Latest Hindi Sex Stories added for who looking to read Marathi Bhabhi Chudai Kahani – दोस्त की प्यासी बीवी की चूत चुदाई to make every night hot about Marathi Bhabhi Chudai Kahani – दोस्त की प्यासी बीवी की चूत चुदाई story.
Story Start Here :
मराठी भाभी चुदाई कहानी में महाराष्ट्र में मेरी जॉब के चलते एक दोस्त बना. एक दिन वह मुझे अपने घर ले गया. उसकी सेक्सी बीवी को देख मेरा लंड गर्म हो गया.
दोस्तो, आप सबको मेरा प्यार भरा नमस्कार.
कैसे हो आप सब?
ये मेरी पहली मराठी भाभी चुदाई कहानी है कि कैसे मैंने अपने दोस्त की वाइफ को जमकर चोदा.
दोस्तो, मैं कई सालों से Antarvasna पर सेक्स स्टोरी पढ़ता आ रहा हूँ और मुझे सबसे ज्यादा पसंद आती है.
आंटी और भाभी की चुदाई वाली स्टोरीज़.
अब थोड़ा अपने बारे में बता दूँ.
मैं महाराष्ट्र के औरंगाबाद शहर से हूँ, उधर मैं एक उप नगर में रहता हूँ.
मेरा शॉर्ट नाम PRK है, उम्र 24 साल है.
मेरा गोरा रंग है और एकदम जवान लड़का हूँ.
मेरी हाइट और बॉडी भी काफी अच्छी है.
मैं यहां एक प्राइवेट बैंक में जॉब करता हूँ.
पर यहां मुझे न कोई लड़की मिल रही थी, न कोई हॉट आंटी या भाभी चोदने को मिल रही थी.
फिर अचानक से एक दिन मेरा नसीब ही खुल गया और मेरा चुदाई का सपना पूरा हो गया.
यह बात 2 फरवरी 2024 की है.
मेरा एक दोस्त है जो सिक्योरिटी गार्ड है.
मैं किसी काम से उसकी कंपनी में गया था.
उस दिन उसकी छुट्टी 7 बजे हो गई थी.
उससे बात होती रही और मैं बातों ही बातों में उसे उसके घर छोड़ने चला गया.
मैं पहली बार उसके घर गया था.
उसने मुझे अन्दर आने को कहा और वह मुझसे चाय पीकर जाने के लिए कहने लगा.
मैं अन्दर चला गया और उसके ड्राइंग रूम में सोफ़े पर बैठ गया.
उसने अपनी वाइफ को चाय बनाने बोला.
हम दोनों गप्प लड़ाने लगे.
थोड़ी देर में उसकी मराठी वाइफ चाय लेकर आई … तब मैंने उसे ध्यान से देखा.
यार क्या माल थी … मेरी तो नज़रें ही हट नहीं रही थीं.
उसके बड़े-बड़े बूब्स, भरी हुई गांड, साड़ी में पूरा बदन मस्त कंटीला दिख रहा था.
उसे देख कर मैं उत्तेजित होने लगा.
मैं क्या कोई भी उसे देखेगा तो यही बोलेगा कि क्या चीज है रे बाबा!
एकदम देसी कड़क माल … उम्र करीब 30 साल की रही होगी. थोड़ी भरी हुई माल थी.
कोई चोदने लायक भाभी या आंटी को होना चाहिए, ठीक वैसी ही.
उस भाभी की फिगर लगभग 34-32-36 की रही होगी.
उसके अन्दर सबसे बड़ी रसीली बात यह थी कि उसकी चाल इतनी मस्त थी कि साली की गांड गजब मटक रही थी.
मैंने खुद को जैसे-तैसे संभाला, इधर-उधर की बातें करने लगा.
कुछ देर में हम दोनों ने चाय खत्म की.
वह अपने आप ही मुझे अपनी बीवी के बारे में बताने लगा.
तो मुझे उसकी बातों में इन्टरेस्ट आने लगा.
मेरे दोस्त ने अपनी घरवाली के बारे में बताया कि वह एक हॉस्पिटल में हाउसकीपिंग का काम करती है.
उसकी बीवी उधर से किचन में चली गई थी लेकिन ओपन किचन होने से मुझे उसकी बीवी की गांड दिख रही थी तो मैं उसके ऊपर से नजर ही नहीं हटा पा रहा था.
फिर जब चाय खत्म हुई तो वह खुद ब खुद बाहर आई और हमारे कप उठा कर धोने रखने वास्ते किचन में लेकर कप उठाने लगी.
उस वक्त जब वह झुक कर कप उठा रही थी तो उसके दूध देखने से मैं खुद को रोक न सका.
यह बात मेरे दोस्त ने शायद समझ ली थी कि मुझे उसकी बीवी हॉट लग रही है.
उसकी बीवी भी मुझे कनखियों से देखती हुई कप समेट कर ट्रे में रख रही थी
उस वक्त भी उसने अपने पल्लू को सही करने का प्रयास नहीं किया, जिस वजह से मैं उसके मम्मों को कायदे से आँखों से चोदता रहा.
जब उसकी बीवी किचन में चली गई, तो मेरे दोस्त ने अचानक से मुझसे जो कहा, वह सुनकर मैं तो शॉक्ड रह गया.
उसने इशारों ही इशारों में मुझसे कहा- शॉट लेगा क्या मेरी वाइफ के साथ?
इस शब्द का मतलब हम दोस्त लोग पहले चुदाई के लिए ही समझते थे, तो मैं भौचक्का रह गया कि साला अपनी घरवाली की चुदाई के लिए कह रहा है.
उसकी बात सुनकर मेरा दिल एकदम से धक् करके रह गया.
मैंने हिम्मत करके उसे देखा तो उसने मुसकुराते हुए एक आँख दबा दी और चुदाई का इशारा कर दिया.
मैंने तुरंत ‘हां’ बोल दिया.
वह किचन में गया और अपनी वाइफ को मनाने लगा कि तुम्हारे लिए मस्त लंड आ गया है, ले लो.
वह पहले तो सर हिलाकर मना करने लगी, फिर आखिर में उसने उसे मना ही लिया.
वह भी मुस्कुराती हुई मेरे साथ सेक्स के लिए तैयार हो गई.
मुझे विश्वास ही नहीं हो रहा था कि मेरा दोस्त ऐसा कर सकता है.
उसके बड़े-बड़े दूध देखकर मेरा लौड़ा तो पहले से ही खड़ा हो चुका था.
फिर उसने अपनी वाइफ को खाना लगाने के लिए कह दिया.
उसने मुझसे पूछा तो मैंने मना कर दिया. दोस्त ने खाना खाया और मेरा हाथ पकड़ के किचन में ले गया.
उधर उसने मेरे हाथ में कंडोम थमा दिया.
मेरा दोस्त मुझे कंडोम पकड़ा कर इशारा करके बाहर चला गया.
अब मैंने उसकी वाइफ के हाथ को पकड़ा रूम में ले जाने लगा तो वह पहले थोड़े नखरे दिखाने लगी.
‘नहीं … नहीं …’ करती हुई वह मराठी भाभी चुदाई के लिए मेरे साथ कमरे में आ गई.
उसके नहीं नहीं करने से साफ समझ आ रहा था कि इसका मन भी मेरे लौड़े से चुदने का है.
जब हम दोनों कमरे में आ गए तो मेरा दोस्त भी आ गया और उसने उसे लेटने को बोला.
अब वह कमरे का दरवाज़ा बंद करके खुद बाहर चला गया.
मैंने उसकी बीवी की तरफ देख कर अपने लौड़े को सहलाया तो वह उठी और लाइट बंद करके वापस पलंग पर आ गई.
उसने अपनी साड़ी व पेटीकोट कमर तक ऊपर उठाया और टांगें फैला कर चुत पर हाथ फेरने लगी.
कमरे में हल्की रोशनी अब भी जल रही थी, जिसमें वह दोस्त की बीवी बेहद सेक्सी लग रही थी.
सेक्सी लगने के साथ साथ वह पलंग पर लेट कर ऐसे कर रही थी मानो कोई प्रोफेशनल रंडी हो और किसी सड़क छाप रंडी की तरह ही अपनी दोनों टांगें फैलाकर मेरा स्वागत भी कर रही थी.
इस सबमें मेरा लंड एकदम कड़क हो गया था.
मैंने पैंट उतारी और अपने दोस्त के दिए हुए कंडोम को अपने खड़े लौड़े पर चढ़ाने लगा.
वह मेरे लौड़े को देखने लगी.
मैंने उसके हाथ को पकड़ कर अपने लौड़े पर रख दिया तो वह लंड को सहलाने लगी.
मैंने कहा- चूसोगी?
वह बोली- अभी पहले इसकी परफॉर्मेंस देखूँगी!
मैंने कहा- ओके उसके बाद चूसोगी क्या?
वह बोली- हां … बाद में हम दोनों ही चूसेंगे.
मैंने कहा- तुम बोलो तो तुम्हारी अभी चूस लूँ?
वह बोली- नहीं अभी पहले चोदो, बाद में चूस लेना.
मैंने ओके कह दिया और मैं अपने लंड को रेडी करके उसके ऊपर चढ़ गया.
उसने खुद अपने हाथ से मेरा लंड पकड़ कर अपनी चूत पर घिसना चालू कर दिया और छेद में सैट करने लगी.
मैंने उसकी चुम्मी ली और दो-तीन धक्कों में पूरा लंड उसकी गर्म चूत में उतार दिया.
वह आह आह करने लगी.
मैंने कहा- क्या हुआ?
वह कुछ नहीं बोली, बस दर्द से तड़फती रही.
मैं समझ तो गया था कि इसकी चुत दोस्त के लौड़े से ज्यादा सही से नहीं चुदी है.
मैं धीरे धीरे लौड़े को चुत के अन्दर पेलता गया.
जब मेरा पूरा लंड चुत के अन्दर समा गया तो मैंने उसे ज़ोर-ज़ोर से ठोकना शुरू कर दिया और उसके कोमल होंठों पर टूट पड़ा.
अब वह ज्यादा जोर जोर से आहें भर रही थी.
कुछ ही देर में वह सहज हो गई और मेरा साथ देने लगी.
मैं भी अपने लौड़े के तेज तेज धक्कों के साथ-साथ उसे पागलों की तरह किस कर रहा था, होंठ काट रहा था.
अब उसके मुँह से ‘आआह्ह… उम्ह्ह… स्स्स…’ की मादक सिसकारियां लगातार निकल रही थीं.
मैंने उसे इतना किस किया कि क्या बताऊं, उसके रसीले होंठ पूरा खा गया.
वह भी पूरा साथ दे रही थी, मज़ा दोगुना कर रही थी.
फिर मैंने उसका ब्लाउज़ खोल दिया और उसके बड़े और भारी दूध पर टूट पड़ा.
एक चूस रहा था, एक मसल रहा था, दाँतों से काट रहा था.
वह ज़ोर-ज़ोर से सिसकारियां भरने लगी- आआह्ह … उईई मां …
मैंने कहा- चूस लूँ तेरी चुत?
वह कुछ नहीं बोली, तो मैंने उसे चोदना छोड़ दिया.
अब मैं उसे चूमते-चूमते नीचे आ गया. उसकी नाभि में जीभ घुमाने लगा, काटने लगा.
वह पूरी पागल हो गई, आंखें बंद करके ‘आआह… उम्ह्ह… स्स्स… आह्ह… उह्ह्ह…’ करने लगी.
दस मिनट तक मैंने उसकी नाभि और पेट को खाया-काटा. वह पूरी तरह आग बन चुकी थी.
फिर मैं और नीचे आया, उसकी बालों वाली चूत की फाँकों को चाटने लगा.
अब तो वह पूरी पागल हो गई थी. अपने हाथों से मेरा सिर अपनी चूत पर दबाने लगी थी.
मैं कभी उसकी चुत में उंगली डालता, कभी जीभ … वह वासना से तड़प रही थी.
फिर मैंने उसे पलंग पर तिरछा लिटाया, खुद खड़ा होकर ज़ोर-ज़ोर से ठोकने लगा.
वह चिल्ला रही थी, फिर भी मैं झड़ ही नहीं रहा था.
मेरा स्टैमिना देखकर उसने खुद ही मेरे लंड से कंडोम उतार दिया और बोली- अब बिना कंडोम के चोद!
फिर उसने मुझे नीचे लिटाया और खुद ऊपर चढ़ गई.
मेरे लंड पर बैठकर ज़ोर-ज़ोर से उछलने-सवार होने लगी.
मैं उसके दूध मसल रहा था, होंठ चूस रहा था.
वह ‘आआह … उम्ह … आह … आह …’ करती हुई खुद भी पूरा मज़ा ले रही थी.
पूरे 40 मिनट की ज़बरदस्त चुदाई के बाद मैं उसकी चूत में ही खाली हो गया.
वह भी झड़ गई थी.
थोड़ी देर मेरे ऊपर ही लिपट कर सोई रही और बोली- तुम बहुत अच्छे हो यार … बहुत अच्छे से ठोकते हो. आज बहुत मज़ा दिया. तू गोली खाकर आया था क्या जो इतना स्टैमिना है?
मैं हंस दिया.
फिर वह उठी, बाल बाँधे, पांच मिनट तक लंबी-लंबी किस कीं, साड़ी ठीक की, दरवाज़ा खोला.
मैंने भी कपड़े पहने.
मेरा दोस्त कमरे में आया.
उसकी वाइफ ने मेरा नंबर लिया और मुझे भी सेव करने बोला.
फिर मैं वहां से निकल पड़ा.
थोड़ी देर बाद उसका मैसेज आया- कॉल करूँ?
मैंने हां कहा.
उसका कॉल आया तो बोली- आज सच में बहुत मज़ा दिया तुमने!
मैंने उससे पूछा- क्यों तेरा पति इतना मजा नहीं देता है क्या?
वह हंस दी और बोली- तुम चूतिया हो क्या?
मैं समझ गया कि जब उसका पति उसे सही से नहीं चोदता होगा तभी तो साली मेरे लौड़े पर कूदने राजी हुई.
मैंने उसे बाय बोला.
वह बोली- दुबारा आएगा क्या?
मैंने कहा- हां जरूर.
फिर उसने फोन अपने पति यानि मेरे दोस्त को दे दिया.
उससे बात हुई, तो वह बोला- जब तेरा मन करे, तब आ जाना और मेरी बीवी के साथ सेक्स कर लेना.
मैं समझ गया कि इसकी बीवी को अपने पति के लंड से चुदवाने में मजा नहीं आता है इसीलिए मेरे दोस्त ने मुझे अपनी बीवी की चुदाई के लिए सैट कर लिया है.
मैंने उसके बाद अपने दोस्त की बीवी को अनेकों बार चोदा है, अब तो वह मेरी पूरी से थोड़ी कम घरवाली हो गई है.
दोस्तो, मैं आशा करता हूँ कि आप सभी को मेरी पहली मराठी भाभी चुदाई कहानी पसंद आई होगी.
कोई गलती हुई हो तो माफ करना.
प्लीज अपने रिप्लाई ज़रूर करना, जल्दी ही दूसरी स्टोरी लेकर आऊंगा.
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