Pussy Massage Sex Kahani – सेक्सी मम्मी की चूत की मालिश

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Story Start Here :

पुसी मसाज़ सेक्स कहानी में मेरी मम्मी को गैर लंड की आदत हो चुकी थी. वे मेरे सामने भी पराये मर्दों से चुद जाती थी. एक दिन मम्मी की मालिश करते हुए मैंने उनकी पीठ पर खरोंचें देखी.

दोस्तो, मैं सुनील सिंह आप सभी का स्वागत करता हूँ.

मेरी इस देसी मॉम सेक्स कहानी में आपने अब तक पढ़ लिया था कि मैंने अपनी मम्मी के लिए पहले राज अंकल के लौड़े का इंतजाम किया था और उसके बाद जलील अंकल के लंड से उन्हें चुदवा दिया था.

इसको पुनः पढ़ने के लिए नीचे दी गई लिंक को खोलें.
मम्मी की प्यासी चुत और गैरमर्द का लंड
इस सब वाकियात में मेरी मम्मी मेरे सामने पूरी तरह से खुल चुकी थीं और उन्हें अब मेरे सामने पूरी नंगी होकर एक गैर मर्द के लौड़े से चुदने में भी कोई संकोच नहीं होता था.

इस पुसी मसाज़ सेक्स कहानी में अब आगे क्या क्या हुआ, उसका आनन्द लें.

जलील अंकल के लंड से मम्मी की चुदाई हुए आज 12 दिन हो गए थे.

दोपहर का समय था, पापा बाज़ार गए हुए थे और मम्मी अपने कमरे में आराम कर रही थीं.

मैं उनके पास गया और पूछा- मम्मी, आपकी तबीयत तो ठीक है ना?

मम्मी बोलीं- हां बेटा, बस पैरों में थोड़ा दर्द हो रहा है … तुम परेशान मत हो, थोड़ी देर में ठीक हो जाएगा.

मैं मम्मी के पास बैठ गया और उनके पैर दबाने लगा.
फिर मैं बोला- मम्मी, वह आपके साइड में रखा तेल दे दीजिए ना … मैं आपके पैरों में तेल लगाकर अच्छे से मालिश कर देता हूँ.

मम्मी ने बेड के ड्रॉअर के ऊपर रखी तेल की बोतल उठा कर मुझे दे दी.
मैंने अपने हाथ में तेल लिया और उनके पैरों में लगाकर मालिश शुरू कर दी.

पांच मिनट बाद मैंने कहा- मम्मी, साड़ी थोड़ा ऊपर कर लीजिए ना … तेल आपकी साड़ी में लग रहा है.

मम्मी मुस्कुराईं और बोलीं- बेटा, तू खुद ही कर दे.

चूंकि मैं तो मम्मी को नंगी होकर चुदवाते हुए भी देख चुका था तो उनका मुझसे सारा संकोच खत्म हो गया था.

मैंने भी बेखौफ मम्मी की साड़ी उनकी जांघों तक ऊपर कर दी.
अब मम्मी की पैंटी साफ़ दिख रही थी.

उनकी गोरी-गोरी, मोटी-मोटी जांघें देखकर मैं मदहोश हो गया.

मालिश करते-करते मैंने धीरे से अपना हाथ मम्मी की चूत पर फेर दिया.
मम्मी के मुँह से तुरंत ही एक मादक सिसकारी निकली- अहह …

लेकिन मम्मी ने कुछ नहीं कहा.
इससे मेरी हिम्मत बढ़ गई.

मैंने कहा- मम्मी, साड़ी और पेटीकोट पूरी उतार दीजिए ना … मालिश करने में दिक्कत हो रही है!

मम्मी ने बिना कुछ बोले साड़ी और पेटीकोट उतार दिया.
अब वे सिर्फ़ ब्लाउज़ और पैंटी में थीं.

मैंने उनकी मोटी-मोटी जांघों पर खूब तेल लगाकर मालिश शुरू की.
जांघों की मालिश करते-करते मैंने अपना हाथ मम्मी की पैंटी के अन्दर डाल दिया और उनकी चूत सहलाने लगा.

मम्मी की सांसें तेज़ हो गईं ‘अह … उह … अहह … उह … अहह …’

मैंने कहा- मम्मी, पैंटी भी उतार दीजिए ना … आपकी चूत की भी अच्छे से मालिश कर देता हूँ!

इस बार मैंने खुले शब्दों में चुत की मालिश करने की बात कही थी तो मम्मी शर्मा गईं.

वे शर्माती हुई मुस्कुराईं और बोलीं- तू खुद ही उतार दे ना शैतान!

मैंने फटाक से मम्मी की पैंटी उतार दी.
अब मम्मी नीचे से पूरी नंगी थीं.

मैंने हाथ में खूब सारा तेल लिया और मम्मी की चूत पर रखकर चुत की पुत्तियों को सहलाने लगा.

मम्मी की कामुक आवाज़ें तेज़ हो गईं- अहहह … उह … अहह … क्या कर रहा है बेटा आह बड़ा अच्छा लग रहा है.
यह कहते हुए उन्होंने अपनी टांगें पूरी तरह से फैला दीं और अपनी चुत की मालिश का मजा लेने लगीं.

उनकी चुत के इर्द-गिर्द बड़ी बड़ी झांटें थीं.
मैंने मज़ाक में कहा- मम्मी, आप अपनी झांटों का जंगल साफ़ क्यों नहीं करतीं?
मम्मी हंसकर बोलीं- अरे तू मालिश कर ना … तुझे मेरी झांटों से क्या प्रॉब्लम है?

मैंने कहा- मम्मी, मुझे तो कोई दिक्कत नहीं … लेकिन जलील अंकल को तो है ना!

मम्मी बोलीं- बेटा टेंशन मत ले, इस बार जब मैं उनसे मिलने जाऊंगी तो झांटें साफ़ करके जाऊंगी!

मैंने मज़ाक में कहा- मम्मी, अगर आप कहें … तो मैं अभी आपकी झांटें साफ़ कर दूँ?

ये सुनते ही मम्मी नाटकीय गुस्सा दिखाती हुई बोलीं- सुनील तेरा दिमाग खराब हो गया है क्या? तू ये सोच भी कैसे सकता है? तू मेरा बेटा है … क्या मैं अपने बेटे से अपनी झांटें साफ़ करवाऊंगी?

मैंने मासूमियत से कहा- मम्मी, मैं तो उसी जगह से निकला हूँ ना … उसी को साफ़ करना चाहता था. अगर बुरा लगा तो माफ कर दीजिए!

मम्मी जोर से हंस पड़ीं और बोलीं- अरे पागल तू मेरी चूत से नहीं निकला है … तू ऑपरेशन से पैदा हुआ था!

मैंने मज़ाक में कहा- मम्मी, आप तो बहुत नॉटी हो गई हो. निकला तो आपके पेट से ही हूँ न!

मम्मी हंसती हुई बोलीं- अच्छा? तो बता ना बेटा, तू मेरी झांटें कैसे साफ़ करेगा?

मम्मी की बात सुनकर मैं तुरंत अपने रूम में भागा.
वहां से अपना ट्रिमर और रेज़र लिया और दौड़ता हुआ वापस मम्मी की चूत के पास आ पहुंचा.

मैंने सबसे पहले ट्रिमर ऑन किया और मम्मी की घनी झांटों को काट-काटकर छोटा कर दिया.
फिर रेज़र से बहुत आराम से, सिर्फ़ चूत के ऊपर एक पतली ‘फ्रेंच कट’ लाइन छोड़कर बाकी सारी झांटें साफ़ कर दीं.
कपड़े से पौंछकर मम्मी की चूत को मैंने एकदम चिकना और चमकदार बना दिया

मम्मी ने आंखें खोलीं और नीचे देखकर बोलीं- अरे बेटा तूने ऊपर ये चार-पांच बाल क्यों छोड़े हैं?

मैंने शरारती अंदाज़ में कहा- मम्मी, ये फ्रेंच कट डिज़ाइन है … आपने पोर्न फिल्मों में देखा होगा ना … हीरोइनों की चूत पर ऐसा ही रहता है!

मम्मी मज़ाकिया गुस्सा दिखाती हुई बोलीं- हां देखा है लेकिन मैं कोई पोर्न फिल्म की हीरोइन थोड़े ना हूँ बेटा!

मैंने तारीफ़ करते हुए कहा- मम्मी, आपके सामने तो पोर्न की हीरोइनें भी फेल हैं. आपकी गोरी-गुलाबी चूत पर ये काले बाल कमाल के लग रहे हैं. जलील अंकल तो इसे देखते ही पागल हो जाएंगे.

ये सुनकर मम्मी जोर-जोर से हंसने लगीं.
उनकी चिकनी, बड़ी और इतनी सुंदर चूत देखकर मेरी हालत सच में खराब हो गई.

मैंने फिर से तेल लिया, मम्मी की चूत पर डाला और खूब मसलने लगा.

मम्मी आंखें बंद करके मज़े लेने लगीं ‘अहहह … उह … अहह … उह … अहह … उह … अहहह …’

पांच मिनट बाद मैं खुद को कंट्रोल नहीं कर पाया और अपनी एक उंगली धीरे से मम्मी की चूत में घुसेड़ दी.

मम्मी एकदम उछल पड़ीं- अहहह … उह … आउच सुनील तू ये क्या कर रहा है? अहहह …

मैं उनकी बात को नजरअंदाज करते हुए चुपचाप उंगली अन्दर-बाहर करने लगा.

मम्मी मादक सिसकारियां लेती हुई बोलीं- अहहह … सुनील तू ये क्या कर रहा है … अहहह … मैं तेरी मां हूँ!

मैंने धीरे से कहा- मम्मी, आपको मज़ा नहीं आ रहा क्या?

मम्मी की सांसें तेज़ हो गईं- अहहह … सुनील … तूने तो आज मुझे बहुत गर्म कर दिया है … अह … उह … अहह … मुझे बहुत मज़ा आ रहा है … अहहह … उह … आउच … अहह … उफ्फ़ … अहहह … और करो बेटा … अहहह … उह … अहह!

पूरे पांच मिनट तक मम्मी की चुत में मेरी उंगली चलती रही.
आख़िरकार मम्मी झड़ गईं और पूरी तरह शांत होकर लेट गईं.

पुसी मसाज़ करके मैंने कपड़े से उनकी चूत पौंछकर साफ़ की और प्यार से कहा- मम्मी, अब आप पेट के बल लेट जाइए ना … मैं आपकी पीठ की भी मालिश कर देता हूँ!

मम्मी हंसती हुई पेट के बल लेट गईं.
उनकी पहाड़ जैसी विशाल, गोल-मटोल गांड देखकर मेरा जोश आसमान छूने लगा.

मैं एक हाथ से अपना लंड पकड़ कर मुठ मारने लगा और दूसरे हाथ से मम्मी के चूतड़ों पर तेल डालकर खूब मसलने लगा.

मम्मी ने मज़ाक में डाँटा- सुनील तूने कहा था ना कि पीठ की मालिश करेगा?

मैं फौरन हाथ हटा लिया और शर्माते हुए बोला- मम्मी, आपके इन बड़े-बड़े चूतड़ देखकर मुझसे रहा नहीं गया … अगर बुरा लगा हो तो माफ़ कर दीजिए.

मम्मी मुस्कुराती हुई बोलीं- अरे बेटा मुझे बिल्कुल बुरा नहीं लगा … बल्कि बहुत अच्छा लग रहा है. तू रुक क्यों गया? मेरी गांड की भी अच्छे से मालिश कर दे ना!
इस बार मां ने गांड शब्द खुल कर कहा, तो मेरी तबीयत खुश हो गई.

मैंने अपने दोनों हाथों से फिर से मम्मी की गांड मसलनी शुरू कर दी.
उनकी गांड इतनी गोरी, मुलायम और विशाल थी कि मैं बर्दाश्त नहीं कर पाया और झुककर उनकी गांड पर एक ज़ोरदार किस कर दिया.

मम्मी चौंक गईं. उन्होंने पीछे मुड़कर देखा तो मैं अंडरवियर के अन्दर अपना लंड हिलाते हुए खड़ा था.

मम्मी नाटकीय गुस्सा दिखाती हुई बोलीं- सुनील तू पागल हो गया है क्या? अपनी मम्मी को देखकर मुठ मार रहा है?
मैंने शर्माते हुए कहा- मम्मी, आपकी गांड इतनी बड़ी और गोरी है कि मैं अपना होश खो बैठा … मुझे माफ कर दीजिए.

मम्मी हंस पड़ीं और बोलीं- कोई बात नहीं बेटा!

फिर मैंने मम्मी की पीठ पर तेल लगाकर मालिश शुरू की और कहा- मम्मी, ब्लाउज़ और ब्रा भी उतार दीजिए ना … पीठ की मालिश करने में दिक्कत हो रही है.
मम्मी ने ब्लाउज़ उतार दिया और बोलीं- बेटा, मेरी ब्रा का हुक खोल दे.

मैंने फटाक से हुक खोला और ब्रा उतार दी.

जैसे ही मम्मी की तरबूज जैसी गोल-मटोल, भारी-भरी चूचियां ब्रा की कैद से आज़ाद हुईं, मैं पागल हो गया.
मैं अपने दोनों हाथों से उन्हें पकड़ कर दबाने लगा.

मम्मी बोलीं- सुनील, तू ये क्या कर रहा है? मैं तेरी मम्मी हूँ!

मैंने चूचियां छोड़ते हुए कहा- मम्मी, आपकी चूचियां इतनी बड़ी और गोल हैं कि मैं मदहोश हो गया.

मम्मी शर्माती हुई मुस्कुरा दीं- सुनील तू तो बहुत शैतान हो गया है!

फिर मम्मी दोबारा पेट के बल लेट गईं.
मैंने उनकी पीठ पर खूब तेल डालकर मालिश शुरू की.

तभी मैंने देखा कि मम्मी की पीठ पर जगह-जगह छिली हुई त्वचा थी.
मैंने पूछा- मम्मी, ये आपकी पीठ कैसे छिल गई?
मम्मी मुस्कुराकर बोलीं- बेटा, ये तेरे जलील अंकल ने बाग में मुझे ज़मीन पर रगड़-रगड़ कर चोदा था, इसी से छिल गई.

मैंने गुस्से में कहा- मम्मी, अब मैं आपको बाग में कतई नहीं जाने दूँगा.

मम्मी हंसती हुई बोलीं- बेटा, अगर तू मुझे बाग में नहीं जाने देगा तो मेरी प्यास कैसे बुझेगी?

मैंने सख्ती से कहा- मम्मी, कुछ भी हो … आपको अब बाग में नहीं जाना!

तभी जलील अंकल का फोन आ गया.
मैंने फोन रिसीव किया, स्पीकर ऑन किया और बोला- जी अंकल, बोलिए.

जलील ने कहा- बेटा, मुझे तेरी मम्मी से बात करनी है.

मैंने फोन मम्मी की तरफ़ बढ़ाया- ये लीजिए अंकल, मम्मी से बात कीजिए.

जलील ने मीठी आवाज़ में कहा- कैसी हो मेरी जान?
मम्मी बोलीं- मैं ठीक हूँ … आप कैसे हो?

जलील ने ललचाती आवाज़ में कहा- मैं भी बिल्कुल ठीक हूँ मेरी जान … लेकिन मेरा लंड ठीक नहीं है. ये तेरी चूत में घुसने के लिए उछल रहा है. मुझे आज तुझसे मिलना ही है!

मम्मी ने मना किया- नहीं … मैं आपसे नहीं मिल सकती!

जलील अंकल ने चिढ़ते हुए कहा- रेखा तू ये क्या बोल रही है? आज मेरा लंड तेरी चूत में जाने के लिए बेक़रार है … ये सुबह से खड़ा होकर तुझे चोदने के लिए फनफना रहा है. अगर आज तू नहीं मिली तो मेरा खड़ा लंड क्या करेगा?

मम्मी मीठी सिसकारी लेती हुई बोलीं- मेरी चूत भी आपके लंड को लेने के लिए तड़प रही है … लेकिन मैं क्या करूँ? सुनील ने मुझे आपके पास आने से रोक दिया है.

मम्मी की बात सुनकर जलील चिल्लाया- रेखा ये क्या बोल रही हो तू? सुनील खुद तुझे मेरे पास लेकर आता है और आज बोल रही है कि उसने रोक दिया? सुनील को फोन दे, मैं उससे बात करता हूँ.

मम्मी ने मुस्कुराते हुए कहा- सुनील सुन ही रहा है. फ़ोन स्पीकर पर ही है राजा!

जलील ने गिड़गिड़ाते हुए कहा- बेटा, मैंने क्या गलती कर दी जो तू अपनी मम्मी को मेरे पास आने से रोक रहा है?

मैंने सख्ती से कहा- अंकल, अब मेरी मम्मी आपसे मिलने बाग कभी नहीं जाएंगी.

जलील ने हैरानी से पूछा- अरे बेटा, मेरी गलती क्या है? ये तो बता!

मैंने गुस्से में कहा- अंकल, आपने मेरी मम्मी को ज़मीन पर रगड़-रगड़ कर चोदा और उनकी पीठ छील दी, इसलिए अब मैं अपनी मम्मी को बाग नहीं जाने दूँगा.

जलील ने सफाई दी- बेटा, तेरी मम्मी को देखकर मैं पागल हो जाता हूँ … जोश में आकर रगड़ दिया. लेकिन अब ऐसा कभी नहीं करूँगा, पक्का वादा!

मैंने तंज कसते हुए कहा- अंकल, इसी तरह किसी दिन जोश में आकर आप मेरी मम्मी की चूत भी फाड़ दोगे और बाद में बोलोगे कि गलती हो गई बेटा, जोश था, माफ कर दो!

ये सुनकर मम्मी शर्मा गईं और फिर हंसती हुई बोलीं- तू तो बहुत शैतान है रे.

जलील रोने लगा- बेटा अगर आज तेरी मम्मी मुझे नहीं मिली तो मैं मर जाऊंगा.
मैंने साफ़ कह दिया- अंकल, कुछ भी हो जाए … मेरी मम्मी आपसे अब कभी नहीं मिलेंगी!

फिर मैंने फोन काट दिया और जलील का नंबर ब्लॉक कर दिया.

दोस्तो, मेरी मम्मी और जलील अंकल के बीच चुदाई का तारतम्य पुनः किस तरह से आरंभ हुआ, इसका वर्णन आपको आने वाले भागों में पढ़ने को मिलेगा.

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आपका सुनील सिंह
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