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Story Start Here :
बॉडी हीट सेक्स कहानी में मेरी मम्मी को कई दिन से लंड नहीं मिला था, वे चुदाई के लिए तड़प रही थी. तब मैंने उनकी पसंद के आदमी को रात में बुलाकर मम्मी को चुदवाया.
फ्रेंड्स, मैं सुनील सिंह एक बार पुन: अपनी मम्मी की गैर मर्द से चुदाई की रसीली सेक्स कहानी का अगला भाग लेकर हाजिर हूँ.
कहानी के पिछले भाग
सेक्सी मम्मी की चूत की मालिश
में अब तक आपने पढ़ लिया था कि मेरी मम्मी को जलील अंकल ने बाग में जमीन पर लिटा कर रगड़ कर चोद दिया था, जिस वजह से उनके बदन में छिलने के निशान बन गए थे.
यह देख कर मैंने जलील अंकल से मम्मी को नहीं चोदने की बात कह दी थी.
जलील अंकल मुझसे मम्मी को चोदने देने की इजाजत मांगने लगे थे.
मैंने उन्हें साफ मना कर दिया था और उनका नंबर भी ब्लॉक कर दिया था.
अब आगे बॉडी हीट सेक्स कहानी:
मम्मी कपड़े पहन कर उठीं और जाने लगीं.
मैंने पूछा- मम्मी, आप कहां जा रही हैं?
मम्मी बोलीं- शाम हो गई है बेटा, आज मुझे पूजा करनी है, दीपक जलाने हैं. मैं नहाने जा रही हूँ.
मैं अपने कमरे में चला गया.
एक घंटे बाद जब वापस आया तो मेरे तोते उड़ गए.
मम्मी लाल साड़ी में बिल्कुल कामवासना की मूरत लग रही थीं
मम्मी ने शरारत से पूछा- क्या देख रहा है इतना गौर से?
मैंने तारीफ़ की- मम्मी आज आप लाल साड़ी में बिल्कुल हिरोइन लग रही हो.
मम्मी ने मुँह फुलाकर कहा- हिरोइन लगूँ या चुड़ैल, क्या फर्क पड़ता है?
मैंने पूछा- मम्मी, आप गुस्सा क्यों हो रही हो?
मम्मी चिढ़कर बोलीं- चुप कर सुनील, मेरा दिमाग खराब मत कर!
मैंने कुछ नहीं कहा.
मम्मी का चेहरा देखकर साफ़ पता चल रहा था कि वे जलील अंकल से मिलने के लिए बेचैन हैं.
उनकी बॉडी हीट सेक्स मांग रही थी.
मैं चुपके से घर से बाहर गया और जलील अंकल को फोन मिलाया.
फोन उठाते ही जलील रोने लगे- बेटा … मैं तेरी मम्मी से बहुत प्यार करता हूँ. मैं उससे दूर रहकर नहीं रह सकता.
मैंने कहा- अंकल, मेरी मम्मी भी आपसे बहुत प्यार करती हैं. वे भी आपके बिना नहीं रह सकतीं. लेकिन मैं क्या करूँ? मैं अपनी मम्मी की छिली हुई पीठ नहीं देख सकता!
जलील गिड़गिड़ाया- बेटा, मुझे माफ कर दे … अब ये गलती मैं कभी नहीं करूँगा.
मैंने फिर से साफ़ कह दिया- अंकल, आप कुछ भी कह लो … मेरी मम्मी अब बाग में नहीं जाएंगी.
जलील अंकल ने गिड़गिड़ाते हुए कहा- बेटा तू मुझ पर इतना ज़ुल्म क्यों कर रहा है?
मैं हंसते हुए बोला- अंकल, मैं तो बस मज़ाक कर रहा था. मुझे देखना था कि आप दोनों एक-दूसरे से कितना प्यार करते हो. मेरी मम्मी भी तो आज मुझ पर बहुत गुस्सा थीं.
जलील अंकल राहत की सांस लेते हुए बोले- बेटा, ऐसा मज़ाक दोबारा मत करना!
मैंने मुस्कुराकर कहा- अंकल, परेशान मत हो. आज रात ठीक 10 बजे आप मेरे कमरे में आ जाना. मैं मम्मी को यहीं बुला लूँगा. फिर आप दोनों खूब मज़े करना.
जलील अंकल खुशी से चिल्लाए- बेटा तू सच बोल रहा है ना?
मैंने पक्का वादा किया- अंकल, बिल्कुल सच बोल रहा हूँ. आप बस मेरे कमरे में आ जाना.
फिर मैंने फोन काट दिया.
तभी मम्मी आ गईं और प्यार से बोलीं- बेटा, चल ना खाना खा ले.
मैंने कहा- ठीक है मम्मी, आप चलो, मैं आता हूँ.
मम्मी मुस्कुराती हुई बोलीं- तू मुझसे नाराज़ तो नहीं हो गया ना? मैंने बेवजह डाँट दिया था.
मैंने प्यार से कहा- मम्मी, मैं आपका बेटा हूँ आप मुझे थप्पड़ भी मार देंगी तो मुझे बुरा नहीं लगेगा.
मम्मी हंस पड़ीं- चल फिर मेरे साथ!
हम दोनों साथ-साथ खाना खाने चले गए.
बीस मिनट बाद मैं खाना खाकर अपने कमरे में वापस आ गया.
ठीक एक घंटे बाद किसी ने दरवाज़ा खटखटाया.
मैंने दरवाज़ा खोला तो जलील अंकल खड़े थे.
मैंने हैरानी से कहा- अंकल आप इतनी जल्दी? अभी तो 9 ही बजे हैं … चलो जल्दी अन्दर आ जाओ.
जलील अंकल मेरे कमरे में आ गए.
मैं बेड पर लेट गया और बोला- अंकल, आप भी मेरे बगल में लेट जाइए.
जलील अंकल मेरे पास लेट गए और बेचैनी से पूछा- बेटा, तेरी मम्मी कब आएंगी?
मैंने शरारत से कहा- मैंने मम्मी को अभी नहीं बताया कि मैंने आपको बुलाया है.
जलील अंकल घबरा गए- क्या? तूने अपनी मम्मी को क्यों नहीं बताया?
मैंने हंसकर कहा- अंकल, मैं मम्मी को सरप्राइज़ देना चाहता हूँ … आप बस चुपचाप रहिए.
फिर मैंने पापा के नंबर पर कॉल किया और बोला- पापा, मम्मी से बात करनी है.
मम्मी ने फोन उठाया- बेटा, तेरे पापा सो गए.
मैंने बनावटी आवाज़ में कहा- मम्मी, मुझे बहुत प्यास लगी है … पानी चाहिए.
मम्मी बोलीं- ठीक है, लाती हूँ.
दो मिनट बाद मम्मी ने दरवाज़े पर कहा- बेटा, दरवाज़ा खोल.
मैंने मज़े लेते हुए कहा- मम्मी, दरवाज़ा लॉक नहीं है, आप अन्दर आ जाओ.
मम्मी कमरे में आईं, पानी का ग्लास टेबल पर रखा और जाने ही वाली थीं कि अचानक जलील अंकल ने उनका हाथ पकड़ लिया और खींचकर बिस्तर पर गिरा लिया.
मम्मी चौंककर चिल्लाईं- सुनील ये तू क्या कर रहा है?
मैंने मासूमियत से कहा- मम्मी, मैंने कुछ नहीं किया.
मम्मी ने पीछे मुड़कर देखा तो जलील अंकल को देखकर सांस रुक गई
जलील अंकल ने मम्मी को कसकर पकड़ लिया और बोले- मुझे यहां तुम्हारे बेटे ने बुलाया है.
मम्मी हैरान होकर बोलीं- सुनील, तूने इन्हें यहां क्यों बुलाया?
मैंने मुस्कुराते हुए कहा- मम्मी, आज पूजा है. अगर आज की रात आप खुश रहेंगी तो पूरा साल खुश रहेंगी … इसलिए मैंने आपको खुश करने के लिए जलील अंकल को बुला लिया. अगर आपको बुरा लगा हो तो माफ कर दीजिए.
मम्मी मुस्कुराती हुई बोलीं- बेटा मुझे बुरा क्यों लगेगा? मैं तो बहुत-बहुत खुश हूँ.
मैंने हंसकर कहा- अंकल, अब आप यहां मेरी मम्मी के साथ जो मर्ज़ी करो. यहां कोई नहीं आ सकता.
जलील अंकल ने मम्मी से प्यार भरी आवाज़ में कहा- रेखा, आंखें बंद करो.
मम्मी ने शर्माते हुए आंखें बंद कर लीं.
जलील अंकल ने अपनी जेब से एकदम नया आईफोन निकाला और मुझे देते हुए बोले- बेटा इसमें अपनी मम्मी का सिम डाल देना … ये मैं तेरी मम्मी के लिए लाया हूँ.
मम्मी ने आंखें खोलकर कहा- अरे मुझे स्मार्टफोन की क्या ज़रूरत? मैं तो कीपैड वाला फोन चलाती थी.
जलील अंकल ने शरारत से कहा- रेखा, पहले तुझे रामसिंह चलाता था … अब मैं चलाता हूँ.
मम्मी शर्माकर मुस्कुराईं और बोलीं- ये फोन कितने रुपए का है?
जलील अंकल ने गर्व से कहा- एक लाख बावन हज़ार रुपए का.
मम्मी चौंक गईं.
मैंने तुरंत कहा- मम्मी ये आईफोन है इतना महंगा फोन पूरे गांव में सिर्फ़ प्रधान जी के पास है.
मम्मी ने मना किया- नहीं-नहीं इतना महंगा फोन मैं नहीं ले सकती.
जलील अंकल नाराज़गी जताते हुए बोले- रेखा, अगर तू ये फोन नहीं लेगी तो मैं इसे अभी तोड़ दूँगा.
मैंने बीच में कहा- मम्मी, अंकल इतने प्यार से आपके लिए लाए हैं. आपको तो खुश होना चाहिए, आप गुस्सा हो रही हो.
मम्मी प्यार से बोलीं- बेटा, मैं नहीं चाहती कि ये मेरे पीछे अपने पैसे बर्बाद करे.
जलील अंकल ने गहरी सांस लेकर कहा- रेखा अगर मेरा बस चले तो मैं तेरे लिए ताजमहल ही ले आऊं.
मम्मी की आंखें भर आईं.
वे मुस्कुरा कर बोलीं- मुझे ताजमहल की नहीं … सिर्फ़ आपके प्यार की ज़रूरत है.
जलील अंकल ने जेब से एक चमचमाता मंगलसूत्र निकाला और मम्मी के गले में पहना दिया.
मम्मी मंगलसूत्र देखकर भावुक हो गईं और बोलीं- इसकी क्या ज़रूरत थी?
जलील अंकल ने कहा- रेखा ये तुम्हारे लिए एक छोटा सा गिफ्ट है … पसंद नहीं आया क्या?
मम्मी ने आंसुओं के साथ मुस्कुराते हुए कहा- बहुत-बहुत पसंद आया.
मैंने मज़ाक में कहा- मम्मी उस दिन अंकल ने आपको अंगूठी पहनाकर मँगनी कर ली थी. आज मंगलसूत्र पहनाकर शादी भी कर ली. अब आप सच में अंकल की पत्नी बन गईं.
मम्मी ने शर्माते हुए कहा- धत् बदमाश.
जलील अंकल ने मम्मी के होंठों पर लंबा किस किया और बोले- रेखा, तेरा बेटा बहुत अच्छा है.
मम्मी ने प्यार से कहा- आप बिल्कुल सही बोल रहे हैं. मेरा बेटा बहुत समझदार है … इसे अच्छे से पता है मुझे कब क्या चाहिए होता है!
जलील अंकल ने अपना मोटा लंड अंडरवियर से बाहर निकालकर हिलाते हुए कहा- बेटा, तेरी मम्मी को तो यही चाहिए.
मम्मी लंड देख कर शर्मा गईं और बोलीं- आप कितने बेशर्म हो!
मैंने हंसकर कहा- अंकल, अपनी मम्मी को यही दिलवाने के लिए मैंने आपको यहां बुलाया है.
जलील अंकल मेरी बात सुनते ही मम्मी के ऊपर चढ़ गए.
वे फटाफट ब्लाउज़-ब्रा उतार कर मम्मी की भारी चूचियों को ज़ोर-ज़ोर से दबाने लगे, निप्पल मुँह में लेकर चूसने लगे.
मम्मी मादक सिसकारियां लेने लगीं- अहहह … उह … अहह … आउच … उफ्फ़ … अहह … और पियो ना … अहहह … उह … अहह … उह …
पांच मिनट बाद जलील अंकल ने मम्मी की साड़ी-पेटीकोट भी उतार दिया.
अब मम्मी सिर्फ़ पैंटी में थीं.
जलील अंकल उनकी मोटी-मोटी जांघें चाट रहे थे और मम्मी के मुँह से लगातार मदहोश करने वाली आवाज़ें निकल रही थीं ‘अहहह … उह … अहह … उह … अहह … अहहह … उह …’
फिर अचानक जलील अंकल ने मम्मी की पैंटी एक झटके में उतार दी.
मम्मी अब बिल्कुल नंगी थीं.
जलील अंकल उनकी चूत देखकर दंग रह गए और झुककर चूत पर लंबा किस करके बोले- रेखा आज तेरी चूत तो और भी ज़्यादा सुंदर लग रही है. तूने फ्रेंच कट छोड़ा है ना … कमाल कर दिया यार, तेरी गोरी चूत पर ये छोटे-छोटे काले बाल इतने सेक्सी लग रहे हैं कि क्या ही कहूँ … पहले मैंने सिर्फ़ तेरी झांटों का जंगल और चूत का छेद देखा था … आज पहली बार तेरी पूरी चूत देखी है. इतनी बड़ी, इतनी सुंदर चूत पूरी दुनिया में नहीं होगी और ऊपर से ये फ्रेंच कट सैटिंग … वाह.
मम्मी शर्माती हुई मुस्कुराईं और बोलीं- मेरी झांटें सुनील ने काटी हैं … और इस पर यह फ्रेंच कट भी इसी ने बनाया है.
जलील अंकल चौंककर मेरी तरफ़ देखा … फिर ज़ोर से हंसकर बोले- बेटा तूने अपनी मम्मी की चूत पर फ्रेंच कट डिजायन बनाकर कमाल कर दिया. मुझे बहुत पसंद आया. अब जब मेरी झांटें बड़ी होंगी तो तू ही काटना … और मेरे लंड पर भी ऐसा ही डिज़ाइन बना देना!
मैंने कुछ नहीं कहा, बस मुस्कुरा दिया.
फिर जलील अंकल ने मम्मी की टांगें चौड़ी कीं, चूत का दरवाज़ा खोला और अपनी जीभ अन्दर घुसेड़ कर चाटने लगे.
मम्मी तड़प उठीं- अहहह … उह … अहह … उह … आउच … अहहह … उह … मर गई!
फिर मम्मी ने उनका सिर पकड़ कर अपनी चूत में दबा लिया- अहहह … उह … अहह … उह … आउच … अहह … और चाटो … अह … बहुत मज़ा आ रहा है जानू … अहहह … उह … और चाटो … अहह …
जलील अंकल 69 की पोजीशन में आ गए.
मम्मी ने उनका मोटा लंड पकड़ कर मुँह में ले लिया.
अब एक तरफ़ जलील अंकल मम्मी की चूत चाट रहे थे, दूसरी तरफ़ मम्मी उनका लंड ज़ोर-ज़ोर से चूस रही थीं.
पांच मिनट बाद मम्मी चीख पड़ीं- अब मुझसे बर्दाश्त नहीं होता … मेरी चूत में शोले भड़क रहे हैं.
जलील अंकल मम्मी के ऊपर से हटे, एक टांग कंधे पर रखी और लंड का टोपा चूत पर रखकर ज़ोरदार झटका मारा पूरा मोटा लंड एक ही बार में मम्मी की चूत में समा गया.
मम्मी की ज़ोरदार चीख निकल गई- अहहह … आउच … हाय दय्या… मर गई … अहहह … आउच … अहहह … उफ्फ़ … अहह!
जलील अंकल ने डरते हुए कहा- रेखा, धीरे बोलो … कोई सुन लेगा.
मम्मी सिसकारियां लेती हुई बोलीं- अह हह … इतनी स्पीड से इतना मोटा लंड घुसेगा तो चीख तो निकलेगी ही!
जलील अंकल ने पूछा- धीरे करूँ?
मम्मी ने मादक आवाज़ में कहा- अहह … धीरे-धीरे करवाने में मज़ा नहीं आता… अह हह … उह …
मैंने तुरंत टीवी का वॉल्यूम बढ़ा दिया और बोला- अंकल, अब आप मेरी मम्मी को जितना मर्ज़ी उतना तेज़ चोदो … आवाज़ बाहर नहीं जाएगी.
दोस्तो, मुझे उम्मीद है कि आपको मेरी मम्मी की चुदाई की रसीली सेक्स कहानी को पढ़ कर मजा आ रहा होगा.
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