Latest Hindi Sex Stories added for who looking to read Hot Antarvasna Ki Story – मामी की पड़ोसन भाभी को चोदा to make every night hot about Hot Antarvasna Ki Story – मामी की पड़ोसन भाभी को चोदा story.
Story Start Here :
हॉट अन्तर्वासना की स्टोरी में मेरे मामा के घर के साथ एक भाभी मुझे बहुत पसंद थी. मैं अक्सर मामा के घर में रहता था. एक शाम उस भाभी ने मुझे अपने घर सुलाया.
नमस्ते दोस्तो, मैं राहुल हरियाणा रोहतक से हूँ.
जैसे सबको किसी ना किसी की तलाश होती है, वैसे ही मेरे साथ भी हो रहा था.
मेरे मामा जी के घर के बगल में झज्जर में एक भाभी रहती हैं.
वह इतनी खूबसूरत हैं कि मन करता था कि पूरी रात उनको चोदता रहूँ और पूरी रात उनकी चूत चाटता रहूँ.
पर किस्मत को ये मंज़ूर नहीं था.
मैं काफी समय से उनके नाम की मुठ मारता आ रहा था.
फिर एक दिन ऊपर वाले ने मेरी सुन ली और यह हॉट अन्तर्वासना की स्टोरी बन गयी.
मैं मामा जी के घर आया हुआ था.
शाम के टाइम वे मामा के घर आईं और मेरी मामी से बोलीं- दीदी, आज अनुज के पापा पड़ोस में शादी की बारात में गए हुए हैं, तो मैं और अनुज अकेले हैं. राहुल को हमारे घर सोने के लिए बोल दो प्लीज!
मामी ने हामी भर दी और मुझसे भाभी के घर में सोने का कह दिया.
भाभी के घर में सोने का सुनकर मेरा लंड तो पैंट के अन्दर से ही फड़कने लगा.
ऐसे लगा कि अभी इसी वक़्त भाभी को लिटा कर चोद डालूँ!
भाभी के जाते ही मैं बाथरूम में घुसा और लौड़े को चिकना कर लिया, झांटों को एक अखबार में पुड़िया बना कर बाहर फेंक आया.
रात को खाना खाकर मैं भाभी के घर पहुंच गया.
भाभी गेट खोलने आईं तो मैं उनको देखता ही रह गया.
मेरी तो सांस ही रुक गई.
वे क्या मस्त माल लग रही थीं.
भाभी ने ब्लैक कुर्ती, वाइट सलवार और ब्लैक दुपट्टा डाला हुआ था … ओये होये.
उनके तने हुए दूध और उठी हुई गांड मेरे लौड़े को फुलाने लगे थे.
भाभी ने मुझे देख कर स्माइल दी और अन्दर आने को कहा.
मैं अन्दर आ गया.
उनका बेटा टीवी देख रहा था और मैं उसकी मम्मी को.
भाभी का फिगर 34-30-36 का था.
उनके इस फिगर को और रसीला बनाने के लिए मेरा लंड 7 इंच लंबा और 3 इंच मोटा फड़फड़ा रहा था.
जैसे-तैसे इधर-उधर की बातें करके हम दोनों सोने आ गए.
भाभी और अनुज बेड पर सो गए और मैं बेड के पास चारपाई पर.
वे दोनों सो गए लेकिन मुझे नींद नहीं आ रही थी.
मेरे दिल और दिमाग़ में सिर्फ़ भाभी की चुत घूम रही थी.
मैं रात को अपने मोबाइल में पोर्न देखने लगा.
ब्लूटूथ कनेक्ट करके फुल वॉल्यूम पर मैं चुदाई का मजा लेने लगा था.
रूम में अंधेरा था, लाइट ऑफ थी.
पर मुझे पता नहीं था कि भाभी भी जाग रही हैं और मुझे यानी फोन को देख रही हैं.
मेरा ध्यान फोन में था.
अचानक भाभी ने मेरा फोन छीन लिया और लाइट ऑन कर दी.
मैं डर गया कि अब क्या होगा!
भाभी बोलीं- यह क्या कर रहे हो … बोलो न!
मैं कुछ बोल ही नहीं पा रहा था.
वे बोलीं- इन सबको देखकर क्या मिलता है तुझको?
मैंने कहा- कुछ नहीं भाभी जी … व्वो वो …!
‘व्वो व्वो क्या … जब कुछ नहीं मिलता है तो क्यों देखते हो?’
मैंने नजरें झुकाते हुए कहा- बस अच्छा लगता है!
वे बोलीं- किसको?
मैंने कहा- मुझे … और इसको!
मैं अपने लंड को सहलाते हुए इशारा किया.
भाभी ने हल्की-सी स्माइल दी और बोलीं- इसको किसको?
मैंने फिर से लंड की तरफ़ इशारा किया- इसको!
उन्होंने एक थोड़ी और कंटीली सी मुस्कुराहट दे दी.
वे इठला कर बोलीं- अच्छा … इसे कैसे अच्छा लगता है? जरा मैं भी तो देखूँ कि इसमें क्या अच्छा दिखने लगा है!
मैं चुप रहा.
अब उन्होंने खुद ही अपना हाथ आगे बढ़ा कर लंड से लगाते हुए उसे टच किया.
मेरा लंड तो पहले से ही तैयार था और एकदम कड़क हो गया था.
भाभी ने कड़क लंड का अहसास किया तो वे बोलीं- अरे बाप रे … यह तो इतना बड़ा हो गया है … ये कैसे हो गया? अब इसको तो चुप करवाने के लिए कुछ चाहिए होगा ना!
मैं बोला- चाहिए तो बहुत कुछ है भाभी जी … लेकिन मिलता ही नहीं है!
यह सुनकर वे मुस्कुरा दीं और धीरे-धीरे मेरे लंड को सहलाने लगीं.
मैं भाभी के कोमल हाथ के स्पर्श से आसमान पर उड़ने लगा था.
मैंने भी उनकी चूचियों पर हाथ फेरना शुरू कर दिया.
अब उनकी गर्म गर्म सांसें तेज़-तेज़ चलने लगी थीं.
हम दोनों ने होंठों से होंठ चिपका लिए, एक-दूसरे को लिप-किस करने लगे.
दोस्तो, सबसे ज़्यादा मज़ा तो लिप-किस और चूत चाटने में ही आता है.
अब हम धीरे-धीरे एक-दूसरे के कपड़े निकालने लगे.
करीब 20 मिनट की लंबी किसिंग के बाद हम दोनों पूरे नंगे हो गए.
मैंने भाभी को नीचे लिटाया और उनकी चूत को जीभ से चोदने लगा.
आह कितनी प्यारी, रसीली चूत थी भाभी की.
वे मेरी जीभ के स्पर्श से मस्त होने लगी थीं और लंबी-लंबी सिसकारियां लेने लगी थीं ‘आआहह … उउफ़्फ़्फ़ … राहुल … !’
ऐसी मादक ध्वनि में भाभी की कामुक आवाज निकल रही थी कि मन बेकाबू होता जा रहा था.
भाभी अपनी टांगें एकदम हवा में उठाती हुई मेरे सर को अपनी चुत में ऐसे दबा रही थीं मानो मुझे चुत के रास्ते अन्दर निगल लेंगी.
मेरा दिल कर रहा था कि आज भाभी की पूरी चूत खा ही जाऊं.
कुछ देर बाद भाभी ने कहा- मुझे भी केला चूसना है!
मैंने उनकी आंखों में मस्त नजरों से देखा और कहा- चूसो न .. आपको किसने रोका है!
वे हंस दीं और हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए.
भाभी मेरा लंड मस्त चूस रही थीं और पूरा लौड़ा अपने गले के अंतिम छोर तक लेती हुई गों गों कर रही थीं.
आआहह … पहली बार लंड को इतनी मस्त चुसक्कड़ रांड मिली थी.
कुछ देर बाद मैंने उनको चुदाई की पोजीशन में अपने नीचे लिटा लिया.
उनकी दोनों टांगें खोलीं और लंड को उनकी चूत पर सैट कर दिया, होंठों में होंठ फंसा दिए और प्यार से टोपा अन्दर ठूँस दिया.
ओये होये … क्या गर्म चूत थी भाभी की … बिल्कुल लावा की तरह तप रही थी.
उनकी कामुक आह निकलने लगी थी.
मैंने धीरे धीरे करके पूरा लंड चुत के अन्दर पेल दिया और चुदाई शुरू कर दी.
भाभी भी अपनी कमर उठा उठा कर पूरी टक्कर दे रही थीं.
कुछ 3-4 मिनट ऐसे ही चोदने के बाद मैंने भाभी को अपने ऊपर लिटा लिया.
वे लपक कर मेरे लंड के ऊपर बैठ गई और खुद ही ऊपर-नीचे होने लगीं.
उनके दोनों दूध मेरे मुँह में बारी बारी से अपना रस छोड़ने लगे और मैं भी उनके दोनों मम्मों को हाथ से मसलता हुआ चूस चूस कर चुत में लंड रगड़ रहा था.
कुछ दस मिनट की मस्त चुदाई के बाद मेरा पानी निकल गया.
अब तक भाभी भी एक बार झड़ चुकी थीं.
मेरे लौड़े की गर्मी से वे दूसरी बार भी स्खलित हो गईं.
वैसे तो वे एक बार चूत चाटते वक़्त भी झड़ चुकी थीं और उन्होंने चुदाई करते हुए भी दो बार अपनी चुत से रस छोड़ दिया था.
भाभी मेरे सीने पर ही ढेर हो गईं और लंबी लंबी सांसें लेती हुई मुझे पुनः गर्म करने लगीं.
मैं भी उनके दूध मसलते हुए उन्हें पुनः जागृत करने में लग गया.
कुछ मिनट बाद मेरा लंड फिर से सलामी देने लगा.
अबकी बार मैंने भाभी को डॉगी स्टाइल में किया और पीछे से उनकी चुत में लंड डाल दिया और बाल पकड़ कर ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारने लगा.
मेरे हर धक्के के साथ भाभी मस्त चीख रही थीं- आआहह … हाँ … और ज़ोर से!
वे ज़ोर-ज़ोर से सांसें भी ले रही थीं और जोर जोर से चुदाई करने के लिए कह रही थीं.
कुछ देर बाद मैंने चुदाई रोकी और फिर से भाभी की चूत को अपनी जीभ से चाटते हुए चोदना शुरू कर दिया.
भाभी तो ऐसे कराहने लगी थीं … मानो पहली बार चुत चटवा रही हों.
वे तड़प रही थीं और चिल्लाने लगी थीं- आह मादरचोद … अब वापस लंड पेल दो न भोसड़ी के राहुल … अन्दर डाल कर चोद दे मुझे … आह खा जा मेरी चूत को … आह आह!
तभी भाभी का काम तमाम हो गया.
मैंने उनकी चुत से निकला सारा पानी पी लिया.
मस्त नमकीन और खट्टा सा पानी पीकर मुझे नशा सा छा गया था.
मैंने चुत को कपड़े से साफ़ किया और फिर से चाटने लगा.
मैं भाभी की चुत को चाट कर वापस उन्हें गर्म करने में लग गया.
भाभी जब फिर से पूरी गर्म हो गईं तो मैंने इशारा किया कि अब आप भी मेरा मुँह में ले लो!
वे मान गई और मेरी छाती के ऊपर आकर 69 में बैठ गईं.
भाभी ने अपनी चूत मेरे मुँह में लगा दी और लौड़े को चूसने लगीं.
वे काफी मस्त गर्म हो चुकी थीं … और बहुत प्यार से लौड़े को चूस रही थीं, लंड के बाहर ऊपर से नीचे तक जीभ फेर रही थीं.
मुझे तो जैसे जन्नत मिल गई थी.
इतना मज़ा आ रहा था कि पूछो मत.
फिर मैं धीरे-धीरे उनके मुँह को चोदने लगा, लौड़े को गले तक पेल कर अन्दर-बाहर कर रहा था.
भाभी की सांसें फूल रही थीं.
उन्होंने ने मुझे इशारा किया तो मैं भी उनकी चूत चाटने लगा.
कसम से दोस्तो, जो मज़ा चूत चाटने में आता है, वह कहीं नहीं आता.
आई लव चुत सकिंग एंड किसिंग.
मैं उनकी चूत को चाट भी रहा था और साथ ही साथ उसमें उंगली भी डाल रहा था, एक हाथ से उनके बूब्स ज़ोर-ज़ोर से दबा रहा था.
कुछ मिनट की लंबी चटाई के बाद मैंने उनको लिटाया और लंड को एक ही झटके में पूरा चूत में डाल दिया.
‘आह धीरे से पेलो न!’
मैंने कहा- अब धीरे पेलने में मजा नहीं आता भाभी जी. अब तो धाँय धाँय बंदूक चलाने में मजा आता है.
भाभी हंस कर मुझे चूमती हुई बोलीं- सच में मेरे राजा … तेरे अन्दर बड़ी ताकत है. कब से मेरी चुत चाट रहा है और अब चोदने में उतनी ही मस्ती दिखा रहे हो!
मैंने उनके एक दूध को अपने मुँह में भरा और चूसते खींचते हुए उन्हें हंस कर देखा फिर मुँह से दूध छोड़ कर कहा- भाभी जी आप भी मस्त चुदवाती हो यार … सच में एकदम मक्खन माल हो!
वे हंस कर बोलीं- मक्खन माल को तेज छुरी से काट रहे हो न!
मैंने कहा- हां मेरी जान भाभी जी, आपकी मक्खन सी चुत चोदने में बड़ा मजा आ रहा है.
वे गांड उठाती हुई बोलीं- हां तो चोदो न मेरे राजा जानी.
भाभी को चोदने में मुझे जन्नत का सा अहसास हो रहा था.
सच में मस्त मखमली चुत थी भाभी की.
कुछ देर बाद मैं अपने लौड़े को धीरे-धीरे अन्दर-बाहर करने लगा … कभी होंठों पर लंबी किस कर देता, तो कभी गर्दन पर चूम लेता. कभी कान में किस करता जा रहा था.
‘फच्छ-फच्छ’ की आवाज़ से पूरा रूम गूँज रहा था और भाभी की आवाज़ दूर तक जा रही थी.
‘आह और तेज़ राहुल … और तेज़ … आआह.’
भाभी की इस आवाज़ से मेरे अन्दर जोश और बढ़ रहा था.
मेरा होने वाला था, मैंने पूछा- भाभी, मेरा होने वाला है … रस किधर लोगी?
तो वे झड़ती हुई बोलीं- अन्दर ही निकल दो मेरी जान … भर दो मेरी चूत को!
बस 3-4 मिनट की तेज़ चुदाई के बाद मेरा लंड झड़ गया.
मैं भाभी के ऊपर ही लेट गया.
प्यार भरी किसिंग करके हमने सोने की तैयारी की.
फिर एक-दूसरे को बांहों में भर कर हम दोनों नंगे ही लेट कर बातें करने लगे.
उस रात मैंने भाभी को कई बार चोदा.
भाभी मस्त हो गई थीं और कह रही थीं कि अब तुम मुझे रोज चोदना.
दोस्तो, ये मेरी पहली सेक्स कहानी है.
मुझे पता है इस हॉट अन्तर्वासना की स्टोरी में बहुत गलतियां हो सकती हैं, पर अपना दोस्त समझ कर माफ़ कर देना और अपने कमेंट्स जरूर भेजना.
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