरण की अनचुदी गांड में पहली बार लौड़े की एन्ट्री हो गयी थी.

लंड का टोपा चरण की गांड में घुस गया था.
अब चरण को तकलीफ होने लगी थी, पर गांड के अन्दर घुसे लंड के टोपे को वह महसूस कर रहा था और उसको कुछ कुछ अच्छा भी लग रहा था.

नरेश ने दूसरा धक्का मारा.
इस बार लंड और अन्दर घुस गया.

उससे चरण को और तकलीफ होने लगी और उसके मुँह से दर्द भरी आवाज निकल गई.
तब तक नरेश ने एक और धक्का दे मारा.
इस बार उसका पूरा लंड चरण की गांड की गहराई में उतर चुका था.

चरण को बहुत दर्द हुआ.
उसकी आंख से आंसू निकल आए.
वह ‘मर गया अम्मा रे…’ करते हुए रोने लगा. उसके पैर कांपने लगे.
वह दर्द से थरथराने लगा.

नरेश उसे चुम्मी करने लगा ताकि वह रोये नहीं, उसकी आवाज बाहर नहीं जाए.
चरण की आवाज अब नरेश के मुँह में रुक गयी.

नरेश भी लंड को अन्दर डाल कर तब तक रुका रहा, जब तक उसका रोना रुक नहीं गया.

कुछ देर बाद चरण का दर्द कम हुआ, तब नरेश ने चरण को चोदना चालू कर किया.
वह तेज तेज धक्के मारने लगा.

ठप ठप की आवाज आने लगी.
गांड पर जांघों की मार पड़ने लगी.

लंड बाहर आ कर अन्दर जाने लगा.
नरेश अभी भी चरण के होंठ चूस रहा था.

ऐसे कभी नरेश ने चरण को ज्यादा करीब नहीं लिया था, पर आज दोनों के अंग एक दूसरे को सुख दे रहे थे.
नरेश पूरे जोश में चरण की गांड मार रहा था. चरण भी अब पूरे जोश में नरेश के लंड को अन्दर झेल रहा था.

करीब 15 मिनट बाद नरेश ने आसन बदला.
उसने अपने सौतेले बेटे चरण को घोड़ा बनाया.

घोड़ी तो लड़की को बनाते हैं न … इसलिए घोड़ा बनाना सही था.
घोड़ा बनाते समय भी नरेश ने ये ध्यान रखा कि उसने लंड को बाहर नहीं निकलने दिया.
बिना लंड निकले चरण को नरेश ने पलट दिया.

अब नरेश चरण नाम के घोड़े की गांड की सवारी करने को तैयार था.
नरेश ने चरण की कमर को पकड़ा और फिर नरेश का लंड अन्दर बाहर होने लगा था.

वैसलीन और बार बार आगे-पीछे होने की वजह से गांड की गली चिकनी बन गयी थी और लंड मजे से अन्दर बाहर हो रहा था.
चरण का लंड एकदम नर्म पड़ गया था.

कुछ ही देर में नरेश का लंड से लावा बाहर आने को उतावला हो रहा था.
नरेश अपने सौतेले बेटे की गांड चोदते हुए उसके लंड को भी हिला रहा था.

कुछ ही देर बाद चरण के लंड ने मुरझाई हुई स्थिति में अपना वीर्य निकाल दिया.
अब बारी नरेश की थी.

नरेश पूरे जोश में आ गया था.
उसने चरण की कमर को पकड़ा और जोरदार थप्पड़ मारने चालू कर दिए.

कुछ ही क्षणों में नरेश ने अपने लंड की पिचकारी पूरे जोर से चरण की गांड में मार दी.

झटका खाते हुए नरेश का लंड खाली हो रहा था और चरण की गांड भर रही थी.
लौड़े से पानी इतना ज्यादा निकाला कि चरण की गांड ओवरफ्लो हो गयी और वीर्य से गांड भर जाने के बाद टांगों पर से होते हुए बहने लगा.

नरेश हाँफते हुए चरण के ऊपर पड़ा रहा.
चरण भी आहिस्ता से अपने पिता को अपने पीठ पर लेकर लेट गया.

कुछ देर पड़े रहने के बाद नरेश का लंड मुरझा गया और चरण की गांड से बाहर आ गया.
अब नरेश बाथरूम चला गया और खुद की साफ सफाई करके बाहर आ गया.

फिर उसने चरण को बोला- चरण, जा अपनी गांड धोके आ जा!

चरण उठा, पर उसे चलने में तकलीफ हो रही थी तो वह लंगड़ाता हुआ गया और अपनी गांड की साफ सफाई करके कमरे में वापस आ गया.

अब दोनों सोने लगे, पर नए बने इस रिश्ते और मीठे अनुभव के कारण दोनों की आंखों से नींद एकदम से गायब थी.

नरेश तो गांड मारने में माहिर था ही इसलिए चरण को भी अपने अनुभवी बाप के लौड़े से गांड चुदवाने में मजा आ गया था.

नरेश ने फिर से चरण को आगोश में ले लिया.
चरण भी शर्माता हुआ अपने पिता के आगोश में चला गया.

उसे भी उस प्यार की गर्मी भा गयी थी.
नरेश का लंड फिर से खड़ा होने लगा था.

कुछ ही देर में लौड़े ने सख्ती अख्तियार कर ली तो नरेश ने सोते हुए में ही चरण की गांड में लंड पेल दिया और चोदने लगा.

यहां चरण का लंड भी खड़ा हो गया था, तो चरण ने अपने बाप नरेश का हाथ पकड़ कर अपने लंड पर रखवाया और सहलवाने का जतन करने लगा.
नरेश समझ गया था तो वह चरण का लंड हिलाते हिलाते उसे चोदने लगा.

इस बार दोनों बहुत देर से झड़े … चरण ने अपने पिता के हाथ में अपना वीर्य गिराया और नरेश ने चरण की गांड में फिर से एक बार अपना पानी गिरा दिया.

चुदाई के बाद दोनों थके हुए ऐसे ही सो गए.
सुबह नरेश जल्दी उठ कर काम पर चला गया.

चरण देर से उठा क्योंकि उसकी गांड आज दर्द कर रही थी.
रात भर जो चुदी थी.

दुपहर को नरेश घर आया.
उसने आते ही चरण को गले लगाया प्यार किया और बोला- चरण, मैं तेरी नानी को आज चोदने वाला हूँ, तुम मेरी मदद करोगे ना!

चरण ने हां कह दिया.
तो नरेश बोला- तू आज जल्दी खाना खत्म करके घर आ जाना. मैं तेरी नानी को चोद कर आ जाऊंगा.

चरण मान गया.
वे दोनों खाना खाने चंदा के घर जाने लगे.

ये सेक्स कहानी बाद में लिखूँगा.
सन फादर सेक्स कहानी पर आपके मेल मुझे उत्साहित करेंगे.
धन्यवाद.
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