Latest Hindi Sex Stories added for who looking to read Porn Couple Sex Kahani – चुदाई का शौक या लत to make every night hot about Porn Couple Sex Kahani – चुदाई का शौक या लत story.
Story Start Here :
पोर्न कपल सेक्स कहानी में एक आदमी को चुदाई का बहुत शौक था. उसने अपनी बीवी को आगे पीछे चोद चोद कर चुदक्कड़ बना दिया था. लेकिन उसकी बीवी बीमार होकर मर गयी.
दोस्तो, मैं आपका दोस्त विशु एक नयी सेक्स कहानी लेकर आया हूँ.
यह पोर्न कपल सेक्स कहानी नरेश की है जिसकी पहली बीवी बीमारी से मर गयी थी.
नरेश अभी 40 साल का हट्टा-कट्टा मर्द है.
उसने 33 वर्ष की आयु में शादी की थी और 7 साल अपनी बीवी संजना की खूब चुदाई की.
कहानी कुछ यूं है कि शादी के बाद नरेश अपनी पत्नी संजना के साथ 15 दिन के लिए हनीमून पर गया था.
वहां उसने अपनी बीवी संजना की खूब चुदाई की.
उसने होटल के कमरे का कोई हिस्सा ऐसा नहीं छोड़ा, जिस जगह उसने संजना को न पेला हो.
यहां तक कि नरेश अपनी बीवी संजना को कमरे की छत पर भी ले गया और उधर उसने अपनी बीवी को पूरी नंगी करके खुलेआम चोदा था.
जब नरेश चुदाई में उत्तेजना के चरम पर था तो उसने जोर जोर से आवाज करते हुए अपनी बीवी की चुत में अपना वीर्य झाड़ दिया था.
दूसरे दिन उसने स्विमिंग पूल में अपनी बीवी को छोटी सी बिकिनी पहना कर पानी में खेलना शुरू कर दिया था.
उसने उधर पूल में ही अपनी बीवी की जवान चूचियों और चुत के साथ खूब खेला था.
जब वह गर्म हो गया तो उसने पूल में ही संजना के मादक जिस्म से खेलते खेलते अपने लंड को संजना की चूत से चड्डी को एक बाजू खिसका दी और चुत में लंड घुसेड़ दिया था.
वे दोनों खुले में ही चुदाई का मजा लेने लगे थे.
उस वक्त वे दोनों यह भी भूल गए थे कि स्वीमिंग पूल का पानी एकदम साफ है और पानी के अन्दर का सारा नजारा कोई भी देख सकता है.
वह तो गनीमत यह थी कि उस वक्त पूल एरिया में कोई नहीं था वर्ना मामला और भी संगीन हो सकता था.
संजना अपनी इतनी ज्यादा चुदाई से बेहद खुश थी.
उसकी चूत अच्छे से खिल चुकी थी.
नरेश भी संजना जैसी बीवी पाकर खुश था.
वह उस वक्त डबल खुश हुआ था जब उसने अपनी बीवी की सील तोड़ चुदाई की थी.
उसने अपने लंड पर खून देखा था तो वह बेहद खुश हुआ था और उसके चेहरे पर मुस्कान छा गयी थी.
आजकल की लड़कियां ज्यादातर अपने ब्वॉयफ्रेंड्स से अपनी चुत फड़वा लेती हैं.
इसलिए नरेश को इस बात का इल्म ही नहीं था कि उसे अपनी बीवी के रूप में कुंवारी चुत चोदने के मिल सकती है.
हालांकि उन दोनों ने फैमिली प्लानिंग की थी तो उन्होंने बच्चा नहीं होने दिया.
नरेश काम पर जाने से पहले और शाम को आने के बाद अपनी बीवी की देर रात तक चुदाई करता रहता था.
इस वजह से संजना को भी उसकी आदत हो गयी थी.
माहवारी के 5 दिन उनके लिए बहुत कठिन हो जाते, पर नरेश ने उसका रास्ता भी निकाल ही लिया था.
सुहागरात में ही उसने अपनी बीवी का पीछे का दरवाजा खोल दिया था. आप समझे ना … उसने संजना की जमकर गांड मारी थी.
इस कारण से उन दोनों की 365 दिन चुदाई चलती थी.
नरेश ससुराल में भी जाकर संजना को चोद देता था.
खैर … कुछ दिनों से संजना बीमार रहने लगी थी.
इसका एक कारण यह भी था कि वह दवाइयां नहीं खाती थी, फेंक देती थी.
इसी कारण उसकी तबीयत खराब होती गयी.
आखिरकार संजना ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया.
अपनी बीवी के मरने के बाद से नरेश दुखी रहने लगा.
घर वालों ने उसकी दूसरी शादी करने का प्रस्ताव रखा.
पर नरेश को संजना ही चाहिए थी.
उसकी भी तबीयत खराब होने लगी.
तब नरेश की शादी जबरदस्ती एक ऐसी लड़की से शादी करा दी गई जिसकी शादी हो चुकी थी लेकिन एक साल में ही उसका पति मर गया था.
अब वह संतान युक्त विधवा थी.
उसका नाम कोमल था.
उसे एक बेटा था, उसका नाम था चरण.
कोमल की बचपन में शादी हो गयी, सो जल्दी लड़का हो गया था.
खैर … नरेश की कोमल से शादी हो गयी.
पहले दिन कोमल ने अपने लड़के को दादी के पास सुला दिया और वह सुहागरात के लिए रूम में आ गई.
जवान कोमल एक मोम जैसी थी.
उसकी मादक जवानी को आग की आंच लगी तो वह पिघल उठी.
नरेश भी प्यासा था तो उन दोनों ने एक दूसरे को पहली रात में ही मन से स्वीकार कर लिया और नरेश ने कोमल को प्यार से चोदा.
कोमल ने भी उसे जी खोलकर प्यार दिया.
उसने अपनी चूत-गांड दोनों उसके हवाले कर दीं.
नरेश ने भी उसे दोनों तरफ से खूब चोदा.
एक महीने में पोर्न कपल सेक्स कर करके नरेश फिर से हट्टा-कट्टा हो गया.
कुछ दिन बाद कोमल के लड़के ने मां-बाप के साथ सोने की जिद की.
किसी तरह उन्होंने अपने किशोर हो चुके बेटे को समझा-बुझाकर अलग सुलाने के लिए मना लिया और दोनों एक-दूसरे के साथ अपनी अन्तर्वासना को बुझाने लगे.
नरेश को दुबली-पतली कोमल खूब भा गयी क्योंकि वह बिस्तर में गजब उठा उठा कर देती थी.
नरेश के अन्दर फिर से जोश छा गया था.
अब हालत यह हो गई थी कि रात को घर के बाहर तक कोमल की चीखें जाने लगी थीं.
नरेश के लंड से दमदार चुदाई से कोमल भी अपने पहले पति की चुदाई और यादें भूल गयी थी.
कुछ ही दिनों में नरेश ने कोमल की चूत और चूचियों को मस्त फुला दिया था.
दुबली-पतली कोमल का अंग-अंग अब भरने लगा था.
एक दिन कोमल को उसके मायके से शादी का न्योता आया.
उसकी सगी छोटी बहन की शादी थी.
कोमल की मां ने उससे दस दिन पहले आने के लिए बोल दिया और दामाद जी को भी साथ लाने के लिए कहा.
ये बात उसने नरेश को बता दी.
लेकिन काम के चलते नरेश ने कहा- तुम पहले चली जाना … मैं 5 दिन बाद आ जाऊंगा!
कोमल ने अपने बेटे चरण को बताया कि हम दोनों को दस दिन के लिए नानी के घर जाना है. तेरे बाबा 5 दिन बाद आएंगे.
तो चरण ने मना कर दिया, वह बोला- मैं बाबा के साथ आऊंगा!
कोमल ने उसे काफी समझाया, पर वह नहीं माना.
आखिरकार उसने अपने पति नरेश को ये बात बता दी.
नरेश बोला- ठीक है, मैं उसे ले आऊंगा.
पर कोमल को चिंता ये थी कि नरेश और चरण के खाने का कैसे प्रबंध होगा?
तो उसने अपने घर के पास रहने वाली अपनी मौसी को याद किया.
वे उसके घर के पास में ही रहती थीं.
कोमल की मौसी का नाम चंदा था.
चंदा एक बेहद खूबसूरत और चंचल औरत थी.
गांव के जवान लड़के और आदमी उसके दीवाने थे.
पर चंदा हर किसी को घास नहीं डालती थी.
कोमल ने अपनी मौसी से बात की और चंदा ने भी खुशी-खुशी हां कह दी.
बस कोमल ने अपने पति को बोल दिया- तुम और चरण दोनों चंदा मौसी के पास जाकर खाना खा लिया करो. मैंने बात कर ली है!
नरेश ने हामी भर दी.
फिर रात हुई तो कोमल ने अपने कपड़े आदि पैक कर लिए और सोने के लिए कमरे में आ गयी.
उसे दूसरे दिन सुबह सुबह निकलना था.
नरेश कमरे में कोमल के आने का ही इंतजार कर रहा था.
नरेश ने उसे रात भर खूब पेला … फिर दोनों थककर सो गए.
सुबह जल्दी कोमल मायके के लिए निकल गयी.
दिन भर नरेश काम में व्यस्त रहा. दुपहर हुई, तो नरेश घर आया.
चरण घर पर ही था. उसने बताया कि चंदा मौसी आयी थीं, उन्होंने खाने के लिए हमें बुलाया है.
नरेश ने हाथ-पैर धोये और दोनों बाप-बेटे चंदा के घर निकल गए.
वहां चंदा दोनों की राह देख रही थी.
उसका पति दिन भर काम पर जाता है, तो दिन भर चंदा घर पर अकेली रहती थी.
दोनों को आते देख कर चंदा खुश हो गई.
उसने दोनों को बड़े प्यार से बिठाया और उनके पानी लाकर दिया.
फिर वह उन दोनों को हाथ धुलाने ले गयी.
पहले चरण गया, हाथ धोकर वह जाकर खाना खाने की जगह बैठ गया.
फिर नरेश गया.
चंदा नरेश के हाथ पर पानी डाल रही थी, तभी उसका पल्लू सरक कर नीचे गिर गया.
नरेश को चंदा के रसीले आमों के दर्शन हो गए.
उसके स्तन चोली से बाहर आने के लिए मचल रहे थे.
नरेश की नजर सीधे उसके चूचों पर जम गयी.
मस्त दूध देख कर नरेश के मुँह में पानी आ गया.
नरेश उसके मम्मों को घूरे जा रहा था.
चंदा ने उसकी आंखों में वासना देख ली.
चंदा की नरेश को रिझाने की तरकीब काम कर गयी थी.
उसने नरेश की पतलून को फूलते देखा तो वह अन्दर ही अन्दर मस्त होने लगी.
नरेश की पैंट में उसका औजार खड़ा हो गया था और झटके खाने लगा था.
चंदा की नजर उसके पतलून पर अटक गयी थी.
जब नरेश की नजरों ने यह भाँपा तो वह झेंप गया.
उसने चंदा को देखा, चंदा शर्माकर हँस दी.
नरेश भी उसे देखकर मुस्कुरा दिया.
फिर नरेश चंदा के नजदीक गया.
चंदा शर्माने लगी.
नरेश ने उसके बाजुओं को पकड़ कर उसे उल्टा घुमाया और अपने दोनों हाथ आगे ले जाकर चंदा के चूचे दबाने लगा.
चंदा भी कामुक सिसकारियां निकालने लगी.
कुछ देर चूचे मसलने के बाद नरेश उसकी गर्दन को अपनी तरफ करके किस करने लगा.
चंदा ने भी अपना हाथ पीछे कर दिए और पतलून के ऊपर से नरेश के लंड को टटोलना शुरू कर दिया.
वह खड़े लौड़े को अपने हाथ से दबाने लगी.
बहुत देर से नानी और बाबा क्यों नहीं आये, ये देखने के लिए चरण वहां आ गया और उधर वह सब होता देखकर चरण दंग रह गया.
नरेश ने चंदा के होंठों को अपने होंठों में ले लिया और उसके नाजुक रसीले होंठों को चूसने लगा.
चरण चुपके से सब देख रहा था.
ये सब देखकर उसका लंड भी खड़ा हो गया.
वह भी अपने कुँवारे लंड को पकड़ कर दबाने लगा.
थोड़ी देर में उसका पानी पतलून में ही निकल गया.
चरण वहां से निकल कर खाना खाने की जगह आ गया.
फिर उसने आवाज लगायी- नानी बाबा आ जाओ, भूख लगी है!
दोनों एकदम से चरण की आवाज सुनकर होश में आए और कुछ डर भी गए.
फिर वे दोनों एक-दूसरे से अलग हो गए.
चंदा वहां से भाग गयी, नरेश भी वहां से सीधे चरण के पास पहुंचा.
चरण ने पूछा- कहां रह गए थे बाबा?”
नरेश शांत था जबकि चरण दिल ही दिल में हँस रहा था.
चंदा ने खाना परोसा.
नरेश और चंदा एक-दूसरे को छुप-छुप कर निहार रहे थे.
चरण भी दोनों के मजे ले रहा था.
देखते-देखते खाना खत्म कर चरण हाथ धोने चला गया.
कुछ देर बाद नरेश भी गया, पर चरण वहीं खड़ा था.
नरेश हाथ धोकर बाहर आ गया.
वहां से नरेश काम पर और चरण घर निकल गया.
शाम को काम खत्म कर नरेश घर पहुंचा.
खाना खाने के लिए वे दोनों चंदा के घर निकल गए.
पर अब चंदा का पति भी घर पर ही था.
चंदा ने दोनों को पानी दिया, दोनों को हाथ धोने ले गयी.
नरेश ने एकांत देख चंदा का हाथ पकड़ा, पर चंदा ने नरेश से धीरे से बोला- अभी नहीं, कल दुपहर को. अभी ‘ये’ (मतलब उसका पति) घर पर हैं.
नरेश समझ गया.
बातें करते-करते सबने खाना खाया और उसके बाद नरेश व चरण दोनों अपने घर निकल गए.
घर जाकर नरेश सोने की तैयारी करने लगे. तब चरण बोला- बाबा, आज मैं आपके साथ सोऊंगा!
नरेश बोला- ठीक है, आ जा.
दोनों एक ही कंबल में सो गए.
चरण ने कट वाली बनियान और इलास्टिक वाली चड्डी पहनी थी.
नरेश ने लुंगी लपेट ली थी और ऊपर कुछ नहीं पहना था.
नरेश चंदा के बारे में सोच रहा था, उसका लंड अपने आप खड़ा हो गया.
नरेश ने अंगड़ाई लेते हुए चरण की तरफ मुँह किया और अपनी एक टांग चरण पर डाल दी.
तब तक नरेश के दिल में कुछ भी गलत ख्याल नहीं था.
पर उसका खड़ा लंड सीधे चरण की गांड की घाटी में जाकर फँस गया … हालाँकि चरण चड्डी पहने हुए था, पर चड्डी के साथ नरेश के लंड ने चरण की गांड की दरार में अपनी जगह बना ली.
इस हरकत से चरण की नींद उड़ गयी.
चरण की गांड भी अब अनचाहे स्पर्श पाकर और उसकी मोटाई व कठोरता महसूस करके खुजलाने लगी.
एक अनछुई ख्वाहिश चरण के मन में जाग गयी. उसने अपनी गांड हिलाकर अपने सौतेले बाप का लंड अपनी दरार में एडजस्ट कर लिया और ऐसे चुपचाप पड़ा रहा, जैसे वह गहरी नींद में सो रहा हो.
अपने सौतेले बेटे की गांड की गर्मी पाकर नरेश का लंड जोर-जोर से झटके मारने लग गया.
नरेश की कमवासना जाग गयी.
उसने अपना हाथ चरण के बदन पर रखा और उसे सहलाने लगा.
कुछ देर बाद नरेश ने चरण की बनियान में अपना हाथ डाल दिया और उसके निप्पल को सहलाने लगा … दबाने लगा … खींचने लगा.
फिर नरेश ने चरण की चड्डी में हाथ डालकर उसके लंड को सहलाया.
चरण का लंड दुपहर जैसा खड़ा हो गया.
चरण को मजा आने लगा था.
तभी नरेश ने उसकी चड्डी नीचे खिसका दी.
अब चरण नंगा हो गया था.
नरेश ने उसकी बनियान भी हटा दी. चरण कंबल में अब बिल्कुल नंगा था.
हालांकि अब नरेश को शर्म आने लगी थी, पर उसकी भी वासना जाग गयी थी.
नरेश ने उसे अपने बदन से चिपका लिया और लुंगी बाजू में कर दी.
कंबल में दोनों सौतेले बाप-बेटे नंगे थे और एक-दूसरे से चिपके हुए थे.
नरेश का लंड अब चरण की गांड की दरार से होते हुए उसकी दोनों टांगों के बीच से होते हुए आगे उसके लंड के पास बाहर निकल आया था.
एक अजीब अहसास दोनों पर सवार था.
लंड की गर्मी चरण को तो गांड की गर्मी नरेश को उकसा रही थी.
नरेश ने चरण के गले पर किस किया तो चरण का रोम-रोम खड़ा हो गया.
फिर नरेश अपनी जीभ उसके गले पर घुमाने लगा.
चरण इस हरकत से खुद किसी लड़की की तरह छटपटाने लगा.
कुछ ही देर बाद चरण ने नरेश के बाल पकड़ लिए, मगर नरेश फिर भी लगा रहा.
आखिरकार नरेश ने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और किसी लड़की को चुम्मी करते हैं, वैसे ही वह उसे किस करने लगा.
इस कामुक हमले से चरण पिघलने लगा.
नरेश उसके निप्पल को अपनी उंगलियों में पकड़ कर मींजने लगा.
वे दोनों नंगे हो गए थे और एक-दूसरे के अंगों से खेल रहे थे.
चरण के लंड से चिपचिपा पानी निकलने लगा था.
नरेश ने उसे अपने हाथ से ऊपर उठाया और घुमा कर अपने बदन पर 69 में लिटा लिया.
चरण को कुछ समझ आता, उसके पहले नरेश का लंड उसके मुँह के सामने आ गया था.
नरेश अब उसके सिर को अपने लंड पर दबाने लगा.
चरण ने भी अपने चोदू पिताजी का मकसद समझ कर अपना मुँह खोल दिया और पापा जी के लंड को अपने मुँह में भर लिया.
मुँह में लंड देते ही नरेश के मुँह से आह निकल गयी.
उसने भी चरण का लंड अपने मुँह में ले लिया और दोनों एक-दूसरे का लंड चूसने लगे थे.
यह क्रिया इतनी मदमस्त चलने लगी थी कि वे दोनों यह भूल ही गए थे कि यह गे सेक्स बाप बेटे में चल रही है.
देखना यह था कि बाप का लंड बेटे की कोरी गांड में जब घुसेगा तब क्या आलम होगा.
अभी और बहुत कुछ बाकी है, वह आपको कहानी के अगले भाग में पढ़ने मिलेगा.
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