Latest Hindi Sex Stories added for who looking to read Hot Bhabhi Xsex Kahani – चुदक्कड़ भाभी की मकान मालकिन भी चुद गई to make every night hot about Hot Bhabhi Xsex Kahani – चुदक्कड़ भाभी की मकान मालकिन भी चुद गई story.
Story Start Here :
हॉट भाभी Xsex कहानी में मैंने किरायेदार भाभी को चोदा तो मकान मालकिन ने देख लिया. वह मुझे उसकी भी चुदाई करने को कहने लगी. तो मैंने क्या किया?
मेरी पिछली कहानी
सावी भाभी को दोबारा चोदा
में अभी तक आपने पढ़ा था कि कैसे मैंने सावी भाभी को चोदा.
अब आगे हॉट भाभी Xsex कहानी:
उसके बाद उसकी मकान मालकिन रूपा भाभी आई और सावी भाभी उसके कमरे में चली गई.
मैं मकान मालकिन को रूपा भाभी नाम दे रहा हूँ, उसका नाम कुछ और था जो मैं लिखना नहीं चाहता हूँ.
रूपा भाभी मुझे खड़ी होकर देख रही थी.
मैंने स्माइल देते हुए कहा- बोलिए रूपा जी!
रूपा वहीं मेरे सामने कुर्सी पर बैठती हुई बोली- कब से चल रहा है यह सब?
मैंने हल्की सी आवाज में कहा- यही कोई छह महीने से!
रूपा बोली- अच्छा मतलब आधा साल हो गया और मुझे कुछ पता ही भी नहीं चलने दिया!
उसके बाद उसने जो कहा, वह सुन कर मेरे रोंगटे खड़े हो गए.
रूपा बोली- मुझे यहां आए हुए तीन साल हो चुके हैं, मैं कब से तुमको लाइन मार रही हूं मगर तुम हो कि मुझ पर ध्यान ही नहीं देते!
मैंने चौंकते हुए कहा- अरे भाभी, आपने कब लाइन मारी? मैंने तो कभी नोटिस ही नहीं किया!
रूपा भाभी बोली- अच्छा बच्चू, मुझ पर कोई लाइन नहीं … और ये सावी को आए अभी जितना टाइम नहीं हुआ उससे ज्यादा तो तू उसे बेचारी को चोद चुका है!
उसके मुँह से चोदना शब्द सुन कर मुझे हंसी आ गई.
फिर मैंने रूपा भाभी से कहा- आप क्या चाहती हो?
भाभी इठला कर रंडी वाली भाषा में बोली- यही कि जिस तरह से तुम सावी को चोदते हो, उसी तरह से आज मेरी भी धमाकेदार चुदाई कर दो न!
मैंने अपने लौड़े पर हाथ फेरते हुए कहा- आपको मना किसने किया है यार, आओ न मेरे पास … और ले लो मेरा लौड़ा मुँह में!
भाभी बोली- ऐसे नहीं, पहले तुम अपना लंड साफ करके आओ!
मैंने कहा- जब आप सामने हो तो लंड साफ करके मैं क्या करूं!
इतने में सावी भाभी भी अन्दर आ गई.
वह बोली- अरे तुम दोनों का अभी तक शुरू ही नहीं हुआ?
मैंने कहा- भाभी, आप ही समझाओ रूपा भाभी को!
दोस्तो, यहां से जो कुछ हुआ, उसे सावी भाभी ही सुनाएगी.
आप उसकी जुबानी पूरी सेक्स कहानी सुनिए.
दोस्तो, मैं आप सबकी रसीली सी सावी भाभी.
मैं जब अन्दर आई, तब राजा और रूपा दोनों बाथरूम में नहाने जा रहे थे.
रूपा मुझसे बोली- यार, मेरी लड़की सो गई है. वह उठी तो नहीं न!
मैंने कहा- चुप रह साली चुदक्कड़ रूपा, इधर तेरी चूत में आग लगी है और तूने उसको अभी तक लिया नहीं!
रूपा ने भी गाली देते हुए कहा- चुप कर भैनचौद साली रंडी, मेरी पीठ पीछे तू राजा का लंड खूब चूस रही थी और मुझे बता भी नहीं रही थी. वह तो मैं कल चूत में उंगली करके बाहर न आती, तो मुझे तो पता ही नहीं लगता.
हम दोनों की बात सुन कर मेरा राजा बोला- तुम दोनों अभी पहले लड़ लो, मैं बाद में आ जाऊंगा.
रूपा जल्दी से बोली- अबे रुक जा भोसड़ी के … यहां मेरी चूत में आग लगी है और तू जाने की बात कर रहा है.
राजा वहां खड़ा खड़ा हंस रहा था.
तभी मैंने कहा- क्यों न ग्रुप सेक्स किया जाए!
रूपा बोली- रुक जा रंडी, आज मुझे अकेले में जी भर के चुदवा लेने दे, फिर बाद में ग्रुप का प्रोग्राम बना लियो!
उसकी बात सुनकर मैं और राजा दोनों मिल कर हंसने लगे.
रूपा बोली- सावी, तू जा अभी यहां से.
उसकी चुत की आग देख कर मैं उधर से चली गई.
उसके बाद आप मेरे राजा की जुबानी सुनिए.
मैं राजा:
सावी के जाने के बाद रूपा मुझसे बोली, तू नहा कर आ, जब तक मैं तेरे लिए तैयार होती हूँ.
मैंने कहा- ठीक है.
जैसे ही रूपा तैयार होने गई.
मैंने बेड के नीचे से पावर प्लस की एक गोली मुँह में डाली और बाथरूम में अन्दर चला गया.
उधर मैंने लंड को अच्छे से साफ किया.
फिर बाहर आकर तौलिया लपेट कर बैठा ही था कि तभी रूपा ने आवाज लगा दी.
उसने कहा- राजा तुम्हारे लिए दूध का गिलास रखा है, पी ले.
मैंने कहा- मेरी जान, मैं अपने से कुछ नहीं करता, आप आओ और मुझे अपने वाले दूध पिलाओ.
रूपा हंस कर बोली- रुक जा मेरे लौड़े, अभी आती हूँ. आज तो तेरी खैर नहीं बेटा.
थोड़ी देर इंतजार करने के बाद रूपा कमरे में आई.
उस वक्त मैं रूपा की तरफ पीठ करके खड़ा था.
रूपा ने इठला कर कहा- मेरे राजा, पीछे देख … आज तेरे लिए रूपा पूरी सज संवर कर आई है.
मैं पलटा तो देखा कि सच में वह किसी नई नवेली दुल्हन की तरह बिल्कुल सज सँवर कर आई थी और उसने फुल मेकअप किया हुआ था.
रूपा भाभी ने एक पारदर्शी नाईटी पहनी थी, रेड लिपस्टिक और लाल रंग की पारदर्शी नाईटी में जालीदार ब्रा पैंटी पहनी हुई थी.
उसको इस रूप में देख कर मेरा लौड़ा हिचकोले मारने लगा.
बस रूपा भाभी थोड़ी सी मोटी थी, लेकिन मस्त लग रही थी.
मैंने कहा- वाह मेरी जान, आज तो आप मेरी जान लेकर ही मानोगी!
रूपा ने मेरी तरफ देख कर अपने होंठ दांतों से दबाए और कहा- आप नहीं अब मुझे तुम कह कर बुलाओ मेरे दिलवर!
मैंने रूपा को पकड़ कर अपने तरफ खींच लिया.
वह मेरी बांहों में कटी पतंग सी आ गिरी.
मैं और रूपा लिपकिस कर रहे थे कि तभी सावी आई.
वह रूपा को देख कर बोली- ऊई मां साली रंडी सी सजी है तू … आज तो तू सुहागरात मना कर ही मानेगी!
रूपा खड़ी हुई और सावी से बोली- भोसड़ी वाली फिर से आ गई, भाग तू यहां से!
सावी वहीं खड़ी खड़ी हंसने लगी और हम दोनों को बांहों में देख रही थी.
रूपा भाभी खड़ी हुई और उसने सावी को धक्का देकर कमरे से बाहर किया व दरवाजा लगा दिया.
अब रूपा मेरे पास आकर मुझे बेड पर धक्का देकर लेटा दिया और वह मेरे ऊपर चढ़ गई.
मेरा लंड खड़ा था. वह बेचारा खड़ा खड़ा ही दब रहा था.
मैंने रूपा से कहा- रुको जान, तुम्हारे वजन से मेरा लंड बहुत ही ज्यादा दब रहा है.
रूपा ने कहा- दबने दो, आज तो तुम्हारा लंड कहीं भी दबे या कहीं भी घुसे, उसको नहीं छोड़ूँगी.
अब मैं भी जोश में आ गया और रूपा के होंठों से होंठों को लगा कर उसे चूसने लगा.
मैंने कहा- रूपा भाभी आपने जो दूध रखा था, वह तो पिलाया ही नहीं!
रूपा ने एक धीरे से थप्पड़ मुझे लगा दिया और बोली- साले भाभी मत बोलो मुझे, ओनली रूपा डार्लिंग बोलो!
मैंने कहा- रूपा साली चुदक्कड़ रंडी, मुझे दूध पिला मां की लवड़ी!
वह दूध का गिलास लेने को पलटी तो मेरा लौड़ा पावर प्लस के असर से खड़ा होकर तन्ना गया.
रूपा ने गिलास उठाया और उसे अपने दूध में डूबा कर मेरे होंठों से लगा दिया.
मैंने एक ही बार दूध पी लिया.
जो कुछ बच गया, उसको मैंने रूपा को पिला दिया.
अब रूपा ने मेरा तौलिया हटा दिया और देखा तो मेरा काला नाग फनफना कर ऊपर आ गया.
रूपा लंड देख कर बोली- इतना बड़ा लंड … पता नहीं सावी कैसे झेलती होगी तेरा लंड!
रूपा ने लंड को पकड़ा और उसे अपने हाथ से नापने लगी.
उसकी बीच की उंगली मेरे लंड की जड़ पर थी और मेरे लंड का टोपा उसकी कलाई के आगे तक था.
रूपा ने धीरे से लंड को मुँह में ले लिया.
मेरे लंड का टोपा ही मुँह में लिया और जहां से मेरा पेशाब निकलता है, वह उस छेद को अपनी जीभ की नोक से चाटने लगी.
फिर धीरे धीरे मुँह के अन्दर लेने लगी.
रूपा कभी लंड को लेफ्ट हैंड से तो कभी राइट हैंड से पकड़ कर चूसती और कभी उसे अन्दर तक ले लेती तो कभी जीभ से लंड के बाहर चाटने लगती.
मेरे टट्टे मचल रहे थे.
वह दूसरे हाथ से मेरे एक टट्टे को पकड़ कर सहलाने लगी और उसे भी अपनी जीभ की नोक से लिकलिक करके चाटने लगी.
साली पेशेवर चुसक्कड़ लग रही थी, न जाने कितने लौड़े चूस चुकी थी या बहन की लौड़ी ने लंड चूसने में कोई डिग्री हासिल कर रखी थी.
ऐसे ही करते करते उसे 20 मिनट हो चुके थे.
मेरा लंड फट रहा था और रूपा रुकने का नाम ही नहीं ले रही थी.
मैंने भी रूपा के बाल पकड़े और लंड अन्दर बाहर करने लगा.
मेरा लंड रूपा के गले तक जा रहा था.
रूपा की आंखों से आंसू आ गए मगर मैंने हार नहीं मानी.
मैं अंततः रूपा के गले तक लंड डालने लगा.
रूपा ने मेरा हाथ पकड़ कर लंड बाहर निकाला और लार के सना हुआ लंड बाहर निकाल लिया.
अब रूपा वासना से तप्त थी.
वह खड़ी हुई और अपना मुँह कलाई से साफ करके मेरे लंड को पकड़ कर हिलाने लगी.
वह होंठ से सुपारे को किस करने लगी और उससे बातें करने लगी.
वह कभी जीभ को लौड़े पर फेर कर उसे चूसती, तो कभी नीचे बैठ कर लंड चूसने लगती.
मैंने कहा- सिर्फ मुँह चुदवाना था क्या?
वह हंस दी और बोली- नहीं, चुत फड़वाने की हिम्मत जुटा रही हूँ. चल 69 में सकिंग करते हैं.
मैंने कहा- ठीक है.
रूपा लेट गई और मैं उसकी नाइटी खोल कर पोजीशन में आ गया.
मैं भाभी की चूत चाटने लगा.
रूपा भाभी भी मेरा लंड खूब चपड़ चपड़ करके चूस रही थी.
मैं रूपा की चूत का दाना होंठों में दबा कर चूसने और चाटने लगा था.
इससे रूपा अकड़ गई और उसकी चुत ने ढेर सारा पानी निकाल दिया.
मैंने उसकी चुत से निकले सब पानी को पी लिया.
रूपा ढीली पड़ गई.
मेरा भी लंड अब हार मानने की पोजीशन में आ गया था.
रूपा की लंड चुसाई से मेरा रस निकलने वाला था.
मैं भी आह आह करता हुआ रूपा के मुँह में खाली हो गया.
रूपा भाभी ने मेरा गाढ़ा पानी पी लिया और सारी मलाई गटक गई.
अब रूपा खड़ी हुई और मैंने बीड़ी सुलगा ली.
रूपा ने कहा- बीड़ी क्यूं पीते हो?
मैंने कहा- एक बार पी कर देखो, जो मजा सिगरेट में नहीं, वह बीड़ी में है!
रूपा बोली- रुको.
उसने सावी को कॉल किया और कहा- ओए रंडी … मेरे फ्रिज में से व्हिस्की की बोतल उठा कर दे दे.
सावी उधर से रूपा से कुछ खुसुर फुसुर करती हुई बोतल लेकर आ गई.
इस समय सुबह के तीन बज गए थे.
मैंने रूपा से कहा- बोतल का क्या करोगी?
उसने कहा- एक एक पैग पीते हैं. उसके बाद चुदाई करेंगे.
मैंने कहा- ठीक है.
सावी बोतल देकर चली गई और रूपा ने गेट बंद कर दिया.
अब रूपा और मैं दारू पीने लगे.
मेरे साथ रूपा भी बीड़ी पीने लगी.
उसे बीड़ी का स्वाद बड़ा पसंद आया.
हम दोनों के चार चार पैग हो गए थे.
जिसमें मेरी पांच बीड़ी खत्म हो गई थीं.
रूपा ने भी दो बीड़ी पी ली थीं और उसको मस्ती चढ़ने लगी थी.
रूपा ने एक बार फिर से लिपस्टिक लगाई और थोड़ा सा मेकअप किया.
उसके बाद उसने अपनी चूत पर डेयरी मिल्क लगाई और चित लेट गई.
उसने मेरा लंड पकड़ लिया और चूसने लगी.
जल्दी ही उसने मेरा लौड़ा चूस चूस कर खड़ा कर दिया और बोलने लगी- राजा, आज जितनी भी तेरे अन्दर ताकत है, सब लगा कर चोदो मुझे.
मैंने उसकी चुत पर डेयरी मिल्क चाट कर साफ की और अपना लंड पकड़ कर जैसे ही चूत पर रखा और रूपा ने अपने पैर खोले तो रूपा की चूत बह रही थी.
मैंने कंडोम पहनना चाहा, पर रूपा ने मना कर दिया.
वह बोली- कंडोम में मजा नहीं आएगा!
मैंने रूपा की चूत पर और अपने लंड पर जरा सी व्हिस्की डाली और रूपा की चूत में लंड डालने लगा.
मैंने सोचा कि इस मोटी को मेरे लंड से फर्क नहीं पड़ेगा तो मैंने धीरे की बजाए अपने लंड एक बार में जोर लगा कर अन्दर डाल दिया.
रूपा इस झटके को बर्दाश्त नहीं कर सकी और वह उठ कर बैठ गई.
वह जोर जोर से चिल्लाने लगी- ऊई मम्मी रे मर गई … आह साले … धीरे से नहीं डाल सकता था क्या … मादरचोद ने चुत फाड़ दी … आह आह.
रूपा की आंख से आंसू आ गए.
मैं हंस दिया- क्या सील पैक चुत थी?
रूपा कराहती हुई बोली- सील पैक चुत नहीं थी तो कोई रंडी भी नहीं हूँ यार राजा, मेरी जान … धीरे धीरे से पेलो ना!
मैंने कहा- ओके जरा रुको.
रूपा को मैंने वापस लेटा दिया और उसके ऊपर चढ़ गया.
मैं रूपा के बोबे दबाने लगा और बोबे के निप्पल चाटने लगा.
फिर रूपा बोलने लगी- डालो ना राजा … मेरी चूत में लंड पेलो न!
रूपा ने मेरा लंड पकड़ा और चूत में घुसाने लगी.
मैंने फिर से वही किया और रूपा की चूत में लंड सैट करके उसके होंठों को किस करने लगा.
फिर एक ही बार में मेरा लंड रूपा चूत में समा गया.
रूपा मुझे होंठों पर काटने लगी.
मैंने अपना लंड बाहर किया.
इस बार और ज्यादा जोर लगाया और वापस से लंड अन्दर डाल दिया.
रूपा चिल्लाने को हुई मगर मेरे होंठों ने उसकी आवाज को दबा दिया.
मैं लगातार रूपा की चूत चोदने में लग गया.
रूपा की आंख से आंसू निकल रहे थे.
वह छटपटा रही थी और मुझसे छूटने की कोशिश कर रही थी.
मैं तो सोच रहा था कि साली मोटी है, तो इसको फर्क नहीं पड़ेगा, मगर यह मेरी भूल थी.
मोटी होना एक अलग बात है और चुत की चुदाई न होना एक अलग बात है.
उसकी चुत न जाने कबसे लंड को तरस रही थी.
जब 15-20 शॉट मारने के बाद रूपा थोड़ी नॉर्मल हुई, तब वह कहने लगी- एक साल हो गया है, जब से सही से चुदवाया नहीं है.
यह सुनकर मैंने अपनी स्पीड कम की और भाभी को धीरे धीरे चोदने लगा.
कभी उसके होंठों पर, तो कभी बूब्स पर काटने लगा और कभी गर्दन, कभी कान को चुभला देता. इससे उसको अच्छा लगने लगा था.
फिर मैंने अपना लंड चुत से बाहर निकाला और उसकी पनियाई हुई चूत को चाटने लगा.
इससे रूपा भाभी को भी खूब मजा आने लगा.
इस तरह से चोदते चोदते मैंने रूपा को अपनी गोदी में बिठा लिया, जिससे मेरा लंड रूपा की चूत में जड़ तक जाने लगा.
रूपा खुद चुदासी थी तो वह मेरे लंड पर कूदने लगी और जोर जोर से बोलने लगी ‘आह राजा और जोर से पेलो न बेबी … आह और जोर से चोदो मुझे आह आह.’
ऐसे ही चोदते हुए मैंने रूपा की गांड में अपनी बीच वाली उंगली डाल दी.
रूपा जोर से चिल्ला दी- वहां नहीं आह वहां मैंने कभी कुछ नहीं डाला.
मैंने उंगली हटा ली.
मुझे उसकी चुत चोदते चोदते मजा आ रहा था और रूपा जोर जोर से उछल रही थी.
वह कामुकता से बोल रही थी- आह उई आआह … और जोर से चोदो राजा … तेरे लंड ने तो मेरे कसबल ढीले कर दिए.
वह खुद से उछल उछल कर खूब जोर जोर से चुदवा रही थी.
मैं थोड़ा सा रुका और बाजू में रखी बोतल उठा कर सीधे एक बड़ा सा घूंट पी लिया.
मैं फिर से रूपा भाभी को चोदने लगा.
इस तरह से मैंने लगभग 40 मिनट तक रूपा भाभी को चोदा.
जैसे ही रूपा भाभी झड़ने वाली थी, मैंने लंड बाहर निकाल लिया.
रूपा ने फिर से लंड को पकड़ा और चूत में डालने लगी.
मैंने मना कर दिया.
रूपा बोली- प्लीज़ राजा चोदो मुझे, नहीं तो मैं मर जाऊंगी!
मैंने कहा- मुझे तुम्हारी गांड मारनी है.
रूपा बोली- पहले चूत चोद लो, फिर मार लेना!
मैं नहीं माना.
मैंने रूपा को घोड़ी बना दिया और उसकी चूत चोदने लगा.
साथ ही अपने हाथ में ढेर सारा थूक लेकर रूपा की गांड में चुपड़ दिया.
फिर उसकी गांड में मैं अपनी एक उंगली करने लगा.
रूपा जोर जोर से आगे पीछे करती हुई हिल रही थी और ‘आहा आहा आहा’ कर रही थी.
इतने में मैं लंड बाहर निकालने लगा और रूपा की चूत की जगह उसकी गांड में लंड पेल दिया.
जैसे ही रूपा आगे को हुई, मैंने उसकी कमर से उसे पकड़ लिया और लंड को गांड में ठांस दिया.
रूपा ने दर्द के मारे अपने मुँह को तकिए में घुसा दिया और वह दर्द से तड़फने लगी.
मैं धीरे धीरे गांड चोदने लगा.
जैसे जैसे लंड अन्दर जाता, रूपा जोर जोर से चिल्ला उठती और तकिए में अपना मुँह डाल कर दर्द को दबाने की कोशिश करने लगती.
आखिर में जब उससे न रहा गया तो वह बोली- प्लीज राजा, वहां मत डालो … मैं मर जाऊंगी!
मैंने उसके दूध मसलते हुए कहा- जो होना था मेरी जान, वह तो हो ही गया. अब गांड में लौड़े के मजे लो.
मैं धीरे धीरे लंड को आगे पीछे करता गया और कुछ देर बाद रूपा को भी गांड चुदवाने में मीठा मीठा मजा आने लगा.
कुछ ही देर में हाल यह हो गया कि रूपा भाभी मस्ती से बोलने लगी- आह … और जोर से चोदो राजा … और तेज!
मैं रूपा के बाल पकड़ कर उसको चोदने लगा. साथ ही मैं उसकी चुत में अपने दूसरे हाथ से फिंगरिंग करने लगा.
इससे रूपा झड़ गई थी. उसका बहुत सारा पानी बहने लगा था.
उस वक्त मेरी वह वाली स्थिति बनी थी, जो घुड़सवार घोड़ी की लगाम पकड़ कर चलता है.
रूपा मेरी घोड़ी बनी हुई थी और जोर जोर से हांफ रही थी.
‘प्लीज राजा, बस करो मुझे नीचे जलन होने लगी है.’
इतनी देर से चोदने के कारण रूपा की गांड जल रही थी और वह अपनी जलन मिटाने के लिए अपनी गांड ऊपर की हुई थी और उसका मुँह नीचे था.
रूपा रुक गई थी मगर मैं लगा रहा.
रूपा की गांड से खून आने लगा था.
अब मेरा भी होने वाला था.
मैंने रूपा से पूछा- कहां गिराऊं?
रूपा बोली- पिछली बार मुँह में लिया था, इस बार चूत में गिरा दो.
मैंने रूपा को सीधा किया और उसकी चूत में लंड डाल कर ज़ोर जोर से शॉट मारने लगा.
रूपा अब तक पांचवी बार झड़ गई थी और मेरा भी निकलने वाला था तो मैं रूपा की चूत में ही झड़ गया.
हॉट भाभी Xsex करके रूपा और मैं जोर जोर से सांसें ले रहे थे.
मैं रूपा के ऊपर ही लेट गया.
घड़ी में सुबह के साढ़े पांच बजने को थे.
मैं उठ कर बाथरूम गया और नहा कर आया.
तब तक रूपा सो गई थी.
मैंने उसको उठाया तो वह उठी और मुझे गले में हाथ डाल कर चिपका कर वापस सो गई.
मेरी भी आंख लग गई.
मेरी नींद तब खुली जब सावी ने दरवाजा खटखटाया.
मैं उठा और कपड़े पहन कर घर आ गया.
बस दोस्तो, अभी मैंने यहीं तक की सेक्स कहानी लिखी है.
इसके आगे की कहानी भी बताऊंगा कि सावी, रूपा और मैंने मिल कर कैसे ग्रुप चुदाई की.
हॉट भाभी Xsex कहानी पर मुझे मेल करें और अपनी राय दें.
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